Media24Media.com: #YouthInnovation

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #YouthInnovation. Show all posts
Showing posts with label #YouthInnovation. Show all posts

भारत–यूरोपीय संघ (EU) आइडियाथॉन: “समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने” पर सहयोगी पहल सफलतापूर्वक सम्पन्न

No comments Document Thumbnail

भारत–EU ट्रेड और टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC) के कार्य समूह 2, हरित और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के अंतर्गत आयोजित “समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने” विषयक भारत–EU आइडियाथॉन का समापन 10 दिसंबर 2025 को भुवनेश्वर सिटी नॉलेज इनोवेशन क्लस्टर (BCKIC), कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT-DU), भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित अंतिम समारोह के साथ हुआ। यह आयोजन भारतीय प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (OPSA) और भारत में यूरोपीय संघ प्रतिनिधिमंडल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक सहयोगी पहल का प्रतीक था।

डॉ. पर्विंदर माइनि, वैज्ञानिक सचिव, OPSA ने मुख्य भाषण में कहा कि इस आइडियाथॉन ने भारतीय और यूरोपीय संस्थानों के समन्वित प्रयासों को प्रदर्शित किया है, जिससे समुद्री प्लास्टिक नियंत्रण के लिए प्रारंभिक स्तर की नवाचार गतिविधियों को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा, “इस आइडियाथॉन ने दिखाया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच समन्वित वैज्ञानिक सहयोग प्रभावशाली और पैमाने पर लागू होने वाले समाधानों को जन्म दे सकता है। युवा नवप्रवर्तकों ने रचनात्मकता, वैज्ञानिक सटीकता और सामुदायिक दृष्टिकोण के माध्यम से इस वैश्विक चुनौती का सामना करने की प्रतिबद्धता दिखाई।”

सुश्री सिग्ने राटसो, उप महानिदेशक, अनुसंधान और नवाचार निदेशालय, यूरोपीय आयोग ने अपनी बात रखते हुए TTC तंत्र के अंतर्गत सहयोगी अनुसंधान को मजबूत करने के लिए EU की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “हमें प्रसन्नता है कि भारत और EU इन क्षेत्रों में मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि नदी और समुद्री पारिस्थितिक तंत्र और मानव स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।”

डॉ. राकेश कौर, सलाहकार/वैज्ञानिक ‘G’, OPSA ने उद्घाटन भाषण में कहा कि आइडियाथॉन ने दोनों क्षेत्रों के वैज्ञानिक विशेषज्ञता, नवाचार और प्रारंभिक उद्यमशील सोच का संगम सुनिश्चित किया। समारोह का स्वागत भाषण डॉ. हाफ्सा अहमद, वैज्ञानिक ‘D’, OPSA ने दिया।

किनचित बिहानी, अनुसंधान एवं नवाचार सलाहकार, EU प्रतिनिधिमंडल ने आइडियाथॉन की मुख्य गतिविधियों जैसे डिज़ाइन-थिंकिंग कार्यशालाएँ, मार्गदर्शन सत्र और पिच प्रशिक्षण को प्रस्तुत किया। निएंके बुइस्मैन, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग इकाई प्रमुख, यूरोपीय आयोग ने समापन भाषण में प्रस्तुत विचारों की उच्च गुणवत्ता की सराहना की और कहा कि इस पहल ने TTC फ्रेमवर्क के अंतर्गत भारत–EU साझेदारी की मजबूती को और बढ़ाया।

अंतिम चरण में चयनित टीमों ने तीन चुनौती क्षेत्रों में अपने समाधान प्रस्तुत किए:

  • चुनौती 1: समुद्री प्लास्टिक की पहचान और ट्रैकिंग

  • चुनौती 2: प्रभावी और पैमाने पर लागू होने वाली निकासी तकनीकों का विकास

  • चुनौती 3: जागरूकता बढ़ाना और समुदायों को रोकथाम में संलग्न करना

जूरी में भारतीय और यूरोपीय विशेषज्ञ शामिल थे। निर्णायक प्रक्रिया के बाद शीर्ष तीन विजेता टीमों की घोषणा की गई:

