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‘एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026’ में बोले जे. पी. नड्डा, भारत को वैश्विक स्वास्थ्य हब बनाने पर जोर

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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज नई दिल्ली में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा आयोजित ‘एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026’ के 8वें संस्करण को वर्चुअल रूप से संबोधित किया।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने एक मजबूत, उच्च गुणवत्ता वाली और वैश्विक मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मजबूत भागीदारी भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की वैश्विक मान्यता और विश्वसनीयता को दर्शाती है।

मंत्री नड्डा ने इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के निरंतर आयोजन के लिए FICCI की सराहना की, जिसने भारत को मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के लिए एक पसंदीदा वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच वैश्विक स्वास्थ्य हितधारकों के साथ संवाद, साझेदारी और निवेश को बढ़ावा देते हैं।

मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के महत्व को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह भारत के वैश्विक स्वास्थ्य जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण आयाम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की नैदानिक उत्कृष्टता, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सेवाएँ, पारदर्शी शासन ढांचा और रोगी-केंद्रित देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि भारत के अत्यधिक कुशल चिकित्सा पेशेवर और आधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना हृदय रोग, कैंसर, अंग प्रत्यारोपण, ऑर्थोपेडिक्स और न्यूरोसाइंस सहित कई क्षेत्रों में उन्नत उपचार प्रदान करते हैं। मंत्री ने कहा कि उन्नत तकनीकों, डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों और गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों के एकीकरण से रोगी परिणाम और सेवा वितरण और मजबूत हुआ है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार मंत्रालयों, नियामक प्राधिकरणों, मान्यता एजेंसियों और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाकर मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के समर्थन में पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार मेडिकल ट्रैवल को केवल आर्थिक अवसर ही नहीं, बल्कि देशों के बीच विश्वास और जन-जन संबंधों को मजबूत करने के माध्यम के रूप में भी देखती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026’ वैश्विक स्वास्थ्य गतिशीलता के भविष्य को आकार देने, सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज और सहभागिता को गहरा करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और हितधारकों से सक्रिय भागीदारी, सार्थक सहयोग और भारत की विशाल संभावनाओं को खोजने का आह्वान किया।

अपने वर्चुअल संबोधन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री और आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने स्वास्थ्य सेवा के वैश्विक और सहयोगात्मक स्वरूप पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज स्वास्थ्य सेवा केवल राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सहयोग, प्रौद्योगिकी, ज्ञान के आदान-प्रदान और साझा जिम्मेदारी से आकार लेती है।

मंत्री जाधव ने भारत के एकीकृत दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत का स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र उन्नत नैदानिक क्षमताओं, डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार, मजबूत फार्मास्युटिकल क्षमता और वैश्विक जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध संस्थानों के बढ़ते नेटवर्क के साथ एक गतिशील और एकीकृत प्रणाली में विकसित हो गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यापक ढांचा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मरीजों की सेवा करने की भारत की क्षमता को मजबूत करता है।

राज्य मंत्री ने पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ एकीकृत करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एकीकृत देखभाल मॉडल भारत के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो नवाचार के साथ परंपरा और उपचार के साथ रोकथाम को महत्व देता है। उन्होंने कहा कि ऐसा दृष्टिकोण समग्र और टिकाऊ स्वास्थ्य परिणामों में योगदान देता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026’ वैश्विक स्वास्थ्य सेवा वितरण में भारत की विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थिति को और मजबूत करेगा और सीमा पार स्थायी सहयोग को बढ़ावा देगा।

सत्र का समापन भारत की व्यापक स्वास्थ्य क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी के आधिकारिक उद्घाटन के साथ हुआ, जिसमें प्रमुख अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेवाएँ, उन्नत चिकित्सा तकनीकें, फार्मास्युटिकल ताकत, वेलनेस सेंटर और सहायक स्वास्थ्य सेवाएँ शामिल थीं, जो भारत के स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र की व्यापकता और गहराई को दर्शाती हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्य उद्योग के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और अन्य हितधारक उपस्थित थे।

एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026 के बारे में

एडवांटेज हेल्थ केयर इंडिया 2026 का उद्देश्य रोगी गतिशीलता, ज्ञान आदान-प्रदान, कौशल विकास और संस्थागत साझेदारी को बढ़ावा देना है, साथ ही मेडिकल वैल्यू ट्रैवल में नियामक समन्वय और वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है। यह मंच उच्च गुणवत्ता, तकनीक-संचालित और समग्र स्वास्थ्य समाधान प्रदान करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है और देश को एक मजबूत, समावेशी और भविष्य-तैयार वैश्विक स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करता है।

मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म और आयुष को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम: केंद्रीय बजट में ऐतिहासिक घोषणाएँ

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए भारत को मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म (MVT) का वैश्विक केंद्र बनाने और आयुष (AYUSH) प्रणाली को सशक्त करने के लिए कई दूरदर्शी और परिवर्तनकारी कदमों की घोषणा की। इन पहलों का उद्देश्य गुणवत्ता, अनुसंधान, रोजगार सृजन और वैश्विक पहुँच को बढ़ावा देना है।

मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म के लिए पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब

भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा पर्यटन की पसंदीदा मंज़िल बनाने के लिए सरकार ने निजी क्षेत्र की भागीदारी से पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। ये हब एकीकृत स्वास्थ्य परिसरों के रूप में विकसित किए जाएंगे, जहाँ चिकित्सा सेवाएँ, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

इन मेडिकल हब्स में आयुष केंद्र, मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म सुविधा केंद्र, उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाएँ, उपचार के बाद देखभाल और पुनर्वास सुविधाएँ शामिल होंगी। इससे देश-विदेश से आने वाले मरीजों को बेहतर अनुभव मिलेगा और डॉक्टरों व एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स सहित स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

आयुष को वैश्विक गति

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा योग को संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तुत किए जाने के बाद उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली, वहीं कोविड-19 के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई स्वीकार्यता मिली है। आयुष उत्पादों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग से औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों और मूल्य संवर्धन से जुड़े युवाओं को भी लाभ हो रहा है।

आयुष क्षेत्र के लिए बजट की प्रमुख घोषणाएँ

आयुष को और मज़बूत करने तथा वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए बजट में निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलें प्रस्तावित की गई हैं:

  • तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, जिससे शिक्षा, उपचार और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

  • आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन, ताकि गुणवत्ता मानकों, प्रमाणन और कुशल मानव संसाधन को सुनिश्चित किया जा सके।

  • डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर, जामनगर का उन्नयन, जिससे साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण और वैश्विक जागरूकता को बल मिलेगा।

इन पहलों के माध्यम से सरकार पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ जोड़ते हुए भारत की सॉफ्ट पावर को सशक्त कर रही है और देश को समग्र एवं विश्वसनीय वैश्विक स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में स्थापित करने के अपने संकल्प को दोहरा रही है।

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