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छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों से मौसम साफ रहने के कारण उमस और गर्मी में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। बारिश की नई गतिविधियों से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।


हाल ही में हुई भारी बारिश से प्रभावित इलाकों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन मौसम विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है। संभावित परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट पर है।

जिलावार वर्षा के आंकड़े (1 जून से 3 अगस्त तक):

1. बीजापुर: औसतन 708.7 मिमी. वर्षा

कलेक्टर कार्यालय (भू-अभिलेख शाखा) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बीजापुर जिले में अब तक औसतन 708.7 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है।

  • सर्वाधिक वर्षा: बीजापुर तहसील (921.1 मिमी.)

  • अन्य तहसीलें:

    • भैरमगढ़: 877.1 मिमी.

    • कुटरू: 819.2 मिमी.

    • गंगालूर: 618.3 मिमी.

    • भोपालपटनम: 600.8 मिमी.

    • उसूर: 415.8 मिमी.

2. बेमेतरा: औसतन 323.7 मिमी. वर्षा

संयुक्त जिला कार्यालय के भू-अभिलेख शाखा के अनुसार बेमेतरा जिले में अब तक औसतन 323.7 मिमी. वर्षा दर्ज हुई है।

  • सर्वाधिक वर्षा: थान खम्हरिया (394.5 मिमी.)

  • न्यूनतम वर्षा: नवागढ़ (243.5 मिमी.)

  • अन्य तहसीलें:

    • बेरला: 355.2 मिमी.

    • साजा: 351.6 मिमी.

    • भिंभौरी: 340.4 मिमी.

    • दाढ़ी: 336.9 मिमी.

    • नांदघाट: 324.1 मिमी.

    • देवकर: 316.5 मिमी.

    • बेमेतरा: 251.0 मिमी.

बाढ़ में फंसे 170 लोगों को भारतीय तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचाया, दमन, दादरा एवं नगर हवेली और दक्षिण गुजरात में चलाया बड़ा रेस्क्यू अभियान

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नई दिल्ली- भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर दमन, दादरा एवं नगर हवेली और दक्षिण गुजरात के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे 170 लोगों को सुरक्षित बचाया। 22 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि से अब तक लगातार बारिश, भीषण बाढ़ और खराब मौसम के बीच 11 सफल रेस्क्यू अभियान चलाए गए।

रेस्क्यू अभियान की शुरुआत 22/23 जुलाई की रात सिलवासा के खानवेल क्षेत्र से पांच लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ हुई। इसके बाद कडैया तटीय क्षेत्र में बाढ़ के कारण नदी किनारे फंसे तीन मछुआरों को बचाया गया।

सबसे बड़े अभियानों में से एक में वेलस्पन इंडस्ट्रियल एरिया से 60 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जहां बाढ़ के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका था।

इसके अलावा बाढ़ के पानी में फंसी एक बस से सात लोगों को, डोंगरी क्षेत्र से 10 लोगों को, वलसाड-पारडी क्षेत्र से हेलीकॉप्टर की मदद से चार लोगों को तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज क्षेत्र से आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

एक अन्य महत्वपूर्ण अभियान में आवध सोसाइटी से 10 लोगों को बचाया गया, जिनमें नौ माह की गर्भवती महिला और सांस लेने में तकलीफ से जूझ रही एक महिला भी शामिल थीं। दोनों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

24 जुलाई को भारतीय तटरक्षक बल के दो हेलीकॉप्टरों ने नवसारी जिले के मेंदर गांव से 33 लोगों को एयरलिफ्ट किया। इनमें एक गंभीर सीने के दर्द से पीड़ित व्यक्ति भी शामिल था, जिसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

लगातार मूसलाधार बारिश, तेज बहाव और बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय तटरक्षक बल के जवान बिना रुके राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रहे। इस अभियान के जरिए तटरक्षक बल ने अपने आदर्श वाक्य "वयम् रक्षामः" (हम रक्षा करते हैं) को एक बार फिर चरितार्थ किया।

भारतीय तटरक्षक बल ने कहा है कि वह नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर पूरी सतर्कता के साथ राहत कार्य जारी रखे हुए है और बाढ़ से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

देशभर में भारी बारिश का अलर्ट: कई राज्यों में मूसलाधार वर्षा की चेतावनी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

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नई दिल्ली- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

प्रशासन ने संबंधित जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। नागरिकों से मौसम की ताज़ा जानकारी पर नज़र रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।

मानसून का प्रकोप: आज देश के 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, छत्तीसगढ़ भी शामिल, रहें सावधान

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 नई दिल्ली / रायपुर : देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई हिस्सों में इसका कड़ा असर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक देश के बड़े हिस्से में बारिश का यह दौर यूं ही जारी रहेगा। आज (22 जुलाई) देश के 18 राज्यों में अति-भारी बारिश (मूसलाधार बारिश) की चेतावनी जारी की गई है।


मौसम विभाग ने सतर्क करते हुए बताया कि बारिश के साथ-साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) तथा मैदानी व निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।

इन राज्यों के लिए जारी हुआ रेड/ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, आज जिन राज्यों में भारी बारिश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • मध्य व पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा।
  • उत्तर व उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर।
  • पश्चिम व दक्षिण भारत: गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तेलंगाना।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय सहित अन्य पूर्वोत्तर राज्य।

मौसम विभाग ने आम जनता को बिना वजह जलभराव वाले क्षेत्रों और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा न करने की सलाह दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

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प्रभावित परिवारों तक बिना विलंब राहत सामग्री एवं आवश्यक सहायता पहुँचाने को कहा

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त संसाधन एवं सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर राहत पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है तथा जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर: आकाशीय बिजली और डूबने से 3 लोगों की मौत, कई जिलों में हाई अलर्ट

