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धमतरी में आसमानी आफत: बिजली गिरने से मजदूर की मौत, तीन गंभीर; आंधी में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित

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धमतरी- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार देर शाम तेज बारिश और गरज-चमक के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना नगरी ब्लॉक के फरसियां क्षेत्र की बताई जा रही है। हादसे के बाद घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

बारिश के बीच गिरी आकाशीय बिजली

जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले में पिछले कुछ दिनों से शाम के समय बारिश हो रही है। बुधवार शाम भी नगरी क्षेत्र में तेज बारिश के साथ गरज-चमक का दौर चल रहा था। इसी दौरान फरसियां-बोड़रा मुख्य मार्ग के पास आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में वहां मौजूद चार लोग आ गए। 

एक की मौके पर मौत, तीन गंभीर

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से फरसियां निवासी गिरजा शंकर ध्रुव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं जितेंद्र सिन्हा, पोषण ध्रुव और भूपेश ध्रुव गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को शासकीय सिविल अस्पताल नगरी पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। 

हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मृतक के परिवार में घटना के बाद मातम का माहौल है।

आंधी में पेड़ गिरने से सड़क पर लगा जाम

तेज बारिश के साथ चली आंधी का असर यातायात पर भी पड़ा। धमतरी-नगरी मुख्य मार्ग पर एक पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। सड़क पर पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और वाहनों की कतार लगने की सूचना है। हालांकि पेड़ गिरने की घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

मौसम खराब होने पर सावधानी की जरूरत

लगातार बारिश और गरज-चमक के बीच आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए सावधानी जरूरी है। विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें।


धमतरी में दिव्यांग बालिकाओं को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

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नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्ति का संदेश

​रायपुर- राज्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत धमतरी स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ बालिका विद्यालय में समाज कल्याण विभाग द्वारा एक दिवसीय विभागीय प्रचार-प्रसार एवं सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बालिकाओं को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्त वातावरण का निर्माण करना था।

योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शासन की मंशा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है। बालिकाओं को उपलब्ध अवसरों और अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि सही जानकारी ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है।

नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति रही। कलाकारों ने अपने संवादों और जीवंत अभिनय के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक तथा सामाजिक दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। नाटक के जरिए संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल व्यक्तिगत संकल्प नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा सामूहिक दायित्व है।

उपस्थित ​प्रमुख जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने अंत में  लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प दिलाया।

धमतरी में दंतैल हाथी की दस्तक, कई गांवों में हाई अलर्ट

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केरेगांव वन परिक्षेत्र के छुही बीट में हाथी की मौजूदगी, 10 किलोमीटर के दायरे में सतर्कता; ग्रामीणों से जंगल और हाथी के करीब नहीं जाने की अपील

धमतरी- जिले के केरेगांव वन परिक्षेत्र के छुही बीट में इन दिनों एक दंतैल हाथी के विचरण से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। वन विभाग को हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद आसपास के कई गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। विभाग की टीमें लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की समझाइश दी जा रही है।

P-143 कक्ष के आसपास हाथी की मौजूदगी

वन विभाग के अनुसार, दंतैल हाथी फिलहाल कक्ष क्रमांक P-143 के आसपास विचरण कर रहा है। हाथी के आगे बढ़कर जोगीडीह के आबादी क्षेत्र और धमतरी-केरेगांव रेंज की ओर जाने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

विभाग द्वारा जोगीडीह, छुही, पीपरछेड़ी, बाजारकुर्रीडीह, साल्हेभाट, सिरौदकला और कमारपारा समेत आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बासीखाई, झुरातराई और भालुचुवा गांवों के ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गांवों में मुनादी कराकर दी जा रही सूचना

हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है। पीपरछेड़ी, कमारपारा और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को हाथी से दूरी बनाए रखने की जानकारी दी जा रही है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि हाथी दिखाई दे तो उसके पास जाने, फोटो या वीडियो बनाने के लिए पीछा करने अथवा उसे किसी भी तरह परेशान करने की कोशिश न करें। हाथी को रास्ता देने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

विभाग ने यह भी कहा है कि हाथी दिखाई देने पर उसकी सूचना तत्काल नजदीकी वन कर्मचारी या वन विभाग की टीम को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।

गरियाबंद की ओर से पहुंचा दंतैल

जानकारी के अनुसार, यह दंतैल हाथी गरियाबंद की ओर से उत्तर सिंगपुर होते हुए केरेगांव रेंज में पहुंचा है। हाथी की गतिविधियों को देखते हुए उसके आसपास लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली बस्तियों को विशेष रूप से सतर्क किया गया है।

वन विभाग हाथी की लोकेशन और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। हाथी किस दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसके आधार पर आसपास के ग्रामीणों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

ग्रामीणों के लिए वन विभाग की अपील

  • हाथी दिखाई देने पर उसके पास न जाएं।

  • हाथी का पीछा कर फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश न करें।

