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“मन की बात” में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान - मुख्यमंत्री साय

जनभागीदारी और नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान उत्साहजनक : "मन की बात”  देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम - मुख्यमंत्री

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। 

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राज्य के 8 युवाओं और एक संगठन को मिला छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान

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खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने युवाओं को किया सम्मानित

दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और समर्पण से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़े युवा –  विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्य के आठ युवाओं तथा धमतरी जिले के युवा स्टार सेवा समिति खुरतुली को आज राष्ट्रीय युवा दिवस पर सम्मानित किया। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आज रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित युवा रत्न सम्मान समारोह में सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया। 

मुख्यमंत्री साय ने आज स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर रायपुर में उनके बिताए समय का स्मरण करते हुए समारोह में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 31 वर्ष की आयु में दुनिया में भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और सभ्यता का मान और सम्मान बढ़ाया। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य की उत्कृष्ट युवा प्रतिभाओं को सम्मानित करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत युवाओं का देश है। हमारी युवा प्रतिभाओं को पोषित, पल्लवित और आगे बढ़ाने का काम हम कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए उन्हें दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम, समर्पण और संकल्प से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने को कहा। 

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सांस्कृतिक शक्ति का परचम पूरी दुनिया में फहराया था। आज करोड़ों युवा उनसे प्रेरणा लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से युवा रत्न सम्मान के लिए आवेदन आए हैं, उससे पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार ने इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बड़ी पहल करते हुए आज राज्य में पहली बार व्यक्तिगत क्षमता में सुधार तथा समाज सेवा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने राज्य की प्रतिभाओं को "युवा रत्न सम्मान" से नवाजा है। राज्य के 15 वर्ष से 29 वर्ष की आयु के प्रतिभाओं के उत्कृष्ट कार्यों एवं उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया है।


खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि युवा रत्न सम्मान के लिए राज्य के बहुत से सक्षम युवाओं के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से अलग-अलग क्षेत्रों से एक-एक नाम का चयन बहुत मुश्किल था। राज्य के युवा कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम कर रहे हैं। उनके कार्यों को सम्मानित और रेखांकित करने के लिए विभाग ने इस वर्ष से ये सम्मान शुरू किए हैं। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष  नवीन कुमार अग्रवाल और खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक रश्मि  ठाकुर सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

राज्य के इन युवाओं को मिला युवा रत्न सम्मान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित समारोह में बेमेतरा के एस्ट्रोफिजिक्स में सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक एवं पीएचडी छात्र तथा एनएएसओ (NASO) ओलंपियाड में स्वर्ण पदक से सम्मानित पीयूष जायसवाल को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कांकेर की शिल्पा साहू, साहित्य के क्षेत्र से सरगुजा के अमित यादव, नवाचार के लिए महासमुंद की मृणाल विदानी तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए दुर्ग की परिधि शर्मा को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बिलासपुर की संजू देवी को खेल, कवर्धा के सचिन कुनहरे को कला एवं संस्कृति और आरू साहू को लोककला में उत्कृष्ट कार्यों के लिए युवा रत्न सम्मान दिया। उन्होंने स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्वच्छता, साक्षरता, महिला उत्थान, सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति, मतदाता जागरूकता, जल स्रोतों के संरक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए धमतरी जिले के खुरतुली के युवा स्टार सेवा समिति को भी छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया।

राज्योत्सव पर वायु सेना की टीम का रोमांचक एयर शो, सेंध जलाशय के ऊपर आसमां में गूंजा 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया'

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उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने देखा एयर शो

अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और देशप्रेम के जज्बे के साथ वायु सेना के विमानों ने दिखाई कलाबाजी

वायु सेना का एयर शो छत्तीसगढ़वासियों के लिए कमाल का अनुभव, लोग देखकर एक घंटे तक होते रहे मंत्रमुग्ध

रायपुर-छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक "सूर्यकिरण" की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा। सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जाबांजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा।

एयर शो के दौरान "सूर्यकिरण" टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे। 

"सूर्यकिरण" टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर  ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। 'आदिदेव' नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है।

एयर शो में "सूर्यकिरण" की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे। 

वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर 'वाई' की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है।

एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए गौरव पटेल ने अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी।

'सूर्यकिरण' एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना

भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है। 

सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।

सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।





छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन : आधुनिकता, संस्कृति और लोकतंत्र की नई पहचान

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छत्तीसगढ़ के लोकतांत्रिक इतिहास में वर्ष 2025 एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जब नया विधानसभा भवन भव्यता, आधुनिकता और सांस्कृतिक गरिमा के साथ जनता के लिए समर्पित होगा।  1 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। राज्य की राजधानी रायपुर में निर्मित यह भवन न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि वास्तुशिल्प और सांस्कृतिक महत्व में भी अद्वितीय है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव के कुशल नेतृत्व में, यह भवन विकसित होते छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का स्वरूप है। 

