Media24Media.com: अनुपूरक बजट

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अनुपूरक प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जवाब

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रायपुर। मैं छत्तीसगढ़ की पूरी जनता को हृदय से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मोदी की गारंटी के प्रति अपना भरोसा जताया और मुझे छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का अवसर दिया है।

मुख्यमंत्री की शपथ लिए मुझे कुछ घंटे हुए थे लेकिन मोदी जी के गारंटी का क्रियान्वयन करने के लिए हमने एक सेकंड भी टाइम नहीं लगाया। क्योंकि मोदी जी की गारंटी का मतलब होता है गारंटी पूरा होने की गारंटी।

सदन में प्रस्तुत अनुपूरक बजट, प्रदेश की जनता को मोदी जी द्वारा दी गई गारंटी पूरा करने की दिशा में हमारी सरकार का पहला कदम है।

पूर्व सरकार ने 1 लाख 21 करोड़ रुपए से भी अधिक का बजट पेश किया था, सरकार ने राजस्व की व्यवस्था नहीं की थी।

5 साल के कार्यकाल में 50 हजार करोड़ रुपए का कर्ज सरकार ने लिया। इतनी विपरीत परिस्थिति के बाद भी हम घोषणाएं पूरा करने को प्रतिबद्ध हैं।

मोदी की गारंटी में राज्य के लगभग 18 लाख ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास देने की गारंटी है, इसलिए हमारी सरकार इसकी व्यवस्था कर रही है। 3 हजार 7 सौ 99 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण आवासों के लिए हमने इस अनुपूरक बजट में किया है।

छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने की मांग वर्षो से चली आ रही थी। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने किया ताकि छत्तीसगढ़ की जनता के सपनों को साकार किया जा सके।

किसानों के लिए 2 साल के बकाया धान बोनस भुगतान के लिए द्वितीय अनुपूरक में 3800 करोड रुपए का प्रावधान किया गया।

महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए महतारी वंदन योजना का प्रावधान हमने किया गया है। इसमें आर्थिक सहायता दिए जाने हेतु द्वितीय अनुपूरक बजट में 1200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

10 वर्ष की उम्र में ही मेरे पिता का साया मेरे सिर से उठ गया, मैं अपना जीवन छत्तीसगढ़ के नागरिकों की बेहतरी के लिए करूंगा समर्पित

10 वर्ष की उम्र में ही मेरे पिता का साया मेरे सर पर से उठ गया था, लेकिन मैं छत्तीसगढ़ के हर नागरिक की बेहतरी के लिए अपना सर्वस्व समर्पण  करने से भी पीछे नहीं रहूंगा।

हर घर तक नल से जल पहुंचाने की दिशा में हमने काम शुरू कर दिया है। 1 हजार 230 करोड़ रुपए का राज्यांश मद में प्रावधान किया गया है।

कृषक जीवन ज्योति योजना के लिए अनुपूरक बजट में 1 हजार 102 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 255 करोड़ 25 लाख रुपए का राज्यांश प्रावधान किया गया है।

हमारी सरकार के घोषणापत्र में हर वर्ग के लिए हितकारी प्रावधान हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रस्तावित 

बारह हजार नौ सौ बयानबे करोड़, सत्तर लाख, अनठानबे हजार, आठ सौ रूपये की अनुपूरक राशि दिए जाने का प्रस्ताव पास।

अनुपूरक बजट मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में हमारी सरकार का पहला कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 12,992 करोड़ 70 लाख 98 हजार 800 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट ध्वनि मत से पारित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हमारे घोषणा पत्र में जनता से किए गए वायदों को पूरा करने की शुरूआत, हम इस अनुपूरक बजट के माध्यम से करने जा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि 10 वर्ष की उम्र में मेरे सिर से पिता का साया उठ गया था,  लेकिन मैं प्रदेश के युवाओं को यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं एक पिता और एक पालक के रूप में आपकी बेहतरी के लिए सदैव काम करता रहूंगा। प्रदेश की बहनों की सुरक्षा-समृद्धि के लिए एक भाई की तरह तत्पर रहूंगा। 