  • जंगल अथवा हाथी के संभावित रास्ते में जाने से बचें।

  • हाथी को छेड़ने या भगाने का प्रयास न करें।

  • हाथी की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।

  • रात के समय विशेष सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।


नन्हे दिल को मिली नई धड़कन, 'चिरायु योजना' ने धमतरी के भाव्यांश को दिया नया जीवन

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रायपुर- समय पर ली गई एक सही स्वास्थ्य जांच किसी मासूम का पूरा भविष्य संवार सकती है, इसका जीवंत उदाहरण धमतरी के नन्हें भाव्यांश साहू की यह सफलता की कहानी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित 'चिरायु योजना' ने जन्मजात हृदयरोग से जूझ रहे इस बच्चे को न केवल समय पर सही इलाज दिलाया, बल्कि उसके परिवार के जीवन में खुशियों की एक नई रोशनी भी बिखेर दी।

कहानी की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब शहरी चिरायु टीम धमतरी ने जालमपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 में बच्चों के स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण किया। जांच के दौरान डॉक्टरों की सजग नजरों ने भाव्यांश में जन्मजात हृदयरोग के लक्षणों को तुरंत पहचान लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीम ने बिना कोई समय गंवाए बच्चे को आगे के उच्च स्तरीय उपचार के लिए सत्य साईं अस्पताल, नया रायपुर रेफर किया और पूरे मार्गदर्शन तथा सहयोग के साथ परिजनों की हिम्मत बढ़ाई।

अस्पताल में विशेषज्ञों की गहन जांच और परामर्श के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। 31 अगस्त 2026 को भाव्यांश को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 2 सितंबर को विशेषज्ञ कार्डियाक सर्जनों की टीम द्वारा उसकी सफल हृदय सर्जरी संपन्न हुई। चिकित्सकों की निरंतर देखरेख और सही देखभाल का ही परिणाम था कि मासूम के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया और 9 सितंबर को उसे पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य ध्येय जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियों, गंभीर बीमारियों और पोषण संबंधी कमियों की समय रहते पहचान कर उन्हें निःशुल्क और सर्वश्रेष्ठ उपचार उपलब्ध कराना है। चिरायु टीम की तत्परता और विशेषज्ञ चिकित्सकों के इस समन्वय से आज भाव्यांश पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन में लौट आया है। उसकी खिलखिलाती मुस्कान इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सरकार की यह संवेदनशील योजना प्रदेश के जरूरतमंद बच्चों के लिए नवजीवन का वरदान साबित हो रही है।

गंगरेल बांध के 7 गेट खोले गए, 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा

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जलाशयों में तेजी से बढ़ा जलस्तर, महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट


धमतरी : जिले में और कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा तथा जलाशयों में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। 13 सितंबर की सुबह 8 बजे की स्थिति में जिले के प्रमुख जलाशयों में जलभराव का स्तर तेजी से बढ़ा है। गंगरेल जलाशय 97.16 प्रतिशत, मुरुमसिल्ली 99.47 प्रतिशत, दुधावा 94.83 प्रतिशत और सोदुर जलाशय 76.58 प्रतिशत भर चुका है।

वर्तमान में गंगरेल जलाशय में 40,390 क्यूसेक, मुरुमसिल्ली में 1,804 क्यूसेक, दुधावा में 4,009 क्यूसेक तथा सोदुर जलाशय में 118 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है।

गंगरेल बांध के 7 गेट खोलकर 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा

आगामी वर्षा तथा जलाशयों में पानी की बढ़ती आवक को ध्यान में रखते हुए गंगरेल बांध के 7 गेट खोलकर लगभग 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रुद्री बैराज के माध्यम से इसमें से लगभग 5,500 क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर तथा लगभग 37,000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। जलाशय में पानी की आवक और आगामी वर्षा की स्थिति को देखते हुए पानी निकासी की मात्रा को आवश्यकता अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है।

पानी की निकासी के कारण महानदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए नदी के किनारे बसे गांवों में प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। संबंधित विभागों एवं मैदानी अमले को लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

नदी-नालों से दूर रहें, अनावश्यक जोखिम न लें

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी, नाले, रपट, छोटे पुल-पुलिया एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। अनावश्यक रूप से नदी-नालों को पार न करें। तेज बहाव वाले पानी में वाहन अथवा पैदल जाने का प्रयास न करें। बच्चों को नदी-नालों एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रखें।

यदि किसी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है, तो नागरिक प्रशासन द्वारा चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाएं तथा प्रशासन एवं राहत दलों के निर्देशों का पालन करें।

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा—सावधानी ही सुरक्षा

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि “जिले में लगातार वर्षा और जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन द्वारा पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंगरेल बांध के सात गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है, जिसके कारण महानदी के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक जोखिम न लें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।”

उन्होंने कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है। नागरिकों की सतर्कता और प्रशासन के साथ सहयोग से किसी भी संभावित परिस्थिति का सुरक्षित ढंग से सामना किया जा सकता है।”

जिला प्रशासन धमतरी की अपील:

