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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव: लोक निर्माण विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

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रायपुर-छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में लोक निर्माण विभाग (PWD) का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विभाग ने पिछले 25 वर्षों में प्रदेश के विकास कार्यों को शानदार तरीके से प्रदर्शित किया है, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। 

लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के हर शहर, कस्बे, गांव और आबादी क्षेत्र को सड़कों के जाल से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छत्तीसगढ़ भवन और ट्रायबल यूथ हॉस्टल का निर्माण किया गया है, जिसका लाभ अनुसूचित जनजाति के युवाओं को मिल रहा है। वहीं, प्रदेश की राजधानी रायपुर में अटल एक्सप्रेस-वे, नया रायपुर में विधानसभा भवन, मंत्रालय, विभागाध्यक्ष भवन जैसी अनेक महत्वपूर्ण इमारतें बनाई गई हैं। 

बिलासपुर में माननीय उच्च न्यायालय भवन और विभिन्न जिलों में संयुक्त जिला कार्यालय भवनों का निर्माण भी विभाग की उपलब्धियों में शामिल है, जिससे शासकीय कार्यों में सरलता आई है। लोक निर्माण विभाग ने अपनी 25 वर्षों की विकास गाथा को आकर्षक और प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया है, जिसे जनता द्वारा खूब सराहा जा रहा है। 

यह स्टॉल न केवल विभाग के कार्यों को दर्शाता है, बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास और प्रगति की कहानी को भी जीवंत करता है।



छत्तीसगढ़ विधानसभा का 25 साल का इंतजार खत्म, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए विधानसभा भवन को राज्य को किया समर्पित

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रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिला अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन

परंपरा और आधुनिकता का संगम छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन

रायपुर-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण के साथ ही विधानसभा के खुद के भवन का 25 साल का इंतजार खत्म हो गया। राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ को अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में नए विधानसभा परिसर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह हम सबके लिए बहुत गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सदैव लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहरा विश्वास रहा है। राज्य की समृद्धि और खुशहाली के फैसले अब इस भवन में होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां राज्य के हित से जुड़े विधेयकों व मुद्दों पर सार्थक चर्चा से जनता की आकांक्षाएं और अपेक्षाएं पूर्ण होंगी। यह नया भवन छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा तथा लोकतंत्र की भावनाओं को और मजबूत करेगी एवं इनका गौरव बढ़ाएंगी। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लिए स्वर्णिम है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पिछले 25 वर्षों में गौरवशाली इतिहास रहा है। राज्य सरकार पिछले 21-22 महीनों से मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अटलजी ने बनाया है और मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। आज यह भवन, भूमि और मंच अभूतपूर्व समय का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। आज के दिन ही 25 वर्ष पहले स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी ने राज्य का निर्माण किया था और आज ही यह अपने निर्माण से विधान तक का सफर पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि नया विधानसभा भवन 80 प्रतिशत स्वदेशी मटेरियल से बना है। सदन में बस्तर के सागौन से निर्मित फर्नीचर और दरवाजे हैं, सीलिंग में धान की बालियों की कलाकारी है। छत्तीसगढ़ को यहां समाहित किया गया है। राज्यपाल रमेन डेका, केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी विधानसभा भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए।   

खूबसूरत इमारत ही नहीं, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक

छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज 1 नवम्बर के दिन एक नया अध्याय जुड़ा। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिल गया है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।

कृषि-प्रधान संस्कृति और बस्तर के काष्ठ शिल्प की झलक

‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन

नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।

324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर

कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।

हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन

यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।

500 सीटर ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।

तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियां शुरू—1 नवम्बर को करेंगे पांच महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शिरकत

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रायपुर- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 01 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी नया रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव स्थल में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड “शांति शिखर” का शुभारंभ और सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय का ऑपरेशन कराने वाले बच्चों से चर्चा करेंगे।

अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मनोज पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नए विधानसभा भवन के लोकार्पण और राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर सभाएं होंगी। इन आयोजनों के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी जाए। बैठक में कलेक्टर गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।  

अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाए। इसी प्रकार राज्योत्सव मेला स्थल और अन्य कार्यक्रमों के स्थल पर पार्किंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि नया रायपुर के चौक-चौराहों को व्यवस्थित और सौंदर्यीकरण कर ली जाए। राज्योत्सव मेला स्थल में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए को सेक्टरों में बांटकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कार्यक्रम के दौरान सतत् रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इसी प्रकार साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्तायुक्त हो। साथ ही दूर संचार विभाग के अधिकारियों को संचार व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

राज्योत्सव मेला स्थल पर मुख्य मंच के सामने तीन विशाल डोम बनाएं जा रहे हैं। जिनमें 60 एलईडी स्क्रीनिंग लगाए जाएंगे। मेला स्थल पर लोगों बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। लोगों के प्रवेश के लिए दो द्वार होंगे। एक द्वार विभागीय प्रदर्शनी के लिए होगा। विभागीय प्रदर्शनी में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्य मंच के नजदीक ही डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेला स्थल पर प्रधानमंत्री आवास का मॉडल भी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्योत्सव मेला स्थल के दोनों तरफ 20-20 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य शहरों से रायपुर पहुंचने वाले मार्गों पर भी पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। राज्योत्सव मेला स्थल पर 300 शौचालय बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 बैड का हॉस्पिटल तथा आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके अलावा 25 एम्बुलेंस और पर्याप्त संख्या में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था की जा रही है।


नवा रायपुर में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय तैयार, प्रधानमंत्री द्वारा राज्योत्सव पर उद्घाटन

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रायपुर- अंग्रेजी हुकूमत के काल में छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शौर्य और बलिदान की स्मृति में नवा रायपुर, अटल नगर में निर्मित हो रहे भव्य संग्रहालय-सह-स्मारक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री राज्योत्सव के अवसर पर इस संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे।


मुख्य सचिव विकास शील ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल आदिवासी संग्रहालय होगा और इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए 14 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों के साथ-साथ जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर अलग-अलग गैलरियाँ बनाई जा रही हैं। आगंतुकों को इन जनजातीय आंदोलनों की जीवंत झलक देखने और सुनने को मिलेगी।

निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि संग्रहालय में प्रदर्शित सभी वस्तुएं और सामग्री उनके मूल स्वरूप में प्रस्तुत की जाएँ। ओरिएंटेशन रूम में डाक्यूड्रामा को हल्बी-गोंडी और अन्य जनजातीय बोलियों में तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि यह स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बने।

प्रमुख सचिव आदिम जाति विकास विभाग ने संग्रहालय में प्रदर्शित आदिवासी विद्रोहों का संक्षिप्त परिचय देते हुए पूरे रूट चार्ट और उद्घाटन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण अवसर है कि देश का पहला पूर्णतः डिजिटल आदिवासी संग्रहालय प्रधानमंत्री के कर-कमलों से लोकार्पित होगा।

संग्रहालय क्षेत्र में अनिवार्य सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट, रंग-रोगन, सौंदर्यीकरण, विद्युत आपूर्ति, गार्डनिंग और वृक्षारोपण की सभी तैयारियाँ समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।

शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह के वीर नायकों के संघर्ष और शौर्य को 14 गैलरियों में जीवंत रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

निर्माण और तैयारियों की समीक्षा बैठक में संभागायुक्त, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त, कलेक्टर, नगर निगम रायपुर के आयुक्त, संचालक टीआरटीआई, संचालक अंत्यावसायी विकास निगम, अतिरिक्त कलेक्टर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, डीआईजी अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विद्युत मंडल के मुख्य अभियंता और लोक निर्माण विभाग के मुख्य एवं कार्यपालन अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से की सौजन्य भेंट

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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे माननीय उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर 5 नवम्बर को नया रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने स्नेहपूर्वक छत्तीसगढ़ आगमन की सहमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सम्मान और अपार हर्ष का विषय है कि देश के माननीय उपराष्ट्रपति अपनी गरिमामयी उपस्थिति से राज्योत्सव के समापन समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

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