अपने पुत्र धर्म का निर्वाह करते हुए प्रदेश के सभी बुजुर्गों के स्वास्थ्य एवं सुविधाओं के लिए सदैव प्रयासरत रहूंगा। मैं छत्तीसगढ़ के हर नागरिक की बेहतरी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने में कभी पीछे नहीं हटूंगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता से प्राप्त अभूतपूर्व समर्थन के लिए आम जनता का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने मोदी की गारंटी पर भरोसा जताया है और मुझे छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री की शपथ लिए मुझे कुछ घंटे हुए थे लेकिन मोदी जी की गारंटी का क्रियान्वयन की शुरूआत करने के लिए हमने एक पल की भी देरी नहीं की। क्योंकि मोदी जी की गारंटी का मतलब होता है गारंटी पूरा होने की गारंटी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछली सरकार ने 1 लाख 21 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक का बजट पेश किया था, योजनाओं को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की गई, लेकिन सरकार ने राजस्व प्राप्तियों के ठोस प्रयास नहीं किए। परिणाम यह रहा कि पांच वर्षों में पिछली सरकार ने खर्चों की पूर्ति के लिए बेतहाशा कर्ज लिया। 15 वर्ष के शासन काल के बाद जब हमने खजाना सौंपा, तो वर्ष 2018 में राज्य पर 41 हजार 695 करोड़ का कुल कर्ज था। मात्र पांच साल की अवधि में कर्ज की यह राशि बढ़कर 91,533 करोड़ रूपए हो गई। इस तरह पांच साल में 50 हजार करोड़ रूपए का कर्ज लेने का काम पिछली सरकार किया। ऐसी विषम वित्तीय स्थिति में खजाना मिलने के बावजूद हमारी सरकार मोदी की गारंटी के प्रत्येक वचन को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मैं गरीब परिवार से आता हूं। गरीब के दर्द को समझता हूं। एक गरीब का सबसे बड़ा सपना होता है अपना स्वयं का मकान। खुले आसमान के नीचे अथवा कच्चे मकान में जब चूल्हे जलते हैं, तो हवा और बारिश की बूंदों से कई बार चूल्हे की आग बुझ जाती है और गरीब भूखे पेट सोने के लिए विवश हो जाते हैं। जन-जन के नायक मोदी जी का संकल्प है कि किसी गरीब परिवार का चूल्हा अब नहीं बुझेगा, सबको अपना पक्का मकान मिलेगा।मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के संबंध में कहा कि आपने अपने 2018 के अपने जन घोषणा पत्र में ग्रामीण और शहरी आवास देने का वायदा किया था, लेकिन आपने लोगों को आवास देने के बदलेकेन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना में मिलने वाले आवासों का लाभ भी छीन लिया। 

अधिकांश राज्यों ने स्थाई प्रतीक्षा सूची के अतिरिक्त आवास प्लस सूची में सम्मिलित परिवारों को भी आवास स्वीकृत किया, लेकिन आपने कोई कार्यवाही नहीं की। आपकी सरकार की उदासीनता से स्थाई प्रतीक्षा सूची के 7 लाख 82 हजार ग्रामीण आवासों की स्वीकृति में प्रगति लाने के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिखने के लिए विवश होना पड़ा। आपकी सरकार के मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। जिन्हें आवास नहीं मिले वे आवास से वंचित हैं। जिनको मिला ओ आधा-अधूरा है। एक किश्त से मकान बनाना शुरू कर चुके ग्रामीण कर्ज लेकर मकान पूरा कर रहे हैं।

मोदी की गारंटी में राज्य के 18 लाख ग्रामीण परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का आवास देने का वादा किया है, इसलिए हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट में 18 लाख आवासों को स्वीकृत देने का निर्णय लिया है। गरीब परिवारों को आवास बनाने के लिए पहली किश्त की राशि देने के लिए इस अनुपूरक बजट में 3,799 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इससे गरीब परिवारों को आवास का लाभ मिलेगा, साथ ही आवास निर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़वासियों का दर्द समझकर नया छत्तीसगढ़ राज्य दिया।