सतर्क रहें—सुरक्षित रहें।
नदी-नालों से दूर रहें।
अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं।
जल है तो कल है।

20 किलो गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

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 धमतरी। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत सिहावा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 लाख 20 हजार रुपए बताई गई है। आरोपियों के पास से गांजा परिवहन में इस्तेमाल रॉयल एनफील्ड बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। कार्रवाई में कुल 11 लाख 80 हजार रुपए का मशरूका बरामद हुआ है।


फॉरेस्ट नाका पर घेराबंदी कर पकड़ा

पुलिस के मुताबिक, सिहावा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल से दो संदिग्ध व्यक्ति ओडिशा की ओर से गांजा लेकर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मेन रोड रतावा फॉरेस्ट नाका के सामने घेराबंदी की।

संदिग्ध हुलिए और बाइक के नंबर के आधार पर वाहन को रोककर तलाशी ली गई। दोनों आरोपियों के ट्रॉली बैग और सफारी बैग की जांच करने पर सेलोटेप से पैक किया हुआ कुल 20 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

बाइक और मोबाइल भी जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा 1.50 लाख रुपए कीमत की रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल और करीब 10 हजार रुपए का ओप्पो मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एहतेशाम (27), निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश और तुषार कश्यप (23), निवासी करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली के रूप में हुई है।

एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सिहावा थाने में अपराध क्रमांक 70/2026 के तहत धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। दोनों को 9 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। धमतरी पुलिस ने कहा है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

CG NEWS : पुरानी रंजिश में युवक की चाकू मारकर हत्या, नाबालिग ने थाने में किया सरेंडर

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 धमतरी। जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के कंडेल गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विवाद के दौरान एक नाबालिग ने युवक पर चाकू से हमला कर दिया। गले में गंभीर चोट लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई।


घटना के बाद नाबालिग आरोपी अर्जुनी थाने पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम, विवाद के कारण और हत्या में आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।

खाना खाने के बाद टहलने निकला था युवक

परिजनों के मुताबिक, मृतक खाना खाने के बाद गोठान मैदान की ओर टहलने के लिए निकला था। इसी दौरान उसका विवाद हुआ और उस पर चाकू से हमला किए जाने की जानकारी सामने आई। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई।

आरोपी की उम्र और कद को लेकर परिजनों ने जताया संदेह

मृतक के परिजनों ने पुलिस के सामने आरोपी की कम उम्र और कद को लेकर संदेह जताते हुए मामले की गहराई से जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि घटना की परिस्थितियों और आरोपी की पहचान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति होगी स्पष्ट

फिलहाल अर्जुनी पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के लोगों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर हत्या के कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट होगी।

गंगरेल 96% भरा, महानदी में छोड़ा जा रहा पानी; किनारे के गांवों में अलर्ट

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 धमतरी। जिले में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन ने महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को जलाशयों और नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।


जल संसाधन विभाग के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे तक गंगरेल जलाशय में 96.17 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया। यहां 4,342 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। इसी तरह मुरुमसिल्ली जलाशय में 98.49 प्रतिशत जलभराव और 745 क्यूसेक आवक, दुधावा जलाशय में 83.56 प्रतिशत जलभराव और 1,178 क्यूसेक आवक तथा सोढ़ुर जलाशय में 69.25 प्रतिशत जलभराव और 167 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई।

गंगरेल से छोड़ा जा रहा 4 हजार क्यूसेक पानी

आगामी दिनों में बारिश की संभावना और जलाशयों में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए गंगरेल जलाशय के दो गेटों से करीब 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रुद्री बैराज पहुंचने के बाद इसमें से करीब 2,000 क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर और 2,000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है।

महानदी में पानी छोड़े जाने से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। इसे देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

निचले और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जलाशयों में पानी की आवक और मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। महानदी समेत अन्य नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोग जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाएं।

उन्होंने लोगों से नदी, नाला, जलभराव वाले क्षेत्र या तेज बहाव वाले पानी को किसी भी परिस्थिति में पार नहीं करने की अपील की है।

मुनादी और सूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश

कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व), तहसीलदारों, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगरीय निकायों, जल संसाधन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

विशेष रूप से महानदी किनारे बसे गांवों में मुनादी और स्थानीय सूचना तंत्र के माध्यम से ग्रामीणों को समय-समय पर जलस्तर की जानकारी देने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है।

राहत-बचाव दलों को अलर्ट रहने के निर्देश

प्रशासन ने निचले और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के साथ राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम स्तर पर कोटवार, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय अमले को भी अलर्ट मोड पर रखने कहा गया है।

कलेक्टर ने नागरिकों से प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों और निर्देशों का पालन करने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की आशंका की स्थिति में तत्काल संबंधित राजस्व अधिकारी, ग्राम पंचायत या प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों पर ED की दबिश

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी की टीम ने धमतरी स्थित उनके आवास के साथ रायपुर में भी कार्रवाई की।

