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आज की बड़ी खबरें- 9 अक्टूबर 2026

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सुप्रभात! पेश हैं आज सुबह की देश-दुनिया की बड़ी खबरें, छत्तीसगढ़ की अहम अपडेट, राजनीति, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, मौसम और खेल जगत की प्रमुख सुर्खियाँ।

छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

Chhattisgarh School Principal Promotion Posting 2025 Update | Raipur News | छत्तीसगढ़ में प्राचार्यों के प्रमोशन पर रोक हटी: हाईकोर्ट ने माना राज्य शासन की प्रमोशन नीति सही, पदोन्नति के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज - Chhattisgarh News | Dainik Bhaskar

धर्मांतरण कानून को हाई कोर्ट में चुनौती

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 और उससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

From red terror to development: CRPF Camp opens in Chhattisgarh’s Sukma district, villagers to benefit from welfare schemes – Desi Talk's Chicago

सुकमा में विस्फोट, चार CRPF जवान घायल

सुकमा जिले में विस्फोटकों को नष्ट करने के दौरान हुए हादसे में चार जवान घायल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें दो सहायक उपनिरीक्षकों की हालत गंभीर बताई गई।

देश की प्रमुख खबरें

PM Modi Launches ₹947 Crore Projects to Boost India’s Livestock and Dairy Sector - Farmer News: Government Schemes for Farmers, Successful Farmer Stories

प्रधानमंत्री मोदी आज महिला एवं बाल विकास सम्मेलन में

आज के समाचार अपडेट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में महिला एवं बाल विकास से जुड़े सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

IIT-B faculty backs professor in student suicide row - Rediff.com India News

IIT बॉम्बे परिसर में गैस रिसाव से आग

गैस रिसाव के कारण आग लगने की घटना में पाँच लोग घायल हुए, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं।

2017 Assembly Election Result Know How To Count EVM Votes- UP Assembly Election Results 2017 : जानिए कैसे और कौन करता है वोटों की गिनती

उपचुनावों के नतीजों पर नजर

आज पाँच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के उपचुनाव परिणाम आने की खबर है। नतीजे संबंधित क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

दुनिया की बड़ी खबरें

Free webinar to help Charlotte County businesses prep for 2026 hurricane season | WGCU News | PBS & NPR for Southwest Florida

अमेरिका के खाड़ी तट पर तूफान का खतरा

तूफान इसायस के तेज होने से फ्लोरिडा और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़, तेज हवाओं और समुद्री जलस्तर बढ़ने का खतरा है। कुछ इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

Anne Carson, premio Princesa de Asturias | Canal Literatura

साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2026

कनाडाई कवयित्री, निबंधकार और अनुवादक ऐन कार्सन को 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। उनके साहित्य में कविता, गद्य और शास्त्रीय साहित्य का अनूठा मेल है।

अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार और बैंकिंग

D-Street shows trust in IT resilience, stocks gain ahead of Q4 results - The Economic Times

शेयर बाजार में भारी गिरावट

8 अक्टूबर को सेंसेक्स 1.44% गिरकर 71,593.24 पर और निफ्टी 1.64% गिरकर 22,231.8 पर बंद हुआ। महंगे कच्चे तेल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगाई की आशंकाओं ने बाजार पर दबाव डाला।

SAGE University Bhopal | Hostel Life

घरेलू खाने की लागत बढ़ी

क्रिसिल के अनुसार, सितंबर 2026 में घर पर बनी शाकाहारी थाली की अनुमानित लागत सालाना आधार पर 10% बढ़कर ₹30.80 हो गई। प्याज, खाद्य तेल और LPG की कीमतों का इसमें योगदान रहा।

RBI Issues Guidelines For Internal Ombudsman Appointment To Strengthen Customer Grievance Redress In Banks And NBFCs

RBI के फैसले के बाद कर्ज महंगा होने की आशंका

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, RBI की 0.25 प्रतिशत अंक की रेपो दर वृद्धि के बाद कुछ सरकारी बैंकों ने रेपो-लिंक्ड ऋण दरें बढ़ाई हैं। ऐसे कर्ज लेने वालों की EMI बढ़ सकती है।

स्वास्थ्य, विज्ञान और तकनीक

  • कैंसर की दवाओं की कीमतों में राहत की संभावना: गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा 30% करने के प्रस्ताव से कुछ दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य में 70% तक कमी संभव बताई गई है। वास्तविक कमी दवा के अनुसार अलग होगी।

  • दवा कंपनियों की मार्केटिंग पर सुप्रीम कोर्ट की पहल: अदालत ने डॉक्टरों को दिए जाने वाले उपहार और अन्य लाभों सहित दवा कंपनियों की मार्केटिंग गतिविधियों के नियमन पर विचार करने के लिए केंद्र से तीन सदस्यीय समिति गठित करने को कहा है।

  • भारत में AI नियमन: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, सरकार अगले एक महीने में AI परामर्श पत्र जारी करने की तैयारी कर रही है। इसमें सुरक्षा, कौशल विकास और मानव-केंद्रित AI पर जोर होगा।

मौसम और खेती

Indian Farmers working hard in the rice field.

