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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की समीक्षा बैठक में रिकॉर्ड प्रदर्शन, डिजिटल सुधार और वित्तीय समावेशन पर जोर

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वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव एम. नागराजू ने आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान उनके परिचालन, वित्तीय और रणनीतिक प्रदर्शन का आकलन किया गया। इस बैठक में DFS के विशेष सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एमडी एवं सीईओ तथा कार्यकारी निदेशक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान “आपकी पूँजी, आपका अधिकार (Your Money, Your Right)” शीर्षक से एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। यह पुस्तक देशभर में चलाए गए उस अभियान को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को उनके अनक्लेम्ड वित्तीय परिसंपत्तियों की पहचान करने और उन्हें वापस प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। इस पहल के तहत बैंकों, वित्तीय संस्थानों, नियामकों और अन्य हितधारकों के सहयोग से पिछले छह महीनों में लगभग ₹6,800 करोड़ की राशि लगभग 29 लाख लाभार्थियों को वापस की गई है।

बैठक में DFS की नवीनीकृत वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया। नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ तैयार यह पोर्टल अधिक सुगमता, सरल नेविगेशन और बेहतर सूचना प्रसार प्रदान करता है। यह वेबसाइट 23 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है और इसमें दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए विशेष सुविधाएँ भी शामिल हैं, जो समावेशी डिजिटल सेवा वितरण की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

समीक्षा के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के व्यवसाय वृद्धि, लाभप्रदता, परिसंपत्ति गुणवत्ता, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय समावेशन, डिजिटल बैंकिंग, एमएसएमई ऋण प्रवाह, साइबर सुरक्षा और परिचालन जोखिम प्रबंधन सहित विभिन्न पहलुओं का विस्तृत आकलन किया गया। बताया गया कि वित्त वर्ष 2025–26 में PSBs ने मजबूत वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन किया है। कुल बैंकिंग व्यवसाय लगभग ₹283.3 लाख करोड़ तक पहुँच गया, जबकि शुद्ध लाभ बढ़कर लगभग ₹1.98 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

बैठक में यह भी बताया गया कि सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) घटकर 1.93% और शुद्ध NPA घटकर 0.39% के ऐतिहासिक निम्न स्तर पर आ गई है, जो बैंकिंग प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री जन धन योजना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पीएम मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा और डिजिटल लेंडिंग जैसी वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

डिजिटल लोन प्रोसेसिंग, ई-केवाईसी, पेपरलेस सिस्टम और सरकारी प्लेटफॉर्म के एकीकरण जैसे उपायों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में एमएसएमई क्षेत्र को ऋण उपलब्धता बढ़ाने, साइबर सुरक्षा मजबूत करने और डिजिटल बैंकिंग प्रणाली को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

अंत में सचिव ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बदलते वैश्विक परिदृश्य में सतर्क रहते हुए दक्षता, पारदर्शिता और ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को समर्थन मिल सके।

“आपकी पूंजी, आपका अधिकार” : अदावी वित्तीय संपत्तियों की पहचान और वापसी हेतु राष्ट्रव्यापी पहल

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • “आपकी पूंजी, आपका अधिकार – Your Money, Your Right” एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता एवं सुविधा अभियान है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को उनकी अदावी (Unclaimed) वित्तीय संपत्तियों की पहचान कराने और उन्हें वापस दिलाने में सहायता करना है।
  • यह पहल बैंकों, बीमा, म्यूचुअल फंड, लाभांश, शेयर तथा सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़ी अदावी बचत को संबोधित करती है, जो विनियमित वित्तीय प्रणाली के भीतर सुरक्षित रूप से रखी गई हैं।
  • वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) द्वारा वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के साथ समन्वय में संचालित यह अभियान डिजिटल पोर्टलों और जिला-स्तरीय सुविधा शिविरों को जोड़ता है।
  • सरकारी विभागों, नियामकों और वित्तीय संस्थानों के समन्वित प्रयासों से अब तक लगभग ₹2,000 करोड़ की राशि वास्तविक हकदारों को लौटाई जा चुकी है।

परिचय (Introduction)

