Media24Media.com: #TextileIndustry

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #TextileIndustry. Show all posts
Showing posts with label #TextileIndustry. Show all posts

टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार! CM साय ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से की मुलाकात

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार और इससे रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री ने राज्य में कोसा सहित हथकरघा और पारंपरिक वस्त्रों की समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए इनके उत्पादन और बाजार को बढ़ाने के विषय पर केंद्रीय मंत्री से चर्चा की। साथ ही छोटे और स्थानीय उद्योगों को टेक्सटाइल क्षेत्र से जोड़ने, निवेश को बढ़ावा देने और कारीगरों व युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने से जुड़े विषय भी चर्चा में रहे।

मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश और उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के विषय पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोच को साकार कर रहा टेक्सटाइल पार्क, स्थानीय रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

No comments Document Thumbnail

मुख्यमंत्री की पहल पर नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में लग रही पहली यूनिट, 235 करोड़ का निवेश, 4600 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

81 एकड़ में विकसित हो रहा टेक्सटाइल पार्क, निवेशकों के लिए तैयार की जा रही सभी जरूरी अधोसंरचनाएं

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टेक्सटाइल पार्क में निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय की गंभीर कोशिशों से नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट लगने जा रही है। 235 करोड़ रुपए के निवेश से लगने वाली इस यूनिट से 4600 से अधिक लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून को टेक्सटाइल पार्क की पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां अपनी मेन्युफेक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के टेक्सटाइल व गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर तैयार करने के विजन को साकार करने नवा रायपुर में 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र तथा सहायक उद्योगों के लिए सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इस टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूमि आबंटित की जा चुकी है। इन तीनों इकाईयों द्वारा लगभग 445 करोड़ रुपए के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा नवा रायपुर में सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।

राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में विशेष प्राथमिकता दी है। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने महिला कर्मचारियों हेतु 6 हजार रुपए तथा पुरुष कर्मचारियों हेतु 5 हजार रुपए प्रतिमाह की रोजगार सहायता पांच वर्षों तक देने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपु से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

"नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत माध्यम बनेगा। हमारी सरकार यहां निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। हम छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे है। - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वारंगल में देश के पहले कार्यशील पीएम मित्र पार्क का किया उद्घाटन

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने आज  पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन किया। यह भारत के औद्योगिक और वस्त्र क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। लगभग 1695.54 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह देश का पहला कार्यशील  पीएम मित्र पार्क है, जो भारत सरकार के 5F विज़न — “Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign” — को साकार करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वारंगल का  पीएम मित्र पार्क देश में टेक्सटाइल क्रांति को नई गति देगा तथा विशेष रूप से महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

यह पार्क प्रस्तावित नागपुर-विजयवाड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NH-163G) और राष्ट्रीय राजमार्ग-163 के निकट स्थित है, जिससे रेलवे नेटवर्क और बंदरगाहों तक बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इससे वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी।

विश्वस्तरीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित इस पार्क में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया गया है, जिसमें विस्तृत आंतरिक सड़क नेटवर्क, समर्पित विद्युत उपकेंद्र और सुनिश्चित जलापूर्ति शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली तकनीक से युक्त Common Effluent Treatment Plant (CETP) भी स्थापित किया गया है।

1,327 एकड़ क्षेत्र में फैला यह पार्क भारत के वस्त्र उद्योग के विकास का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है और अब तक 62 प्रतिशत क्षेत्र आवंटित किया जा चुका है। इस परियोजना से लगभग 24,400 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जबकि हजारों लोगों को पहले ही रोजगार मिल चुका है।

भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय ने मार्च 2023 में तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में सात PM MITRA पार्क स्थापित करने को मंजूरी दी थी, ताकि देश में टेक्सटाइल अधोसंरचना को मजबूत किया जा सके।

तेलंगाना सरकार ने मार्च 2022 में वारंगल स्थित काकतिया मेगा टेक्सटाइल पार्क को PM MITRA योजना के तहत चयनित करने का प्रस्ताव दिया था। योजना के तहत इसे 200 करोड़ रुपये की विकास सहायता और 300 करोड़ रुपये की प्रतिस्पर्धात्मक प्रोत्साहन सहायता (सीआईएस) प्रदान की गई।

पीएम मित्र पार्क, वारंगल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली आधारित CETP उन्नयन, कॉमन बॉयलर सुविधा, श्रमिक छात्रावास विस्तार तथा 10 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है।

पार्क में उद्योगों के लिए आवंटित कुल 548 एकड़ भूमि में से 310 एकड़ भूमि  पीएम मित्र पार्क योजना की घोषणा के बाद आवंटित की गई है। यहां स्थापित उद्योगों को विश्वस्तरीय टेक्सटाइल अधोसंरचना के साथ-साथ पीएम मित्र पार्क योजना के तहत प्रतिस्पर्धात्मक प्रोत्साहन सहायता भी मिलेगी।

पार्क में स्थापित इकाइयों को केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। विशेष रूप से टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए लागू PLI योजना के तहत निवेश आकर्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में एवरटॉप टेक्सटाइल एंड अपैरल कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड भी PLI योजना की लाभार्थी कंपनी है, जो लगभग 1051 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और करीब 12,800 लोगों को रोजगार प्रदान करेगी। कंपनी का अनुमानित वार्षिक कारोबार 1990 करोड़ रुपये रहने की संभावना है।

पीएम मित्र पार्क योजना केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता, आधुनिक साझा अधोसंरचना, निवेशकों के विश्वास और राष्ट्रीय टेक्सटाइल रणनीति के साथ एकीकृत विकास मॉडल के माध्यम से भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने AEPC के वार्षिक पुरस्कार समारोह को किया संबोधित

