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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 31 जनवरी को छत्तीसगढ़ दौरे पर

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महानदी भवन , नया रायपुर में मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में कृषि व ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे शिवराज सिंह

31 जनवरी को छत्तीसगढ़ के किसानों से सीधा संवाद करेंगे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 

गिरहोला–खपरी में खेत भ्रमण, कुम्हारी में किसान मेले में होंगे शामिल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

नई दिल्ली/रायपुर- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 31 जनवरी 2026 (शनिवार) को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ जाएंगे। राजधानी रायपुर, दुर्ग एवं नया रायपुर में होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से वे किसानों से सीधा संवाद करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्रियों सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

दिल्ली से रायपुर, खेतों तक व्यस्त कार्यक्रम

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 31 जनवरी को सुबह 6.55 बजे दिल्ली से विमान द्वारा रायपुर के लिए रवाना होंगे और प्रातः 8.45 बजे रायपुर पहुंचेंगे। रायपुर में थोड़े समय रुकने के बाद सीधे गांवों और किसानों के बीच जाएंगे।

खेतों में उतरकर करेंगे फसल और नवाचार का अवलोकन

केंद्रीय मंत्री चौहान सुबह 10 बजे रायपुर से गिरहोला, खपरी (जिला दुर्ग) के लिए प्रस्थान करेंगे और लगभग 11 बजे ग्राम गिरहोला पहुंचेंगे। 11 बजे से 12 बजे तक वे ग्राम गिरहोला एवं ग्राम खपरी में खेत भ्रमण और पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे। यहां वे केंद्र की प्रमुख कृषि योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्राकृतिक खेती एवं सूक्ष्म सिंचाई (PMKSY) आदि के लाभों पर भी चर्चा करेंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं से जुड़ सकें।

किसान मेले में भाग लेंगे, कृषि व ग्रामीण विकास योजनाओं का संदेश देंगे

दोपहर 12 बजे के बाद शिवराज चौहान गांव खपरी से निकलकर 12.30 बजे दुर्ग जिले के कुम्हारी पहुंचेंगे, जहां वे छत्तीसगढ़ यूथ प्रोग्रेसिव फार्मर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित किसान मेले में शामिल होंगे। दोपहर 12.30 से 1.30 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में वे आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), डिजिटल एग्रीकल्चर और ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के रोडमैप पर अपने विचार रखेंगे।

दोनों मंत्रालयों की बड़ी योजनाओं पर फोकस

किसान मेले और किसान संवाद के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं पर विशेष रूप से प्रकाश डालेंगे, जिनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को सीधे लाभांतरण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए प्राकृतिक आपदाओं से फसल सुरक्षा, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, डिजिटल कृषि मिशन और ड्रोन तकनीक के उपयोग पर बल देने के साथ ही केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए गांवों की बुनियादी ढांचा एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण पर विशेष चर्चा करेंगे। इन योजनाओं के प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में किसानों- ग्रामीणों की आय बढ़ाने, उनकी समृद्धि तथा गांवों को सड़कों, आवास और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मजबूत बनाने का संदेश वे विस्तार से रखेंगे।

नया रायपुर में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

दोपहर 2 बजे कुम्हारी, दुर्ग से केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान नया रायपुर स्थित महानदी भवन के लिए प्रस्थान करेंगे और लगभग 3 बजे वहां पहुंचेंगे, जहां शाम 5 बजे तक वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के कृषि मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं की प्रगति का आकलन करेंगे। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास स्वीकृति एवं निर्माण की स्थिति, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण, साथ ही प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विस्तार, बीज एवं खाद की उपलब्धता,क्रेडिट सुविधा, एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड आदि विषयों की समीक्षा की जाएगी।

राज्यवार और क्षेत्रवार कृषि एवं ग्रामीण विकास की रणनीति 

इस दौरे के माध्यम से केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ के किसानों, ग्रामीण समाज और राज्य सरकार के साथ मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए नए संकल्पों और ठोस कार्ययोजना को आगे बढ़ाने का संदेश देने वाले हैं, साथ ही यह उनका देशभर में राज्यवार और क्षेत्रवार कृषि एवं ग्रामीण विकास की रणनीति का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।

लड़कियों और महिलाओं के लिए सुरक्षित मासिक धर्म: सरकार की व्यापक स्वच्छता और जागरूकता पहल