जानकारी के मुताबिक, ED की टीम सुबह धमतरी स्थित अग्रवाल के आवास पहुंची और कई घंटों तक दस्तावेजों तथा अन्य रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी। कुछ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और ED की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।

शराब घोटाले की जांच से जुड़ी कार्रवाई

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा है। ED ने इससे पहले 11 अगस्त 2026 को रामगोपाल अग्रवाल को PMLA के तहत गिरफ्तार किया था। उस समय वह रायपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध थे। विशेष PMLA अदालत ने उन्हें ED की हिरासत में भेजा था।

ED का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के दौरान छत्तीसगढ़ के आबकारी तंत्र में कथित अनियमितताओं से करीब ₹3,000 करोड़ की अपराध से अर्जित आय पैदा हुई। जांच एजेंसी के अनुसार, इस रकम के एक हिस्से के नकद लेनदेन में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है।

एजेंसी ने अपने आधिकारिक बयान में दावा किया है कि जांच के दौरान ऐसे बयान सामने आए जिनमें कथित नकदी को रायपुर स्थित राजीव भवन तक पहुंचाए जाने का उल्लेख है। हालांकि, ये ED द्वारा लगाए गए आरोप हैं और मामले की जांच अभी जारी है।

आगे भी जारी रहेगी जांच

ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है। ताजा तलाशी के दौरान बरामद या जांचे गए दस्तावेजों और अन्य सामग्री के आधार पर एजेंसी आगे की कार्रवाई कर सकती है।

नोट: शराब घोटाले से जुड़े आरोपों और ED के दावों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।

10 साल से बिस्तर पर जिंदगी गुजार रहे शशिकांत ने मुख्यमंत्री से लगाई इलाज की गुहार, कहा—इलाज कराइए या इच्छा मृत्यु की अनुमति दीजिए

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धमतरी- धमतरी जिले के शशिकांत भरत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से अपने इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है। करीब 10 वर्षों से बिस्तर पर जीवन गुजार रहे शशिकांत ने सरकार से दिल्ली के वसंत कुंज स्थित ESIC अस्पताल में बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी एकमात्र इच्छा है कि उनका समुचित इलाज हो और वे अपने पैरों पर खड़े होकर सामान्य जीवन जी सकें।

शशिकांत के मुताबिक वे धमतरी के भटगांव ITI में कंप्यूटर प्रशिक्षण की पढ़ाई कर रहे थे। 11 नवंबर 2016 को जेठोनी त्योहार की छुट्टी के दौरान वे अपने गांव देवपुर लौट रहे थे। रास्ते में दुकली (गचकन्हार) गांव के पास उनके साथ एक हादसा हुआ, जिसके बाद उनका पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो गया। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें सर्वाइकल स्पाइन इंजरी की गंभीर समस्या हुई है। हादसे के बाद से वह लगातार बिस्तर पर हैं और रोजमर्रा के कामों के लिए भी अपने माता-पिता पर निर्भर हैं।

शशिकांत ने बताया कि वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। पिछले 10 वर्षों से बीमारी और शारीरिक पीड़ा के बीच जीवन बिताना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण आ सके।

उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी समस्या रखने के लिए कई बार प्रयास किया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए वे करीब पांच बार प्रयास कर चुके हैं। एक बार सुशासन तिहार के दौरान धमतरी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भी पहुंचे थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री निवास जाकर भी कई बार मिलने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।

शशिकांत के मुताबिक 11 जनवरी 2023 को सिहावा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष भी अपनी समस्या रखी थी। इसके बाद 10 अगस्त 2026 को सिहावा विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान उन्हें अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने रखने का अवसर मिला। शशिकांत ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या सुनी, उनका आवेदन लिया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

अब शशिकांत ने कलेक्टर अविनाश मिश्रा, विधायक अंबिका मरकाम और छत्तीसगढ़ के नागरिकों से भी अपील की है कि उनकी मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और इलाज की व्यवस्था कराने में सहयोग करें।

शशिकांत ने अपने वीडियो को अपने चैनल पर साझा करने वाले पत्रकार का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि पत्रकार के माध्यम से उनकी आवाज सरकार तक पहुंच सकी। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और यदि इलाज संभव नहीं है तो इच्छा मृत्यु की अनुमति दिलाने में मदद की जाए।

https://youtu.be/ERH5go9ywuc

शशिकांत की अपील अब सरकार और प्रशासन से यही है कि उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मामले में तत्काल मानवीय आधार पर हस्तक्षेप कर विशेषज्ञ चिकित्सा उपचार की व्यवस्था की जाए, ताकि पिछले एक दशक से बिस्तर पर जिंदगी गुजार रहे इस युवक को बेहतर जीवन की उम्मीद मिल सके।

नोट: यह वीडियो शशिकांत भरत द्वारा साझा की गई जानकारी और उनकी अपील पर आधारित है।

नाग पंचमी पर गूंजा हर-हर महादेव, नाग देवता के दरबार में उमड़ी आस्था

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श्रद्धा के रंग में रंगा शहर, शिवालयों में सुबह से लगी भक्तों की कतारें

