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मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी पहल: FIU-IND और PFRDA के बीच समझौता

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भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) और पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एक व्यापक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

यह MoU अमित मोहन गोविल, निदेशक, FIU-IND और रणदीप सिंह जगपाल, पूर्णकालिक सदस्य, PFRDA द्वाराशिवसुब्रमण्यम रामन, अध्यक्ष, PFRDA की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया।

इस समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थाओं को विनियमित/रिपोर्टिंग संस्थाओं के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने में सक्षम बनाना है, विशेष रूप से PFRDA द्वारा विनियमित संस्थाओं में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और आतंकवाद के वित्तपोषण से मुकाबला (CFT) क्षमताओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य करेंगे और पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा तथा सूचना आदान-प्रदान के लिए त्रैमासिक बैठकें आयोजित करेंगे।

MoU के तहत, प्रत्येक पक्ष एक नोडल अधिकारी और एक वैकल्पिक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा, जो दोनों एजेंसियों के बीच नियमित समन्वय और संवाद को सुनिश्चित करेगा। यह समझौता Egmont Principles of Information Exchange के तहत विदेशी FIU के साथ सूचना के आदान-प्रदान में भी सहायक होगा।

इस सहयोग में विभिन्न वित्तीय उप-क्षेत्रों में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद वित्तपोषण (ML/TF) से जुड़े जोखिमों और कमजोरियों का आकलन, संदिग्ध लेनदेन के लिए रेड फ्लैग संकेतकों की पहचान और प्रसार, तथा रिपोर्टिंग संस्थाओं द्वारा PMLA, PML नियमों और PFRDA दिशानिर्देशों के अनुपालन की निगरानी भी शामिल होगी।

फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) के बारे में

FIU-IND देश की केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी है, जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित सूचनाओं को प्राप्त, संसाधित, विश्लेषित और प्रसारित करने के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद वित्तपोषण के खिलाफ प्रयासों का समन्वय करती है।

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के बारे में

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण एक वैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना PFRDA अधिनियम, 2013 के तहत की गई है। यह भारत में पेंशन क्षेत्र के विनियमन, विकास और निगरानी के लिए जिम्मेदार है, जिसमें नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) शामिल हैं। PFRDA पेंशन फंड, सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों, ट्रस्टी, एग्रीगेटर्स और प्वाइंट्स ऑफ प्रेजेंस जैसे मध्यस्थों के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा प्रदान करता है, जिससे पेंशन प्रणाली का सुव्यवस्थित विकास और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

एनपीएस इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम: पीएफआरडीए ने बैंकों को पेंशन फंड स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी

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पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के बोर्ड ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के प्रबंधन हेतु अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) को स्वतंत्र रूप से पेंशन फंड स्थापित करने की अनुमति देने के लिए एक रूपरेखा को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है। इसका उद्देश्य पेंशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा सब्सक्राइबरों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित ढांचा उन मौजूदा नियामकीय सीमाओं को संबोधित करता है, जिनके कारण अब तक बैंकों की भागीदारी सीमित रही है।

इस रूपरेखा के अंतर्गत नेट वर्थ, मार्केट कैपिटलाइज़ेशन और आरबीआई मानदंडों के अनुरूप प्रूडेंशियल साउंडनेस पर आधारित स्पष्ट पात्रता मानदंड निर्धारित किए जाएंगे, ताकि केवल मजबूत पूंजी आधार और प्रणालीगत रूप से सुदृढ़ बैंक ही पेंशन फंड प्रायोजित कर सकें। विस्तृत पात्रता मानदंड अलग से अधिसूचित किए जाएंगे और यह नए एवं मौजूदा दोनों पेंशन फंडों पर लागू होंगे।

पीएफआरडीए ने अपनी चयन प्रक्रिया के तहत एनपीएस ट्रस्ट के बोर्ड में तीन नए ट्रस्टी नियुक्त किए हैं।

