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केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने “MY Bharat Budget Quest 2026” की शुरुआत की

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केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज MY Bharat Budget Quest 2026 की शुरुआत की। यह एक राष्ट्रीय स्तर की युवा-केंद्रित पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं में केंद्रीय बजट की समझ को बढ़ाना और बजट से संबंधित प्रावधानों को अधिक सुलभ, प्रासंगिक और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

यह पहल केंद्रीय बजट 2026 को नागरिकों के दैनिक जीवन से जोड़ने के लिए तैयार की गई है, जिसमें पूरे देश के कॉलेज, संस्थान और कोचिंग सेंटर के युवा संरचित और सहभागी ढांचे के माध्यम से शामिल होंगे।

प्रतियोगिता प्रारंभ और प्रक्रिया

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह प्रतियोगिता MY Bharat प्लेटफॉर्म (https://mybharat.gov.in/) पर 3 फरवरी 2026 से शुरू होगी। यह एक राष्ट्रीय स्तर का ऑनलाइन क्विज है, जो केवल MY Bharat पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं के लिए खुलेगा।

प्रमुख तिथियाँ और चरण:

  • पंजीकरण और क्विज़: 3 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक।

  • शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन: हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से।

  • दूसरा चरण (निबंध लेखन): 17 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक। इसमें प्रतिभागियों को 8 विषय दिए जाएंगे, जो विकसित भारत के दृष्टिकोण से जुड़े होंगे। प्रतिभागी अपने विचार और सुझाव निबंधों के माध्यम से साझा करेंगे।

  • निबंध मूल्यांकन: 3 मार्च से 10 मार्च 2026 तक।

  • राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार मेरिट सूची की घोषणा: 10 मार्च 2026।

राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के विजेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ “विकसित भारत बजट” के दृष्टिकोण पर संपर्क और विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा। यह पहल सरकार की राष्ट्रीय आर्थिक विमर्श और विकास प्राथमिकताओं में युवाओं की सूचित भागीदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

केंद्रीय मंत्री के विचार

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा,

“इस वर्ष बजट भाषण के दौरान, माननीय वित्त मंत्री ने VBYLD में युवाओं द्वारा साझा किए गए नवाचारी विचारों की सराहना की और कुछ विचारों को केंद्रीय बजट 2026–27 में शामिल किया गया। MY Bharat Budget Quest के माध्यम से हम इसी भावना को जारी रखना चाहते हैं और युवाओं की आवाज़ को पुनः सशक्त करना चाहते हैं।”


डॉ. मनसुख मंडाविया ने गोवा में दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का वर्चुअल उद्घाटन किया, श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

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केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया, ने 7 जनवरी 2026 को गोवा में दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का वर्चुअल उद्घाटन किया।

यह सम्मेलन छह क्षेत्रीय सम्मेलनों की श्रृंखला में पहला है, जिन्हें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किया जाएगा। इन सम्मेलनों का उद्देश्य चार श्रम संहिताओं के सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने राज्यों की सराहना की, जिन्होंने चार श्रम संहिताओं के प्रावधानों के अनुरूप अपने मौजूदा श्रम कानूनों में संशोधन करने का उत्साहपूर्वक प्रयास किया। यह सुधार 21 नवंबर 2025 से लागू हुए हैं और इसमें वार्षिक स्वास्थ्य जांच, जोखिमपूर्ण गतिविधियों में लगे श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, नियुक्ति पत्र जारी करना अनिवार्य, और ग्रेच्युटी की पात्रता अवधि घटाकर एक वर्ष करना जैसी प्रगतिशील प्रावधान शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि आगे केंद्र और राज्य सहनशील समन्वय के माध्यम से कोड्स का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे, जिससे श्रमिकों के कल्याण और लाभ में समानता और निष्पक्षता बढ़ेगी। इन श्रम सुधारों को अंतरराष्ट्रीय मीडिया जैसे Global Times और The Economist से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।

सम्मेलन में सचिव, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, वंदना गुरनानी ने बताया कि चार श्रम संहिताओं का उद्देश्य 29 मौजूदा श्रम कानूनों को समेकित और सरल बनाकर श्रमिक कल्याण को मजबूत करना है। इन संहिताओं में वेब-आधारित निरीक्षण प्रणाली और सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा कवरेज जैसे कई प्रगतिशील उपाय शामिल हैं। केंद्रीय सरकार ने 30 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट नियमों को पूर्व-प्रकाशित किया है, जबकि नियमों की आवश्यकता न होने वाले प्रावधान 21 नवंबर 2025 से लागू हैं। उन्होंने राज्यों से कहा कि वे अपने संबंधित नियमों को शीघ्र अधिसूचित करें और इसके लिए कानून विभाग की सलाह लें।

