Media24Media.com: #DivyangjanEmpowerment

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #DivyangjanEmpowerment. Show all posts
Showing posts with label #DivyangjanEmpowerment. Show all posts

भारत में दिव्यांग अधिकार और समावेशी पहल: एक दृष्टिकोण

No comments Document Thumbnail

मुख्य बिंदु

  • भारत का दिव्यांग अधिकार ढांचा प्रगतिशील कानूनों जैसे Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के माध्यम से विकसित हुआ है, जो सभी क्षेत्रों में समानता, गरिमा और पहुंच सुनिश्चित करता है।

  • डिजिटल और सीखने के पारिस्थितिकी तंत्र को बाधा-मुक्त बनाने के लिए सरकार तकनीक का उपयोग कर रही है, जैसे Sugamya Bharat App, ISL Digital Repository (3,189 ई-कंटेंट वीडियो), और Channel 31 पर ISL प्रशिक्षण।

  • Divya Kala Mela जैसी प्रमुख पहल दिव्यांग कलाकारों और उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर बाज़ार संबंध प्रदान करती है और “वोकल फॉर लोकल” की भावना को बढ़ावा देती है।

भारत का समावेशी और सुलभ राष्ट्र का दृष्टिकोण

भारत, जहाँ विविधता राष्ट्रीय पहचान की बुनियाद है, वहाँ दिव्यांग अधिकारों के लिए मजबूत आंदोलन विकसित हो रहा है। Census 2011 के अनुसार, भारत में 2.68 करोड़ दिव्यांग व्यक्ति हैं, जो कुल जनसंख्या का 2.21% हैं। Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के अनुसार, दिव्यांग व्यक्ति वह है जिसके पास दीर्घकालिक शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदी अक्षमता हो, जो बाधाओं के कारण समाज में समान भागीदारी में रोड़ा डालती है।

भारत का कानूनी और नीतिगत ढांचा

  1. Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 – 21 प्रकार की अक्षमताओं को मान्यता देता है, शिक्षा और रोजगार में आरक्षण सुनिश्चित करता है और सरकारों पर सुलभता और समान भागीदारी की जिम्मेदारी डालता है।

  2. National Trust Act, 1999 – ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता और कई अक्षमताओं वाले व्यक्तियों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय निकाय स्थापित करता है।

  3. Rehabilitation Council of India (RCI) Act, 1992 – पुनर्वास पेशेवरों के प्रशिक्षण को नियंत्रित करता है और मानकीकृत पाठ्यक्रम बनाए रखता है।

  4. SIPDA (Scheme for Implementation of RPwD Act, 2016) – RPwD एक्ट के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय और तकनीकी समर्थन प्रदान करता है।

मुख्य सरकारी पहल और योजनाएँ

  • Sugamya Bharat Abhiyan (Accessible India Campaign) – सभी क्षेत्रों में सार्वभौमिक सुलभता सुनिश्चित करता है, विशेष रूप से निर्माण, परिवहन और ICT।

  • ADIP Scheme (1981) – दिव्यांग व्यक्तियों को सहायक उपकरण और उपकरण प्रदान करता है।

  • Deendayal Divyangjan Rehabilitation Scheme (DDRS) – शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास में वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

  • NDFDC – स्व-रोज़गार और आय सृजन गतिविधियों के लिए वित्तीय समर्थन।

  • ALIMCO – पुनर्वास उपकरण और कृत्रिम अंगों का निर्माण।

  • UDID (Unique ID for Persons with Disabilities) – सभी दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस और पहचान पत्र।


  • PM-DAKSH-DEPwD Portal – कौशल विकास और रोजगार के लिए डिजिटल मंच।

  • राष्ट्रीय संस्थान और Composite Regional Centres (CRCs) – दिव्यांग व्यक्तियों के प्रशिक्षण, पुनर्वास और जागरूकता हेतु केंद्र।


सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण

  • Divya Kala Mela – दिव्यांग कलाकारों और उद्यमियों को बाज़ार, कौशल और सांस्कृतिक प्रदर्शन का मंच।


