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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले में 295 करोड़ रुपये से अधिक के 341 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

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विकास कार्यों से आमजन की सुविधाओं का होगा विस्तार - मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने 295 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 341 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 70.10 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 159 कार्यों का लोकार्पण तथा 224.90 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 182 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन विकास कार्यों के माध्यम से सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगरीय अधोसंरचना तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया तथा बटन दबाकर पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज का दिन जांजगीर-चांपा जिले के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि जांजगीर चांपा जिले को लगभग 295 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है, जिससे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनजीवन अधिक सुगम बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से जिले में विकास की नई संभावनाएं सृजित होंगी तथा आमजन को सीधे लाभ मिलेगा।

विभिन्न विभागों के कार्य शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लोकार्पित 159 कार्यों में जल संसाधन, वन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सीजीएमएससी, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्य शामिल हैं। वहीं भूमिपूजन के 182 कार्यों में जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, सीजीएमएससी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ प्रदेश में विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद  कमलेश जांगड़े तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण जारी

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मिशन अमृत के तहत निर्माणाधीन इंटेक-वेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम भी देखा 

रायपुर- उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के चौथे दिन आज सुकमा में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के तहत शबरी नदी पर निर्माणाधीन इंटेक-वेल के कार्यों को भी देखा। उन्होंने पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार के कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करते हुए जनवरी-2027 से मिशन अमृत की इस योजना से सुकमा में जल की आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 के तहत नगर पालिका द्वारा 86 करोड़ की लागत से सुकमा शहर की पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका 54 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सुकमा की आगामी 25 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया जा रहा है। निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करना है। काम में तेजी बरकरार रखते हुए नियत समय में इसे पूर्ण करना है। 

उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा सुकमा के कुम्हाररास में 11 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से दिसम्बर तक इसे पूर्ण करने को कहा।

करीब 10 एकड़ में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, प्रशासनिक भवन, बॉक्स-क्रिकेट, स्वीमिंग-पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके निर्माण से सुकमा की खेल प्रतिभाओं को अपने कौशल को निखारने एक सर्वसुविधायुक्त अधोसंरचना और सुविधाएं मिलेंगी। अब तक इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।  तीनों कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अमित कुमार भी उप मुख्यमंत्री के साथ थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी क्षेत्र को दी विकास कार्यों की बड़ी सौगात: 16 करोड़ रुपए से अधिक के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

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उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी और महतारी सदनों से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत ग्राम पंचायत कलिबा में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जनहितैषी विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने कुल 16 करोड़ 5 लाख 91 हजार रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदनों जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं, जिनसे क्षेत्र में आवागमन, शिक्षा, कृषि विपणन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और अंतिम व्यक्ति तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, स्कूल, बाजार और महिला केंद्र जैसी आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को मजबूत बनाने का माध्यम हैं। इन कार्यों से लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसरों का सृजन होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में कुल 12 करोड़ 86 लाख 3 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से ग्राम पंचायत कलिबा में 57 लाख 66 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण कराया जाएगा, जिसमें कव्हर्ड शेड, बोरवेल एवं सीसी रोड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बेहराखार में 80 लाख 59 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण किया जाएगा। इन बाजारों के बनने से किसानों और ग्रामीण व्यापारियों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा तथा स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग (सेतु) द्वारा कलिबा-टांगरबहार (बैगाटोली) मार्ग पर 5 करोड़ 11 लाख 6 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। वहीं बांसपतरा-दुलदुला मार्ग पर चांपाझरिया नाला में 5 करोड़ 90 लाख 80 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। इन पुलों के निर्माण से विशेषकर बरसात के दिनों में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों से राहत मिलेगी।

इसके साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शाला कोरवाडेरा, प्राथमिक शाला डडगांव, माध्यमिक शाला बालक नारायणपुर तथा प्राथमिक शाला लालगोड़ा के नवीन भवन निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया। इन भवनों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में कुल 3 करोड़ 19 लाख 88 हजार रुपए की लागत से पूर्ण हुए 4 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कृषि उपज मंडी समिति जशपुर द्वारा ग्राम पंचायत कंडोरा (महुआटोली) स्थित उपमंडी कुनकुरी में 2 करोड़ 45 लाख 78 हजार रुपए की लागत से निर्मित फल-सब्जी मंडी, गोदाम, प्लेटफार्म, टायलेट, पार्किंग एवं सीसी रोड का लोकार्पण किया गया। इस आधुनिक मंडी के शुरू होने से किसानों एवं व्यापारियों को कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इसके अतिरिक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ढोढ़ीबहार, नारायणपुर एवं केराड़ीह में निर्मित महतारी सदनों का भी लोकार्पण किया गया। प्रत्येक महतारी सदन 24 लाख 70 हजार रुपए की लागत से निर्मित हुआ है। इन केंद्रों में महिलाओं को बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह गतिविधियों एवं सामाजिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। पुल और सड़कों के निर्माण से ग्रामीण संपर्क मजबूत होगा, स्कूल भवनों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, आधुनिक बाजार एवं मंडियों से किसानों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी तथा महतारी सदन महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि गांवों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

अटल परिसर से विकास का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण

अटल जी की प्रतिमा उनके व्यक्तित्व और विचारों को सहेजने की प्रेरक पहल — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री साय ने शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए 26 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। 

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जिसने प्रदेश को विकास की नई दिशा और पहचान प्रदान की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सहेजने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा और समाज में राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में ‘अटल परिसर’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है, ताकि अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा चुका है और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और आज किए गए 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शहर की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे तथा नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ विदेश नीति और प्रभावी समन्वय के कारण आपूर्ति व्यवस्था सुचारु है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री साय द्वारा इस अवसर पर लगभग 12.43 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें अटल परिसर निर्माण, मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा रक्षित आरक्षी केंद्र का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य, जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा उसलापुर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं, जो शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अटल परिसर का निर्माण प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अटल जी के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा दे रहे हैं। 

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त और समय-सीमा में करें पूरा- मुख्यमंत्री साय

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नारायणपुर-कोंडागांव निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्यमंत्री साय ने किया निरीक्षण

एनएच-130डी कोंडागांव से नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक जोड़ेगा

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुर कोंडागांव के मध्य निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

डबल इंजन सरकार में बस्तर के विकास को गति

डबल इंजन की सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देते हुए बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। एनएच-130डी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है, एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह मार्ग बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुंचता है, जहां यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में 122 किमी लंबा हिस्सा

नेशनल हाईवे 130-डी का कोंडागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जबकि कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर की दूरी है। इस प्रकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी में से लगभग 122 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के पूर्ण होने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा, सुरक्षित और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा।

प्रधानमंत्री के सहयोग से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस एवं निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। सरकार इस परियोजना को तेज गति से पूर्ण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र में विश्वास, निवेश तथा आवागमन को नई दिशा देगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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