सरलीकृत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, मंत्रालय ने FAQs हैंडबुक जारी की, V.V. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान (VVGNLI) के माध्यम से क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किए, ड्राफ्ट निरीक्षण योजना साझा की और डिजिटल हस्तक्षेपों के लिए श्रम सुविधा और समाधान पोर्टल्स पर API इंटीग्रेशन किया। राज्यों को PMVBRY के तहत आउटरीच, दुकानों और प्रतिष्ठानों अधिनियमों के साथ ओवरलैप, और ESIC कवरेज के विस्तार का लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है, जिसमें गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों, संविदा और आउटसोर्सेड श्रमिकों को शामिल करना भी शामिल है।

सम्मेलन नियमों और विनियमों पर विचार-विमर्श, अंतराल और असमानताओं की पहचान, सांविधिक अधिसूचनाओं का त्वरित प्रावधान, बोर्डों और फंडों के गठन और संबंधित संस्थागत तंत्रों पर चर्चा के लिए मंच के रूप में कार्य करेगा। इसमें चार श्रम संहिताओं के तहत योजनाओं, आईटी सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्मों के कार्यान्वयन, क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों की क्षमता निर्माण और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों तथा अन्य हितधारकों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

सम्मेलन में मंत्रालय और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और सक्रिय भागीदारी की।


केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने विश्व कप विजेता भारतीय स्क्वैश टीम को किया सम्मानित

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केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बुधवार को ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय स्क्वैश टीम को सम्मानित किया। मिश्रित टीम में जोशना चिनप्पा, अभय सिंह, वेलावन सेंथिलकुमार और अनाहत सिंह शामिल थे, जिन्होंने पिछले शनिवार चेन्नई में इतिहास रचते हुए भारत को उसका पहला स्क्वैश वर्ल्ड कप खिताब दिलाया।

यह जीत भारत की अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि है, इससे पहले टीम ने 2023 संस्करण में कांस्य पदक जीता था। फाइनल मुकाबले में भारत ने शीर्ष वरीयता प्राप्त हांगकांग को 3-0 से हराया। इस जीत के साथ भारत स्क्वैश वर्ल्ड कप जीतने वाला चौथा देश बन गया, इससे पहले यह उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और मिस्र ने हासिल की थी।

खिलाड़ियों को बधाई देते हुए डॉ. मांडविया ने इसे “भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का क्षण” बताया। उन्होंने कहा,

“भारत खेलों के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। हाल ही में हमारी महिला क्रिकेट टीम ने भी विश्व कप जीता है। अपने ही देश की धरती पर स्क्वैश वर्ल्ड कप जीतना बेहद गर्व की बात है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गंवाया। मुझे विश्वास है कि खेल क्षेत्र का यह विकास देश को आगे भी कई गौरवपूर्ण क्षण देगा।”

भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) का भी लाभ मिला है, जिससे उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और विशेषज्ञ मार्गदर्शन के जरिए उनकी तैयारी को मजबूती मिली।

17 वर्षीय अनाहत सिंह ने चेन्नई के दर्शकों के समर्थन को जीत का अहम कारण बताया। उन्होंने कहा,
“मैंने पहली बार अपने सीनियर खिलाड़ियों के साथ वर्ल्ड कप खेला। यह मेरे लिए शानदार सीखने का अनुभव रहा। पूरे टूर्नामेंट में चेन्नई के दर्शकों का समर्थन हमें लगातार मिलता रहा।”

अब भारतीय टीम की नजर 2026 एशियाई खेलों और उसके बाद लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 पर है, जहां स्क्वैश पहली बार ओलंपिक खेल के रूप में शामिल होगा।

पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित जोशना चिनप्पा ने कहा कि यह जीत आगामी एशियाई खेलों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है।
उन्होंने कहा,

“हम कई महीनों से इस टूर्नामेंट की तैयारी कर रहे थे। वर्ल्ड कप का अनुभव शानदार रहा और इससे जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए हमें काफी आत्मविश्वास मिला है। व्यक्तिगत रूप से मैं फिट रहकर खेलों के लिए क्वालिफाई करने की पूरी कोशिश करूंगी।”

भारतीय स्क्वैश टीम की यह ऐतिहासिक जीत देश में खेलों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

भारतीय हॉकी के 100 गौरवशाली वर्ष : मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में हुआ भव्य उत्सव