  • चुनौती 1: Ocean Resilience India

  • चुनौती 2: Nautilus Nexus

  • चुनौती 3: TrashTrek App

प्रत्येक विजेता टीम को INR 5,00,000 नकद पुरस्कार और समाधान के आगे विकास के लिए इनक्यूबेशन समर्थन प्रदान किया गया। प्रमाणपत्र विजेताओं और अंतिम चयनित टीमों को भी प्रदान किए गए।

इस कार्यक्रम में भारत और यूरोपीय संघ के 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्पेन, जर्मनी, नीदरलैंड, इटली, बेल्जियम, स्लोवेनिया, साइप्रस और लातविया से अधिकारी, शोधकर्ता, स्टार्टअप, उद्योग और नागरिक समाज संगठन शामिल थे। यह आइडियाथॉन भारत और EU की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वे समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए टिकाऊ, नवाचारपूर्ण और सामुदायिक-केंद्रित तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। TTC कार्य समूह 2 आगे भी भारत–EU सहयोग को बढ़ावा देगा और भविष्य की संयुक्त पहलों का समर्थन करेगा।

छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप संस्कृति को नई उड़ान: टेकस्टार्स स्टार्टअप वीकेंड का सफल आयोजन, युवाओं को मिला वैश्विक मंच

No comments Document Thumbnail

रायपुर- छत्तीसगढ़ में युवाओं के नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत आधार देने की दिशा में धमतरी जिले ने ऐतिहासिक पहल की है। विश्वस्तरीय स्टार्टअप एक्सीलरेटर टेकस्टार्स के सहयोग से जिला प्रशासन धमतरी तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 28 से 30 नवंबर 2025 तक तीन दिवसीय टेकस्टार्स स्टार्टअप वीकेंड धमतरी का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन पहली बार प्रदेश के किसी गैर-महानगरीय जिले में आयोजित हुआ, जिसने धमतरी को उभरते स्टार्टअप हब के रूप में नई पहचान दिलाई है।

स्टार्टअप वीकेंड में 100 से अधिक युवा प्रतिभागियों, 50 संभावित स्टार्टअप टीमों, 20 अनुभवी मेंटर्स और 10 से अधिक निवेशकों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को 54 घंटों तक सतत कार्य करते हुए अपने विचारों को निवेश योग्य मॉडल में बदलने, बिजनेस मॉडल बनाने, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केट एनालिसिस, पिच डेक निर्माण और स्केलिंग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

मेंटर्स ने टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, एग्री-इनोवेशन, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, पर्यटन, डिजिटलीकरण और एंटरटेनमेंट सेक्टर के स्टार्टअप आइडियाज पर विशेष मार्गदर्शन दिया। कई अभिनव विचार निवेशकों की विशेष रुचि का केंद्र बने।

जिला प्रशासन की पहल—धमतरी को स्टार्टअप मैप पर स्थापित करने का लक्ष्य

जिला कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने आयोजन को धमतरी के नवाचार तंत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि हमारा  उद्देश्य है कि धमतरी के युवाओं को बड़े शहरों जैसी सभी स्टार्टअप सुविधाएँ और अवसर यहीं मिलें। स्टार्टअप वीकेंड ने सिद्ध किया कि यहां के युवा न केवल रचनात्मक हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। यह आयोजन आगे भी प्रत्येक वर्ष जारी रहेगा, जिससे जिले में उद्यमिता का मजबूत इकोसिस्टम स्थापित होगा 

एआईसी महिंद्रा के सीईओ और कार्यक्रम फैसिलिटेटर इस्माइल अकबानी ने इसे छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा और सुव्यवस्थित स्टार्टअप वीकेंड बताया।

ग्लोबल एक्सीलरेटर टेकस्टार्स से स्थानीय प्रतिभाओं को लाभ

टेकस्टार्स के बारे में जानकारी देते हुए विकासगढ़ के संस्थापक मेराज मीर ने बताया कि 2006 से विश्वभर में स्टार्टअप्स को गति देने वाले इस प्लेटफॉर्म की विशेषज्ञता अब सीधे धमतरी के युवाओं तक पहुंच रही है, जिससे उन्हें व्यापक नेटवर्किंग और निवेश अवसर मिलेंगे।

