Media24Media.com: #MyGovIndia

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #MyGovIndia. Show all posts
Showing posts with label #MyGovIndia. Show all posts

परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए पंजीकरण ने पार किया 3 करोड़ का आंकड़ा

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख पहल ‘परीक्षा पे चर्चा (PPC)’ के लिए पंजीकरण ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 30 दिसंबर 2025 तक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों सहित 3 करोड़ से अधिक पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं।

यह अभूतपूर्व प्रतिक्रिया कार्यक्रम की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है और यह साबित करती है कि परीक्षा से जुड़े तनाव और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर छात्रों से संवाद स्थापित करने में यह पहल कितनी सफल रही है। इतनी बड़ी भागीदारी यह भी दर्शाती है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ अब एक जन आंदोलन के रूप में उभर चुकी है, जो देशभर के विद्यार्थियों और शिक्षकों से गहराई से जुड़ रही है।

परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 1 दिसंबर 2025 से MyGov पोर्टल पर शुरू किए गए थे। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला यह कार्यक्रम अब सीखने, संवाद और सकारात्मक सोच का एक प्रतीक्षित उत्सव बन चुका है, जो छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को एक साझा मंच पर लाता है।

परीक्षा पे चर्चा 2026 में भाग लेने के लिए यहां पंजीकरण करें:

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर MyGov की पहल

No comments Document Thumbnail

भारत सरकार के नागरिक सहभागिता मंच MyGov ने, पूरे भारत में नागरिकों के साथ सार्थक जुड़ाव को अपने मूल उद्देश्य के रूप में रखते हुए, राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर कई पहलें कीं। इन पहलों का उद्देश्य भारत की उल्लेखनीय अंतरिक्ष यात्रा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और ज्ञान फैलाना था। इसके तहत नागरिकों की भागीदारी के लिए रचनात्मक प्रतियोगिताएं, जानकारीपूर्ण सोशल मीडिया अभियान, न्यूज़लेटर, ब्लॉग, पॉडकास्ट और वीडियो जैसे अनेक माध्यम तैयार किए गए।

इन प्रयासों में से एक प्रमुख पहल थी नेशनल स्पेस डे क्विज़ 2025। यह क्विज़ जिज्ञासा जगाने, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और जनता को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के साथ जोड़ने के लिए आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से हजारों उत्साही प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसके अलावा, MyGov ने शीर्ष 100 विजेताओं को 11 नवंबर 2025 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र – श्रीहरिकोटा रेंज (SDSC SHAR) के दौरे का विशेष अवसर प्रदान किया।

विजेताओं के इस दौरे ने उन्हें भारत के विश्वस्तरीय अंतरिक्ष अनुसंधान और लॉन्च ऑपरेशनों की पर्दे के पीछे की जानकारी प्राप्त करने का अनूठा अवसर दिया। प्रतिभागियों ने वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ इंटरएक्टिव सत्रों में भाग लिया, जिसमें भारत की अंतरिक्ष यात्रा, प्रमुख उपलब्धियां और अत्याधुनिक तकनीकी विकास की जानकारी दी गई। गाइडेड टूर के दौरान, विजेताओं ने मास्टर कंट्रोल सेंटर और लॉन्च पैड 1 और 2 का दौरा किया, जो वे प्लेटफ़ॉर्म हैं जिनसे भारत के लॉन्च वाहन अंतरिक्ष में प्रस्थान करते हैं। प्रतिभागियों ने रॉकेट के असेंबल, परीक्षण, परिवहन और लॉन्च की विशाल इन्फ्रास्ट्रक्चर का अवलोकन किया—यह मिशन की सफलता सुनिश्चित करने की तैयारी की दुर्लभ झलक थी।

विजेताओं ने इस अनुभव को “जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर” बताते हुए ISRO की नवाचार, सटीकता और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। कई प्रतिभागियों ने साझा किया कि इस दौरे ने उन्हें विज्ञान, इंजीनियरिंग और अनुसंधान में करियर बनाने की प्रेरणा दी।

ISRO का निरंतर नवाचार और वैश्विक सहयोग भारत को वैश्विक अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में एक प्रमुख नेता बनाने में योगदान दे रहा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, ISRO अदित्या-1 (Aditya-L1), गगनयान (Gaganyaan) और आगामी इंटरप्लानेटरी मिशनों जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों के साथ अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। नेशनल स्पेस डे क्विज़ जैसी पहलों से सरकार की वैज्ञानिक ज्ञान तक लोकतांत्रिक पहुँच और अगले पीढ़ी के नवाचारकों व अन्वेषकों को पोषण देने की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।