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भारतीय हॉकी के गौरवशाली 100 वर्षों का भव्य उत्सव शुक्रवार को नई दिल्ली के ऐतिहासिक मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में खेल प्राधिकरण (SAI) और हॉकी इंडिया द्वारा मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री थिरु उदयनिधि स्टालिन, ओडिशा के खेल और युवा सेवा मंत्री सूर्यवंशी सूरज, अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के अध्यक्ष दातो तैयब इक़राम, तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति, हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी और राष्ट्रीय टीमों के सदस्य उपस्थित थे।

यह उत्सव 1925 से अब तक भारतीय हॉकी की सौ वर्ष की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक रहा — एक ऐसा सफर जिसमें खेल, गर्व और एकता का संगम देखने को मिला।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “हॉकी भारत की खेल यात्रा का स्वर्णिम अध्याय रही है। ओलंपिक में हॉकी के माध्यम से भारत ने दुनिया को दिखाया कि हम क्या कर सकते हैं। आज जब देशभर में एक हजार से अधिक मैच खेले जा रहे हैं, पूरा भारत इस उपलब्धि पर गर्व कर रहा है। सरकार खिलाड़ियों और खेल को हर संभव सहयोग देती रहेगी।”

किरेन रिजिजू ने कहा, “हॉकी की इस प्रेरणादायी यात्रा का हिस्सा होना सौभाग्य की बात है। हॉकी इंडिया को बधाई, जिसने हमारे महान खिलाड़ियों को वर्तमान सितारों के साथ सम्मानित किया, जिससे इतिहास और भविष्य का सुंदर संगम हुआ है।”

FIH अध्यक्ष दातो तैयब इक़राम ने कहा, “भारत ने बीते 100 वर्षों में हॉकी जगत में नेतृत्व और नवाचार का उदाहरण प्रस्तुत किया है। टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भारत की सफलता इसके पुनर्जागरण की निशानी है। आने वाले 100 वर्ष और भी उज्ज्वल होंगे।”

कार्यक्रम का आकर्षण रहा खेल मंत्री की कप्तानी में स्पोर्ट्स मिनिस्टर इलेवन और हॉकी इंडिया इलेवन के बीच प्रदर्शनी मैच, जिसमें खेल मंत्रालय की टीम ने 3–1 से जीत दर्ज की। हॉकी इंडिया ने इस अवसर पर हॉकी के महान खिलाड़ियों — गुरबक्स सिंह, हरबिंदर सिंह, अजीत पाल सिंह, अशोक कुमार, बी.पी. गोविंदा, असलम शेर खान, ज़फर इक़बाल, ब्रिगेडियर हरचरण सिंह, सुनीत कुमार, रोमियो जेम्स, असुंता लकड़ा और सुभद्रा प्रधान — को सम्मानित किया।

दिन का एक विशेष आकर्षण रहा पुस्तक “100 इयर्स ऑफ़ इंडियन हॉकी” का लोकार्पण, जिसमें हॉकी के गौरवपूर्ण इतिहास, संघर्ष और पुनर्जागरण की यात्रा को दर्ज किया गया है। इसके साथ ही प्रदर्शनी में ओलंपिक की ऐतिहासिक झलकियों और दुर्लभ तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया।

भारत भर में इस अवसर पर नेशनल हॉकी फेस्टिवल मनाया गया, जिसमें 500 जिलों में 36,000 से अधिक खिलाड़ियों ने 1,000 से अधिक प्रदर्शनी मैच खेले — जिससे यह आयोजन एक सच्चे राष्ट्रीय उत्सव में परिवर्तित हो गया।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, “आज का दिन उन सभी के प्रति सम्मान का है जिन्होंने भारतीय हॉकी की नींव रखी। सरकार और सभी हितधारकों के सहयोग से हम आने वाले वर्षों में और अधिक गौरवशाली क्षणों के साक्षी बनेंगे।”

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, “यह क्षण पूरे हॉकी परिवार का है। हम सरकार और सभी राज्यों का धन्यवाद करते हैं, जिनके सहयोग से यह उत्सव संभव हुआ।”



डॉ. मनसुख मांडविया करेंगे दोहा में द्वितीय विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन (WSSD-2) में भारत का नेतृत्व —वैश्विक मंच पर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता

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श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 4 से 6 नवंबर, 2025 तक दोहा, क़तर में आयोजित होने वाले द्वितीय विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन (World Summit for Social Development – WSSD-2) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

डॉ. मांडविया उद्घाटन सत्र में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे और विश्व नेताओं के साथ मिलकर ‘दोहा राजनीतिक घोषणा’ को अपनाएंगे। वे उच्च-स्तरीय गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगे, जिसका विषय है — “सामाजिक विकास के तीन स्तंभों को सुदृढ़ करना: गरीबी उन्मूलन, सभी के लिए पूर्ण एवं उत्पादक रोजगार और सम्मानजनक कार्य, तथा सामाजिक समावेशन।” इस दौरान वे भारत की समावेशी, डिजिटल रूप से समर्थ और नागरिक-केन्द्रित विकास यात्रा को साझा करेंगे।