जिला प्रशासन ने बताया कि   स्टार्टअप संस्कृति को संस्थागत रूप देने के लिए धमतरी में आगे भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहेंगे। इससे युवाओं को निरंतर मेंटरशिप, फंडिंग एक्सपोज़र और बिजनेस नेटवर्क प्राप्त होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में स्काईरूट के इन्फिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया

No comments Document Thumbnail

हैदराबाद- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट के इन्फिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत आज अंतरिक्ष क्षेत्र में अभूतपूर्व अवसरों का साक्षी है, और निजी क्षेत्र की भागीदारी से देश का अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से प्रगति कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने स्काईरूट के इन्फिनिटी कैंपस को भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने संस्थापक पवन कुमार चंदाना और नागा भरत ढाका को युवा अंतरिक्ष उद्यमियों के प्रेरक उदाहरण के रूप में सराहा। उन्होंने कहा कि इन दोनों ने खुद पर विश्वास किया, जोखिम उठाने से नहीं हिचकिचाए, और आज पूरा देश उनके सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा की शुरुआत सीमित संसाधनों से हुई, लेकिन महत्वाकांक्षाओं की कोई सीमा नहीं थी, बताते हुए कहा कि “रॉकेट पार्ट्स को साइकिल पर लेकर ISRO की विश्वसनीय लॉन्च क्षमताओं तक, भारत ने यह साबित किया कि सपनों की ऊँचाई संसाधनों से नहीं, बल्कि संकल्प से तय होती है।” उन्होंने ISRO की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि दशकों से यह भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई ऊँचाई पर ले जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते समय में अंतरिक्ष क्षेत्र का विस्तार स्पष्ट है, क्योंकि यह संचार, कृषि, समुद्री निगरानी, शहरी नियोजन, मौसम पूर्वानुमान और राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार बन गया है। इसी कारण से सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार लागू किए और निजी नवाचार के लिए इसे खोला। उन्होंने बताया कि IN-SPACe की स्थापना स्टार्टअप और उद्योग को ISRO की सुविधाओं एवं तकनीक तक पहुँच प्रदान करने के लिए की गई।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनरेशन-Z युवा शक्ति की सराहना की, जिन्होंने सीमित संसाधनों के साथ भी 300 से अधिक अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को गति दी है। उन्होंने कहा कि यही युवा भारत में निजी अंतरिक्ष क्रांति को जन्म दे रहे हैं, और रॉकेट प्रणालियों, उपग्रह प्लेटफॉर्म्स और कंपोजिट मैटीरियल जैसे क्षेत्रों में नए नवाचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि छोटे उपग्रहों की मांग और लॉन्च आवृत्तियाँ दुनिया भर में बढ़ रही हैं, और अंतरिक्ष अब एक रणनीतिक संपत्ति बन गया है। प्रधानमंत्री ने भारत की अंतरिक्ष क्षमता को विश्वसनीय और लागत-प्रभावी बताते हुए कहा कि वैश्विक कंपनियाँ भारत में उपग्रह निर्माण और लॉन्च सेवाओं में निवेश करना चाहती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि भारत अब केवल ऐप्स और सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि डीप-टेक, निर्माण और हार्डवेयर नवाचार की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक कदमों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह भारत के तकनीकी भविष्य की नींव मजबूत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार युवाओं, स्टार्टअप्स, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और उद्यमियों के हर कदम पर उनके साथ है। उन्होंने स्काईरूट टीम को बधाई दी और सभी को प्रेरित किया कि वे 21वीं सदी को भारत की सदी बनाएं, चाहे वह पृथ्वी पर हो या अंतरिक्ष में।

पृष्ठभूमि:

स्काईरूट का इन्फिनिटी कैंपस लगभग 2,00,000 वर्ग फीट में फैला अत्याधुनिक सुविधा केंद्र है, जहाँ हर महीने एक आर्बिटल रॉकेट का निर्माण किया जा सकता है। स्काईरूट, भारत की प्रमुख निजी अंतरिक्ष कंपनी है, जिसे IIT के पूर्व वैज्ञानिक पवन चंदाना और भरत ढाका ने स्थापित किया है। नवंबर 2022 में, स्काईरूट ने अपना सब-ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-S लॉन्च किया, जिससे यह भारत की पहली निजी कंपनी बनी जिसने रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजा।