छत्तीसगढ़ का निर्माण यहां के नागरिकों के उन्नति और खुशहाली के लिए किया गया है। इस अनुपूरक के माध्यम से इन्हीं सपनों को साकार करना चाहते हैं। मोदी की गारंटी में किसानों को दो साल का बकाया धान बोनस देने का वायदा किया गया था। इसके भुगतान के लिए इस अनुपूरक में 3800 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के अवसर पर 25 दिसम्बर सुशासन दिवस पर प्रदेश के 13 लाख से अधिक किसानों को बकाया धान बोनस की राशि उनके खाते में एकमुश्त भुगतान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी में महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन के लिए महतारी वंदन योजना प्रारंभ करने का वायदा किया है। इसके लिए अनुपूरक बजट में 1200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मोदी की गारंटी में हर घर नल जल का वायदा किया गया है। जल जीवन मिशन के के तहत लगभग 50 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल जीवन मिशन को मिशन मोड में पूरा करने के लिए इस अनुपूरक बजट में राज्यांश में 1230 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कृषक जीवन ज्योति योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत 3 हॉर्स पावर तक के सिंचाई पम्पों को 6000 यूनिट तथा 3 से 5 हॉर्स पावर के सिंचाई पम्पों को 7500 यूनिट तक निःशुल्क बिजली दी जाती है। इस योजना से वर्तमान में प्रदेश के 6 लाख 93 हजार कृषक लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना में पूर्व से 3200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया, लेकिन राशि अप्राप्त होने के कारण इस योजना के लिए अनुपूरक बजट में 1123 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। निराश्रितों, बुजुर्गों, दिव्यांगों, विधवा तथा परित्यक्ता महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि केन्द्र सरकार द्वारा प्रतिमाह दी जाती है लेकिन पिछली सरकार द्वारा पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया। सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ सभी पात्र लोगों को मिलता रहे, इसके लिए अनुपूरक बजट में 307 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

प्रदेश के सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए अनुपूरक में 255 करोड़ 25 लाख रूपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के तहत नदी, नालों को प्रदूषण से बचाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए अनुपूरक में 250 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के नक्सल समस्या, नागरिकों के जन-जीवन की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय है इसलिए विशेष अधोसंरचना योजना के अंतर्गत नक्सल क्षेत्र में उन्नत थाना, चौकी निर्माण तथा अन्य कार्यों के लिए अनुपूरक बजट में 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, ताकि पुलिस बल इन क्षेत्रों में बेहतर और सुरक्षित ढंग से कार्य कर सके।

 

विष्णु देव सरकार ने पेश किया 12,992 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट

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रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बुधवार को 12,992 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को बजट के विभिन्न प्रविधानों पर चर्चा होगी। जानकारी के मुताबिक अनुपूरक बजट 12,992 करोड़ 70 लाख 98 हजार 800 रुपये का हैं।


इस बजट में सरकार ने पीएम आवास के लिए 3,799 करोड़ रुपये, धान पर बोनस के लिए 3,800 करोड़ और महतारी वंदन योजना के पहले चरण के लिए 1,200 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। महतारी वंदन योजना में महिलाओं को वार्षिक 12 हजार रुपये देने का वादा किया गया है। योजना की राशि विवाहित महिलाओं के बैंक खाते में आएगी। इधर, विपक्ष ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के पहले प्रविधानों पर सवाल उठाए। विपक्ष ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भाजपा जिन वादों के साथ जनता के बीच गई। उनके पूरा होने की मंशा दिखाई नहीं दे रही है।

कर्जमाफी पर सरकार स्पष्ट नहीं: भूपेश बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कर्जमाफी के बारे में मुख्यमंत्री कुछ कहते हैं और उनके नेता अलग बयान दे रहे हैं। अनुपूरक बजट में कुछ नया दिखाई नहीं देता है। भाजपा के चुनाव पूर्व वादों पर सरकार बनने के बाद कोई कदम उठता नहीं दिख रहा है। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मुख्यमंत्री साय सक्षम व्यक्ति हैं, लेकिन वह कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं। अब तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पाए हैं। कभी दिल्ली तो कभी नागपुर के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहे हैं।

