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सुकमा में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी: जंगल से नक्सलियों के हथियारों और गोला-बारूद का डंप बरामद

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 सुकमा (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भेज्जी थाना क्षेत्र के बोधराजपाड़र के जंगलों में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा जमीन में छिपाकर रखा गया हथियारों और गोला-बारूद का डंप बरामद किया है। मौके से एक रायफल और दर्जनों जिंदा कारतूस जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


मुख्य बिंदु 

  • बरामदगी: एक .315 बोर बोल्ट एक्शन रायफल, 7.62×39 मिमी के 47 जिंदा कारतूस, 7.62×51 मिमी के 2 जिंदा कारतूस और एक एल्यूमिनियम कंटेनर।

  • संयुक्त टीम: भेज्जी थाना पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) की 50वीं बटालियन की कार्रवाई।

  • नेतृत्व: एसपी मयंक गुर्जर के निर्देशन और एएसपी (ऑप्स) रोहित शाह के मार्गदर्शन में चला अभियान।

खुफिया इनपुट पर हुई कार्रवाई

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सलियों ने बोधराजपाड़र के जंगलों में हथियार और गोला-बारूद छिपाकर रखे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए 3 अगस्त को भेज्जी थाना पुलिस और सीआरपीएफ 50वीं बटालियन की संयुक्त टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया। सघन तलाशी के दौरान जवानों ने जमीन में दबाकर रखा गया डंप ढूंढ निकाला।

अभियान रहेगा जारी

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सुरक्षा बल नक्सलियों के ठिकानों, डंप और गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और आगे भी इस तरह के सर्च ऑपरेशन चलाए जाते रहेंगे।

प्रमुख बदलाव जो किए गए हैं:

  • हेडलाइन एवं सब-हेडलाइन: खबर को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए स्पष्ट शीर्षक दिया गया है।
  • स्थान-रेखा (Dateline): समाचार के प्रारंभ में सुकमा (छत्तीसगढ़) जोड़ा गया है, जो अखबारों का मानक प्रारूप है।
  • हाइलाइट्स (Highlights) बॉक्स: पाठकों के लिए एक ही नज़र में मुख्य जानकारी (क्या बरामद हुआ, कौन सी टीम शामिल थी) समझना आसान बना दिया गया है।
  • पैराग्राफ फ्लो: वाक्यों को अखबार की सम्पादकीय शैली (Editorial Style) के अनुरूप व्यवस्थित किया गया है।

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ेगा विकास का स्वर्णिम भविष्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई

रायपुर- छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के बीच आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि के नए युग की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद वर्षों तक प्रदेश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बना रहा और विशेष रूप से बस्तर अंचल लंबे समय तक लाल आतंक के साये में रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और नक्सल प्रभावित सभी क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा मजबूत हो रही है। बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण तैयार हो रहा है, जिससे आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और प्रभावी रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भयमुक्त और सुरक्षित छत्तीसगढ़ का सपना आज साकार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी शहादत ने इस सफलता की नींव रखी है। उन्होंने सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके अथक प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नक्सलमुक्त वातावरण में अब छत्तीसगढ़ तेज गति से विकास के नए सोपान गढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समापन समारोह में किया राज्य की प्रगति और विकास का गौरवपूर्ण उल्लेख

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रायपुर-उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह महोत्सव राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति को प्रदर्शित किया गया।

समारोह में उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की उल्लेखनीय प्रगति और समावेशी विकास पर प्रकाश डालते हुए इसे एक विकसित भारत की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में विकास और विश्वास ने भय और हिंसा का स्थान लिया है।”

उन्होंने जनजातीय समुदायों को राज्य की वन, संस्कृति और विरासत का संरक्षक बताते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और सतत जीवन शैली की सराहना की। साथ ही, राज्य की सामूहिक इच्छाशक्ति और विकास के माध्यम से नक्सलवाद को समाप्त करने की सफलता की भी उन्होंने प्रशंसा की।

उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के नागरिकों—किसानों, युवाओं, उद्यमियों और शिक्षकों—की भागीदारी को राज्य की सफलता की नींव बताया और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदान की भी सराहना की।

उन्होंने राज्य में विकास किए गए बुनियादी ढांचे, जैसे सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी और नवा रायपुर को भारत का पहला ग्रीनफील्ड शहर बनाने के प्रयासों की विशेष रूप से तारीफ की। उपराष्ट्रपति ने "अंजोर विज़न @2047" के तहत छत्तीसगढ़ द्वारा अपनाई जा रही उभरती प्रौद्योगिकियों—सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजिटल शासन सुधारों—को भी रेखांकित किया।

सांस्कृतिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने राज्य के पारंपरिक नृत्यों जैसे पंथी और कर्मा, आदिवासी कला और शिल्प को भी सराहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विविधता में एकता का प्रतीक है, जहाँ सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिकीकरण संतुलन में हैं।

समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकियों और वैश्विक अवसरों का लाभ उठाते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

उपराष्ट्रपति ने महोत्सव को केवल अतीत के उत्सव के रूप में नहीं बल्कि भविष्य के लिए एक प्रतिज्ञा के रूप में देखा—एक विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से एक विकसित भारत का निर्माण, लोकतंत्र को मजबूत करना और संस्कृति का सम्मान करना।


प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा और विकास की नई राह: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम ने बढ़ाया लोगों का सरकार पर विश्वास | 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना राज्य सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि सरकार नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर को सुधार रही है। अब तक कई गांव पुनः आबाद हो चुके हैं और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों तक पहुँच रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी सहकारी समितियों के माध्यम से की जा रही है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों की भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

विदेश यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान में 24 से 31 अगस्त तक आयोजित छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया। निवेशकों को नई उद्योग नीति से अवगत कराया गया, जिसमें रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य की 44 प्रतिशत वन आच्छादित भूमि आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में विशाल अवसर प्रदान करती है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने बड़ी प्रगति की है—वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान कार्यरत हैं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए, क्योंकि इससे सड़क दुर्घटनाएँ बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि गौवंश की रक्षा सबकी जिम्मेदारी है और गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। इसी के अनुरूप अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) तैयार किया गया है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में योगदान दें।


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