THINQ 25 – भारतीय नौसेना क्विज़ का भव्य समापन: जयश्री परिवाल हाई स्कूल जयपुर बनी विजेता

No comments Document Thumbnail

एज़िमाला-THINQ 25 – भारतीय नौसेना क्विज़ का ग्रैंड फिनाले भारतीय नौसेना अकादमी (INA), एज़िमाला में बड़े उत्साह और जीवंतता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर नौसेना प्रमुख, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। यह कार्यक्रम ज्ञान, नवाचार और भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का उत्सव मनाने वाली एक राष्ट्रीय बौद्धिक यात्रा का समापन था।

इस वर्ष के संस्करण का विषय “महासागर” रखा गया था, जो अन्वेषण, उत्कृष्टता और युवा वर्ग में समुद्री चेतना को बढ़ावा देने के भारतीय नौसेना के संकल्प को दर्शाता है। देशभर के हजारों प्रतिभागियों में से 16 स्कूलों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया, जो उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे।

शीर्ष आठ टीमों ने ग्रैंड फिनाले में प्रवेश किया और THINQ-25 ट्रॉफी के लिए बौद्धिक क्षमता, टीमवर्क और जिज्ञासा की स्पर्धा में भाग लिया।

फाइनलिस्ट स्कूल:

  • जयश्री परिवाल हाई स्कूल, जयपुर

  • भारतीय विद्या भवन, कन्नूर

  • सुभोध पब्लिक स्कूल, जयपुर

  • शिक्षा निकेतन, जमशेदपुर

  • पद्मा शेषाद्रि बाला भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चेन्नई

  • कैम्ब्रिज कोर्ट हाई स्कूल, जयपुर

  • डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, कानपुर

  • पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, समस्तीपुर

जयश्री परिवाल हाई स्कूल, जयपुर ने विजेता के रूप में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, समस्तीपुर रनर-अप के रूप में उभरा, और इस प्रकार THINQ 25 का समापन प्रेरक और शानदार ढंग से हुआ।

इस अवसर पर, नौसेना प्रमुख ने युवा प्रतिभागियों की उत्सुकता, जागरूकता और भारत की समुद्री विरासत की गहन समझ की सराहना की। उन्होंने युवाओं में जिज्ञासा बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर दिया—ऐसे गुण जो भविष्य के समुद्री नेताओं और विचारकों को आकार देंगे।

ग्रैंड फिनाले भारतीय नौसेना के आधिकारिक यूट्यूब और फेसबुक पेज पर लाइव स्ट्रीम किया गया, जिसने देशभर के स्कूलों, नौसेना प्रतिष्ठानों और समुद्री उत्साही दर्शकों से उत्साहपूर्ण भागीदारी और दर्शक संख्या हासिल की।

जैसे-जैसे ज्ञान की लहरें बढ़ती रहेंगी, भारतीय नौसेना THINQ 26 की ओर देख रही है, जो नई पीढ़ी को खोज, सहभागिता और उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगी—ज्ञान और खोज की इस यात्रा को जारी रखते हुए।


तीन प्रमुख ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के लिए आवेदन शुरू — कुल पुरस्कार राशि ₹5.85 करोड़

No comments Document Thumbnail

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा सितंबर 2025 में घोषित तीन प्रमुख ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन प्रतियोगिताओं की कुल पुरस्कार राशि ₹5.85 करोड़ रखी गई है। 

ये तीन पहलें —
1️⃣ AI for All: Global Impact Challenge,
2️⃣ AI by HER: Global Impact Challenge, 
3️⃣ YUVAi: Global Youth Challenge —
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ऐसे परिवर्तनकारी नवाचारों की पहचान, पोषण और प्रदर्शन के लिए शुरू की गई हैं, जिनमें सामाजिक और आर्थिक प्रभाव उत्पन्न करने की अपार क्षमता है।

