Media24Media.com: #Shramdaan

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #Shramdaan. Show all posts
Showing posts with label #Shramdaan. Show all posts

निर्माण स्थल पर मुख्यमंत्री का श्रमदान: श्रमिक बहनों के साथ की ईंट जोड़ाई

No comments Document Thumbnail

“ईंट जोड़ाई अच्छे से करिए… मसाला बढ़िया से डालिए” - जब श्रमिक बहन ने मुख्यमंत्री को सिखाया काम

रायपुर- सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में चल रहे औचक निरीक्षण और जनसंवाद के क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले के ग्राम लोखन में एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने सुशासन के ध्येय को और अधिक जीवंत बना दिया। 

निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल औपचारिक समीक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने उस प्रक्रिया का हिस्सा बनना चुना, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करती है। उनके इस व्यवहार ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुशासन केवल नीति और कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर उसे महसूस करने और जीने की प्रक्रिया है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में कार्य कर रहीं श्रमिक बहनों के बीच जाकर कुछ समय उनके साथ ईंट जोड़ाई में हाथ बँटाया।  

इसी दौरान श्रमिक बहन संगीता ने पूरे आत्मीय अधिकार और सहजता के साथ मुस्कुराते हुए मुख्यमंत्री से कहा - “ईंट जोड़ाई अच्छे से करिए, मसाला बढ़िया से डालिए।” यह संवाद एक सामान्य वाक्य से कहीं अधिक था; इसमें वह विश्वास झलकता है, जो आज सरकार और जनता के बीच विकसित हो रहा है। यह वह स्थिति है, जहाँ आम नागरिक बिना झिझक अपनी बात रखता है और नेतृत्व उसे उसी सहजता से स्वीकार करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जनता के साथ मिलकर धरातल पर साकार करना है। उन्होंने कहा कि जब शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता का रिश्ता बनता है, तभी विकास की प्रक्रिया प्रभावी और स्थायी बनती है। उनके अनुसार, यही आत्मीयता और साझेदारी सुशासन की सबसे बड़ी ताकत है।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण हों और श्रमिकों के लिए पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

सुशासन तिहार ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल प्रशासनिक ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता, सहभागिता और विश्वास पर आधारित एक जीवंत व्यवस्था बन चुका है। यहाँ सरकार और जनता के बीच दूरी नहीं, बल्कि संवाद, सहयोग और साझेदारी का संबंध है - और यही संबंध प्रदेश के समग्र विकास की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रहा है।

कच्ची झोपड़ी से पक्के घर तक का सपना हो रहा साकार,मुख्यमंत्री ने ईंट जोड़कर किया श्रमदान

No comments Document Thumbnail

भैंसामुड़ा में पीएम आवास निर्माण का किया औचक अवलोकन

हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने जताया आभार

जशपुरनगर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आकस्मिक जशपुर जिला प्रवास के दौरानविकासखंड पत्थलगांव के ग्राम भैंसामुडा पहुंचे। मुख्यमंत्री साय जब गांव से गुजर रहे थे, तभी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राही अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन आवास पर पड़ी। वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने वहां कार्यरत श्रमिकों के प्रयासों की सराहना की। संवेदनशील और प्रेरणादायक पहल करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं करणी तथा सीमेंट गारा से ईंट जोड़कर निर्माण कार्य में भागीदारी निभाई। मुख्यमंत्री ने स्वयं ईंट जोड़कर श्रमदान कर लोगों को भावुक कर दिया। मुख्यमंत्री की इस सहज और आत्मीय पहल से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बन गया। हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने भावुक होकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनका जीवन सुरक्षित और बेहतर बनेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चंदागढ़ के राजमिस्त्री सूक मोहन चक्रेश से भी बातचीत की। उन्होंने उनके रोजगार, दैनिक मजदूरी और परिवार की स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए शासन की योजनाओं का लाभ लेने की सलाह दी।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह पहल केवल एक निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गई। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणादायक रहा और शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत करने वाला साबित हुआ। इस दौरान पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक गोमती साय, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी लाल उमेद सिंह, डीएफओ शशि कुमार सहित ग्रामीण जन मौजदू रहे।


स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान 2025: 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाया गया

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली-स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान, जिसे शहरी क्षेत्रों में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और स्वच्छता विभाग (DDWS), जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक मनाया गया और यह गांधी जयंती पर अपने समापन पर पहुँचा।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने इस अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर 2025 को स्वच्छता प्रतिज्ञा के साथ किया, जिसमें कार्यालयों और समुदायों में स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।

अभियान की प्रमुख थीम और गतिविधियाँ

  • इस वर्ष अभियान का फोकस Cleanliness Target Units (CTUs) को मॉडल स्वच्छ क्षेत्रों में बदलने और उच्च फुटफॉल वाले सार्वजनिक स्थानों में स्वच्छता बनाए रखने पर था।

  • सफाईमित्रों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, ताकि रोकथाम स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा दिया जा सके।

  • MoSPI और इसके कार्यालयों में व्यक्तिगत स्वच्छता और सतत स्वच्छता प्रथाओं के प्रति जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

अभियान की उपलब्धियाँ

  • कुल 52 CTUs को मॉडल स्वच्छ क्षेत्र में परिवर्तित किया गया।

  • 104 सार्वजनिक स्थानों की सफाई की गई।

  • MoSPI में सफाईमित्रों के लिए हेल्थ शिविर आयोजित किया गया, जिसमें व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर मार्गदर्शन दिया गया।

