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कोकड़ी-खट्टा का जर्जर पुल बना ग्रामीणों की चिंता, जनदर्शन में उठेगा मुद्दा

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17 अगस्त को नागपंचमी पर जनपहल कार्यक्रम, बालिका शिक्षा और सुरक्षित आवागमन पर होगी चर्चा

महासमुंद- ग्राम कोकड़ी-खट्टा का वर्षों पुराना जर्जर पुल अब ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। बरसात के मौसम में पुल की खराब स्थिति के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इसी समस्या को जनदर्शन के माध्यम से शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के उद्देश्य से 17 अगस्त 2026 (नागपंचमी) को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोकड़ी में "कोकड़ी दर्शन–जनपहल कार्यक्रम" आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर के चेतना विकास मूल्य शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारी के.के. साहू सहित जीवन विद्या एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा केन्द्र, अभ्युदय संस्थान अछोटी (दुर्ग) के प्रतिनिधि, विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, प्राचार्य, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के सदस्य, अभिभावक, समाजसेवी तथा अनेक शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह शैक्षिक भ्रमण जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन–2026 की तैयारियों के अंतर्गत भी आयोजित किया जा रहा है।

विशेष बात यह है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकांश अतिथि उसी जर्जर पुल से होकर विद्यालय पहुँचेंगे, जिससे वे उसकी वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की कठिनाइयों का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे।

बच्चों ने पूछा—"गुरुजी, नया पुल कब बनेगा?"

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा "गांव की समस्या, हमारी समस्या" विषय पर रचनात्मक लेखन, विचार-विमर्श और संवाद आयोजित किया जाएगा। बच्चों ने अपने प्रश्नों के माध्यम से ग्रामीण जीवन की पीड़ा व्यक्त की है—

"यदि पुल टूट गया तो हम स्कूल कैसे जाएंगे?"

"बरसात में मरीज अस्पताल कैसे पहुँचेंगे?"

"नई सड़क और नया पुल कौन बनाएगा?"

"क्या हमारी पढ़ाई और हमारा भविष्य सुरक्षित नहीं होना चाहिए?"

इन सवालों ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और जनसुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी सामने रखा है।

बालिका शिक्षा पर पड़ रहा असर

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर पुल के कारण सबसे अधिक परेशानी छात्राओं और छोटे बच्चों को होती है। बरसात के दिनों में अभिभावक सुरक्षा कारणों से बच्चों को विद्यालय भेजने से हिचकते हैं, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों का मानना है कि सुरक्षित पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग

ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि कोकड़ी-खट्टा मार्ग पर जल्द से जल्द एक मजबूत एवं सुरक्षित पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि एक मजबूत पुल पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

17 अगस्त को आयोजित होने वाला यह जनदर्शन एवं जनपहल कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सामूहिक आवाज़ को शासन तक पहुँचाने का प्रयास होगा। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि इस पहल के बाद जर्जर पुल की समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।


सरस्वती साइकिल योजना से वैष्णवी के सपनों को मिली नई उड़ान

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सरस्वती साइकिल योजना से शिक्षा की राह हुई आसान

रायपुर- सरस्वती साइकिल वितरण योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है, जिसके तहत हाई स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल तक आवागमन सुगम बनाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों से सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुँचाने में मदद करना और ड्रॉप-आउट दर को कम करना है।

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही है। सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर की छात्रा वैष्णवी कसेरा को निःशुल्क साइकिल प्रदान की गई, जिससे उसके शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिली है।

बाजारपारा निवासी वैष्णवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले वह प्रतिदिन पैदल विद्यालय आती-जाती थी, जिससे समय के साथ-साथ पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ता था। अब शासन से निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद विद्यालय पहुँचना आसान हो जाएगा और वह नियमित रूप से अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब मेरे सपनों को नया पंख मिल गया है। पहले पैदल विद्यालय आती थी, अब साइकिल से विद्यालय जाऊंगी और मन लगाकर पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करूंगी।

वैष्णवी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग और अधिक सुगम हुआ है

परीक्षा पे चर्चा 2026 - प्रथम चरण में महासमुंद की बेटी कु. सृष्टि साहू का हुआ चयन

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स्वामी आत्मानंद विद्यालय, नयापारा की छात्रा को दिल्ली आमंत्रण

राज्य में पंजीयन को लेकर उत्साहपूर्ण सहभागिता

रायपुर- परीक्षा पे चर्चा के नवें संस्करण में इस वर्ष भी विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों में व्यापक उत्साह देखने को मिला। पंजीयन की अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ राज्य से कुल 29.29 लाख प्रतिभागियों ने पोर्टल पर अपना पंजीयन कराया। यह आंकड़ा गत वर्ष की तुलना में 7.16 लाख अधिक है, जो कार्यक्रम के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

गत वर्ष पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा था, जबकि इस वर्ष अंडमान एवं निकोबार, चंडीगढ़ एवं लक्षद्वीप के बाद राज्य को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इस वर्ष राज्य से 1.41 लाख पालकों द्वारा पंजीयन किया गया, जो पालकों की शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का स्पष्ट संकेत है।

प्रथम चरण की चयन प्रक्रिया

प्रथम चरण में विद्यार्थियों के चयन हेतु जिलों से विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों से संबंधित वीडियो आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित तिथि तक कुल 171 विद्यार्थियों के वीडियो प्राप्त हुए। गठित समिति द्वारा इन वीडियो का गहन परीक्षण किया गया, जिसके उपरांत 18 विद्यार्थियों का चयन कर उनका विवरण केंद्र को भेजा गया। चयनित विद्यार्थियों में पीएमश्री विद्यालय से 04, सेजस से 06, निजी विद्यालयों से 04, शासकीय विद्यालयों से 03 तथा केजीबीव्ही से 01 विद्यार्थी शामिल हैं।