मूणत का पलटवार, बोले पूर्व मंत्री होश में नहीं हैं

रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने कांग्रेस विधायक पटेल के कठपुतली संबंधी बयान पर पलटवार किया। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि भाजपा सरकार वादों को पूरा करने की गारंटी दे रही है। यह बात प्रदेश के मुखिया पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। कांग्रेस के पूर्व मंत्री अभी भी होश में नहीं आएं हैं कि उनकी सरकार चली गई है। कांग्रेस यह बात जान ले कि मोदी जी ने जो गारंटी दी है, उसे शत- प्रतिशत पूरा करेंगे। पहले दिन ही कांग्रेस के विधायक फड़फड़ाने लगे हैं।

कार्य मंत्रणा समिति की बैठक

शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

 

विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 4 हजार 144 करोड़ रूपए का तृतीय अनुपूरक बजट पारित

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष  2022-23 के लिए प्रस्तुत 4 हजार 143 करोड़ 60 लाख, 71 हजार 652 रूपए का तृतीय अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। तृतीय अनुपूरक बजट में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई, आवास, भूजल संरक्षण, आजीविका, औद्योगिक प्रशिक्षण, कस्टम मिलिंग सहित विभिन्न मदों में अतिरिक्त राशि के प्रावधान रखे गए हैं। इस राशि को मिलाकर अब वित्तीय वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट का आकार 1 लाख 15 हजार 385 करोड़ रूपए हो गया है।

तृतीय अनुपूरक बजट में राजस्व व्यय हेतु 02 हजार 575 करोड़ रूपए और पूंजीगत व्यय हेतु 01 हजार 569 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट में 1 लाख 4 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था। प्रथम अनुपूरक में 2 हजार 904 करोड़ रूपए, द्वितीय अनुपूरक में 4 हजार 338 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया था। तृतीय अनुपूरक की राशि 4 हजार 144 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में तृतीय अनुपूरक बजट में किए प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 24 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। इन लक्ष्य की पूर्ति हेतु निर्माणाधीन कार्यों के लिये 900 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार कृषक जीवन ज्योति योजना में राज्य में 05 हॉर्सपॉवर तक के कृषि पंपों के लिये निःशुल्क विद्युत प्रदाय की सुविधा दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने मछली पालन हेतु भी कृषि के समान विद्युत दर की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मछली पालकों को भी कृषि पंपों के समान निःशुल्क विद्युत सुविधा का लाभ देने के लिये कृषक जीवन ज्योति योजना हेतु तृतीय अनुपूरक में 341 करोड़ की राशि का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान मिलिंग का कार्य समय सीमा में पूरा करने हेतु कस्टम मिलिंग की दरों में वृद्धि की गई है। उक्त राशि राज्य सहकारी विपणन संघ को प्रतिपूर्ति करने हेतु 700 करोड़ रूपए, इसी प्रकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों के लिये 321 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के लिये 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिला चिकित्सालयों में दवाईयां तथा अन्य सामग्री की आपूर्ति के लिये 210 करोड़ रूपए और चंदूलाल चंद्राकर चिकित्सा महाविद्यालय, दुर्ग के अधिग्रहण के लिए 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस राशि से महाविद्यालय के भवन एवं चिकित्सा उपकरणों की राशि की प्रतिपूर्ति की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तृतीय अनुपूरक बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिये 116 करोड़ का प्रावधान किया गया है। चालू वित्त वर्ष के दौरान 42 लाख 10 हजार घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ योजना के तहत विद्युत देयकों पर 01 हजार 115 करोड़ रूपये की राहत प्रदाय किया जाना है। इसके लिए 19 करोड़ 14 लाख का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक एवं स्वचालित उद्योगों की मांग को देखते हुए प्रदेश में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संथाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु टाटा टेक्नोलॉजी पुणे के साथ एम.ओ.यू. किया गया है। इसके तहत 36 शासकीय आई.टी.आई. को टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जायेगा। प्रत्येक आई.टी.आई. में नये उपकरण एवं तकनीक की स्थापना पर 33 करोड़ के मान से लगभग 12 सौ करोड़ रूपए की कार्य योजना तैयार की गई है। इस योजना में राज्य बजट से सहायता हेतु 94 करोड़ का प्रावधान में किया गया है। योजना पूर्ण होने पर प्रति वर्ष राज्य के 09 हजार युवाओं को उच्च कोटि के प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैम्पा मद के तहत क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण तथा भू-जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्य वन क्षेत्रों में कराये जा रहे हैं। इस मद में स्वीकृत कार्यों के लिये 200 करोड़ रूपए, अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण के लिये 150 करोड़ रूपए तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के लिये 60 करोड़ 59 लाख का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय निर्माण के लिये 03 करोड़ 73 लाख रूपए और छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के विजेताओं को पुरस्कार वितरण के लिए 21 करोड़ 90 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  धरमजयगढ़ विकासखण्ड के ग्राम छाल में पोस्ट मैट्रिक जनजाति कन्या छात्रावास एवं पतराटोली, विकासखण्ड दुलदुला जिला-जशपुर में प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास की स्थापना के साथ ही नरहरपुर जिला-कांकेर में आदिवासी बालक क्रीडा परिसर की स्थापना की जायेगी। इसके अलावा राजनांदगांव में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, गोलापल्ली जिला-सुकमा में प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तथा सलियाटोली जिला-जशपुर में बालक एवं बालिका छात्रावास के भवन निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री और पूर्व मंत्री भिड़े, दस मिनट के लिए स्थगित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के अंतिम दिन आज सदन में वित्तीय वर्ष दो हजार बाईस-तेईस के लिए चार हजार तीन सौ सैंतीस करोड़ रूपये से अधिक का द्वितीय अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। चालू वित्तीय वर्ष का मुख्य बजट एक लाख चार हजार करोड़ रूपए है। प्रथम और द्वितीय अनुपूरक को मिलाकर अब राज्य का बजट बढ़कर एक लाख ग्यारह हजार दो सौ बयालीस करोड़ रूपए हो गया है।



