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दोहा में विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन में डॉ. मांडविया ने प्रस्तुत की भारत की गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा की प्रेरक यात्रा

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श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया दोहा, कतर में आयोजित द्वितीय विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, जहाँ उन्होंने उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन और पूर्ण सत्र में भारत की गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति को प्रस्तुत किया।

निति आयोग द्वारा आयोजित एक साइड इवेंट "गरीबी से बाहर निकलने के मार्ग: अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने में भारत का अनुभव" में डॉ. मांडविया ने बताया कि भारत ने लगभग 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला है और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को 64% से अधिक आबादी तक विस्तारित किया है। उन्होंने कहा कि भारत की विकास दृष्टि के केंद्र में महिलाएं और बच्चे हैं — देशभर में 11.8 करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन प्रदान किया जा रहा है और लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा दे रही हैं।

उन्होंने बताया कि जन धन, आधार और मोबाइल (JAM) त्रयी के माध्यम से भारत की डिजिटल क्रांति ने कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शी और समावेशी डिलीवरी सुनिश्चित की है। अब तक 1.4 करोड़ युवाओं को स्किल इंडिया मिशन के तहत प्रशिक्षित किया गया है और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से 3.5 करोड़ नए औपचारिक रोजगार सृजित होंगे।

डॉ. मांडविया ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा आयोजित ग्लोबल कोएलिशन फॉर सोशल जस्टिस के स्पॉटलाइट सत्र में भी भाग लिया और भारत की सामाजिक न्याय और जिम्मेदार व्यवसाय आचरण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि 2017 से 2023 के बीच भारत में 17 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए, बेरोजगारी दर 6% से घटकर 3.2% हुई और महिलाओं की कार्यबल भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है।

उन्होंने भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख किया जिसमें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के 7.8 करोड़ से अधिक सदस्य हैं और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) 15.8 करोड़ बीमित व्यक्तियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर रहा है। वहीं ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से 31 करोड़ असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया है।

अपने द्विपक्षीय बैठकों में, डॉ. मांडविया ने विभिन्न देशों के मंत्रियों से मुलाकात की —

  • कतर की सामाजिक विकास एवं परिवार मंत्री बुथैना बिन्त अली अल जब्र अल नुआइमी से मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने सामाजिक सुरक्षा, पारिवारिक कल्याण और डिजिटल नवाचार में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

  • रोमानिया के श्रम और सामाजिक एकजुटता मंत्री पेट्रे-फ्लोरिन मैनोले से मुलाकात में शिक्षा से रोजगार (E2E) पहल पर चर्चा हुई, जिससे कौशल विकास और श्रम गतिशीलता को बढ़ावा मिलेगा।

  • ILO महानिदेशक गिल्बर्ट एफ. हॉन्ग्बो से बैठक में डॉ. मांडविया ने भारत-ILO साझेदारी को और गहरा करने की इच्छा व्यक्त की और BRICS अध्यक्षता 2026 के दौरान तकनीकी सहयोग का स्वागत किया।

  • रूस के श्रम और सामाजिक संरक्षण मंत्री एंटन ओलेगोविच कोट्याकोव के साथ बैठक में दोनों पक्षों ने BRICS और G20 जैसे बहुपक्षीय मंचों में सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

  • यूरोपीय संघ की सामाजिक अधिकार एवं कौशल कार्यकारी उपाध्यक्ष रॉक्साना मिनज़ाटू से मुलाकात में डॉ. मांडविया ने भारत की रोजगार सृजन, महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा विस्तार की उपलब्धियों को साझा किया।

अंत में, डॉ. मांडविया ने कतर में भारतीय समुदाय से भी संवाद किया और 8 लाख से अधिक प्रवासी भारतीयों की मेहनत, ईमानदारी और भारत-कतर साझेदारी में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने विकसित भारत 2047 की दिशा में भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि, डिजिटल रूपांतरण, कौशल विकास और बुनियादी ढांचा सशक्तिकरण की जानकारी दी