धमतरी- सावन की पावन बेला में सोमवार को नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भगवान शिव के साथ नाग देवता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठे।

नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने नाग देवता को दूध, जल, पुष्प, अक्षत और नैवेद्य अर्पित कर पूजा की। वहीं भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर भक्तों ने आशीर्वाद मांगा। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर तक चलता रहा।

सावन और नाग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार पर आने वाले संकट दूर होते हैं और सुख-शांति बनी रहती है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान होने के कारण सावन माह में नाग पंचमी का पर्व विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ पूजा कर भगवान शिव और नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

बच्चों में भी दिखा उत्साह

नाग पंचमी को लेकर बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। घरों में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की। कई परिवारों ने सुबह स्नान के बाद नाग देवता की पूजा कर प्रसाद का वितरण किया।

जीव-जंतुओं की सुरक्षा का भी दिया संदेश

नाग पंचमी का पर्व जहां धार्मिक आस्था से जुड़ा है, वहीं यह प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश भी देता है। लोगों ने सांपों को नुकसान न पहुंचाने और उनके दिखाई देने पर वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की मदद लेने की अपील की।

सावन की भक्ति और नाग पंचमी की आस्था से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से परिवार में सुख-शांति, अच्छी बारिश, खुशहाली और समृद्धि की कामना की।

महासमुंद बाल संप्रेक्षण गृह से खिड़की की ग्रिल तोड़कर 8 अपचारी बालक फरार

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 महासमुंद। जिले के बरोंडा बाजार स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए सोमवार तड़के 8 अपचारी बालक खिड़की की ग्रिल तोड़कर फरार हो गए। घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।


विभिन्न गंभीर मामलों में थे निरुद्ध

जानकारी के अनुसार, फरार हुए आठों नाबालिग पिछले 4-5 महीनों से विभिन्न आपराधिक प्रकरणों के तहत संप्रेक्षण गृह में रखे गए थे। इनमें से एक पर दुष्कर्म, दो पर चोरी तथा अन्य के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट समेत अन्य धाराएं दर्ज हैं। ये नाबालिग महासमुंद, सरायपाली, धमतरी और पड़ोसी राज्य ओडिशा के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।

अधिकारी पहुंचे मौके पर, सर्च ऑपरेशन जारी

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर फरार बालकों की तलाश में जुटी हुई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, दो साल पहले भी हुई थी ऐसी घटना

इस घटना ने संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग दो वर्ष पूर्व भी इसी संप्रेक्षण गृह से बच्चों के भागने का मामला सामने आया था। फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस बात की जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा में चूक किस स्तर पर हुई और बालकों ने ग्रिल काटने के लिए किस साधन का उपयोग किया।

राष्ट्रीय मंच पर चमकी धमतरी की अभिनव पहल, सीएससी स्थापना दिवस पर PACS ड्रोन मॉडल को मिली विशेष पहचान

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कोलकाता में आयोजित 17वें सीएससी स्थापना दिवस समारोह में धमतरी के कृषि नवाचार की सराहना, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कृषि सेवाओं के विस्तार का बना मॉडल

रायपुर- कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की अभिनव पहल PACS ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। कार्यक्रम में जिले द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से संचालित ड्रोन सेवाओं, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा किसान पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री) जैसे नवाचारों की सराहना की गई। समारोह के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष थे।


 कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी जयंत नाहटा ने PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन“ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सेवाओं के विस्तार तथा PACS को ’वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से ड्रोन द्वारा तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले की एक अभिनव पहल है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में PACS के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाएं, फसल सर्वेक्षण, किसान पंजीयन, वित्तीय एवं बैंकिंग सेवाओं सहित विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी तथा किसानों को तकनीक आधारित सुविधाओं का लाभ सहजता से प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी-व्हीएलई को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल शासन के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव, भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव तथा सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिल कुमार सहित देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं सीएससी प्रतिनिधि उपस्थित थे।

​कैंसर मुक्त भविष्य की ओर कदम: धमतरी में विशेष HPV टीकाकरण सप्ताह शुरू

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13 से 18 जुलाई तक 14 वर्ष की बेटियों को लगेगा निःशुल्क जीवनरक्षक टीका

रायपुर- धमतरी जिले में बेटियों को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। जिले में आज से 18 जुलाई 2026 तक विशेष एचपीवी (HPV) टीकाकरण सप्ताह का आगाज हो गया है। इस महाअभियान के तहत 14 वर्ष की आयु की सभी पात्र बालिकाओं को स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क जीवनरक्षक HPV टीका लगाया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए स्कूलों से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

​कैंसर से बचाव का अचूक और सुरक्षित कवच

​मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण ही सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि समय पर लगाया गया HPV टीका इस गंभीर कैंसर से बचाव का सबसे सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। यह टीका भविष्य में कैंसर के जोखिम को लगभग समाप्त कर देता है, इसलिए सभी पात्र बालिकाओं का टीकाकरण बेहद जरूरी है।