प्रतियोगिताएं आधिकारिक वेबसाइट https://impact.indiaai.gov.in/ पर लाइव हैं। चयनित विजेताओं को मेंटॉरशिप, निवेशकों तक पहुंच, क्लाउड/कंप्यूट समर्थन और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर अपने विचारों को विस्तार देने का अवसर मिलेगा।

चयनित नवाचारों को इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (19–20 फरवरी 2026, नई दिल्ली) में प्रदर्शित किया जाएगा।

🔹 1. AI for All: Global Impact Challenge

यह प्रतियोगिता ऐसे एआई नवाचारों के लिए है जो राष्ट्रीय और वैश्विक जरूरतों को बड़े पैमाने पर पूरा करने में सक्षम हैं।
मुख्य क्षेत्र: कृषि, जलवायु व स्थिरता, शिक्षा, वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य, विनिर्माण, शहरी अवसंरचना व मोबिलिटी, और वाइल्डकार्ड/ओपन इनोवेशन।

पुरस्कार और सहयोग:

  • शीर्ष 10 विजेताओं के लिए ₹2.5 करोड़ तक के पुरस्कार।

  • 20 फाइनलिस्ट को इंडिया-एआई समिट में भाग लेने के लिए यात्रा सहायता।

  • निवेशकों, मेंटर्स और क्लाउड सुविधाओं तक पहुंच।
    पात्रता: विश्वभर के छात्र, शोधकर्ता, पेशेवर, कंपनियां और स्टार्टअप्स जिनके पास पायलट स्तर का या तैयार एआई समाधान हो।

🔹 2. AI by HER: Global Impact Challenge

यह विशेष रूप से महिला-नेतृत्व वाले एआई नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिता है। इसका आयोजन निति आयोग के वुमन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP) द्वारा किया जा रहा है।

मुख्य क्षेत्र: कृषि, साइबर सुरक्षा, डिजिटल वेलबीइंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा व जलवायु, और वाइल्डकार्ड/ओपन इनोवेशन।

पुरस्कार और सहयोग:

  • शीर्ष 10 विजेताओं को ₹2.5 करोड़ तक के पुरस्कार।

  • 30 फाइनलिस्ट को यात्रा सहायता।

  • जिम्मेदार एआई, निवेश तैयारी और स्टोरीटेलिंग पर वर्चुअल बूटकैंप।

  • निवेशकों के साथ विशेष सत्र और अवसर।
    पात्रता: महिला-नेतृत्व वाली टीमें, छात्र टीमें या महिला-नेतृत्व वाले संस्थान जिनके पास कार्यशील प्रोटोटाइप या एआई समाधान हो।

🔹 3. YUVAi: Global Youth Challenge

यह पहल 13–21 वर्ष के युवा नवाचारकों के लिए है, ताकि वे सार्वजनिक हित में एआई आधारित समाधान विकसित कर सकें।

मुख्य क्षेत्र: सामुदायिक सशक्तिकरण, प्रमुख क्षेत्रों में परिवर्तन, और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण।

पुरस्कार और सहयोग:

  • कुल ₹85 लाख की पुरस्कार राशि।

  • शीर्ष 3 विजेताओं को ₹15 लाख प्रत्येक,

  • अगले 3 को ₹10 लाख प्रत्येक,

  • 2 विशेष मान्यता पुरस्कार ₹5 लाख प्रत्येक।

  • शीर्ष 20 प्रतिभागियों को यात्रा सहायता।

  • 10-दिवसीय वर्चुअल बूटकैंप और निवेशकों के सामने प्रस्तुति का अवसर।
    पात्रता: 13–21 वर्ष के युवा जिनके पास कार्यशील प्रोटोटाइप या एआई समाधान है।

🔹 प्रमुख तिथियां

  • आवेदन प्रारंभ: 10 अक्टूबर 2025

  • अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2025

  • वर्चुअल बूटकैंप: नवंबर 2025

  • फाइनलिस्ट की घोषणा: 31 दिसंबर 2025

  • ग्रैंड शोकेस: फरवरी 19–20, 2026 (नई दिल्ली)