2025 का दौरा MyGov द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के अंतरिक्ष क्विज़ का तीसरा सफल वर्ष है—जिसकी शुरुआत 2023 में चंद्रयान-3 महाक्विज़ से हुई, इसके बाद 2024 में नेशनल स्पेस डे क्विज़, और अब 2025 संस्करण—प्रत्येक वर्ष शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं के लिए ISRO परिसर का प्रेरणादायक शैक्षिक दौरा आयोजित करके समाप्त होता है। इन सतत प्रयासों के माध्यम से, MyGov नागरिकों को भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों से जोड़ता रहा है, जिससे जिज्ञासा, नवाचार और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा मिलता है।


‘रिपेरेबिलिटी इंडेक्स के माध्यम से उपभोक्ता सशक्तिकरण’ पर लोगो डिजाइन प्रतियोगिता का शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

मरम्मत के मिशन में जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, उपभोक्ता मामले विभाग ने MyGov और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के उपभोक्ता विधि अध्यक्ष (Chair on Consumer Law) के सहयोग से ‘रिपेरेबिलिटी इंडेक्स के माध्यम से उपभोक्ता सशक्तिकरण’ विषय पर लोगो डिजाइन प्रतियोगिता प्रारंभ की है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों से रचनात्मक विचार प्राप्त करना और इस मिशन में व्यापक सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

पहले, उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने और ई-कचरे को कम करने के लिए ‘राइट टू रिपेयर थ्रू रिपेरेबिलिटी इंडेक्स फ्रेमवर्क’ विकसित किया था, जिससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सूचित उत्पाद चयन में सहायता मिल सके। यह ढांचा उपभोक्ताओं को नए उत्पाद खरीदने के बजाय अपने उत्पादों की मरम्मत उचित लागत पर कराने का अवसर प्रदान करेगा।

इस लोगो के उद्देश्य:

  1. किसी उत्पाद की रिपेरेबिलिटी इंडेक्स रेटिंग को स्पष्ट रूप से दर्शाना।

  2. “राइट टू रिपेयर” और “सर्कुलर इकोनॉमी” के मूल सिद्धांतों का प्रतीक बनना।

  3. उपभोक्ताओं द्वारा आसानी से पहचाने जाने योग्य एक प्रमाणन चिह्न के रूप में कार्य करना।

यह प्रस्तावित लोगो भारत के सर्कुलर इकोनॉमी की ओर संक्रमण का दृश्य प्रतीक होगा, जो जिम्मेदार उपभोग और उपभोक्ता सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा।

रिपेरेबिलिटी इंडेक्स फ्रेमवर्क के प्रारंभिक फोकस क्षेत्र हैं — कृषि उपकरण, मोबाइल फोन एवं टैबलेट, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, ऑटोमोबाइल एवं ऑटोमोबाइल उपकरण। उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ता अधिकारों को सुदृढ़ करने, सतत उपभोग को प्रोत्साहित करने और सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए बहु-आयामी रणनीति अपनाई है। यह उपभोक्ताओं के धन की बचत करेगा और उपकरणों की आयु, रखरखाव, पुन: उपयोग, अपग्रेड, पुनर्चक्रण एवं अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी के उद्देश्यों को आगे बढ़ाएगा।

इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके खरीदे गए उत्पादों पर वास्तविक “स्वामित्व” प्रदान करना और व्यापार एवं मरम्मत पारिस्थितिकियों को LiFE (Lifestyle for Environment) आंदोलन के “सतर्क एवं सोच-समझकर उपयोग” के आह्वान के अनुरूप बनाना है। इन उद्देश्यों को क्रियान्वित करने हेतु “राइट टू रिपेयर पोर्टल इंडिया” 24 दिसंबर 2022 को राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर प्रारंभ किया गया था। यह पोर्टल उपभोक्ताओं, निर्माताओं और तृतीय पक्ष मरम्मतकर्ताओं के लिए एकीकृत डिजिटल मंच के रूप में कार्य करता है।

जब यह ढांचा लागू होगा, तो यह निर्धारित मुख्य मानकों पर आधारित होगा, जिनके आधार पर उत्पादों की मरम्मत-सुलभता का आकलन, रेटिंग और तुलना की जाएगी। इस पहल को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने और जनता के बीच पहचान एवं विश्वास बढ़ाने के लिए यह लोगो डिजाइन प्रतियोगिता शुरू की गई है।

प्रतियोगिता की प्रमुख जानकारी:

  • प्रतियोगिता में भारत के सभी नागरिक (1 नवंबर 2025 तक 16 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले) भाग ले सकते हैं।

  • प्रतिभागियों को मौलिक (original) लोगो डिजाइन प्रस्तुत करना होगा, साथ में एक संक्षिप्त अवधारणा नोट (concept note) भी देना होगा जिसमें डिजाइन विचार और विषय से उसका संबंध स्पष्ट किया गया हो।

  • प्रविष्टियाँ निर्धारित प्रारूप में MyGov पोर्टल (Empowering consumers through Repairability Index | MyGov.in) पर 30 नवंबर 2025 (रात 11:45 बजे IST) तक अपलोड की जानी चाहिए।

  • विजेता प्रविष्टि को ₹25,000/- का नकद पुरस्कार दिया जाएगा और चयनित लोगो को रिपेरेबिलिटी इंडेक्स फ्रेमवर्क का आधिकारिक प्रतीक (emblem) के रूप में अपनाया जा सकता है।

उपभोक्ता मामले विभाग पूरे देश के रचनात्मक नागरिकों, डिजाइनरों, छात्रों और नवप्रवर्तकों को इस राष्ट्रीय प्रयास में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है, ताकि भारत के जिम्मेदार उपभोग और सतत जीवन शैली की दिशा में हो रहे परिवर्तन को एक सशक्त दृश्य पहचान दी जा सके।

पृष्ठभूमि:

जुलाई 2022 में विभाग ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था ताकि “राइट टू रिपेयर” के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय ढांचा तैयार किया जा सके। इसी के अंतर्गत 24 दिसंबर 2022 को “राइट टू रिपेयर पोर्टल इंडिया” का शुभारंभ किया गया।

मार्च 2024 में, विभाग ने चार प्रमुख क्षेत्रों — ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, और कृषि उपकरण — की कंपनियों के साथ एक बैठक आयोजित की ताकि उन्हें पोर्टल पर शामिल किया जा सके। बैठक में सीमित स्पेयर पार्ट्स उपलब्धता, मरम्मत मैनुअल की अनुपलब्धता और उच्च मरम्मत लागत जैसे मुद्दों को उपभोक्ता अधिकारों के लिए प्रमुख बाधाओं के रूप में रेखांकित किया गया।

जुलाई 2024 में, ऑटोमोबाइल संघों और साझेदार कंपनियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई जिसमें मरम्मत मैनुअल और वीडियो को सभी के लिए सुलभ बनाने, तृतीय पक्ष मरम्मतकर्ताओं को सक्षम करने और ऑटोमोटिव उत्पादों के लिए रिपेरेबिलिटी इंडेक्स विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

अगस्त 2024 में, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में “राइट टू रिपेयर” पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य उद्योग हितधारकों के बीच रिपेरेबिलिटी इंडेक्स के प्रमुख मापदंडों पर सहमति बनाना था ताकि उत्पादों की आयु बढ़ाई जा सके, मरम्मत जानकारी तक पहुंच को बढ़ावा दिया जा सके और उपभोक्ताओं को अपने उपकरणों को पुन: उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

इसके बाद, समिति ने 3 मई 2025 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें स्मार्टफोन और टैबलेट को रिपेरेबिलिटी इंडेक्स फ्रेमवर्क के तहत शामिल किए जाने वाले पहले उत्पाद श्रेणी के रूप में अनुशंसित किया गया। समिति ने “प्राथमिक पुर्जे” जैसे बैटरी, डिस्प्ले असेंबली, बैक कवर असेंबली, कैमरे, चार्जिंग पोर्ट, बटन, माइक्रोफोन, स्पीकर, हिंज/फोल्डिंग मैकेनिज्म और ऑडियो कनेक्टर को चिन्हित किया।

रिपेरेबिलिटी इंडेक्स (RI) का मूल्यांकन छह प्रमुख मानकों पर किया जाएगा:

  1. डिसअसेंबली की गहराई,

  2. मरम्मत जानकारी की उपलब्धता,

  3. स्पेयर पार्ट्स की समय पर उपलब्धता,

  4. सॉफ़्टवेयर अपडेट,

  5. टूल्स और

  6. फास्टनर्स (प्रकार एवं उपलब्धता)।

इस योजना के तहत, मूल उपकरण निर्माता (OEMs) मानकीकृत स्कोरिंग मानदंड के आधार पर RI को स्वयं घोषित करेंगे और इसे बिक्री बिंदु, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तथा पैकेजिंग पर QR कोड के माध्यम से प्रदर्शित करेंगे ताकि उपभोक्ता सूचित निर्णय ले सकें।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.