पीढ़ियों से भारतीय परिवारों ने सावधानीपूर्वक बचत की है—बैंक खाते खोलकर, बीमा पॉलिसियाँ लेकर, म्यूचुअल फंड में निवेश कर, शेयरों से लाभांश अर्जित कर तथा सेवानिवृत्ति के लिए धन सुरक्षित रखकर। ये निर्णय बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य आवश्यकताओं और वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की आशा के साथ लिए जाते हैं।

लेकिन समय के साथ इन मेहनत की कमाई में से एक बड़ा हिस्सा अदावी रह गया है। यह धन न तो गायब हुआ है और न ही दुरुपयोग हुआ है—यह विनियमित वित्तीय संस्थानों के पास सुरक्षित है। जागरूकता की कमी, पुराने रिकॉर्ड, निवास परिवर्तन, या दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण कई परिवारों को इन संपत्तियों की जानकारी ही नहीं होती।

Your Money, Your Right इसी उद्देश्य से शुरू किया गया प्रयास है—नागरिकों को उनकी भूली-बिसरी वित्तीय संपत्तियों से पुनः जोड़ना और यह सुनिश्चित करना कि उनका धन अंततः उन्हीं तक पहुँचे।

अदावी वित्तीय संपत्तियाँ क्या हैं? (What Are Unclaimed Financial Assets)

जब किसी वित्तीय संस्था के पास रखा धन लंबे समय तक खाताधारक या उसके वैध उत्तराधिकारियों द्वारा दावा नहीं किया जाता, तो वह अदावी वित्तीय संपत्ति कहलाता है। इनमें शामिल हैं:

  • 10 वर्ष या उससे अधिक समय से निष्क्रिय बैंक जमा (बचत, चालू, एफडी, आरडी)

  • देय तिथि के बाद भी अप्रदत्त बीमा पॉलिसी की राशि

  • म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन/लाभांश जो बैंक खाते में जमा न हो पाए

  • अदावी लाभांश और शेयर जो वैधानिक प्राधिकरणों को स्थानांतरित हो गए हों

  • पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ जिनका समय पर दावा नहीं किया गया हो

ये संपत्तियाँ अक्सर नौकरी के लिए स्थानांतरण, संपर्क विवरण में बदलाव, पुराने खाते बंद होने या परिवार/उत्तराधिकारियों को जानकारी न होने के कारण अदावी रह जाती हैं।

“आपकी पूंजी, आपका अधिकार” पहल

अक्टूबर 2025 में सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए “आपकी पूंजी, आपका अधिकार – Your Money, Your Right” पहल शुरू की।
यह पहल वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग द्वारा, निम्न नियामकों के सहयोग से संचालित है:

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)

  • बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI)

  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI)

  • निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण (IEPFA)

  • पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA)

मुख्य उद्देश्य है—नागरिकों को उनकी वैध वित्तीय संपत्तियों की पहचान, पहुँच और दावा करने में सरल, पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से सहायता करना।

अदावी धन की व्यापकता (The Scale of Unclaimed Money)

  • बैंकों में अदावी जमा: लगभग ₹78,000 करोड़

  • अदावी बीमा राशि: लगभग ₹14,000 करोड़

  • म्यूचुअल फंड में अदावी राशि: लगभग ₹3,000 करोड़

  • अदावी लाभांश: लगभग ₹9,000 करोड़

ये आँकड़े दर्शाते हैं कि नागरिकों की बड़ी मात्रा में बचत आज भी उपयोग में नहीं आ पा रही है।

अदावी संपत्तियाँ क्यों महत्वपूर्ण हैं? (Why Unclaimed Assets Matter)

अदावी धन केवल आँकड़ा नहीं है—यह परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आपात स्थितियों में सहारा बन सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह पेंशन या बीमा लाभ के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रणालीगत स्तर पर, अदावी संपत्तियाँ औपचारिक वित्तीय व्यवस्था में नागरिकों के भरोसे और सहभागिता को कमजोर करती हैं। यह पहल उस भरोसे को मजबूत करती है।

डिजिटल पोर्टल

1. UDGAM पोर्टल (अदावी बैंक जमा)

RBI द्वारा विकसित यह पोर्टल विभिन्न बैंकों में अदावी जमाओं की केंद्रीय खोज सुविधा देता है।

2. बीमा भरोसा पोर्टल (अदावी बीमा राशि)