द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन और कड़े वित्तीय अनुशासन से राज्य की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अक्टूबर माह तक आठ सौ अंठानवे करोड़ रूपए का राजस्व आधिक्य बना हुआ है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के पहले आठ महीनों में सरकार ने अब तक बाजार से कोई ऋण नही लिया है, जबकि नवंबर माह तक छह हजार करोड़ रूपये से अधिक का पूंजीगत व्यय राज्य के संसाधनों से किया जा चुका है।

विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ लोक सेवा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक पर चर्चा चल रही है। अब तक भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और कांग्रेस विधायक मोहन मरकार सहित सत्तापक्ष और विपक्ष के विभिन्न सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे।

इससे पहले, सदन में आज उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब भाजपा विधायक अजय चंद्राकर द्वारा आरक्षण विधेयक को लेरक अपनी बात रखे जाने के दौरान मंत्री शिवकुमार डहरिया ने एक टिप्पणी की। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी थी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2485.59 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित, इन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण अंचल के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत हर साल 6000 रूपए की आर्थिक मदद दिए जाने की घोषणा की। यह योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से लागू होगी। अनुपूरक बजट में इसके लिए 200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। विधानसभा में 2485.59 करोड़ रूपए का प्रथम अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हुआ। 



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुपूरक बजट चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों को प्रदेश है, किसान हमारे अन्नदाता है। इस अनुपूरक बजट की संरचना को देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि हमने अपनी न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की सहमति दी थी, लेकिन छत्तीसगढ़ से सिर्फ 24 लाख मीट्रिक टन चावल लिया है। इसके कारण अतिशेष धान की नीलामी हमें घाटा उठाकर करनी पड़ रही हैं। इसके बावजूद भी हम हर हाल में किसानों की मदद कर रहे है, इसके लिए हमें भले ही कर्ज लेना पड़े।