छत्तीसगढ़ में मौसम और किसानों की चिंता

उपलब्ध मौसम अपडेट के अनुसार, 9 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ के लिए कोई विशेष चेतावनी सूचीबद्ध नहीं थी। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है। किसानों को खेतों में बिजली गिरने के जोखिम और फसल की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

शिक्षा, खेल और मनोरंजन

  • शिक्षा: आज के प्रमुख समाचारों में साहित्य के नोबेल पुरस्कार और स्वास्थ्य संबंधी खबरें भी शामिल हैं। स्कूलों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी इन समसामयिक घटनाओं को नोट कर सकते हैं।

  • मनोरंजन: साहित्य के क्षेत्र में ऐन कार्सन को नोबेल पुरस्कार मिलना आज की प्रमुख सांस्कृतिक खबर है।


शेयर बाजार में लगातार पांचवें सप्ताह गिरावट, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी चिंता

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मुंबई- भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें सप्ताह कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके चलते बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा और प्रमुख शेयर सूचकांक साप्ताहिक आधार पर कमजोर बंद हुए।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ने, महंगाई पर दबाव आने और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता बाजार sentiment पर असर डाल रही है।

इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ाया।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया की स्थिति, विदेशी निवेश और वैश्विक बाजारों के रुख पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। इन कारकों में स्थिरता आने पर बाजार में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की बड़ी निकासी, सितंबर के पहले सप्ताह में निकाले ₹7,443 करोड़

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नई दिल्ली- भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली एक बार फिर बढ़ गई है। सितंबर के पहले सप्ताह में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने भारतीय इक्विटी बाजार से करीब ₹7,443 करोड़ की निकासी की है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, 4 सितंबर तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में शुद्ध बिकवाल रहे।

यह निकासी ऐसे समय हुई है जब इससे पहले जुलाई और अगस्त में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में लगातार निवेश किया था। अगस्त में FPIs ने ₹29,600 करोड़ से अधिक और जुलाई में करीब ₹20,200 करोड़ का निवेश किया था।

क्यों कर रहे हैं विदेशी निवेशक बिकवाली?

जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में इजाफा और मजबूत अमेरिकी डॉलर ने विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। इन वैश्विक परिस्थितियों के चलते उभरते बाजारों में निवेश को लेकर सतर्कता बढ़ी है।

विदेशी निवेशकों की हालिया बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार में अगस्त के दौरान विदेशी निवेश का मजबूत रुझान देखने को मिला था। हालांकि, सितंबर की शुरुआत में एक बार फिर बिकवाली लौटने से बाजार के निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

2026 में अब तक बड़ी निकासी

सितंबर की ताजा निकासी के बाद 2026 में भारतीय इक्विटी से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की कुल निकासी करीब ₹2.32 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा पूरे 2025 में हुई करीब ₹1.66 लाख करोड़ की निकासी से भी अधिक है।

बाजार विशेषज्ञों की नजर अब आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों के रुख और वैश्विक बाजारों की चाल पर रहेगी।

पश्चिम एशिया तनाव का भारतीय शेयर बाजार पर असर, सेंसेक्स 374 अंक टूटा; निफ्टी 24 हजार के नीचे

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पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच घरेलू बाजार में भी निवेशकों ने सतर्कता बरती और जमकर बिकवाली देखने को मिली।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 373.93 अंक यानी 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 141.35 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 23,914.45 अंक पर बंद हुआ।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इससे तेल की कीमतों में तेजी आई और भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगाई, आयात बिल और आर्थिक विकास को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बाजार में ऑटो और आईटी शेयरों पर खास दबाव रहा, जबकि कुछ बैंकिंग, तेल एवं गैस और बड़े शेयरों में खरीदारी ने शुरुआती गिरावट को कुछ हद तक संभालने में मदद की।

विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

अमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार में भूचाल! सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 200 अंक धड़ाम

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 मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर बुधवार सुबह भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स करीब 700 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी में 200 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों में चिंता बढ़ी और बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।


प्री-ओपनिंग में ही मिल गए थे गिरावट के संकेत

बाजार खुलने से पहले ही कमजोर शुरुआत के संकेत मिल गए थे। प्री-ओपनिंग कारोबार में सेंसेक्स करीब 540 अंक गिरकर 76,397.24 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी भी 203 अंक की गिरावट के साथ 23,852.05 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सुबह 7:38 बजे गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स करीब 24,033.5 के स्तर पर था। इससे बाजार में दबाव बने रहने के संकेत मिल रहे थे। मंगलवार को निफ्टी 24,055.8 के स्तर पर बंद हुआ था।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से अधिकांश शेयरों में गिरावट रही। सनफार्मा का शेयर ही शुरुआती कारोबार में बढ़त में नजर आया, जबकि अन्य प्रमुख शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा।

