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इंडिया स्किल 2025-26 में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता

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छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते 12 पदक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई 

रायपुर- युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार का कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इंडिया स्किल प्रतियोगिता 2025-26 में छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं ने ईस्ट ज़ोन रीजनल प्रतियोगिता में 12 पदक और 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। यह प्रतियोगिता क्रमशः चार चरणों में जिला, राज्य, रीजनल एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को वर्ल्ड स्किल्स इंटरनेशनल के अंतर्गत भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। राज्य सरकार कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक प्रशिक्षण, नवाचार और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। यह सफलता सशक्त युवा, समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ईस्ट जोन की रीजनल प्रतियोगिता का समापन 02 मार्च 2026 को भुवनेश्वर में हुआ, जिसमें ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के 200 से अधिक प्रतिभागियों ने 59 कौशल श्रेणियों में भाग लिया। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदक एवं 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस सम्मान अर्जित किए, जिनमें 01 स्वर्ण, 02 रजत, 05 कांस्य पदक तथा 04 मेडल ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं। 

डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया में सुनील कुमार पैतल ने स्वर्ण पदक, 3डी डिजिटल गेम आर्ट में खुशांक नायक, सीएनसी मिलिंग में पुष्कर सोनबर एवं सीएनसी टर्निंग में आत्माराम ने रजत पदक अर्जित कर राज्य को गौरवान्वित किया। इसी तरह सीएनसी मिलिंग में निखिल, इलेक्ट्रॉनिक्स में अभिषेक कुमार, प्लंबिंग एवं हीटिंग में रेशमान, वेब टेक्नोलॉजी में सतेंद्र कुमार ने कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। इसी तरह रेन्यूबल एनर्जी में नोहर लाल पटेल, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में ओम बंजारे, हेल्थ एंड सोशल केयर में अंतरा मुखर्जी ने मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त किया। 

उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रतियोगिता का सफल आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया। 19 कौशल ट्रेड्स में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 3327 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 381 प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु चयनित हुए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 03 एवं 04 फरवरी 2026 को रायपुर, दुर्ग एवं रायगढ़ जिलों के प्रतिष्ठित संस्थानों में संपन्न हुई। व्यावहारिक मूल्यांकन के पश्चात 38 प्रतिभागियों का चयन रीजनल स्तर के लिए किया गया। रीजनल स्तर पर सफल प्रतिभागी अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। राज्य में पहली बार कौशल तिहार 2025 एवं मोबाइल आधारित एमसीक्यू परीक्षा जैसे नवाचारों के माध्यम से प्रतियोगिता का व्यापक एवं पारदर्शी संचालन किया गया।


“IndiaSkills Regional Competition 2025–26 (North-East) का उद्घाटन: उत्तर-पूर्व के युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान का अवसर”

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गुवाहाटी (असम)- कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा मंत्री,जयंत चौधरी ने आज गुवाहाटी विश्वविद्यालय में IndiaSkills Regional Competition 2025–26 (North-East) का उद्घाटन किया। इस प्रतियोगिता में उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों के युवा 26 कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

यह पहली बार है जब भारत की प्रमुख कौशल प्रतियोगिता उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में आयोजित की जा रही है, जिससे यहां के युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का एक बड़ा अवसर मिल रहा है। इस आयोजन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने कार्यान्वयन भागीदार के रूप में सहयोग किया।

उद्घाटन समारोह में गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नानी गोपाल महंता, असम सरकार के प्रमुख सचिव ग्यानेंद्र देव त्रिपाठी, तथा MSDE की संयुक्त सचिव हेना उस्मान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की उत्तर-पूर्व पर निरंतर ध्यान और नीति प्राथमिकता ने क्षेत्र के युवाओं में आत्मविश्वास और अवसरों की नई लहर पैदा की है। उन्होंने IndiaSkills को केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि कौशल, अनुशासन और श्रम की गरिमा का उत्सव बताया।

जयंत चौधरी ने यह भी कहा कि NEP 2020 के अनुरूप शिक्षा और कौशल विकास के बीच तालमेल बढ़ना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता, उद्यमिता और आजीवन सीखने के अवसर बढ़ते हैं।

यह क्षेत्रीय प्रतियोगिता उत्तर-पूर्व में कौशल विकास के मजबूत ढांचे को दर्शाती है। इस प्रतियोगिता में 162 प्रतियोगी भाग ले रहे हैं और इसमें तकनीकी, डिजिटल, परंपरागत और सेवा क्षेत्रों के विविध कौशल शामिल हैं, जैसे:

  • ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी

  • क्लाउड कंप्यूटिंग

  • मोबाइल ऐप डेवलपमेंट

  • वेब टेक्नोलॉजी

  • इलेक्ट्रॉनिक्स

  • CNC मिलिंग/टर्निंग

  • वेल्डिंग

  • फैशन टेक्नोलॉजी

  • बेकरी और पेस्ट्री

  • होटल रिसेप्शन

  • रेस्टोरेंट सर्विस

  • स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल

  • रिटेल सेल्स

  • विजुअल मर्चेंडाइजिंग

प्रतियोगिता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती हुई देखी गई, विशेषकर तकनीकी क्षेत्रों में जैसे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, CNC, वेल्डिंग आदि। यह संकेत है कि उत्तर-पूर्व में कौशल क्षेत्र में लिंग समानता और डिजिटल-तकनीकी क्षमता का विकास हो रहा है।

IndiaSkills प्रतियोगिता एक चरणबद्ध मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए आयोजित की जाती है—जिला स्तर, राज्य स्तर, क्षेत्रीय स्तर, और फिर राष्ट्रीय स्तर। क्षेत्रीय विजेता IndiaSkills National Competition में भाग लेंगे, और सफल प्रतियोगियों को WorldSkills Competition 2026 (शंघाई) में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।


उत्तरी-पूर्व की प्रतिभा का राष्ट्रीय मंच: इंडिया स्किल्स 2025–26 का नॉर्थ ईस्ट रीजनल कॉम्पटीशन गुवाहाटी में 19–22 जनवरी 2026 को

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भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा आयोजित इंडिया स्किल्स 2025–26 के नॉर्थ ईस्ट रीजनल कॉम्पटीशन का आयोजन 19 से 22 जनवरी 2026 तक गुवाहाटी विश्वविद्यालय, असम में किया जा रहा है। यह पहली बार है जब उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए समर्पित रीजनल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी आठ राज्यों की प्रतिभाएँ 26 विभिन्न कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

इस प्रतियोगिता का उद्घाटन 19 जनवरी 2026 को कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री, जयंत चौधरी द्वारा किया जाएगा। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) इस प्रतियोगिता का ज्ञान साझेदार और कार्यान्वयन एजेंसी है।

इंडिया स्किल्स, भारत की प्रमुख राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता है, जो देश के सर्वश्रेष्ठ कौशल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और वैश्विक मानकों के अनुसार उनकी तुलना करने का एक मंच है। इस वर्ष के इंडिया स्किल्स 2025–26 साइकिल में 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3.65 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने 63 कौशल श्रेणियों में पंजीकरण किया है।

नॉर्थ ईस्ट रीजनल प्रतियोगिता का उद्देश्य क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर लाना, भौगोलिक और लॉजिस्टिक बाधाओं को कम करना, तथा स्थानीय कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। इस प्रतियोगिता के विजेता इंडिया स्किल्स 2025–26 के राष्ट्रीय चरण में प्रवेश करेंगे और देश के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली प्रतिभाओं की श्रृंखला को आगे बढ़ाएंगे।


मुंबई में उद्योग–सरकार कौशल संवाद आयोजित, पीएम-सेतु से उद्योग-संगत कौशल विकास को मिलेगा नया आयाम

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कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के साथ साझेदारी में आज ताज महल पैलेस, मुंबई में “कौशल प्रतिभा के लिए उद्योग–सरकार सहयोग को सशक्त बनाना” विषय पर एक उच्चस्तरीय उद्योग संवाद का आयोजन किया। इस संवाद की अध्यक्षता जयंत चौधरी, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार ने की। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, आतिथ्य, बैंकिंग और विनिर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों के वरिष्ठ उद्योग नेताओं, विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा उद्योग-संगत कौशल ढांचे को मजबूत करने और रोजगारपरकता बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि भारत एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहाँ तीव्र तकनीकी परिवर्तन, कार्यस्थलों के बदलते स्वरूप और जनसांख्यिकीय बदलाव विभिन्न क्षेत्रों में कौशल आवश्यकताओं को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी युवा आबादी के बावजूद उद्योगों को जॉब-रेडी प्रतिभा न मिल पाना कौशल असंतुलन को दर्शाता है, जिससे उद्योग–सरकार के बीच अधिक गहन और संरचित सहयोग की आवश्यकता स्पष्ट होती है।