राजीव गांधी किसान न्याय योजना  


मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से लेकर राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना तक, अभी वक्त तो बहुत कम गुजरा है, लेकिन इसके लाभ का दायरा लाखों लोगों तक पहुंच गया है। किसानों की ऋण माफी, सिंचाई कर माफी, समर्थन मूल्य पर अनाज बेचने वाले किसानों को देश में सबसे ज्यादा लाभ, वनोपज की खरीदी से आदिवासी और वन आश्रित परिवारों को सर्वाधिक लाभ, गोधन न्याय योजना जैसे हमारे नवाचारों के आंकड़े अब अरबों में पहुंच चुके हैं। बस्तर से लेकर सरगुजा तक, छोटे-छोटे गांवों, कस्बों, गली, मोहल्लों में रहने वाले लोगों के जीवन में बदलाव स्पष्ट देखा जा सकता है।  


गोधन न्याय योजना


मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का हमारा छत्तीसगढ़ी मॉडल की देश में है, तो इस पर भी अगर अभिमान न करें तो क्या करें? उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ी मॉडल ने सिर्फ छत्तीसगढ़ निवासियों को ही नहीं, बल्कि हमारे जैसी परिस्थितियों में देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों के जीवन में भी उम्मीद की नई किरण जगाई है। यही कारण है कि मलेरिया मुक्त बस्तर हो, मनरेगा हो, वनोपज की खरीदी हो, कृषि उपज की खरीदी हो, नरवा, गरूवा, घुरुवा, बाड़ी हो या गोधन न्याय योजना जैसे ग्राम और वन उन्मुख नवाचार, कुपोषण के विरुद्ध मुहिम हो, मलेरिया का उन्मूलन हो, हमारी ऐसी हर पहल आज देश में उन लोगों के लिए आशा लेकर आई है, जिन्हें बरसों से ऐसे सकारात्मक बदलाव की जरूरत थी। 


राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना 


मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान हो या बेसहारा मजदूर, हमारी सरकार ने सभी के लिए किए गए वायदे निभाने का सिलसिला जारी रखा है। किसानों और गौ-पालकों के लिए लागू की गई न्याय योजनाओं की अगली कड़ी में हम भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लागू करने जा रहे हैं। इस योजना के लिए इस अनुपूरक में हमने 200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। छत्तीसगढ़ निशक्तजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय निशक्तजन वित्त और विकास निगम को एकमुश्त ऋण राशि वापस करने के लिए राज्य शासन के निर्णय के अनुरूप 21 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को गणवेश प्रदाय के लिए 7.62 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।


खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना 


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान जिन सुविधाओं के अभाव ने हमारे सामने कड़ी चुनौतियां पेश की थी, उन्हें हमारी सरकार जल्द से जल्द दूर करके बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को पूरे प्रदेश में पहुंचाना चाहती हैं। इसलिए हमारी सरकार ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए इस अनुपूरक में  957 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना और डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत राज्य के 6 लाख 20 हजार 432 लोगों को 852 करोड़ रूपए की चिकित्सा सुविधा का लाभ मिला है। 


हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज 


CM ने कहा कि दूसरी लहर के दौरान हमने न सिर्फ छत्तीसगढ़ में बेहतर प्रबंधन किया बल्कि दूसरे राज्यों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की और अब संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए भी पूरी गंभीरता से तैयारी की जा रही है। कोविड-19 संक्रमण से रोकथाम और बचाव के लिए दवाइयों और अन्य व्यय के लिए 304 करोड़ रूपए, चिकित्सा उपकरणों के क्रय के लिए 215 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण के लिए 39 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। महामारी की विशेष स्थिति को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी रिस्पांस और हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज के लिए 376 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। 