भारत अब एक ऐसे राष्ट्र के रूप में वैश्विक मंच पर है जिसने गरीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। 2011 से 2023 के बीच 24.8 करोड़ भारतीय बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले, जिससे 2022-23 में अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या घटकर केवल 2.3% रह गई। इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और जन धन योजना जैसी प्रमुख योजनाओं को जाता है।

भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज भी तेजी से बढ़ा है — जो अब विश्व के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा तंत्रों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा सत्यापित आंकड़ों के अनुसार, 2015 में 19% से बढ़कर 2025 में 64.3% जनसंख्या को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिला है — यानी 94 करोड़ से अधिक नागरिक। यह सफलता जन धन–आधार–मोबाइल (JAM) ढांचे के माध्यम से पारदर्शी और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण की बदौलत संभव हुई है।

भारत की भागीदारी का एक प्रमुख आकर्षण होगा नीति आयोग द्वारा आयोजित साइड इवेंट — “Pathways Out of Poverty: India’s Experience in Empowering the Last Mile” (5 नवंबर 2025)। इस सत्र में भारत की गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार में उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में ब्राज़ील, मालदीव और ILO जैसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की भागीदारी भी होगी, जो भारत की “2030 सतत विकास एजेंडा” और “किसी को पीछे न छोड़ने” की प्रतिबद्धता को और मज़बूती देगी।

डॉ. मांडविया ILO द्वारा आयोजित “Global Coalition for Social Justice” मंत्री स्तरीय कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और क़तर, रोमानिया, मॉरीशस, यूरोपीय संघ तथा ILO के महानिदेशक सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं और वरिष्ठ संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों से द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे। ये बैठकें श्रमिक गतिशीलता, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करेंगी।

इसके अलावा, डॉ. मांडविया राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल पर आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लेंगे, जिसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और भारतीय व्यवसाय एवं प्रोफेशनल्स परिषद (IBPC) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। यह मंच नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं को पारदर्शी और समावेशी अवसर प्रदान करता है।

शिखर सम्मेलन के दौरान Aspire Zone Complex और अन्य खेल अवसंरचना स्थलों का दौरा भी प्रस्तावित है, ताकि खेल प्रबंधन और युवा सहभागिता के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान किया जा सके।

विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन (WSSD-2) 1995 के कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन के उद्देश्यों — गरीबी उन्मूलन, सम्मानजनक कार्य और सामाजिक समावेशन — को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। दोहा शिखर सम्मेलन देशों को साझा लक्ष्यों की पुनः पुष्टि और सहयोग मजबूत करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करता है।

डॉ. मांडविया की यह यात्रा भारत की “विकसित भारत @2047” की दृष्टि और समाज न्याय, समावेशी विकास एवं डिजिटल सशक्तिकरण के प्रति भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।


डॉ. मनसुख मांडविया ने SAI NCOE सोनीपत का दौरा किया, खिलाड़ियों और कोचों के साथ प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर का अवलोकन

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री, डॉ. मनसुख मांडविया ने आज स्पोर्ट्स ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), सोनीपत का दौरा किया, जहाँ उन्होंने चल रहे प्रशिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर का अवलोकन किया और कोचों, खिलाड़ियों एवं सहायक स्टाफ के साथ बातचीत की।

दोपहर में सेंटर पहुँचने पर, डॉ. मांडविया का स्वागत SAI के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया और सोनीपत कैंपस की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी परियोजनाओं का संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया।

मंत्री ने दौरा आर्चरी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से शुरू किया, जहाँ उन्होंने कोचों और खिलाड़ियों के साथ बातचीत की। उन्होंने उनकी समर्पित मेहनत की सराहना की और खेल प्रतिभा के विकास के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण विधियों को बढ़ावा देने में सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

डॉ. मांडविया ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण गतिविधि में भी भाग लिया।

इसके बाद मंत्री ने आर्चरी रेंज, कबड्डी कोर्ट, मेडिकल सेंटर, कुश्ती हॉल, स्पोर्ट्स साइंस डिपार्टमेंट और स्ट्रेंथ & कंडीशनिंग हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध प्रशिक्षण और खेल विज्ञान सुविधाओं की सराहना की और नियमित स्वास्थ्य व प्रदर्शन आकलन के महत्व पर जोर दिया।