बीमा पॉलिसीधारकों/नामांकितों को अदावी बीमा राशि खोजने में सहायता करता है।

3. MITRA पोर्टल (म्यूचुअल फंड)

MF Central पर उपलब्ध यह प्लेटफॉर्म अदावी/निष्क्रिय म्यूचुअल फंड निवेश की पहचान में मदद करता है।

4. IEPFA पोर्टल (लाभांश और शेयर)

7 वर्ष से अदावी लाभांश/शेयर IEPFA को स्थानांतरित होते हैं, जिन्हें कभी भी दावा किया जा सकता है।

ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन

अक्टूबर–दिसंबर 2025 के बीच यह तीन माह का राष्ट्रव्यापी अभियान रहा, जिसमें सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश शामिल हुए।
3A फ्रेमवर्क—जागरूकता (Awareness), पहुँच (Accessibility) और कार्रवाई (Action) पर आधारित इस अभियान के तहत 668 जिलों में सुविधा शिविर आयोजित हुए।
डिजिटल कियोस्क, हेल्पडेस्क और स्थानीय प्रशासन/वित्तीय संस्थानों के समन्वय से नागरिकों को सीधे सहायता मिली।

प्रगति और उपलब्धि (Progress Achieved)

  • लगभग ₹2,000 करोड़ की राशि वास्तविक हकदारों को लौटाई गई

  • नामांकन, दस्तावेज़ीकरण और रिकॉर्ड-कीपिंग के प्रति जागरूकता बढ़ी

  • वित्तीय समावेशन और प्रणाली में विश्वास मजबूत हुआ

निष्कर्ष (Conclusion)

“आपकी पूंजी, आपका अधिकार – Your Money, Your Right” एक नागरिक-केंद्रित पहल है, जो लोगों को उनकी वैध वित्तीय संपत्तियों से पुनः जोड़ती है।
जागरूकता, सरल पहुँच और समन्वित सुविधा के माध्यम से यह पहल वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक-प्रथम बनाती है, ताकि हर व्यक्ति की बचत सुरक्षित, सुलभ और हस्तांतरणीय बनी रहे।

प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान: ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ आंदोलन में भाग लें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नागरिकों से ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया। यह पहल लोगों को उनके अप्राप्त जमा, बीमा लाभ, लाभांश और अन्य वित्तीय संपत्तियों को पुनः प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए शुरू की गई है।

मोदी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने लिंक्डइन ब्लॉग में लिखा:

“यह एक अवसर है कि आप अपनी भूली हुई वित्तीय संपत्ति को नए अवसर में बदल सकें।

‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ आंदोलन में भाग लें!”

दिल्ली में ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान के मेगा कैंप को संबोधित किया गया

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नई दिल्ली- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज नई दिल्ली में आयोजित ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान के मेगा कैंप को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली बहुत मजबूत है और लोगों ने वर्षों से बैंकिंग सिस्टम पर विश्वास किया है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रशासन और सेवाओं का डिजिटलीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की विशेष प्राथमिकता रही है।

उन्होंने बताया कि 2014 से वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवाओं की डिलीवरी पर विशेष ध्यान दिया गया है। डिजिटलीकरण ने न केवल लेनदेन के तरीके बदले हैं बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचना को भी बदल दिया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार अब नागरिकों की अनक्लेम्ड संपत्तियों को डिजिटल माध्यम से लौटाने की जिम्मेदारी ले रही है। इस पहल के तहत दिल्ली सरकार भी समर्थन देगी और वित्त मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने में सक्षम बनाएगी कि ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ के तहत कैंप आयोजित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट, पॉलिसी, शेयर या म्यूचुअल फंड्स के बारे में जानकारी जांचें और अपने फंड्स का दावा करने के लिए इन कैंपों में उपस्थित हों। उन्होंने कहा, “यह केवल धन की वापसी नहीं है, बल्कि अधिकारों की बहाली, न्याय की पूर्ति और आपके हक की पुष्टि है। अब तक लगभग 850 करोड़ रुपये उनके असली मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।”

केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, “आज मुझे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होकर गर्व हो रहा है। यह पहल सरकार की उस सोच को दर्शाती है जो हमेशा नागरिक को केंद्र में रखती है।” उन्होंने बताया कि ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान के तहत अक्टूबर से दिसंबर के तीन महीनों में देश के हर जिले में कैंप आयोजित किए जाएंगे ताकि कोई भी नागरिक अपनी पुरानी जमा पूंजी से वंचित न रहे।