छत्तीसगढ़ हाट बाजार क्लीनिक योजना


नैमेड़ जिला-बीजापुर में 30 बिस्तर अस्पताल, बेलपत जिला-गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला चिकित्सालय जिला-गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में ब्लड बैंक और अल्दा विकासखंड तिल्दा में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना के लिए बजट में सेटअप और वित्तीय प्रावधान किया गया है। महासमुंद, कोरबा और कांकेर में नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए प्रति महाविद्यालय 116 पदों के मान से 348 पदों का सेटअप और 12 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ हाट बाजार क्लीनिक योजना की लोकप्रियता और उपयोगिता को देखते हुए 7 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।


राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन


मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट में भी हमारा फोकस न्याय योजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं पर है। राज्य सरकार ग्रामीण मजदूरों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत भारत सरकार द्वारा निर्धारित 100 दिन के अलावा 50 दिन का रोजगार राज्य बजट से मुहैया कराती है। इस प्रयोजन के लिए 50 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मूलक गतिविधियों से जोड़कर आजीविका में वृद्धि के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन चलाया जा रहा है। इस योजना को भी लगातार चालू रखने के लिए 122 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।


खाद्य भंडारण क्षमता का विस्तार


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खाद्य भंडारण क्षमता के विस्तार के लिए वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के माध्यम से सनावल, रामानुजगंज, कुसमी, बगीचा, जशपुर, लखनपुर, करपावंड और सुकमा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों सहित कुल 12 स्थानों पर 142 करोड़ रूपए की लागत से गोदाम निर्माण किया जाएगा। इन गोदामों के निर्माण से भंडारण क्षमता में 2 लाख 38 हजार 200 मीट्रिक टन की वृद्धि होगी। इसके लिए 67 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।


स्वच्छ पेयजल  के लिए 500 करोड़  का प्रावधान


 प्रदेश में 15 नवीन तहसील (अहिवारा, डौरा कोचली, कोटमी सकोला, सरोना, कोरर, बारसूर, मर्दापाल, धनोरा, अड़भार, कुटरू, गंगालूर, बोदरी, लाल बहादुर नगर, तोंगपाल और भटगांव) की स्थापना की जाएगी। इसलिए अनुपूरक बजट में 210 पदों के सेटअप और वित्तीय प्रावधान किया गया है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले 22 लाख 15 हजार परिवारों को कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन क माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।


आवागमन की सुविधा में बढ़ोतरी


मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जिलों में 942 करोड़ रूपए की लागत से 46 सड़कों के निर्माण जिससे लगभग 556 कि.मी. सड़कों का निर्माण छत्तीसगढ़ सड़क निर्माण और अधोसंरचना विकास निगम के माध्यम से कराये जाने का फैसला लिया गया है। इसी तरह 14 जिलों में 3 हजार 886 करोड़ रूपए की लागत से 23 सड़कों का निर्माण, छत्तीसगढ़ स्टेट रोड डेव्हलपमेंट सेक्टर प्रोजेक्ट के माध्यम से कराए जाने का फैसला लिया गया है। इससे लगभग 968 कि.मी. की सड़कों का निर्माण होगा। इसके लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान किया गया है। इन निर्माण कार्यों से राज्य के आम नागरिकों को आवागमन की सुविधा में बढ़ोत्तरी होने के साथ सुदूर क्षेत्रों की सड़कें राज्य की मुख्य सड़कों से जुड़ने से आवागमन में सुविधा होगी।


कुकुर नदी पर स्टॉपडेम का निर्माण 


जिला गरियाबंद के राजिम में लक्ष्मण झूला विद्युतीकरण कार्य के लिए 101.22 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। जिला जांजगीर-चांपा अंतर्गत शिवरीनारायण में सात विभिन्न विकास कार्यों के लिए 11.92 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सरगुजा जिले के सीतापुर में मांड डायवर्सन योजना के दांयी ओर नहर निर्माण और जिला कांकेर अंतर्गत दुधावा आर.बी.सी. नहर का चारामा तक विस्तार के लिए सर्वेक्षण कार्य और नारायणपुर जिले के अंतर्गत गढ़बेगाल में कुकुर नदी पर स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए आवश्यक राशि का प्रावधान किया गया है। 


बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना


बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना फेस-2 अंतर्गत न्यू रूद्री बैराज, मॉडमसिल्ली बांध, जिसका नाम बदलकर हमने बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव बांध कर दिया है। नियारी जलाशय और दुधावा जलाशय वृहद परियोजना अंतर्गत कार्यों को शामिल किया गया है। जिसके लिए आवश्यक प्रावधान किया गया है। बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना फेस-2 अंतर्गत पेंड्रावन जलाशय, किंकारी जलाशय और घोंघा जलाशय मध्यम परियोजना अंतर्गत कार्यों को शामिल किया गया है, जिसके लिए प्रावधान किया गया है।


 सिस्टम इंटीग्रेटर की सेवाएं


मुख्यमंत्री ने कहा कि CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network and System) परियोजना का उद्देश्य पुलिस थाने के स्तर पर कुशलता  और  प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए एक व्यापक और समेकित प्रणाली स्थापित करना है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सिस्टम इंटीग्रेटर की सेवाएं लेने के लिए 4 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट का मुख्य उद्देश्य बंधुआ मजदूर, देह व्यापार और बाल श्रम पर अंकुश लगाना है। इस योजना के अंतर्गत 3 करोड़ 60 लाख का प्रावधान किया गया है। 


DNA प्रयोगशाला की स्थापना


नक्सली हिंसा में शहीद जवानों के परिजनों को विशेष अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान के लिए 7 करोड़ 10 लाख का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में राज्य न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला के अंतर्गत DNA प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए 13 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। नगोई, जिला बिलासपुर में 126 करोड़ की लागत से 1500 बंदियों की क्षमता युक्त विशेष जेल के निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है।


वानिकी महाविद्यालय की स्थापना


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में साग-सब्जी, फल-फूल और औषधीय और सुगंधित फसलों की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत राज्य में प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के सुअवसर प्रदान किये जाने के उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2020-21 से महात्मा गांधी उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय ग्राम सांकरा, विकासखंड-पाटन जिला दुर्ग के परिसर में नवीन उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना के लिए प्रावधान किया गया है। महात्मा गांधी उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय परिसर सांकरा में वानिकी महाविद्यालय की स्थापना किये जाने के लिए प्रावधान किया गया है।


छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 


मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कोरोना महामारी से मृत व्यक्तियों के बेसहारा और अनाथ बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराए जाने के लिए छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना शैक्षणिक सत्र 2021-22 से सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में लागू की जा रही है। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनों की कोरोना से मृत्यु हो गई है, उनके शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय शासन वहन करेगा, साथ ही छात्रवृत्ति दी जायेगी। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को 500 रूपए प्रतिमाह और कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को 1000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी। 


कोंडागांव में नवीन महाविद्यालय की स्थापना


प्रतिभावान छात्रों को व्यवसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रशिक्षण और कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए 4 करोड़ का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ के सुदूर और दुर्गम वनांचल में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम-अवापल्ली, विकासखंड उसूर, जिला-बीजापुर और विश्रामपुरी जिला-कोंडागांव में नवीन महाविद्यालय की स्थापना के लिए प्रति महाविद्यालय 34 पदों के मान से कुल 68 पदों का सृजन किया गया है। गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान किए जाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान अंतर्गत 5 शासकीय मॉडल डिग्री कॉलेज रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर और जगदलपुर के लिए पद सृजन किया जाना है। इसके लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान किया गया है।


आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की स्थापना


मुख्यमंत्री ने कहा कि कुटरू, जिला बीजापुर में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की स्थापना के लिए प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 11 करोड़ और अनु. जनजाति पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए  4 करोड़ 80 लाख का प्रावधान है। आदिवासी बालक छात्रावास गोडलवाही, विकासखंड छुरिया के भवन निर्माण के लिए प्रावधान किया गया है। राम वनगमन पथ के पर्यटन विकास अंतर्गत कुल 16.43 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रायपुर में स्वामी विवेकानंद स्मृति संस्थान की स्थापना के लिए 1 करोड़ 30 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक और संग्रहालय निर्माण के लिए 4.65 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

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