🔹 आवेदन प्रक्रिया

सभी प्रतियोगिताओं के लिए आवेदन www.impact.indiaai.gov.in पोर्टल पर किए जा सकते हैं।
प्रत्येक चुनौती के पृष्ठ पर पात्रता, समयसीमा, दिशानिर्देश, और सामान्य प्रश्नों से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।


शिक्षा मंत्रालय और अटल इनोवेशन मिशन ने लॉन्च किया विकसित भारत बिल्डथॉन 2025

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली-शिक्षा मंत्रालय, अटल इनोवेशन मिशन और नीति आयोग के सहयोग से विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 की शुरुआत की गई। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा छात्र नवाचार अभियान है, जिसका उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को जोड़ना और उन्हें Viksit Bharat @2047 के विज़न की दिशा में प्रेरित करना है।

इस बिल्डथॉन में छात्रों को टीम बनाकर रचनात्मक सोच विकसित करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए आइडिया और प्रोटोटाइप बनाने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के चार प्रमुख राष्ट्रीय महत्व वाले विषय हैं:

  • आत्मनिर्भर भारत – स्वावलंबी प्रणाली और समाधान तैयार करना

  • स्वदेशी – देशी विचार और नवाचार को बढ़ावा देना

  • वोकल फॉर लोकल – स्थानीय उत्पादों, शिल्प और संसाधनों को बढ़ावा देना

  • समृद्धि – स्थायी विकास और समृद्धि के मार्ग बनाना

इसमें पूरे देश के छात्र, शिक्षक और स्कूल भाग लेने के लिए आमंत्रित हैं। यह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर रचनात्मकता, नवाचार और समस्या समाधान कौशल दिखाने का प्लेटफॉर्म है।

बिल्डथॉन की विशेषताएँ:

  • दुनिया की सबसे बड़ी लाइव नवाचार गतिविधि में छात्रों का सहयोग

  • हैंड्स-ऑन और अनुभव आधारित सीखना, जो NEP 2020 के अनुरूप है

  • समावेशी भागीदारी, विशेष रूप से अभिलाषी जिलों, आदिवासी और दूरदराज क्षेत्रों पर ध्यान

स्कूल अपने छात्रों के नवाचार के फोटो और वीडियो सबमिट करेंगे। एक राष्ट्रीय विशेषज्ञ पैनल इन एंट्रीज़ का मूल्यांकन करेगा और शीर्ष छात्र टीमों को पुरस्कार और दीर्घकालिक समर्थन प्रदान किया जाएगा। इसमें कॉर्पोरेट मेंटरशिप और संसाधन भी शामिल हैं।

कार्यक्रम का समय सारणी:

  • 23 सितंबर 2025: लॉन्च

  • 23 सितंबर – 6 अक्टूबर 2025: रजिस्ट्रेशन

  • 6 अक्टूबर – 12 अक्टूबर 2025: तैयारी गतिविधियाँ

  • 13 अक्टूबर 2025: पूरे देश में लाइव बिल्डथॉन

  • 14 – 31 अक्टूबर 2025: स्कूलों द्वारा एंट्री सबमिशन

  • नवंबर 2025: एंट्री का मूल्यांकन

  • दिसंबर 2025: विजेताओं की घोषणा

विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जो युवा मनों में नवाचार की ज्वाला प्रज्वलित करता है, आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करता है और छात्रों को देश की विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में योगदान देने का अवसर देता है।

हर छात्र को इस आंदोलन में भाग लेने और भविष्य के नवप्रवर्तक बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।


जम्मू-कश्मीर भारत के 2047 लक्ष्य की यात्रा में बनेगा प्रमुख योगदानकर्ता: डॉ. जितेंद्र सिंह

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी; पृथ्वी विज्ञान; तथा पीएमओ, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन विभाग, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत की 2047 की यात्रा में मशालधारक बनने का वादा रखता है।