चौधरी ने बताया कि यह अभियान केवल पैसे के बारे में नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सम्मान और नागरिकों के अधिकारों के बारे में है। उन्होंने कई योजनाओं का उल्लेख किया जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती हैं, जिनमें PMJDY, PMJJBY, PMSBY, APY, PMMY और PM SVANidhi शामिल हैं।

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नगराजू ने कहा, “हमने इस अभियान के लिए 3A फ़्रेमवर्क – Awareness, Accessibility और Action अपनाया है। इससे हर नागरिक आसानी से प्रक्रिया को समझ सके और अपने फंड्स का दावा कर सके।” उन्होंने बताया कि अब तक देशभर में 272 जिलों में मेगा कैंप आयोजित किए जा चुके हैं और अगले चरण में 102 अतिरिक्त कैंप आयोजित किए जाएंगे।

नगराजू ने कहा कि इन सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप केवल दो महीनों में ही ₹18.87 अरब से अधिक राशि नागरिकों को वापस की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में डिपॉजिटेड एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड के तहत लंबित राशि 31 अगस्त, 2025 तक केवल ₹3,210.84 करोड़ है।

यह अभियान वित्त मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), IRDAI, SEBI, IEPFA, PFRDA और राज्य स्तर के बैंकर्स कमेटी के सहयोग से आयोजित किया गया है। मेगा कैंप में नागरिकों को अपने अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों जैसे कि बैंक जमा, बीमा पॉलिसी, शेयर, डिविडेंड और म्यूचुअल फंड्स के दावे करने की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

इस अभियान का उद्घाटन 4 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुजरात के गांधीनगर से किया गया था।

‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान न केवल नागरिकों के धन को लौटाने का माध्यम है, बल्कि यह वित्तीय जागरूकता, डिजिटल समावेशन और सरकार द्वारा सेवाओं की पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


निर्मला सीतारमण ने लॉन्च किया ‘आपकी पूँजी, आपका अधिकार’ अभियान, नागरिकों को अप्रयुक्त वित्तीय संपत्ति का दावा करने का अवसर

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गांधीनगर, गुजरात में आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रव्यापी जनजागरूकता अभियान “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई भी उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव एम. नागराजु, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के कार्यकारी निदेशक, IRDAI, SEBI, PFRDA के पूर्णकालिक सदस्य, केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस अभियान का संदेश बहुत सरल और प्रभावशाली है — “नागरिकों की हर बचत की एक-एक पाई उन्हीं या उनके परिवार को लौटनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “बैंक जमा, बीमा दावे, लाभांश, म्यूचुअल फंड शेष राशि और पेंशन जैसे अप्रयुक्त धन केवल कागज़ी आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह आम परिवारों की मेहनत की कमाई है — जो शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह अभियान “3A” — जागरूकता (Awareness), पहुँच (Accessibility) और कार्रवाई (Action) के सिद्धांतों पर आधारित होगा।

  • जागरूकता: नागरिकों को यह बताना कि वे अपने अप्रयुक्त धन को कैसे खोज सकते हैं।

  • पहुँच: सरल डिजिटल टूल और जिला-स्तरीय सहायता केंद्र उपलब्ध कराना।

  • कार्रवाई: दावों का समयबद्ध और पारदर्शी निपटारा सुनिश्चित करना।

उन्होंने कहा, “ये तीनों स्तंभ नागरिकों और वित्तीय संस्थानों के बीच की दूरी को खत्म करेंगे और हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने में सक्षम बनाएंगे।”

वित्त मंत्री ने गुजरात ग्रामीण बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों की सराहना की, जिन्होंने हाल के KYC और पुनः-KYC अभियानों के माध्यम से नागरिकों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़े रखा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों ने मौजूदा अभियान की सफलता की मजबूत नींव रखी है।

निर्मला सीतारमण ने सभी संस्थानों से आग्रह किया कि वे इसी समर्पण के साथ इस राष्ट्रव्यापी अभियान को आगे बढ़ाएँ, ताकि कोई भी नागरिक अपनी पूँजी से वंचित न रहे।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उन लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जिन्होंने विभिन्न संस्थानों से अपनी अप्रयुक्त जमा राशि वापस प्राप्त की।