डॉ. मनसुख मांडविया करेंगे दोहा में द्वितीय विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन (WSSD-2) में भारत का नेतृत्व —वैश्विक मंच पर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता

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श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 4 से 6 नवंबर, 2025 तक दोहा, क़तर में आयोजित होने वाले द्वितीय विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन (World Summit for Social Development – WSSD-2) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

डॉ. मांडविया उद्घाटन सत्र में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे और विश्व नेताओं के साथ मिलकर ‘दोहा राजनीतिक घोषणा’ को अपनाएंगे। वे उच्च-स्तरीय गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगे, जिसका विषय है — “सामाजिक विकास के तीन स्तंभों को सुदृढ़ करना: गरीबी उन्मूलन, सभी के लिए पूर्ण एवं उत्पादक रोजगार और सम्मानजनक कार्य, तथा सामाजिक समावेशन।” इस दौरान वे भारत की समावेशी, डिजिटल रूप से समर्थ और नागरिक-केन्द्रित विकास यात्रा को साझा करेंगे।

भारत अब एक ऐसे राष्ट्र के रूप में वैश्विक मंच पर है जिसने गरीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। 2011 से 2023 के बीच 24.8 करोड़ भारतीय बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले, जिससे 2022-23 में अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या घटकर केवल 2.3% रह गई। इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और जन धन योजना जैसी प्रमुख योजनाओं को जाता है।

भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज भी तेजी से बढ़ा है — जो अब विश्व के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा तंत्रों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा सत्यापित आंकड़ों के अनुसार, 2015 में 19% से बढ़कर 2025 में 64.3% जनसंख्या को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिला है — यानी 94 करोड़ से अधिक नागरिक। यह सफलता जन धन–आधार–मोबाइल (JAM) ढांचे के माध्यम से पारदर्शी और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण की बदौलत संभव हुई है।

भारत की भागीदारी का एक प्रमुख आकर्षण होगा नीति आयोग द्वारा आयोजित साइड इवेंट — “Pathways Out of Poverty: India’s Experience in Empowering the Last Mile” (5 नवंबर 2025)। इस सत्र में भारत की गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार में उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में ब्राज़ील, मालदीव और ILO जैसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की भागीदारी भी होगी, जो भारत की “2030 सतत विकास एजेंडा” और “किसी को पीछे न छोड़ने” की प्रतिबद्धता को और मज़बूती देगी।

डॉ. मांडविया ILO द्वारा आयोजित “Global Coalition for Social Justice” मंत्री स्तरीय कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और क़तर, रोमानिया, मॉरीशस, यूरोपीय संघ तथा ILO के महानिदेशक सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं और वरिष्ठ संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों से द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे। ये बैठकें श्रमिक गतिशीलता, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करेंगी।

इसके अलावा, डॉ. मांडविया राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल पर आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लेंगे, जिसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और भारतीय व्यवसाय एवं प्रोफेशनल्स परिषद (IBPC) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। यह मंच नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं को पारदर्शी और समावेशी अवसर प्रदान करता है।

शिखर सम्मेलन के दौरान Aspire Zone Complex और अन्य खेल अवसंरचना स्थलों का दौरा भी प्रस्तावित है, ताकि खेल प्रबंधन और युवा सहभागिता के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान किया जा सके।

विश्व सामाजिक विकास शिखर सम्मेलन (WSSD-2) 1995 के कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन के उद्देश्यों — गरीबी उन्मूलन, सम्मानजनक कार्य और सामाजिक समावेशन — को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। दोहा शिखर सम्मेलन देशों को साझा लक्ष्यों की पुनः पुष्टि और सहयोग मजबूत करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करता है।

डॉ. मांडविया की यह यात्रा भारत की “विकसित भारत @2047” की दृष्टि और समाज न्याय, समावेशी विकास एवं डिजिटल सशक्तिकरण के प्रति भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।


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