​यहाँ उपलब्ध होगी टीकाकरण की सुविधा

अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC),​प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (HWC),​जिले के चिन्हित विद्यालय (स्कूल्स) और ​निर्धारित विशेष टीकाकरण सत्र स्थल पर निःशुल्क उपलब्ध होगा।

​बेटियों का स्वस्थ भविष्य हमारी सामूहिक जिम्मेदारी

​धमतरी कलेक्टर ने जिले के सभी माता-पिता और अभिभावकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।

​कलेक्टर ने अपने संदेश में कहा कि बेटियों का स्वस्थ भविष्य हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। HPV टीका पूरी तरह सुरक्षित है।  सभी अभिभावकों से आग्रह करता हूँ कि किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य विशेषज्ञों पर भरोसा रखकर अपनी 14 वर्ष की बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं। आपका यह एक छोटा सा निर्णय आपकी बेटी को जीवनभर की सुरक्षा दे सकता है। उन्होंने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि वे इसे एक जन-आंदोलन का रूप दें। उन्होंने संकल्प दोहराया कि जिले की एक भी पात्र बालिका इस जीवनरक्षक टीके से वंचित नहीं रहनी चाहिए।

सफलता की कहानी-धमतरी के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का भारतीय फुटबॉल टीम में चयन, स्वीडन में करेंगे देश का प्रतिनिधित्व

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सार्थक स्कूल के छात्र सत्यांशु स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 में बिखेरेंगे जलवा

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और समाज कल्याण विभाग ने दी बधाई, कहा- प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं

रायपुर- धमतरी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित विशेष विद्यालय ‘सार्थक स्कूल’ के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का चयन स्पेशल ओलंपिक्स भारत (Special Olympics Bharat)  की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में हो गया है। सत्यांशु आगामी 12 से 16 जुलाई 2026 तक स्वीडन में आयोजित होने वाली स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 (Special Olympics Gothia Trophy 2026)  अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सत्यांशु दीप की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल धमतरी जिले, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव का विषय है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल कौशल का यह उत्कृष्ट उदाहरण यह साबित करता है कि यदि उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का परचम लहरा सकते हैं।

उचित मार्गदर्शन और लगन से मिला मुकाम

विद्यालय परिवार के अनुसार, सत्यांशु ने यह मुकाम अपने कड़े व नियमित अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और मैदान पर बेहतरीन खेल प्रदर्शन के दम पर हासिल किया है। उनकी यह शानदार सफलता अन्य विशेष बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए उत्साहित करेगी।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित और अनुदानित इन विशेष विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, जीवनोपयोगी कौशल और व्यक्तित्व विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। सत्यांशु का यह चयन विभाग की इन कोशिशों की सार्थकता को प्रमाणित करता है।

कलेक्टर ने दीं शुभकामनाएँ- विश्व मंच पर चमकेगा धमतरी का नाम

इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता सत्यांशु की कड़ी मेहनत, लगन और खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण का परिणाम है। मैं सत्यांशु दीप, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय परिवार और समाज कल्याण विभाग को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि वे स्वीडन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, छत्तीसगढ़ और धमतरी जिले का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

कलेक्टर ने आगे कहा कि सत्यांशु की सफलता यह गहरा संदेश देती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि धमतरी जिले में समावेशी शिक्षा, खेल संस्कृति और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।

अभिभावकों और गुरुओं का मिला सतत सहयोग

इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों ने सत्यांशु के उज्ज्वल भविष्य और आगामी मैचों में शानदार प्रदर्शन की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने सत्यांशु के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई दी है, जिनके निरंतर सहयोग, अटूट विश्वास और संबल ने सत्यांशु को इस अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक पहुँचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूरे धमतरी जिले को विश्वास है कि स्वीडन की धरती पर सत्यांशु दीप अपने खेल कौशल से विश्व मंच पर भारत का मान और बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों का असर : अवैध खनन पर राज्य भर में हो रही कार्रवाई, धमतरी में 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त

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सूक्ष्म निगरानी, तकनीक और सख्त कार्रवाई से अवैध खनन पर लग रहा अंकुश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाकर लगातार छापेमारी और कठोर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की सूक्ष्म निगरानी, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव हो पा रहा है।

इसी क्रम में खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 31 मई 2025 की रात्रि में जिला धमतरी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम नारी स्थित महानदी में 05 चैन माउंटेन मशीनें रेत के उत्खनन में संलग्न पाई गईं। मौके पर रेत उत्खनन के संबंध में किसी प्रकार की वैध अनुमति अथवा आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खनिज के अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।

खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत सभी मशीनों को जब्त कर सील किया गया तथा जवाब प्रस्तुत करने हेतु मशीनों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया।



जांच कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और सतत निगरानी तंत्र के कारण अब ऐसी गतिविधियों पर लगातार नियंत्रण स्थापित हो रहा है। राज्यभर में अभियानात्मक कार्रवाई जारी है और अवैध खनन में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