राज्य वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने कहा कि इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत गुजरात से होना राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा, “अप्रयुक्त जमा धन शिक्षा, सशक्तिकरण और नागरिकों की आर्थिक आवश्यकताओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।”

इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह (सांसद, गांधीनगर) का संदेश भी प्रसारित किया गया। उन्होंने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आग्रह करते हुए कहा कि यह पहल सिर्फ अप्रयुक्त धन की वापसी भर नहीं, बल्कि जनविश्वास, गरिमा और सशक्तिकरण को मजबूत करने का प्रयास है।

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजु ने बताया कि अगस्त 2025 तक ₹75,000 करोड़ से अधिक की अप्रयुक्त जमा राशि RBI के जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष (DEAF) में स्थानांतरित की जा चुकी है।
इसके अलावा:

  • ₹13,800 करोड़ अप्रयुक्त बीमा दावे,

  • ₹3,000 करोड़ म्यूचुअल फंड शेष राशि, और

  • ₹9,000 करोड़ अवितरित लाभांश के रूप में पड़े हैं।

उन्होंने कहा, “नागरिकों के दावे शीघ्र, निष्पक्ष और बिना किसी बाधा के निपटाए जाएँ, ताकि उन्हें स्पष्टता और विश्वास के साथ अपनी पूँजी वापस मिल सके।”

अब तक 172 करोड़ से अधिक शेयर निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष (IEPF) में स्थानांतरित किए जा चुके हैं। यह अभियान भारत की वित्तीय समावेशन यात्रा — जन धन योजना, UPI और DBT — को आगे बढ़ाता है, ताकि नागरिक न केवल वित्तीय सेवाओं तक पहुँचें बल्कि अपनी स्वयं की पूँजी का दावा भी कर सकें।

इस अभियान के शुभारंभ के साथ, सरकार ने यह दोहराया कि वित्तीय समावेशन को पारदर्शी, सुलभ और प्रत्येक घर तक पहुँचाने के लिए उसकी प्रतिबद्धता अटूट है।

अभियान अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलाया जाएगा। नागरिकों की सहायता के लिए डिजिटल डेमो और हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएँगे, ताकि वे आसानी से अपनी अप्रयुक्त वित्तीय संपत्तियाँ खोज सकें और दावा कर सकें।

यह अभियान वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के समन्वय में चलाया जा रहा है, जिसमें RBI, SEBI, IRDAI, PFRDA और IEPFA के साथ बैंक, बीमा कंपनियाँ, म्यूचुअल फंड और पेंशन संस्थान शामिल हैं।

मुख्य बिंदु:

  1. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुजरात, गांधीनगर से राष्ट्रव्यापी अभियान “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” का शुभारंभ किया।

  2. अभियान का उद्देश्य नागरिकों को उनकी अप्रयुक्त जमा, बीमा, लाभांश, म्यूचुअल फंड और पेंशन से जोड़ना है।

  3. वित्त मंत्री ने कहा कि “अप्रयुक्त जमा केवल कागज़ी प्रविष्टियाँ नहीं, बल्कि आम परिवारों की मेहनत की कमाई हैं।”

  4. अभियान 3A रणनीति (Awareness-जागरूकता, Accessibility-पहुंच, Action-कार्रवाई) पर आधारित है।

  5. गुजरात राज्य वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने अभियान की शुरुआत पर गर्व जताया और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

  6. गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और इसे जनविश्वास, गरिमा और सशक्तिकरण के प्रयास के रूप में सराहा।

  7. वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजु ने बताया कि अगस्त 2025 तक ₹75,000 करोड़ से अधिक अप्रयुक्त जमा राशि DEAF में स्थानांतरित की जा चुकी है।

  8. अभियान अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलाया जाएगा।

  9. नागरिकों की सुविधा के लिए डिजिटल डेमो और हेल्पडेस्क की व्यवस्था की जाएगी।

  10. यह पहल भारत की वित्तीय समावेशन यात्रा (Jan Dhan, UPI, DBT) को आगे बढ़ाने और हर नागरिक को उनकी पूँजी वापस दिलाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।


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