पीएफआरडीए के बोर्ड में नियुक्त नए ट्रस्टी इस प्रकार हैं—

  • दिनेश कुमार खारा, पूर्व चेयरमैन, भारतीय स्टेट बैंक

  • स्वाति अनिल कुलकर्णी, पूर्व एक्ज़ीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, यूटीआई एएमसी – ट्रस्टी

  • डॉ. अरविंद गुप्ता, सह-संस्थापक एवं प्रमुख, डिजिटल इंडिया फाउंडेशन तथा सिडबी द्वारा प्रबंधित फंड ऑफ फंड्स स्कीम के अंतर्गत राष्ट्रीय वेंचर कैपिटल निवेश समिति के सदस्य

इसके अतिरिक्त, दिनेश कुमार खारा को एनपीएस ट्रस्ट बोर्ड का अध्यक्ष भी नामित किया गया है।

विकसित होती वास्तविकताओं, जन-आकांक्षाओं, अंतरराष्ट्रीय मानकों तथा कॉरपोरेट, रिटेल और गिग-इकोनॉमी खंडों में कवरेज विस्तार के उद्देश्य के अनुरूप, पीएफआरडीए ने पेंशन फंडों के लिए निवेश प्रबंधन शुल्क (IMF) की संरचना में संशोधन किया है, ताकि सब्सक्राइबरों के हित सुरक्षित रह सकें। यह संशोधित शुल्क संरचना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।

संशोधित स्लैब-आधारित IMF में सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्र के सब्सक्राइबरों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं, जो मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के अंतर्गत योजनाओं पर भी लागू होंगी; MSF के अंतर्गत कोष (कॉर्पस) को अलग से गणना में लिया जाएगा। सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कंपोज़िट स्कीम, ऑटो चॉइस या एक्टिव चॉइस G 100 चुनने पर IMF दरें यथावत रहेंगी।

गैर-सरकारी क्षेत्र (NGS) के लिए IMF संरचना इस प्रकार है—

  • एयूएम ₹25,000 करोड़ तक: 0.12%

  • ₹25,000 करोड़ से अधिक और ₹50,000 करोड़ तक: 0.08%

  • ₹50,000 करोड़ से अधिक और ₹1,50,000 करोड़ तक: 0.06%

  • ₹1,50,000 करोड़ से अधिक: 0.04%

वार्षिक नियामकीय शुल्क (ARF) 0.015% यथावत रहेगा। इसमें से एयूएम का 0.0025% एनपीएस इंटरमीडियरीज़ एसोसिएशन (ANI) को दिया जाएगा, ताकि पीएफआरडीए के समग्र मार्गदर्शन में जागरूकता, आउटरीच और वित्तीय साक्षरता पहलों को समर्थन मिल सके।

देश के वित्तीय एवं पेंशन क्षेत्रों में बढ़ती औपचारिकता और प्रत्येक भारतीय नागरिक की वित्तीय आकांक्षाओं पर इसके प्रभाव को देखते हुए, पीएफआरडीए को विश्वास है कि ये नीतिगत सुधार सब्सक्राइबरों और हितधारकों को एक अधिक प्रतिस्पर्धी, सुशासित और सुदृढ़ एनपीएस इकोसिस्टम तक पहुंच प्रदान करेंगे, जिससे दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति परिणामों में सुधार होगा और वृद्धावस्था आय सुरक्षा सुदृढ़ होगी।

भारत सरकार ने शुरू किया राष्ट्रीय अभियान “आपकी पूँजी, आपका अधिकार”

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भारत सरकार ने “आपकी पूँजी, आपका अधिकार — Your Money, Your Right” नामक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य बैंक जमा, बीमा, डिविडेंड, शेयर, म्यूचुअल फंड और पेंशन जैसी अप्राप्त (unclaimed) वित्तीय परिसंपत्तियों को उनके वास्तविक दावेदारों तक पहुँचाना है।


यह अभियान 4 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ और 3A Framework—Awareness, Accessibility और Action पर आधारित है। तीन महीने (अक्टूबर–दिसंबर 2025) तक चलने वाले इस अभियान को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है। अक्टूबर से 5 दिसंबर 2025 तक 477 जिलों में कैंप आयोजित किए गए जिनमें जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों ने भाग लिया।