मंत्री ने उत्कृष्टता केंद्रों (Centres of Excellence – CoEs) के लिए एक सुसंगत राष्ट्रीय ढांचा विकसित करने की सरकार की महत्वाकांक्षा को रेखांकित किया, जिसमें उन्नत कौशल, उद्योग प्रासंगिकता और मापनीय रोजगार परिणामों पर विशेष ध्यान होगा। उन्होंने बताया कि CoEs को उच्च स्तरीय कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षक उत्कृष्टता और पाठ्यक्रम नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो सीधे उद्योग की मांग से जुड़े होंगे।

जयंत चौधरी ने सरकार की प्रमुख पहल पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) का भी उल्लेख किया, जिसे आईटीआई को आधुनिक, आकांक्षी और परिणामोन्मुख संस्थानों के रूप में पुनर्स्थापित करने वाला एक परिवर्तनकारी सुधार बताया। लगभग ₹60,000 करोड़ के अनुमानित परिव्यय के साथ, पीएम-सेतु के तहत 1,000 सरकारी आईटीआई को उद्योग-संगत उत्कृष्टता केंद्रों में उन्नत किया जाएगा। इसके लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई को जोड़कर देशभर में गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार किया जाएगा। इस योजना की एक प्रमुख विशेषता उद्योग-नेतृत्व वाली गवर्नेंस है, जिसे विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के माध्यम से लागू किया जाएगा। यह एसपीवी वित्तीय प्रबंधन, अवसंरचना और उपकरण विकास, निगरानी एवं मूल्यांकन, हितधारक सहभागिता और उद्योग सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मंत्री ने कहा,

“पीएम-सेतु व्यावसायिक संस्थानों के उद्योग से जुड़ने के तरीके में एक प्रणालीगत बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। पाठ्यक्रम डिजाइन, प्रशिक्षक प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट में उद्योग की भागीदारी सुनिश्चित कर हम ऐसे आईटीआई बना रहे हैं, जो घरेलू और वैश्विक श्रम बाजार की जरूरतों के अनुरूप, प्रासंगिक और आकांक्षी हों।”

उन्होंने स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर्स (SIICs) की रणनीतिक भूमिका पर भी प्रकाश डाला, जो वैश्विक गतिशीलता को समर्थन देते हैं, और उद्योग से आग्रह किया कि वे SIICs को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले प्रशिक्षण और विदेश रोजगार के प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। साथ ही, उन्होंने विश्व आर्थिक मंच (WEF) के स्किल एक्सेलेरेटर में भारत की भागीदारी को हाल ही में मिली कैबिनेट मंजूरी का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भारत की कौशल प्रणाली को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में मदद मिलेगी।

परिणाम मापन और पारदर्शिता पर जोर देते हुए, मंत्री ने एम्प्लॉयबिलिटी मैट्रिक्स को एक विश्वसनीय और मानकीकृत सूचकांक बताया, जो विभिन्न क्षेत्रों में जॉब-रेडीनेस का आकलन करने में सहायक होगा। उन्होंने APAAR ID और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया, जो लचीले शिक्षण मार्ग, क्रेडिट पोर्टेबिलिटी और आजीवन कौशल उन्नयन को संभव बनाते हैं। अप्रेंटिसशिप पर बोलते हुए उन्होंने NAPS और NATS के तहत भागीदारी बढ़ाने पर सरकार के फोकस को दोहराया और इसे शिक्षा तथा रोजगार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताया।

अर्चना मयराम, आर्थिक सलाहकार, MSDE ने गोलमेज चर्चाओं की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए उद्योग की मांग और उपलब्ध कौशल के बीच बढ़ते अंतर पर प्रकाश डाला। पीएम-सेतु पर प्रस्तुति देते हुए उन्होंने कहा कि नियोक्ताओं को उपयुक्त दक्षताओं वाले उम्मीदवार ढूंढने में कठिनाई हो रही है, जबकि तीव्र तकनीकी बदलाव उद्योगों से उभरते कौशलों के प्रति निरंतर सजग रहने की अपेक्षा करता है। उन्होंने जनरेशन-ज़ेड की बदलती अपेक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे त्वरित प्रतिफल चाहते हैं और करियर स्थिरता को लेकर चिंतित रहते हैं, इसलिए कौशल को अधिक आकांक्षी बनाना, आत्मसम्मान को मजबूत करना और सार्थक रोजगार के स्पष्ट मार्ग तैयार करना आवश्यक है—जिसे पीएम-सेतु जैसी पहलें संबोधित करती हैं।