  • Purple Fest – समावेश, सुलभता और दिव्यांग सशक्तिकरण का राष्ट्रीय उत्सव।

  • भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) – ISLRTC द्वारा ISL का प्रचार और प्रशिक्षण, डिजिटल वीडियो रिपॉजिटरी और PM e-vidya Channel 31 के माध्यम से ISL शिक्षा।

निष्कर्ष

भारत में दिव्यांग मामलों का विकास यह दर्शाता है कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों और संभावनाओं को मान्यता मिल रही है। समर्पित विभाग और पहलों ने समावेशिता, सृजनात्मकता और सामर्थ्य को बढ़ावा दिया है। इन प्रयासों से न केवल व्यक्तियों को सशक्त किया जाता है, बल्कि समाज में समावेशिता और गरिमा सुनिश्चित होती है, जिससे हर व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता के साथ जीवन जी सके।


दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए सरकार संकल्पित – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

No comments Document Thumbnail

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए पूर्णतः संकल्पित है। उन्होंने कहा कि रायपुर में 5 एकड़ भूमि में दिव्यांगजनों के लिए सर्व-सुविधायुक्त पार्क का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने दिव्यांग बच्चों से बड़ी आत्मीयता के साथ भेंट की और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कोंपलवाणी और अर्पण दिव्यांग संस्था में अध्ययनरत बच्चों ने मुख्यमंत्री सहित उपस्थित अतिथियों के समक्ष साइन लैंग्वेज का सुंदर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के इशारों को दोहराते हुए उनसे साइन लैंग्वेज में गुड मॉर्निंग और गुड आफ्टरनून जैसे शब्द सीखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के विकास के लिए सराहनीय कार्य हो रहा है। दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऋण की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक ने रायपुर में दिव्यांग पार्क बनाए जाने की घोषणा की थी, और अब रायपुर में 5 एकड़ भूमि पर यह सर्व-सुविधायुक्त दिव्यांग पार्क विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली मिलन कार्यक्रम के आयोजन हेतु छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा जनसेवा के कार्यों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट निर्वहन किया जा रहा है। पूर्व में एसोसिएशन द्वारा मरीजों के लिए एम्बुलेंस भी प्रदान की गई थी, जिसका लाभ अनेक जरूरतमंद लोगों को प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ निर्माण का 25वां वर्ष है, जिसे हम रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है। इस हेतु राज्य सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। सभी के सहयोग से इस लक्ष्य को हम अवश्य प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  राज्य में सड़कों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर–विशाखापत्तनम तथा रायपुर–धनबाद मार्गों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

महाराष्ट्र और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि मैं सांसद के रूप में दिव्यांगजनों के लिए गठित सोशल जस्टिस स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य रहा हूँ। संसद में दिव्यांग बिल के लिए हमने व्यापक अध्ययन किया था। बिल पारित होने के पश्चात दिव्यांगजनों को मिलने वाली सुविधाओं में तीन गुना वृद्धि हुई। राज्यपाल रहते हुए मुझे दिव्यांगजनों के लिए कार्य कर रही संस्थाओं में जाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की चुनौतियों को सामान्यजन अक्सर समझ नहीं पाते।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस बार जीएसटी दरों में कमी के कारण दीपावली का उत्सव और अधिक भव्य रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, जिसकी हम आज रजत जयंती मना रहे हैं।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत छत्तीसगढ़ का योजनाबद्ध विकास निरंतर हो रहा है। सभी के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि दिव्यांगजनों के साथ दीपावली मिलन का आयोजन उत्तम सोच का प्रतीक है। खुशियां बांटने से बढ़ती हैं, और यह देखकर प्रसन्नता होती है कि एसोसिएशन जनसेवा में सक्रिय है तथा समाज के अन्य लोगों को भी इससे जोड़ रही है।

मुख्यमंत्री के समक्ष पैरों से पेंटिंग करने वाले दिव्यांग चित्रकार गोकर्ण पाटिल ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने उनकी कला की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों को गर्म कपड़ों का वितरण भी किया।

इस अवसर पर विधायक इंद्र कुमार साहू, रायपुर की महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अंजय शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारीगण, कोंपलवाणी और अर्पण दिव्यांग संस्था के बच्चे तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.