Media24Media.com: #RashtriyaGokulMission

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“पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने डेयरी अवसंरचना और पशुधन सुधारों पर विस्तृत जानकारी दी”

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भारत सरकार का पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD), राज्यों के प्रयासों को पूरक बनाने और डेयरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख अवसंरचना विकास योजनाएँ लागू कर रहा है 

राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) और पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (AHIDF)।

NPDD के तहत प्रमुख सहायता

  • दूध संग्रह, प्रसंस्करण और चिलिंग सुविधाओं की स्थापना और सुदृढ़ीकरण।

  • गुणवत्ता आधारित दूध परीक्षण उपकरणों की स्थापना।

  • ग्राम-स्तरीय डेयरी सहकारी समितियों को Bulk Milk Coolers (BMCs) उपलब्ध कराना, जिनमें सोलर फोटोवोल्टिक (SPV) और थर्मल स्टोरेज सिस्टम (TSS) संचालित BMCs भी शामिल हैं।

  • अब तक 52 सौर ऊर्जा संचालित BMCs को मंजूरी दी गई है।

AHIDF के तहत सहायता

  • दूध प्रसंस्करण संयंत्रों और चिलिंग अवसंरचना की स्थापना/आधुनिकीकरण।

  • मूल्यवर्धित डेयरी इकाइयों की स्थापना।

  • नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता प्रणालियों के लिए सहायता।

  • इससे डेयरी सहकारी समितियाँ, FPOs, SHGs और निजी उद्यमी बिजली और प्रसंस्करण से जुड़ी कमियों को दूर कर सकते हैं।

बिहार के बरौनी, गुजरात के बनासकांठा और केरल के एर्नाकुलम की तीन दुग्ध संघों को सौर ऊर्जा आधारित डेयरी प्रसंस्करण इकाइयों के लिए सहायता प्रदान की गई है।

छोटे एवं सीमांत पशुपालकों में तकनीक अपनाने और उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास

DAHD द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) लागू किया जा रहा है, जिसके तहत नस्ल सुधार एवं वैज्ञानिक ढंग से पशुपालन को बढ़ावा दिया जाता है।

RGM के प्रमुख हस्तक्षेप

  • राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम:

    • 9.36 करोड़ पशु कवर

    • 14.56 करोड़ कृत्रिम गर्भाधान (AI)

    • 5.62 करोड़ किसानों को लाभ

  • Sex Sorted Semen:

    • 128 लाख खुराकें तैयार

    • स्वदेशी तकनीक से कीमत घटकर ₹800 से ₹250 प्रति खुराक

    • 40 लाख क्षमता स्थापित, 150 लाख खुराक क्षमता निर्माणाधीन

  • तेज़ नस्ल सुधार कार्यक्रम:

    • गारंटीड गर्भधारण पर Sex Sorted Semen लागत का 50% प्रोत्साहन

  • MAITRIs (ग्रामीण मल्टी-परपज़ AI तकनीशियन):

    • 39,810 प्रशिक्षित तकनीशियन

    • घर-घर AI सेवा

  • IVF तकनीक:

    • 24 IVF लैब स्थापित

    • प्रति गर्भधारण ₹5,000 का प्रोत्साहन

  • Progeny Testing & Pedigree Selection:

    • 4,288 उच्च आनुवंशिक गुण वाले सांड तैयार और सीमन स्टेशनों को उपलब्ध

  • सीमन स्टेशनों का सुदृढ़ीकरण:

    • 47 स्टेशन स्वीकृत

  • किसान जागरूकता गतिविधियाँ:

    • प्रजनन शिविर, बछड़ा रैलियाँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएँ देशभर में आयोजित

इन पहलों से आधुनिक प्रजनन तकनीकें ग्रामीण स्तर तक पहुँच रही हैं, उत्पादकता बढ़ रही है और छोटे एवं सीमांत पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है।

यह उत्तर पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह द्वारा लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दिया गया।


राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2025 के विजेताओं की घोषणा

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मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार (NGRA) 2025 के विजेताओं की घोषणा कर दी है। यह पुरस्कार देश के पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है।

पुरस्कार वितरण समारोह 26 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह इन पुरस्कारों को प्रदान करेंगे। राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल एवं जॉर्ज कुरियन भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

इस वर्ष कुल 2,081 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से विजेताओं का चयन विभिन्न श्रेणियों में किया गया।

विभागवार विजेताओं की सूची

1. स्वदेशी नस्लों की गाय/भैंस पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान

गैर–पूर्वोत्तर क्षेत्र (Non-NER):

  • 1st: अरविंद यशवंत पाटील, कोल्हापुर, महाराष्ट्र

  • 2nd: डॉ. कंकनाला कृष्णा रेड्डी, हैदराबाद, तेलंगाना

  • 3rd: हर्षित झूरिया, सीकर, राजस्थान

  • 3rd: कुमारी श्रद्धा सत्यवान धवन, अहमदनगर, महाराष्ट्र

NER/हिमालयी क्षेत्र:

  • विजय लता, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश

  • प्रदीप पांगड़िया, चंपावत, उत्तराखंड

2. सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति/मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी/डेयरी FPO

गैर–पूर्वोत्तर क्षेत्र (Non-NER):

  • 1st: मीनन गाड़ी क्षीरोल्पादक सहकारना संगम लिमिटेड, वायनाड, केरल

  • 2nd: कुनमकट्टुपथी क्षीरोल्पादक सहकारना संघम, पलक्कड़, केरल

  • 2nd: घिनोई दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति, जयपुर, राजस्थान

  • 3rd: TYSPL 37 सेंढुरई मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, अरियालूर, तमिलनाडु

NER/हिमालयी क्षेत्र:

  • कुल्हा दूध उत्पादक सहकारी समिति, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड

3. सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (AIT)

गैर–पूर्वोत्तर क्षेत्र (Non-NER):

  • 1st:दिलीप कुमार प्रधान, अनुगुल, ओडिशा

  • 2nd:विकास कुमार, हनुमानगढ़, राजस्थान

  • 3rd: अनुराधा चकाली, नांदयाल, आंध्र प्रदेश

NER/हिमालयी क्षेत्र:

  •  दिलुवार हसन, बारपेटा, असम

पुरस्कार राशि

(AIT कैटेगरी को छोड़कर):

  • 1st पुरस्कार: ₹5,00,000

  • 2nd पुरस्कार: ₹3,00,000

  • 3rd पुरस्कार: ₹2,00,000

  • NER/हिमालयी विशेष पुरस्कार: ₹2,00,000

AIT श्रेणी में पुरस्कार के रूप में प्रमाण पत्र व मोमेंटो दिया जाएगा, कोई नकद पुरस्कार नहीं।

पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार वर्ष 2021 से प्रतिवर्ष दिए जा रहे हैं। यह पुरस्कार राष्ट्र्रीय गोकुल मिशन (RGM) के तहत प्रदान किए जाते हैं, जिसे दिसंबर 2014 में स्वदेशी गोवंश नस्लों के वैज्ञानिक संरक्षण और विकास के लिए शुरू किया गया था।


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