No comments Document Thumbnail

भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (AEPC) के वार्षिक पुरस्कार समारोह में भाग लिया और भारत के परिधान निर्यात क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी।

इस अवसर पर अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि परिधान और वस्त्र क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है और अप्रत्यक्ष रूप से 10 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका का समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 2 प्रतिशत और विनिर्माण सकल मूल्य वर्धन (GVA) में लगभग 11 प्रतिशत का योगदान देता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने PM मित्र पार्क और समर्थ कौशल विकास कार्यक्रम जैसी प्रगतिशील नीतियों और योजनाओं के माध्यम से वस्त्र एवं परिधान उद्योग को सशक्त और बहुआयामी समर्थन प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र को वैश्विक शक्ति बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकारी पहलें तभी अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त करती हैं, जब उद्योग नवाचार और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ता है।

वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में भारतीय परिधान निर्यातकों द्वारा दिखाए गए लचीलापन और प्रगति की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संवाद कर रही है, जिसमें मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वार्ताएं भी शामिल हैं।

उपराष्ट्रपति ने उद्योग से एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे नए बाजारों की संभावनाओं को तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने मूल्य संवर्धन पर ध्यान देने, निर्यात विविधीकरण, आयात निर्भरता कम करने, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने तथा सतत निर्यात को अपनाने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि वस्त्र क्षेत्र श्रम-प्रधान है और कृषि के बाद देश में रोजगार का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। इस संदर्भ में उन्होंने श्रमिक कल्याण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

उपराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र के निर्यात दोगुने होने की संभावना है, जिससे बड़े पैमाने पर नए रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि परिधान क्षेत्र विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

वस्त्र उद्योग से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे तिरुपुर से आते हैं, जो भारत का प्रमुख होजरी और निटवियर केंद्र है, और उन्होंने इस क्षेत्र के विकास को करीब से देखा है। उन्होंने संसद सदस्य के रूप में तथा वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की वस्त्र उपसमिति के सह-अध्यक्ष के रूप में अपने अनुभवों को भी साझा किया।

उन्होंने सरकार और उद्योग के बीच सेतु के रूप में AEPC की भूमिका की सराहना की तथा परिषद की कॉफी टेबल बुक “Threads of Time: Story of India’s Textiles” का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर दिल्ली एनसीटी सरकार के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, AEPC के चेयरमैन सुधीर सेखड़ी, उपाध्यक्ष डॉ. ए. शक्तिवेल सहित वस्त्र एवं परिधान उद्योग के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शामी राव ने मुंबई में प्रमुख वस्त्र कार्यक्रमों और उद्योग पहलों की समीक्षा की

No comments Document Thumbnail

वस्त्र मंत्रालय की सचिव और वस्त्र समिति की अध्यक्ष, नीलम शामी राव ने मुंबई में दो दिवसीय विस्तृत दौरे की शुरुआत की, जिसमें मंत्रालय के विभिन्न संगठनों के चल रहे कार्यक्रमों, संस्थागत प्रदर्शन और नीतिगत कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। पहले दिन का फोकस हथकरघा और संबंधित क्षेत्रों पर रहा, जिसमें उनके साथ डॉ. एम. बीना, विकास आयुक्त (हथकरघा) थीं।

इस दौरान सचिव ने महाराष्ट्र सरकार की प्रधान सचिव (वस्त्र),अंशु सिन्हा, IAS, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें राज्य और केंद्र योजनाओं के समन्वय और महाराष्ट्र में इस क्षेत्र की वृद्धि को प्रभावित करने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई।

वस्त्र समिति में राव ने संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की, जो वस्त्र समिति अधिनियम, 1963 के अंतर्गत संचालित होती हैं। उन्होंने गतिविधियों को पुनर्गठित करने और प्राथमिकताओं को पुनःनिर्धारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि उद्योग और सरकार के उद्देश्यों को समर्थन मिल सके। उन्होंने समिति की भूमिका को उद्योग और सरकार के बीच एक सेतु के रूप में बताते हुए नीति हस्तक्षेप को प्रभावी बनाने के लिए इनपुट देने पर बल दिया।

इसके बाद सचिव ने सिंथेटिक और आर्ट सिल्क मिल्स रिसर्च एसोसिएशन (SASMIRA) का दौरा किया, जहां तकनीकी वस्त्र, मानव निर्मित रेशे और हरित नवाचारों में चल रहे अनुसंधान और विकास की समीक्षा की गई। उन्होंने SASMIRA के प्रशिक्षण, औद्योगिक परीक्षण और क्षमता निर्माण में योगदान की सराहना की और अनुसंधान को वैश्विक स्थिरता और रीसाइक्लिंग लक्ष्यों के साथ संरेखित करने पर जोर दिया।

विकास आयुक्त (हथकरघा) के कार्यालय के वीवर सर्विस सेंटर (WSC) में राव और डॉ. बीना ने राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम, क्लस्टर विकास कार्यक्रम और विपणन पहल जैसे प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने तकनीक के एकीकरण, ई-कॉमर्स के प्रचार और भारत के हथकरघा उत्पादों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने के महत्व को उजागर किया।

सचिव ने कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (TEXPROCIL) और मैन-मेड टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (MATEXIL) का भी दौरा किया, जहां उन्होंने निर्यात प्रतिस्पर्धा, बाजार विविधीकरण, स्थिरता-आधारित निर्यात मॉडल और वैश्विक दृश्यता बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा की।

संध्या में, राव ने टेक्सटाइल कमिश्नर कार्यालय में प्रमुख योजनाओं जैसे पीएम MITRA पार्क्स, उत्पादन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना और SAMARTH कौशल विकास योजना की समीक्षा की। दिन का समापन उन्होंने प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ बैठक कर नीतिगत फीडबैक, स्थिरता पहल और निवेश प्रोत्साहन पर चर्चा करते हुए किया।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.