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“बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले रक्षक नहीं, भक्षक हैं” — गेंदलाल कोकडिया

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महासमुंद- चेतना विकास मूल्य शिक्षा के अंतर्गत संचालित अभिभावक विद्यालय, कोकड़ी के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की हड़ताल और रैली का कोई असर देखने को नहीं मिला। विद्यालय के शिक्षक  गेंदलाल कोकडिया एवं हेमन्त कुमार देवांगन नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहे और बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रखी। वहीं संकुल खट्टा सहित आसपास के अनेक विद्यालयों में शिक्षक हड़ताल में शामिल रहे और विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित रहा।

इस अवसर पर शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने कहा कि “रक्षा सूत्र केवल धागा नहीं, बल्कि सुरक्षा, शुभता, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसे बांधने वाला व्यक्ति स्वयं जागरूक, जिम्मेदार और समझदार होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं भ्रमित हो, वह दूसरों को सुरक्षा और सही दिशा कैसे दे सकता है? इसी प्रकार यदि शिक्षक ही हड़ताल के कारण विद्यालय बंद कर दें और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो, तो यह शिक्षक के मूल दायित्व के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का सबसे सम्माननीय और जिम्मेदारी वाला पद है। शिक्षक का प्रथम कर्तव्य बच्चों को शिक्षा देना, उनके भविष्य को संवारना और उनमें आत्मविश्वास तथा संस्कार विकसित करना है। इसलिए शिक्षकों को अपनी समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए हड़ताल या रैली में शामिल होने के बजाय अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से संवाद करना चाहिए।

कोकडिया ने कहा कि “बच्चों का भविष्य किसी भी आंदोलन या मांग से अधिक महत्वपूर्ण है। विद्यालय बंद होने से सबसे अधिक नुकसान उन बच्चों का होता है, जिनकी शिक्षा की जिम्मेदारी शिक्षक के कंधों पर है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला व्यक्ति रक्षक नहीं, भक्षक बनने जैसा कार्य करता है।”

उन्होंने आगे कहा कि एक सच्चा शिक्षक वही है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी बच्चों के बीच उपस्थित रहकर सुरक्षा, शुभता, संस्कार और आत्मविश्वास का भाव जगाए। शिक्षक केवल पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य का निर्माता और समाज का मार्गदर्शक होता है।

गेंदलाल कोकडिया ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा—

“शिक्षक सबसे पहले और सबसे अधिक सम्माननीय व्यक्ति है। इसलिए शिक्षक का पहला धर्म बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य की रक्षा करना होना चाहिए।”

शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार : मुख्यमंत्री साय

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बालोद जिले के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार है। इसलिए हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षित और ज्ञानवान बनाएं। मुख्यमंत्री साय ने बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने सर्वप्रथम शाकंभरी माता, भगवान श्रीराम, महात्मा ज्योतिबा फुले एवं सावित्रीबाई फुले के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कोसरिया मरार समाज को धरती माता की सेवा करने वाला मेहनतकश समाज बताते हुए समाज के कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव को समाज का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्वजातीय जनों के बीच मेल-मिलाप और एकता को भी प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह की भी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल अनावश्यक खर्च को रोकते हैं, बल्कि समाज के कमजोर तबके को आर्थिक संबल भी प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने समाज एवं राष्ट्र के विकास में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल शासकीय सेवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने समाज के सभी परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की समुचित शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने नशा को समाज की अवनति का प्रमुख कारण बताते हुए समाज के लोगों से नशापान से सर्वथा दूर रहने की अपील की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सभी समाजों की प्रगति ही छत्तीसगढ़ राज्य एवं देश की प्रगति का आधार है। मरार समाज की उन्नति में ही प्रदेश की उन्नति निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज का यह आयोजन निश्चित रूप से कोसरिया मरार समाज की एकता और प्रगति को नई दिशा देगा। साय ने कहा कि मरार समाज खेती-किसानी और सब्ज़ी उत्पादन के माध्यम से न केवल समाज के सभी वर्गों की सेवा कर रहा है, बल्कि राज्य और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाता किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी कर रही है। साथ ही राज्य में सिंचाई के रकबे में वृद्धि हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।  इसके अतिरिक्त राज्य में पशुपालन को प्रोत्साहित करने तथा दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन में वृद्धि हेतु भी ठोस व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा प्रकाशित युवक-युवती परिचय माला पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने शाकंभरी महोत्सव के दौरान आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में परिणय-सूत्र में बंधने वाले नव-दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें सुखी एवं सफल दांपत्य जीवन की शुभकामनाएँ दीं।

समारोह में संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक संगीता सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख उपस्थित थे।

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