धमतरी को मखाना हब बनाने की दिशा में पहल

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वनांचल क्षेत्र में आय के नए स्रोत- मखाना खेती से सशक्त होंगे महिला समूह

नगरी क्षेत्र की जलवायु बनी उपयुक्त, मखाना उत्पादन से बढ़ेगी किसानों की आय

महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा नया आयाम, मखाना उत्पादन से जुड़ेंगे किसान

रायपुर- मखाना एक ऐसा पौधा है जो तालाबों, दलदलों और आर्द्रभूमि जैसे स्थिर जल निकायों में उगाया जाता है। इसका प्रसार बीजों द्वारा होता है और अंकुरण के लिए पूर्णतः परिपक्व बीजों की आवश्यकता होती है। मखाना की खेती में न्यूनतम खर्च आता है क्योंकि पिछले फसल से बचे हुए बीजों से नए पौधे आसानी से अंकुरित हो जाते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर होने और नकदी फसल के रूप में किसानों की आय को दोगुना करने की अपार क्षमता को देखते मिलता है। मखाना खेती से धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी ।  छोटी छोटी डबरी से समृद्धि तक धमतरी की महिलाओं को मखाना खेती में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह दिखायी दे रही है । शासकीय प्रयासों का प्रतिफल है कि मखाना खेती से धमतरी में आर्थिक सशक्तिकरण होगा ।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने धमतरी प्रवास के दौरान जिले को मखाना बोर्ड में शामिल करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद जिला प्रशासन द्वारा मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है।

धमतरी जिले के नगरी वनांचल क्षेत्र में आजीविका संवर्धन की दिशा में एक नई पहल के तहत मखाना खेती की तैयारी स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रारंभ की गई है। जिले में कुल 100 एकड़ भूमि मखाना उत्पादन के लिए चिन्हांकित की गई है। प्रारंभिक चरण में संकरा क्षेत्र में 25 एकड़ रकबे में मखाना की खेती की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 

विशेषज्ञों के अनुसार नगरी क्षेत्र की जलवायु, पर्याप्त जल उपलब्धता एवं प्राकृतिक वातावरण मखाना उत्पादन के लिए अनुकूल है। इससे स्थानीय किसानों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। इस पहल से वनांचल क्षेत्र में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

कलेक्टर धमतरी बीते दिनों संकरा पहुंचकर मखाना खेती की तैयारियों का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “मखाना खेती नगरी वनांचल क्षेत्र के लिए आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन सकती है। स्व-सहायता समूहों को तकनीकी प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं विपणन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। हमारा प्रयास है कि धमतरी जिला प्रदेश में मखाना उत्पादन का मॉडल विकसित करे।”

कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि कृषि एवं उद्यानिकी विभाग समन्वय बनाकर किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करें तथा जल प्रबंधन एवं फसल संरक्षण पर विशेष ध्यान दें। आने वाले समय में चरणबद्ध रूप से रकबे का विस्तार कर अधिक से अधिक समूहों को इस पहल से जोड़ा जाएगा। जिला प्रशासन की इस पहल से नगरी वनांचल क्षेत्र में आर्थिक सशक्तिकरण की नई संभावनाएं साकार होती दिखाई दे रही हैं।


धमतरी में रिकॉर्ड रफ्तार से धान खरीदी,किसानों को 409 करोड़ का हुआ भुगतान

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खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण किसानों को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं।

जिले में 10 दिसंबर तक 1,72,568.60 मी.टन धान खरीदा गया है, जिसके एवज में किसानों को 409.32 करोड़ रुपये का त्वरित भुगतान किया गया है। कुल 37,084 किसानों द्वारा धान विक्रय किए जाने से कृषि समुदाय को मजबूत आर्थिक संबल मिला है।

कस्टम मिलिंग में भी तेज प्रगति

कस्टम मिलिंग हेतु 5,52,336 मी.टन धान की अनुमति प्रदान की गई है, जिनमें से 4,54,272 मी.टन का अनुबंध मिलर्स से किया जा चुका है। अब तक 19,611 मी.टन धान का डी.ओ. जारी होने के साथ समितियों से 7,966 मी.टन धान का उठाव भी पूर्ण किया गया है। समितियों में 1,64,602.60 मी.टन धान शेष है, जिसके त्वरित उठाव के निर्देश दिए गए हैं।

टोकन सिस्टम से पारदर्शी खरीदी

टोकन आधारित व्यवस्था ने खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाया है। 10 दिसंबर तक 17,134 टोकन जारी किए गए, जिनसे 1,34,59.92 क्विंटल धान का उपार्जन दर्ज हुआ। इसी अवधि में 3,133 कृषकों ने 86.53 हेक्टेयर रकबे से धान बेचा है। लंबित आवेदन केवल 7 हैं, जिनका शीघ्र निराकरण किया जा रहा है।

अवैध परिवहन पर सख्ती

प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,652.40 क्विंटल धान एवं 02 वाहन जप्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 28 लाख रुपये आँकी गई है।