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में मानसून अब आफत बनकर बरस रहा है। पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जबकि कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।

इस बीच प्रदेश से दर्दनाक घटनाएँ भी सामने आई हैं। अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और डूबने की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। इन हादसों के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है।

मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएँ तथा आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

मुख्य अपडेट

  • तीन लोगों की मौत आकाशीय बिजली और डूबने की अलग-अलग घटनाओं में।

  • कई जिलों में भारी बारिश, नदियाँ और नाले उफान पर।

  • जलभराव से जनजीवन प्रभावित, कई मार्गों पर आवागमन बाधित।

  • मौसम विभाग का भारी बारिश का अलर्ट जारी।

  • प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।


मुंबई में भारी बारिश का कहर, विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं स्थगित

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मुंबई- महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुंबई विश्वविद्यालय ने 6 जुलाई को आयोजित होने वाली सभी स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा और आवागमन में हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है और स्थानीय ट्रेन एवं सड़क परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि स्थगित परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। छात्रों से अपील की गई है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखें।

प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती-किसानी में तेजी

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राज्य में 4.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य का 10 प्रतिशत बोनी पूर्ण

इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का है लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज

किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित

प्रदेश में अब तक 96.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्जः राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी

रायपुर- प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती किसानी का कार्य तेजी के साथ शुरू हो गया है। राज्य में अब तक 4.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 10 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। 

प्रदेश के किसानों को अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। राज्य में अब तक 7.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 10 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 02 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 96.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।  

अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 4.30 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 3.09 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 62 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में 2.67 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था। इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 47 प्रतिशत है।   

अधिकारियों बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। खरीफ सीजन 2026 के लिए 30 जून की स्थिति में 5525 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 4517 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

छत्तीसगढ़ में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और राज्य के अधिकांश हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आगामी दिनों में कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, महासमुंद, बलौदाबाजार, धमतरी, कांकेर, बस्तर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। समय पर और पर्याप्त वर्षा से धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी तथा सिंचाई पर निर्भरता कम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों की तैयारी और रोपाई कार्य में जुट गए हैं।

हालांकि, मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है।


कमजोर मानसून और एल नीनो की आशंका के बीच केंद्र सरकार अलर्ट, 315 जिलों की पहचान

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नई दिल्ली- देश में इस वर्ष एल नीनो और कमजोर मानसून की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने राज्यों के कृषि मंत्रियों, जिला कलेक्टरों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), ICAR-CRIDA और भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।


बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून में काफी देरी हुई है और अब तक सामान्य से लगभग 43 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई की शुरुआत तक भी वर्षा कमजोर रहने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है।

315 जिले चिन्हित, 111 सबसे अधिक संवेदनशील

कृषि मंत्रालय और ICAR द्वारा किए गए वैज्ञानिक आकलन के आधार पर देश के 315 जिलों को कमजोर मानसून से प्रभावित होने की आशंका वाले जिलों के रूप में चिन्हित किया गया है।

  • 111 जिले उच्च प्राथमिकता श्रेणी में

  • 76 जिले मध्यम प्राथमिकता श्रेणी में

  • 128 जिले निम्न प्राथमिकता श्रेणी में

ये जिले मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में स्थित हैं।

हर जिले के लिए तैयार की गई विशेष योजना

सरकार ने सभी जिलों के लिए जिला कृषि आकस्मिकता योजना (District Agriculture Contingency Plan) तैयार की है। इसमें कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक फसलें, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के उपाय शामिल हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ये योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जरूरत पड़ने पर तुरंत लागू की जाएं।


जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता

संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

इसके तहत:

  • तालाबों और जलाशयों की मरम्मत

  • चेक डैम और स्टॉप डैम निर्माण

  • वर्षा जल संचयन

  • मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण कार्य

को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों को वैकल्पिक फसलें अपनाने की सलाह

सरकार ने किसानों को कम पानी वाली और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों को अपनाने की सलाह दी है। विशेष रूप से:

  • दालें

  • श्री अन्न (मिलेट्स)

  • तिलहन फसलें

को बढ़ावा दिया जाएगा।

साथ ही अंतरफसल (Intercropping) और मिश्रित खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि किसी एक फसल के नुकसान की स्थिति में किसानों की आय प्रभावित न हो।

बीज और उर्वरकों का पर्याप्त भंडार

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज और उर्वरक उपलब्ध हैं।

  • अतिरिक्त बीज भंडार सुरक्षित रखा गया है।

  • पुनः बुवाई की स्थिति के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

  • यूरिया, डीएपी, एनपीके और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है।

किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक मार्गदर्शन

देश के 731 कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs) किसानों को मौसम और फसलों से संबंधित वैज्ञानिक सलाह देंगे।

इसके लिए:

  • एसएमएस

  • व्हाट्सएप संदेश

  • कॉल सेंटर

  • रेडियो और टीवी

  • सोशल मीडिया

का उपयोग किया जाएगा ताकि किसानों तक समय पर सही जानकारी पहुंच सके।

पशुपालकों के लिए भी तैयारी

कमजोर मानसून के कारण चारे की कमी की आशंका को देखते हुए सरकार ने अग्रिम योजना तैयार की है। जरूरत पड़ने पर चारा अधिशेष क्षेत्रों से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जाएगा।

किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच

सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए:

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)

का अधिकतम लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

किसानों से अपील: घबराएं नहीं

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील करते हुए कहा,

"घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तरह तैयार हैं। वैज्ञानिक संस्थानों, प्रशासन और किसानों के सहयोग से हर चुनौती का सामना किया जाएगा।"


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