कु. सृष्टि साहू का केंद्रीय स्तर पर चयन

केंद्र की समिति द्वारा महासमुंद जिले के स्वामी आत्मानंद विद्यालय, नयापारा की गणित संकाय की कक्षा 12वीं की छात्रा कु. सृष्टि साहू का चयन किया गया है। कु. सृष्टि साहू, पिता नरेन्द्र कुमार साहू एवं माता दिनेश्वरी साहू को 21 जनवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित किया गया है।

प्रशासन एवं शाला परिवार की प्रतिक्रिया

कु. सृष्टि साहू के चयन पर जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगहे ने उनसे भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शाला की प्राचार्या अमी रूफस ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि कु. सृष्टि एक अनुशासित, परिश्रमी एवं अध्ययनशील छात्रा है। उन्होंने यह भी बताया कि कु. सृष्टि बाल दिवस के अवसर पर शाला नायक की भूमिका में प्राचार्य की कुर्सी पर बैठकर नेतृत्व प्रदान कर चुकी है।

परिवार का गर्व और सहयोग

कु. सृष्टि साहू के पिता शासकीय विद्यालय में शिक्षक हैं तथा माता गृहणी हैं। दोनों ने अपनी पुत्री के चयन पर गर्व एवं प्रसन्नता व्यक्त की है और इसे परिवार के साथ-साथ जिले के लिए भी गौरव का विषय बताया है।

शाला एवं विभागीय प्रयासों की सराहना

शाला प्राचार्य के अनुसार विद्यालय के सभी शिक्षकों द्वारा परीक्षा पे चर्चा में विद्यार्थियों के पंजीयन हेतु विशेष प्रयास किए गए। विद्यालय में 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया गया तथा विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास भी कराया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया।

कु. सृष्टि साहू के चयन पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे एवं शिक्षा विभाग द्वारा हार्दिक बधाई दी गई। छात्रा के दिल्ली प्रवास से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण कराने में जिला परियोजना समन्वयक रेखराज शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा रायपुर द्वारा भी महासमुंद जिले को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं।

आगामी चरण की प्रतीक्षा

परीक्षा पे चर्चा 2026 के आगामी चरणों में और विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया जारी है, जिसके परिणामों की प्रतीक्षा की जा रही है।

कैरियर गाइडेंस संगोष्ठी में 300 छात्राओं ने सीखे सफलता के सूत्र, विशेषज्ञों ने दिया लक्ष्य निर्धारण का मंत्र

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राजिम- शनिवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजिम में एसएमडीसी अध्यक्ष देवकी साहू के संयोजन में कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें 300 सौ से अधिक छात्राएं शामिल हुई और कैरियर निर्माण के गुर सीखी। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता थिंक आईएएस संस्थान रायपुर के डायरेक्टर व सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् मुरली मनोहर देवांगन रहे। अन्य वक्ताओं में विस्तार न्यूज चैनल के वरिष्ठ एंकर रसिका पांडे, पीपला वेलफेयर फाउंडेशन आरंग, छत्तीसगढ़ के संयोजक व समाजसेवी महेन्द्र कुमार पटेल, छत्तीसगढ़ मंत्रालय कर्मचारी संघ के प्रवक्ता लोकेश्वर प्रसाद साहू व सहायक अनुभाग अधिकारी मंत्रालय नया रायपुर से उमाकांत भारद्वाज रहे। इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता मुरली मनोहर देवांगन ने कहा हमें अपने आप से ज्यादा कोई दूसरा नही जान सकते।पर्सेंटेज के पीछे भागते रहने से सफलता अर्जित नहीं की जा सकती।बल्कि लक्ष्य बनाकर निरंतर प्रयास करने से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।वहीं वरिष्ठ एंकर रसिका पांडे ने रोचक अंदाज में बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा आपकी और आपके सोंच के बीच कोई नहीं आने चाहिए। 

आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे है।

हमें बेचारी नहीं बननी है।बल्कि जो ठान लें उसे करके दिखाना है। वही समाजसेवी महेन्द्र पटेल ने रोचक अंदाज में कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम का संचालन करते हुए छात्र जीवन में दिनचर्या,समय प्रबंधन,अनुशासन,और मोबाइल के सदुपयोग पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। वही लोकेश्वर साहू ने छात्रो के साथ-साथ पालकों के लिए भी करियर मार्गदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया।इस दरम्यान छात्राओं ने कैरियर निर्माण पर कई प्रश्न भी पूछे।जिनका वक्ताओ ने जवाब देकर छात्राओं का मनोबल बढ़ाया।

सभी वक्ताओं ने छात्र हित में कैरियर गाइडेंस आयोजन की पहल की मुक्त कंठ से सराहना की।इस मौके पर कार्यक्रम की संयोजिका देवकी साहू ने नगर व क्षेत्र में पुनः कैरियर गाइडेंस आयोजन पर जोर देते हुए छात्र छात्राओं के लिए कैरियर गाइडेंस को अत्यंत प्रभावी बताया।आभार प्रदर्शन करते हुए संस्था के प्राचार्य के के यदु ने सभी वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन शाला के वरिष्ठ शिक्षक संतोष शर्मा ने किया।इस अवसर पर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि व समाजसेवी सोमनाथ पटेल, एसएमडीसी अध्यक्ष घुमा से चितरंजन साहू व ग्राम तर्रा से चेमन साहू सहित  शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति व सहभागिता रही।

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