अमेरिका-ईरान तनाव से बिगड़ा वैश्विक माहौल

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने से वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ी है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने की पुष्टि के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। इस घटनाक्रम ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

पश्चिम एशिया में तनाव का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। निवेशकों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बनाते हुए सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया।

क्रूड ऑयल 96 डॉलर के पार

तनाव बढ़ने का सबसे सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2 फीसदी बढ़कर 96.6 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह करीब छह सप्ताह का उच्चतम स्तर बताया जा रहा है।

पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में संघर्ष लंबा खिंचने या ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक महंगाई को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं। तेल महंगा होने से परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ सकती है, जिसका असर कई वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ सकता है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि अमेरिका-ईरान तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। इससे विदेशी निवेशकों के रुख पर भी असर पड़ने की संभावना है। भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी का बहिर्वाह बढ़ने पर शेयर बाजार पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी, अगस्त में ₹23,544 करोड़ का निवेश

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नई दिल्ली- भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखाई दे रहा है। Foreign Portfolio Investors (FPIs) ने अगस्त 2026 में अब तक भारतीय इक्विटी बाजार में ₹23,544 करोड़ का निवेश किया है। बेहतर तिमाही नतीजों, रुपये की अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति और भारतीय कंपनियों की बेहतर कारोबारी संभावनाओं ने विदेशी निवेशकों के रुख को सकारात्मक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जुलाई के बाद अगस्त में भी जारी रही खरीदारी

अगस्त में विदेशी निवेश का यह रुझान जुलाई में शुरू हुई खरीदारी की निरंतरता है। जुलाई 2026 में FPIs ने भारतीय इक्विटी में करीब ₹20,200 करोड़ का निवेश किया था। इससे पहले लगातार चार महीनों तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला था।

आंकड़ों के अनुसार, FPIs ने जून में करीब ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में लगभग ₹1.17 लाख करोड़ भारतीय इक्विटी से वापस निकाले थे। ऐसे में जुलाई और अगस्त की लगातार खरीदारी को बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी के महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

क्यों बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की खरीदारी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। इनमें भारतीय कंपनियों के तिमाही परिणामों में सुधार, रुपये की स्थिरता और भारतीय अर्थव्यवस्था तथा कंपनियों की बेहतर विकास संभावनाएं शामिल हैं। इन सकारात्मक संकेतों से विदेशी निवेशकों के बीच भारतीय बाजार को लेकर धारणा में सुधार हुआ है।

इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर निवेश का रुझान उभरते बाजारों की ओर लौटता दिखाई दे रहा है। भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूती और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन ने भी भारतीय इक्विटी को विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बनाए रखा है।

निवेश का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार और प्राथमिक बाजार में

अगस्त में अब तक हुए ₹23,544 करोड़ के कुल निवेश में लगभग ₹14,118 करोड़ स्टॉक एक्सचेंजों के माध्यम से और करीब ₹9,426 करोड़ प्राथमिक बाजार (Primary Market) के जरिए आया है। इससे पता चलता है कि विदेशी निवेशक केवल सूचीबद्ध शेयरों में ही नहीं, बल्कि नए इश्यू और बाजार में आने वाली कंपनियों में भी रुचि दिखा रहे हैं।

वित्तीय, ऑटो और IT क्षेत्र में भी बढ़ी दिलचस्पी

अगस्त के पहले पखवाड़े में विदेशी निवेशकों ने विशेष रूप से वित्तीय सेवाओं, ऑटोमोबाइल और IT क्षेत्र में खरीदारी की। वित्तीय क्षेत्र में विदेशी निवेश की वापसी को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे भारतीय कंपनियों की आय और विकास क्षमता को लेकर बढ़ते भरोसे का संकेत मिलता है।

फिर भी 2026 में विदेशी निवेश का कुल आंकड़ा नकारात्मक

हालांकि अगस्त में विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी सकारात्मक संकेत दे रही है, लेकिन पूरे 2026 के आंकड़ों को देखें तो FPIs अभी भी भारतीय इक्विटी में नेट सेलर बने हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों की कुल निकासी करीब ₹2.3 लाख करोड़ रही है।

इसलिए अगस्त की खरीदारी को विदेशी निवेशकों के रुख में संभावित बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इसे स्थायी वापसी मानने से पहले आने वाले महीनों के आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी होगा।

भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार दो महीनों की खरीदारी भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। यदि यह निवेश प्रवाह आगे भी जारी रहता है, तो इससे भारतीय इक्विटी बाजार में तरलता, निवेशकों का भरोसा और बाजार की धारणा मजबूत हो सकती है।

अगस्त में ₹23,544 करोड़ का FPI निवेश ऐसे समय आया है जब भारतीय कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन में सुधार और रुपये की स्थिरता ने बाजार को सहारा दिया है। हालांकि वैश्विक बाजारों की अस्थिरता और अन्य बाहरी जोखिमों के कारण आगे भी निवेशकों की नजर भारतीय बाजार की आय वृद्धि, रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर बनी रहेगी।

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