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केंद्रीय सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं और पहलों के माध्यम से मासिक धर्म स्वच्छता प्रथाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय किशोर लड़कियों (10–19 वर्ष) में मासिक धर्म स्वच्छता (MH) को बढ़ावा देने के लिए मासिक धर्म स्वच्छता संवर्धन योजना लागू करता है। इस योजना का उद्देश्य मासिक धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सस्ते और सुरक्षित सैनिटरी नैपकिन तक पहुंच सुनिश्चित करना और पर्यावरण के अनुकूल डिस्पोजल प्रथाओं को प्रोत्साहित करना है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए MH नीति बनाई है, जो विभिन्न मंत्रालयों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई। यह नीति सस्ते MH उत्पादों, लिंग-विशिष्ट शौचालय और सुरक्षित डिस्पोजल सुविधाओं तक पहुंच को सुव्यवस्थित करती है, स्कूल पाठ्यक्रम में MH शिक्षा को शामिल करती है और सभी स्कूलों में संवेदनशीलता और जागरूकता को प्राथमिकता देती है। इसके अलावा, शिक्षक और फ्रंटलाइन वर्कर्स—सहायक नर्स मिडवाइफ (FLW-ANMs), अक्रीडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट (ASHA) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWWs)—को योजना के अंतर्गत उपयुक्त प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके लिए राशि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) के तहत प्रदान की जाती है।

इसके अतिरिक्त, ‘मिशन शक्ति’ के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ (BBBP) घटक का उद्देश्य भी मासिक धर्म और सैनिटरी नैपकिन के उपयोग के प्रति जागरूकता पैदा करना है।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (NFHS-5) के अनुसार, 15-24 वर्ष की महिलाओं में हाइजेनिक तरीकों का उपयोग करने वाली प्रतिशत संख्या NFHS-4 में 57.6% से बढ़कर NFHS-5 में 77.3% हो गई है।

जल शक्ति मंत्रालय ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक धर्म प्रबंधन (MHM) पर जागरूकता पैदा करने के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश विकसित किए हैं। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ‘समग्र शिक्षा’ योजना के तहत विभिन्न राज्य-विशिष्ट परियोजनाओं के माध्यम से मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार के लिए पहल करता है, जिसमें सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनों और इनसिनरेटर की स्थापना शामिल है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय किशोर लड़कियों की स्वास्थ्य और पोषण स्थिति सुधारने तथा उन्हें स्कूल में लौटने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किशोरियों की योजना (SAG) लागू करता है।

शिक्षा मंत्रालय ने 07.06.2024 को सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और स्वायत्त निकायों को दिशा-निर्देश जारी किए, जबकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 18.03.2025 को सभी उच्च शिक्षा संस्थानों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि उनके संस्थानों में सैनिटरी सुविधाओं की उपलब्धता हो।

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (MoHFW) नए मासिक धर्म प्रबंधन तरीकों और सैनिटरी नैपकिन के वैकल्पिक सतत विकल्पों पर शोध करता है, ताकि उनकी सुरक्षा, स्वीकार्यता, किफायतीपन और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

साथ ही, 2015-16 से मासिक धर्म स्वच्छता योजना को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत राज्य कार्यक्रम कार्यान्वयन योजना (PIP) के माध्यम से समर्थन दिया जा रहा है। 2021-22 में लगभग 34.92 लाख किशोर लड़कियों को हर महीने सैनिटरी नैपकिन पैक प्रदान किए गए।

दूसरी ओर, रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत फार्मास्यूटिकल विभाग ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के तहत देशभर में 16,000 से अधिक जनऔषधि केंद्र स्थापित किए हैं, जो पर्यावरण अनुकूल ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन ‘सुविधा’ प्रति पैड केवल ₹1 में प्रदान करते हैं। ये पैड ASTM D-6954 मानकों के अनुरूप बायोडिग्रेडेबल हैं। 30.11.2025 तक सुविधा नैपकिन की कुल बिक्री 96.30 करोड़ पहुंच चुकी है।

यह जानकारी राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास सावित्री ठाकुर ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मणिपुर में नागरिक अभिनंदन, विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन”

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भारत की राष्ट्रपति,द्रौपदी मुर्मु ने आज (11 दिसंबर, 2025) इम्फाल स्थित सिटी कन्वेंशन सेंटर में मणिपुर सरकार द्वारा उनके सम्मान में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कई विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया।

सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर दृढ़ता, साहस और अद्वितीय सांस्कृतिक समृद्धि की भूमि है। यहां के लोगों ने पीढ़ियों से खेल, सशस्त्र बल, कला और संस्कृति तथा लोक-सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देकर राष्ट्र को समृद्ध किया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि वह मणिपुर के लोगों द्वारा हाल की दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा के कारण झेले गए दर्द से भली-भांति अवगत हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि मणिपुर के लोगों की चिंताओं का समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सामंजस्य को मजबूत करने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और मणिपुर को स्थिरता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार राज्य में समान रूप से विकास को बढ़ावा देने के लिए भी दृढ़ संकल्पित है और यह सुनिश्चित करेगी कि विकास और प्रगति के लाभ राज्य के हर कोने तक पहुँचें।

राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत की जीवंत सहभागिता का प्रवेश द्वार है। यहां के युवाओं, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह राज्य असीम संभावनाओं से भरा हुआ है। मणिपुर अपनी स्वावलंबी और सशक्त महिलाओं के लिए भी जाना जाता है। ऐतिहासिक नूपी लाल या महिलाओं के युद्ध 20वीं शताब्दी के शुरुआती दशकों में मणिपुर की वीर महिलाओं द्वारा लड़े गए थे। उन्होंने औपनिवेशिक और सामंती शक्तियों को अपनी उचित मांगें मानने पर मजबूर कर दिया था। वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर के लोग प्रतिभाशाली और मेहनती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घाटी और पहाड़ दोनों के लोग नए सामंजस्य के साथ एकजुट रहेंगे और राज्य को समृद्धि व खुशहाली की नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगे।

राष्ट्रपति ने मणिपुर के लोगों से सामंजस्य और विकास के प्रयासों का निरंतर समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर ऐसा मणिपुर बनाना है जहाँ हर बच्चा सुरक्षित महसूस करे, हर महिला सशक्त हो, हर समुदाय शामिल महसूस करे, और हर नागरिक उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़े।

इससे पहले राष्ट्रपति ने ऐतिहासिक मपाल कंग्जेइबुंग में आयोजित पोलो प्रदर्शनी मैच भी देखा।



प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य: मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री "छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा। साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR–मक्का अनुसंधान संस्थान का दौरा किया, नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन और किसानों से की बातचीत

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पंजाब के लुधियाना स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIMR) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के नए निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया और मक्का के हितधारकों, किसानों, ग्रामीण विकास योजनाओं के लाभार्थियों तथा महिला स्व-सहायता समूह (SHG) के सदस्यों से संवाद किया। केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से भी बात की और पंजाब में कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केंद्रीय सरकार की प्रमुख पहलों और विकास कार्यक्रमों के बारे में जानकारी साझा की।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी, रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवीनीत सिंह बिट्टू, और पंजाब कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुदियन भी उपस्थित थे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय सरकार के प्रमुख उद्देश्य हैं अन्न उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना और किसानों की आय बढ़ाना। उन्होंने कहा कि भारत गेहूँ और चावल में पूरी तरह आत्मनिर्भर है, लेकिन कृषि में विविधीकरण आवश्यक है। उन्होंने कहा, “गेहूँ और चावल के बाद मक्का हमारे देश की तीसरी सबसे महत्वपूर्ण फसल है। यह केवल खाद्य फसल नहीं है, बल्कि इसके कई औद्योगिक उपयोग भी हैं। मक्का धान का सतत् विकल्प बन सकता है, जिससे जल की बचत होगी और किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।”

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान के महत्व पर भी जोर दिया, कहा कि संस्थान का कार्य मक्का उत्पादन बढ़ाने और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि केंद्रीय सरकार ने पंजाब में फसल हानि के लिए गेहूँ के बीज मुफ्त वितरण हेतु ₹74 करोड़ जारी किए हैं। सरसों और अन्य बीज किस्मों के लिए भी धन स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) योजना के तहत 11.09 लाख किसानों के खातों में अग्रिम रूप से ₹222 करोड़ पहले ही स्थानांतरित किए जा चुके हैं। समग्र बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत भी प्रभावित किसानों को सहायता प्रदान की जाएगी।

पंजाब की पुनर्वास और लचीलेपन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए,शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर गहन चिंता व्यक्त कर रहे हैं। केंद्रीय सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए ₹1,600 करोड़ का पैकेज मंजूर किया है। उन्होंने बताया कि 36,703 क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए प्रति परिवार ₹1.60 लाख स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें ₹1.20 लाख घर निर्माण के लिए और ₹40,000 श्रम एवं शौचालय सुविधाओं के लिए हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने नागरिकों से भारतीय निर्मित (स्वदेशी) उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, कहा कि इससे स्थानीय कारीगर सशक्त होंगे, धन देश में रहेगा और भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा, “स्वदेशी उत्पादों का समर्थन कर हम न केवल आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों की समृद्धि सुनिश्चित करते हैं।”


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