डॉ. मांडविया ने मल्टी-पर्पज हॉल (MPH), आगामी हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (HPC) और इंडोर कबड्डी हॉल का भी निरीक्षण किया और भारत के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए की जा रही महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक प्रगति पर ध्यान दिया।

दौरे का समापन कोचों और स्टाफ के साथ बातचीत के साथ हुआ, जहाँ मंत्री ने भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में उनके योगदान की सराहना की और 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए मजबूत खेल संस्कृति बनाने में सरकार की दृष्टि को दोहराया।


डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली में ‘Sundays on Cycle’ का नेतृत्व किया—डॉक्टरों के साथ स्वस्थ भारत का संदेश

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री, डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नई दिल्ली में ‘Sundays on Cycle (SOC)’ के नवीनतम संस्करण का नेतृत्व किया। यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है जिसका उद्देश्य नागरिकों में फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। इस सप्ताह के विशेष साझेदार डॉक्टर और स्वास्थ्य पेशेवर रहे, जो निवारक स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों के महत्व को रेखांकित करते हैं, खासकर मोटापे जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से निपटने में।

डॉ. मांडविया ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा,

“कोविड के दौरान स्वास्थ्य मंत्री के रूप में, मैंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की समर्पण भावना को नजदीक से देखा है। राष्ट्र के प्रति उनका योगदान अतुलनीय है। मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूँ कि आप फिटनेस का संदेश फैलाने के लिए Sundays on Cycle में शामिल हुए। मैं आपसे यह भी आग्रह करता हूँ कि नागरिकों को स्वस्थ जीवन के लिए मार्गदर्शन दें, क्योंकि जब डॉक्टर स्वास्थ्य के बारे में कुछ कहते हैं, तो लोग उस पर भरोसा करते हैं। चाहे वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोटापे से लड़ाई की दृष्टि हो या साइक्लिंग के लाभों का प्रचार, आपका संदेश हर भारतीय तक पहुँचेगा।”

इस आयोजन में सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप (WPAC) के पदक विजेता प्रवीण कुमार, सोमन राणा और शैलेश कुमार ने भी भाग लेकर जनता को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन Cycling Federation of India (CFI), योगासन भारत और MY Bharat के सहयोग से किया गया, जबकि दिल्ली में इसका संचालन राहगिरी फाउंडेशन, फिटस्पायर और रेड एफएम के साथ साझेदारी में हुआ। इसके साथ ही जुम्बा, रोप स्किपिंग (डॉ. शिखा गुप्ता द्वारा संचालित), योगासन और गेम ज़ोन जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं।

डॉ. मांडविया ने बताया कि आज ‘Sundays on Cycle’ देशभर में 10,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित किया गया, जहाँ डॉक्टर भी मोटापे से लड़ाई के इस मिशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा —

“प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए नागरिकों का फिट रहना आवश्यक है। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही मजबूत राष्ट्र की नींव हैं। साइक्लिंग सबसे सरल व्यायाम है, जिसे हर कोई अपना सकता है। साथ ही, मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि अपने खेल और फिटनेस उपकरणों के लिए स्वदेशी उत्पाद ही खरीदें।”

प्रवीण कुमार ने कहा — “व्यायाम से एकाग्रता बनी रहती है, जो जीवन में कुछ हासिल करने के लिए जरूरी है। साइक्लिंग एक शानदार व्यायाम है और मुझे खुशी है कि मैं इस प्रेरणादायक कार्यक्रम का हिस्सा बना।”

शैलेश कुमार ने कहा — “सरकार की यह पहल नागरिकों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सराहनीय है। हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम एक घंटे फिटनेस के लिए देना चाहिए — शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ रहने के लिए।”

‘Sundays on Cycle’ का उद्देश्य समुदायों को हर रविवार एक साथ लाकर साइक्लिंग, व्यायाम और फिटनेस गतिविधियों में शामिल करना है। आज डॉक्टरों की भागीदारी ने यह संदेश मजबूत किया कि रोकथाम ही सबसे अच्छा उपचार है — और फिटनेस एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की पहली सीढ़ी है।

अब तक आयोजित 44 संस्करणों में, Fit India Sundays on Cycle पहल ने 1,00,000 से अधिक स्थानों पर आयोजन किया है, जिसमें 12.5 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है। आज के आयोजन SAI NCOE गुवाहाटी, SAI STC अलेप्पी, SAI NSRC कोलकाता, SAI STC धर्मशाला, और अन्य केंद्रों पर भी हुए।

🇮🇳 “Har Sunday — Fit India on Cycle!” 🚴‍♂️

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