कश्मीर विश्वविद्यालय में अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग के ATL सारथी और फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम के शुभारंभ के अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था रैंक 4 से 3 और आगे बढ़ रही है, मूल्य संवर्धन उन क्षेत्रों और संसाधनों से आएगा जो अब तक कम खोजे गए हैं, और जम्मू-कश्मीर दोनों ही मामलों में योग्य है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को उचित ध्यान केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता में आने के बाद ही मिला, और हिमालय और नदियों के विशाल संसाधनों को अरामा मिशन जैसी पहलों के माध्यम से नए अवसर मिले।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अगले दो दशकों में भारत की नवाचार-आधारित विकास कहानी में अग्रणी योगदानकर्ता के रूप में उभर सकता है।

ATL सारथी पहल के श्रीनगर में शुभारंभ पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह अवसर एक “द्वि-उत्सव” का प्रतीक है — कश्मीर विश्वविद्यालय के माध्यम से जम्मू-कश्मीर को भारत की विकास यात्रा में मुख्यधारा का हिस्सा बनाने के लिए, और AIM द्वारा इस क्षेत्र में अपने नवाचार नेटवर्क का विस्तार करने के लिए।

मंत्री ने घोषणा की कि फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम के तहत जम्मू-कश्मीर में 500 नए अटल टिंकरिंग लैब्स (ATLs) स्थापित किए जाएंगे, जो सीमांत क्षेत्रों के लिए स्वीकृत 2,500 लैब्स में सबसे बड़ा हिस्सा होंगे, और इसमें ₹100 करोड़ का निवेश होगा। ये लैब्स छात्रों को रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अत्याधुनिक उपकरणों से परिचित कराएँगी और उन्हें कम उम्र में नवाचार करने का अवसर देंगी।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले दशक में भारत की आर्थिक वृद्धि तकनीक-प्रेरित क्षेत्रों, जैसे अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी, महासागर और हिमालय से प्रेरित रही है, और आने वाले वर्षों में भी ये मूल्य संवर्धन में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगभग शून्य से बढ़कर 8 अरब डॉलर हो गई है और अगले दशक में यह 40–45 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है, जिसमें 400 से अधिक स्टार्टअप पहले से सक्रिय हैं।

मंत्री ने वैश्विक मानकों और सार्वजनिक-निजी साझेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “जब तक हम निजी खिलाड़ियों को शामिल करने का तरीका नहीं अपनाएंगे, हम वृद्धि को स्थायी नहीं बना सकते। अंतरिक्ष अनुसंधान में InSpace और जैव प्रौद्योगिकी में BIRAC जैसी पहल ने दिखाया है कि संरचित सहयोग कैसे सफल हो सकता है।”

डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर की भूमिका को अरामा मिशन और फूलों की खेती जैसे क्षेत्रों में उजागर किया, जिनसे पहले ही हजारों लैवेंडर और फूल आधारित स्टार्टअप्स पैदा हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “आज लगभग 3,500 लैवेंडर स्टार्टअप्स इस क्षेत्र में फल-फूल रहे हैं। युवा लोग कॉरपोरेट नौकरियों से लौटकर इन क्षेत्रों में उद्यमिता कर रहे हैं,” और जो अवसर केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित थे, वे अब विस्तारित हो रहे हैं।

नवाचार पाइपलाइन पर चर्चा करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के 50 छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर के स्कूल इनोवेशन मैराथन में टॉप 1,000 में स्थान बनाया, जो क्षेत्र की बढ़ती प्रतिभा का संकेत है। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे यह मिथक छोड़ दें कि स्टार्टअप केवल महानगरों में सफल हो सकते हैं, क्योंकि आज लगभग आधे स्टार्टअप्स टीयर 2 और टीयर 3 शहरों से आते हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने समापन में कहा, “जब हम भारत@2047 की बात करते हैं, तब इन टिंकरिंग लैब्स के छात्र अपने प्रमुख कार्यकाल में होंगे। ये विकसित भारत के मशालधारक होंगे, और जम्मू-कश्मीर पहले से ही राष्ट्रीय यात्रा का मशालधारक बनेगा।”

इस लॉन्च कार्यक्रम में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, शिक्षा मंत्री सकीना मसूद, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निलोफर खान, और AIM मिशन निदेशक डॉ. दीपक बागला भी उपस्थित थे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.