स्थापत्य कला और वास्तुशिल्प की अनूठी मिसाल 

नया विधानसभा भवन राज्य की सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक स्थापत्य का अनुपम संगम है। इसकी डिजाइन में छत्तीसगढ़ की धरोहर, आदिवासी कला, और राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को प्रमुखता दी गई है। भवन की बाहरी दीवारों को घोटुल, बांस-दरबार, और पेंटिंग्स से सजाया गया है, जिससे यह स्थानीय संस्कृति का जीवंत परिचायक बना है। गुंबद व मेहराबों की संरचना भारतीय परंपरागत स्थापत्य शैली से प्रेरित है, जबकि आंतरिक सजावट में नवीन तकनीकों का प्रभाव साफ दिखता है।

आधुनिक सुविधाएं एवं तकनीकी खुबियां 

इस विधानसभा भवन में अत्याधुनिक सुरक्षा, सूचना व संचार प्रणाली, ऊर्जा दक्षता, तथा भूकंपीय सुरक्षा जैसी विशेषताएं शामिल हैं। पूरी बिल्डिंग में स्मार्ट ऑडियो-विजुअल सिस्टम, ई-वोटिंग व्यवस्था, डिजिटलीकरण के लिए उच्चगुणवत्ता नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, और हरित भवन संबंधी सुविधाएं को अपनाया गया है। भवन के मुख्य हॉल में एलईडी प्रकाश व्यवस्था, केंद्रीय वातानुकूलन, और फायर सेफ्टी सिस्टम कार्यरत हैं। बैठक कक्ष और समिति कक्षों को भी तकनीकी तौर पर सुसज्जित किया गया है, ताकि विधायकों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में कोई बाधा न हो।

पर्यावरण अनुकूलता और हरित प्रौद्योगिकी 

वैश्विक जलवायु संकट की पृष्ठभूमि में छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन ग्रीन बिल्डिंग मानकों का अनुपालन करता है। भवन की छत पर सौर ऊर्जा पैनल्स लगाए गए हैं, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था है, और अधिकतम प्राकृतिक रोशनी एवं वेंटिलेशन का ध्यान रखा गया है। बागवानी और वृक्षारोपण से परिसर को हरियालीयुक्त रखा गया है, जिससे भवन पर्यावरण के अनुकूल बनता है।

सुरक्षा इंतजाम और सुव्यवस्थित यातायात 

यह भवन अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों और सीसीटीवी कैमरों से लैस है। आपातकालीन निकासी, अग्निशमन, चिकित्सा कक्ष तथा पर्याप्त पार्किंग सुविधा जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। बाहरी और आंतरिक सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा दस्ते तैनात किए गए हैं। भवन तक सुगम यातायात के लिये चौड़ी सड़कों, फुटपाथ और सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई है।


 विधिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विशेष रूप से बताया कि नया विधानसभा भवन डिजिटल गवर्नेंस की मिसाल पेश करता है। यहाँ सभी दस्तावेजों, प्रसार, नोटिस, एवं प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया है, जिससे विधानसभा के कामकाज में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इससे राज्य के नागरिकों को भी विधानसभा संचालन की जानकारी आसानी से उपलब्ध होती रहेगी।

 सांस्कृतिक प्रतीकों और राज्य की पहचान का संरक्षण 

भवन के प्रमुख द्वारों एवं दीवारों पर छत्तीसगढ़ की प्रमुख लोक संस्कृति, पंडवानी, डंडा-गीत, बस्तर की मूर्तिकला और देवी-देवताओं के चित्र अंकित किए गए हैं। यह न केवल राज्य की पारंपरिक पहचान को जीवंत रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में सहायक हैं।

 उप मुख्यमंत्री-सह-लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव का दृष्टिकोण 

अरुण साव ने भवन के लोकार्पण के पहले जारी किए गए वीडियो सन्देश मे कहा- यह विधानसभा भवन हमारे लोकतंत्र की मजबूती, आमजन की भागीदारी और छत्तीसगढ़ की दिव्य संस्कृति का प्रमाण है। हमनें इसे हमारे जनप्रतिनिधियों और जनता के संवाद का सशक्त मंच बनाने का संकल्प लिया है। डिजिटल इंडिया और स्वच्छ ऊर्जा की राह पर यह भवन हमारे नए छत्तीसगढ़ की सोच और गतिशीलता का आईना है।

 देखें VIDEO 


छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन ना केवल प्रशासनिक कार्यों का केंद्र है, वरन यह राज्य की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरणीय चेतना, तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता का भी जीवंत प्रतीक है।  अरुण साव के मार्गदर्शन में बना यह भवन निश्चित ही छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य का वाहक बनेगा, जहां लोकतंत्र के नए कीर्तिमान स्थापित होंगे।

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