राष्ट्रीय श्रमदान और सहभागिता

  • 25 सितंबर 2025 को पूरे देश में श्रमदान आयोजित किया गया।

  • इस दौरान 2,500 से अधिक अधिकारी और स्वयंसेवक ने सफाई अभियान, वृक्षारोपण और जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया।

  • उनकी सक्रिय भागीदारी ने MoSPI की पर्यावरणीय स्थिरता और स्वच्छ भारत के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को प्रदर्शित किया।

अभियान का महत्व

SHS 2025 ने सामुदायिक सेवा, पर्यावरणीय जागरूकता और रोकथाम स्वास्थ्य देखभाल को सुदृढ़ किया और स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिए राष्ट्रीय आंदोलन को आगे बढ़ाया।



ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘स्वच्छता ही सेवा – 2025’ अभियान में दिखाई सक्रिय भागीदारी

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली– ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक देशव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा – 2025’ अभियान में सक्रिय भागीदारी की। यह अभियान DDWS और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया।

मंत्रालय ने 22 सितंबर को कर्तव्य भवन-3, नई दिल्ली में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई और प्रतिवर्ष 100 घंटे स्वच्छता गतिविधियों को समर्पित करने का संकल्प लिया।

25 सितंबर को मंत्रालय ने एक दिवसीय जनश्रम (Mass Cleanliness Drive) आयोजित किया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक प्रयास के तहत स्वच्छता का संदेश फैलाया। 26 सितंबर को उन्नति कॉन्फ्रेंस हॉल, कृषि भवन में ‘स्वच्छोत्सव’ चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अभियान के तहत मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अमृत सरोवर स्थलों पर गतिविधियाँ आयोजित करने और स्वयंसेवी वृक्षारोपण (5 लाख पौधे) के लिए प्रोत्साहित किया। वृक्षारोपण स्थलों को MeriLIFE पोर्टल पर जियो-टैग और मैप किया गया।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इन पहलों के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन और महात्मा गांधी के स्वच्छ और प्रगतिशील भारत के दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, और देश में स्वच्छता, जिम्मेदार नागरिकता और सामुदायिक भागीदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया।




स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत श्रमदान गतिविधि का आयोजन

No comments Document Thumbnail

स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत और “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” के विषय के अनुरूप, रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग (DCPC), रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने आज गुरुग्राम में कीटनाशक निर्माण प्रौद्योगिकी संस्थान (IPFT) के साथ मिलकर एक श्रमदान गतिविधि का आयोजन किया।

इस श्रमदान में अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसकी अगुवाई DCPC के सचिव ने की। कुल 50 अधिकारी और कर्मचारी, साथ ही IPFT के निदेशक और कर्मचारी इस गतिविधि में शामिल हुए। उन्होंने पुलिस स्टेशन, उद्योग विहार, सुंदरहरा, गुरुग्राम के पास निर्धारित सफाई लक्ष्य इकाई (CTU) में मिलकर श्रमदान किया।


जल शक्ति मंत्रालय ने शुरू किया “स्वच्छता ही सेवा” 2025 अभियान, इस वर्ष की थीम – ‘स्वच्छोत्सव’

No comments Document Thumbnail

जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग ने अपने विभिन्न संगठनों और क्षेत्रीय कार्यालयों में स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2025 अभियान की शुरुआत की है। इस वर्ष की थीम ‘स्वच्छोत्सव’ रखी गई है। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलने वाला यह पखवाड़ा सरकार के “स्वच्छ भारत” के दृष्टिकोण से जुड़ा है और स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जनसहभागिता के महत्व को और सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखता है।

अभियान की शुरुआत विभाग के अनेक कार्यालयों एवं संस्थानों में स्वच्छता प्रतिज्ञा दिलवाने से हुई। इनमें राष्ट्रीय जल सूचना केंद्र (NWIC), उत्तर-पूर्वी क्षेत्रीय जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (NERIWALM), केंद्रीय जल आयोग (CWC), केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB), केंद्रीय मृदा एवं सामग्री अनुसंधान स्टेशन (CSMRS), तथा विभिन्न बेसिन संगठन जैसे CWMA, NCA, KRMB, PPA, तुंगभद्रा बोर्ड, UYRB, GFCC और BRB शामिल हैं।

उद्घाटन दिवस की मुख्य झलकियाँ:

  • सचिवालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता प्रतिज्ञा दिलाई गई।

  • केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB), राष्ट्रीय जल मिशन (NWM) और अन्य कार्यालयों द्वारा श्रद्धांजलि श्रमदान गतिविधियाँ, सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनीं।

  • तेज़पुर, रायपुर, भुवनेश्वर, हैदराबाद, इंदौर, पटना, झांसी और नई दिल्ली में अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की।

  • राष्ट्रीय जल मिशन मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त सचिव, NWM ने की। यहाँ लगभग 25 अधिकारियों ने स्वच्छता प्रतिज्ञा ली और श्रमदान गतिविधियों में भाग लिया।

इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक अधिकारी और नागरिक को प्रेरित करना है कि वे सक्रिय रूप से स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, स्वच्छता को बढ़ावा देने और एक सतत एवं स्वस्थ जीवन के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत करें।

जल संसाधन विभाग 25 सितम्बर 2025 को सुबह 8:00 से 9:00 बजे तक कालिंदी कुंज पर ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के बैनर तले जन-केंद्रित स्वच्छता अभियान आयोजित करेगा।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.