उद्योग की ओर से बी. थियागराजन, अध्यक्ष, CII ने कौशल पारिस्थितिकी तंत्र में उद्योग की सह-निर्माता की भूमिका पर बल दिया और कहा कि प्रशिक्षण को कार्यस्थल की वास्तविकताओं और भविष्य के विकास क्षेत्रों के अनुरूप बनाए रखने के लिए सरकार के साथ निकट सहयोग आवश्यक है। आशंक देसाई, अध्यक्ष, मास्टेक ने नए और सहयोगात्मक कौशल मॉडल विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उभरती औद्योगिक आवश्यकताओं और तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए उद्योग, प्रशिक्षण संस्थानों और सरकार के बीच घनिष्ठ साझेदारी अनिवार्य है।

इंटरएक्टिव सत्र के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने CII और मंत्री के साथ विचार साझा किए कि विभिन्न उद्योग सरकार के साथ मिलकर कौशल विकास में कैसे योगदान दे सकते हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि समन्वित प्रशिक्षण कार्यक्रम और मजबूत प्लेसमेंट से प्रशिक्षणार्थियों के नामांकन और रोजगार अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। विचार-विमर्श का केंद्र उद्योग-नेतृत्व वाले कौशल मॉडल को सशक्त बनाना, प्रशिक्षण संस्थानों का आधुनिकीकरण, अप्रेंटिसशिप का विस्तार और श्रम-बाजार की आवश्यकताओं के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना रहा।

सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सरकार और उद्योग के बीच निरंतर सहयोग ही एक कुशल, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की कुंजी है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूती प्रदान करेगा।

NCVET ने अदानी स्किल्स एंड एजुकेशन फाउंडेशन को अवार्डिंग बॉडी (स्टैंडर्ड) के रूप में मान्यता दी

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राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVET) ने 26 नवंबर 2025 को अदानी स्किल्स एंड एजुकेशन फाउंडेशन के साथ समझौता किया, जिसके तहत इसे Awarding Body (Standard) के रूप में मान्यता दी गई और इसे पूरे भारत में क्षेत्रीय अधिकार प्राप्त हुए।

इस मान्यता के तहत अदानी स्किल्स एंड एजुकेशन फाउंडेशन अब पोर्ट लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में NCVET द्वारा अनुमोदित योग्यताओं के लिए शिक्षार्थियों को प्रमाणित और मान्यता प्रदान कर सकेगा। यह पूरे देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की संरचित, जवाबदेह और गुणवत्ता-आधारित डिलीवरी सुनिश्चित करता है।

NCVET राष्ट्रीय कौशल पारिस्थितिकी तंत्र में उद्योग की भागीदारी को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर में विशेष विशेषज्ञता रखने वाली अदानी स्किल्स एंड एजुकेशन फाउंडेशन के साथ यह सहयोग उद्योग-संरेखित मानक, NCVET दिशानिर्देशों के अनुसार उन्नत प्रशिक्षण गुणवत्ता और शिक्षार्थियों के लिए विस्तारित अवसर प्रदान करेगा।

NCVET ने पोर्ट मैनेजमेंट डोमेन में अदानी स्किल्स एंड एजुकेशन फाउंडेशन की पहली योग्यता को मंजूरी दी है। यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में कुशल कार्यबल की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

NCVET इस सहयोग के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण परिदृश्य को और सशक्त बनाने और युवाओं को विश्वसनीय कौशल और राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने की उम्मीद करता है।

ग्लोबल मंच पर भारत की नई छलांग: स्किल्स एशिया 2025 के लिए टीम इंडिया रवाना

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कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने आज चीनी ताइपे में 27–29 नवंबर 2025 को होने वाली विश्व स्किल्स एशिया प्रतियोगिता (WSAC) 2025 में भाग लेने वाले भारतीय दल के विदा समारोह (Send-Off Ceremony) का आयोजन किया। यह पहली बार है जब भारत वर्ल्ड स्किल्स एशिया मंच पर हिस्सा ले रहा है, जो देश की वैश्विक कौशल यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्यमंत्री जयंती चौधरी, तथा MSDE की सचिव देबाश्री मुखर्जी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में MSDE के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार ज्ञान भूषण और प्रसिद्ध अभिनेता सुदेश बेरी ने भी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