फोटो अपलोड एवं सत्यापन 99.68% पूर्ण

धान बेचने वाले 3,133 किसानों में से 3,123 किसानों ने फोटो अपलोड कर दिया है, जो 99.68 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है।

कृषक श्रेणीवार प्रगति

जिले में सीमांत, लघु और दीर्घ श्रेणी सहित 37,084 किसानों ने धान बेचा है। पंजीकृत 74,611 किसानों में से 18,768 किसानों ने अब तक विक्रय किया है। शेष किसानों को निर्धारित तारीखों के अनुसार टोकन के माध्यम से बुलाया जाएगा।

कमांड सेंटर से की जा रही है सतत निगरानी

कलेक्टर के निर्देशन में कमांड सेंटर द्वारा धान उपार्जन, रकबा समर्पण, शिकायत निवारण और फोटो सत्यापन की निरंतर समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर टोकन उपलब्ध कराया जाए, खरीदी बिना किसी बाधा के हो और भुगतान शीघ्र किसानों के खातों में पहुँचे। धमतरी जिले में धान खरीदी कार्य पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानहित में निर्बाध रूप से प्रगति पर है।

सख्त मॉनिटरिंग का असर—धमतरी में धान खरीदी तेज रफ्तार पर

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किसानों को मिल रहा त्वरित भुगतान

रायपुर- धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन पूरी पारदर्शिता, सुगमता और मजबूत प्रशासनिक निगरानी के साथ सुचारू रूप से जारी है। जिले की 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 100 उपार्जन केन्द्रों में कुल 1,27,851 किसानों द्वारा 1,19,541.09 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत किया गया है, जिनमें 76,046 सीमांत, 49,493 लघु और 2,312 दीर्घ किसान शामिल हैं।

तेज़ी से हो रही खरीदी, किसानों को हर दिन भुगतान

15 से 28 नवम्बर 2025 के बीच 17,580 किसानों से 81,704.52 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। खरीदी गई उपज का कुल मूल्य 193.86 करोड़ रुपये है, जिसका निर्वहन प्रतिदिन नियमित रूप से किसानों के खातों में किया जा रहा है।

100 केन्द्रों पर नोडल अधिकारी—व्यवस्था और पारदर्शिता पर पैनी नजर

जिले ने खरीदी व्यवस्था को मजबूत करने प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। अधिकारी हर सप्ताह स्थल निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानों के अनुकूल रहे।

कोचियों पर नकेल—अवैध भंडारण व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई

अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर रोक के लिए राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता और मंडी विभाग का संयुक्त उड़नदस्ता दल सक्रिय है। उड़ीसा सीमा से सटे बोराई (घुटकेल), बांसपानी, बनरौद और सांकरा चेकपोस्ट पर 24×7 निगरानी की व्यवस्था की गई है।अब तक अवैध परिवहन/भंडारण के 28 प्रकरण दर्ज, कुल 1,253 मीट्रिक टन धान और दो वाहन जप्त किए गए हैं। कार्रवाई निरंतर जारी है।

कस्टम मिलिंग में गति

विपणन वर्ष 2024-25 में अर्जित धान की मिलिंग हेतु जिले में 102 राइस मिलों का पंजीयन हुआ है। इनमें से 55 मिलों को 2,51,552 मीट्रिक टन धान उठाव की अनुमति दी गई है, जबकि 1,99,248 मीट्रिक टन का अनुबंध पूरा किया जा चुका है।

शिकायतों के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय

कलेक्टोरेट के कक्ष क्रमांक 11 में जिले का कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित है। अभी तक प्राप्त 17 में से 14 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष 3 पर कार्यवाही जारी है।इसके लिए

07722-232808 पर सम्पर्क किया जा सकता है। धमतरी जिला प्रशासन किसानों को सुविधा, सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ धान खरीदी उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है।

राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में धमक, धमतरी और रायपुर के खिलाड़ियों ने दिखाई अपनी ताकत

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छत्तीसगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में धमतरी और रायपुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में कुल 364 प्रतिभागियों ने अपनी कराटे कुशलता का प्रदर्शन किया और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले का अनुभव कराया।

प्रतियोगिता में 9 से 60 वर्ष तक के विभिन्न आयु समूहों के खिलाड़ी शामिल हुए, जिससे राज्य में मार्शल आर्ट्स के प्रति बढ़ते हुए उत्साह और प्रतिभा का पता चलता है। युवा खिलाड़ियों ने अपनी फुर्ती, तकनीक और सामरिक कौशल से जजों और दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं वरिष्ठ खिलाड़ियों ने अनुभव और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

आयोजकों ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और मार्शल आर्ट्स के महत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न प्रकार की कराटे तकनीकों, किकिंग और पिनिंग की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने अपनी मेहनत और लगन का परिचय दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं न सिर्फ खेल कौशल बढ़ाती हैं, बल्कि युवा पीढ़ी में अनुशासन, आत्म-रक्षा और शारीरिक फिटनेस के महत्व को भी उजागर करती हैं। इस चैंपियनशिप ने छत्तीसगढ़ में मार्शल आर्ट्स के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


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