जनजागरूकता बढ़ाने के लिए SOPs, FAQs, क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री और छोटे वीडियो संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किए गए हैं। जिला स्तर पर आयोजित कैंपों में डिजिटल डेमोंस्ट्रेशन, हेल्पडेस्क और मार्गदर्शन सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं ताकि दावा प्रक्रिया सरल बने।

इस अभियान में सभी प्रमुख वित्तीय क्षेत्र नियामकों की भागीदारी है—

  • RBI,

  • SEBI,

  • IRDAI,

  • PFRDA,

  • IEPFA।

RBI का UDGAM (अप्राप्त बैंक जमा), IRDAI का बीमा भरोसा, और SEBI का MITRA (अप्राप्त म्यूचुअल फंड) जैसे मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म नागरिकों को अपनी अप्राप्त राशि खोजने में मदद कर रहे हैं।

अभियान के पहले दो महीनों में लगभग ₹2,000 करोड़ की अप्राप्त राशि को उसके वास्तविक लाभार्थियों द्वारा सफलतापूर्वक दावा किया गया है।

यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।


गोवा में ड्राइवर समुदाय के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का विशेष लॉन्च

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पणजी- PFRDA ने गोवा माइल्स और HDFC पेंशन फंड (PoP) के सहयोग से गोवा के ड्राइवर समुदाय के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) की शुरुआत की। इस अवसर पर गोवा के परिवहन मंत्री मौविन गोदिन्हो उपस्थित थे।

इस पहल के तहत लगभग 5,000 ड्राइवरों को संरचित रिटायरमेंट योजना तक पहुँच मिलेगी। कार्यक्रम में 50 स्थायी पेंशन खाता नंबर (PRANs) वितरित किए गए, जो योजना की शुरुआत का प्रतीक हैं। गोवा माइल्स प्रत्येक NPS खाते में योगदान देगा।

परिवहन मंत्री मौविन गोदिन्हो ने PFRDA और गोवा माइल्स के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गोवा के ड्राइवर सिर्फ सेवा प्रदाता नहीं हैं, बल्कि वे राज्य के ब्रांड एम्बेसडर हैं, जो गोवा की संस्कृति, आतिथ्य और मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल Viksit Bharat 2047 की दृष्टि के अनुरूप है और गोवा समानुपाती और लोगों-केंद्रित सुधारों में अग्रणी रहेगा।

PFRDA के अध्यक्ष एस रामन्न ने रिटायरमेंट के लिए जल्दी बचत शुरू करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने का महत्व बताया। उन्होंने कहा, “बूढ़े होने से पहले धनवान बनें। चक्रवृद्धि ब्याज का असर वास्तविक है—और अगर इसे जल्दी अपनाया जाए, तो मामूली बचत भी सम्मानजनक और पर्याप्त रिटायरमेंट फंड में बदल सकती है। NPS इसी सिद्धांत पर आधारित है।”

HDFC PFM के सीईओ राम अईयर ने कहा कि गोवा माइल्स के ‘कप्तानों’ के भविष्य को सुरक्षित करना एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट योजना सभी के लिए आवश्यक है और लचीले, उपयोगकर्ता-मित्रवत वित्तीय उपकरण तक पहुँच देना समाज को लाभ पहुँचाने का एक तरीका है।

गोवा माइल्स के सीईओ उत्कर्ष दाभाड़े ने कहा कि NPS ड्राइवरों की दीर्घकालीन वित्तीय गरिमा सुनिश्चित करेगा और उन्हें गोवा के आतिथ्य का एम्बेसडर बनाए रखेगा। गोवा माइल्स सभी 5,000 मोबाइलिटी पार्टनर्स के खाते में योगदान करेगा।

कार्यक्रम का समापन सुमित कुमार, मुख्य महाप्रबंधक, PFRDA के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने गोवा सरकार, गोवा माइल्स, HDFC पेंशन फंड और ड्राइवर समुदाय के सहयोग की सराहना की।

यह पहल PFRDA के मिशन “हर पेशा, एक पेंशन” को साकार करने और संदेश “NPS ज़रूरी है” को फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


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