इस वर्ष की इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता में 38 कौशल वर्गों में 500+ प्रतियोगी लगभग 40 सदस्य और आमंत्रित देशों से हिस्सा ले रहे हैं। भारत का दल, जिसे राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के नेतृत्व में तैयार किया गया है, 23 प्रतियोगियों और 21 विशेषज्ञों के साथ 21 कौशल श्रेणियों में हिस्सा लेगा—एशिया के सर्वश्रेष्ठ युवा पेशेवरों के बीच भारत की कौशल क्षमता को प्रदर्शित करते हुए।

समारोह को संबोधित करते हुए, जयंती चौधरी ने कहा:

“वर्ल्ड स्किल्स एशिया में भाग लेने वाले युवा प्रतियोगी भारत की वैश्विक कौशल नेतृत्व क्षमता का प्रतीक हैं। हमें विश्वास है कि महीनों की कठोर प्रशिक्षण प्रक्रिया, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और सेक्टर स्किल काउंसिल्स, मंत्रालय व उद्योग साझेदारों का सहयोग उन्हें श्रेष्ठ प्रदर्शन में सक्षम बनाएगा। सरकार विश्व की कौशल राजधानी बनने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिभाओं को सशक्त बनाने हेतु प्रतिबद्ध है।”

भारतीय प्रतिभागी डिजिटल एवं आईटी तकनीक, मोबाइल रोबोटिक्स, मेक्ट्रॉनिक्स, CNC मिलिंग, वेब डेवलपमेंट, ऑटोमोटिव रिपेयर, फैशन टेक्नोलॉजी, ग्राफिक डिजाइन, ब्यूटी थैरेपी सहित कई नई और पारंपरिक उच्च-डिमांड कौशलों में दक्षता प्रदर्शित करेंगे।

इन प्रतियोगियों का चयन इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2024 के माध्यम से कई चरणों की कड़ी प्रक्रिया द्वारा किया गया, जिसे NSDC द्वारा आयोजित किया गया था। राष्ट्रीय पदक विजेताओं को विश्व स्तर की प्रतिष्ठित कौशल प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है।

MSDE की सचिव, देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि विश्व स्किल्स एशिया में भारत की पहली भागीदारी कौशल विकास यात्रा का ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और मूल्यांकन प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने से हमारे युवा प्रतियोगी अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरने में सक्षम हुए हैं। उन्होंने बच्चों को श्रेष्ठ प्रदर्शन करने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

इन 23 प्रतिभागियों ने पिछले राष्ट्रीय मूल्यांकन दौरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था और पिछले पांच महीनों में उद्योग-आधारित गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण JK Cement, Toyota Kirloskar Motor, LTA Academy of Beauty, Mahindra University, Welcomgroup Graduate School of Hotel Administration, Iraj Evolution Design Company Ltd. जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में दिया गया।

विश्व स्किल्स इंडिया (NSDC) ने 21–24 नवंबर के दौरान टीम बिल्डिंग और तैयारी कार्यक्रम भी आयोजित किया, जिसमें साइकोमैट्रिक असेसमेंट, संचार कौशल, न्यूरोथैरेपी, माइंडफुलनेस, न्यूट्रीशन काउंसलिंग, आर्ट और म्यूजिक थैरेपी एवं ट्रैवल रेडीनेस सत्र शामिल थे, जिससे प्रतियोगियों में तकनीकी आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती विकसित हुई।

WSAC 2025 में भारत की भागीदारी स्किल इंडिया मिशन के तहत वैश्विक मानकों, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्किंग और विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें NSDC प्रशिक्षण, विशेषज्ञ सहभागिता और प्रतियोगी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


राष्ट्रीय कौशल योग्यता समिति (NSQC) की 44वीं बैठक आयोजित

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नई दिल्ली- राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल योग्यता समिति (NSQC) की 44वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की सचिव एवं NCVET की अध्यक्ष सुश्री देबाश्री मुखर्जी ने की।

बैठक में कुल 210 कौशल योग्यताएँ — स्वास्थ्य, कृषि, ऑटोमोबाइल, आईटी-आईटीईएस, दूरसंचार, खुदरा, लॉजिस्टिक्स, पर्यावरण और आतिथ्य क्षेत्रों से संबंधित — मूल्यांकन और अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की गईं।

इस बैठक में केंद्रीय एवं राज्य सरकारों, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और पुरस्कार प्रदाता संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

NSQC का उद्देश्य कौशल योग्यताओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचे (NSQF) के अनुरूप बनाना है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूपता सुनिश्चित हो सके।

यह पहल भारत में कौशल विकास पारितंत्र को सशक्त करने और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल (Future-Ready Workforce) तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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