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मुंबई में शुरू हुआ BRICS WAVES Bazaar 2026, रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मिलेगा वैश्विक मंच

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BRICS WAVES Bazaar का शुभारंभ आज मुंबई में हुआ। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में BRICS सदस्य एवं साझेदार देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य ऑडियो-विजुअल और रचनात्मक उद्योगों में संवाद, व्यापारिक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान तथा सीमा-पार साझेदारियों को बढ़ावा देना है।

इस आयोजन में विभिन्न देशों के सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग संगठन, फिल्म निर्माता, कंटेंट क्रिएटर्स, प्रोड्यूसर्स, निवेशक, ब्रॉडकास्टर्स, OTT प्लेटफॉर्म, टेक्नोलॉजी कंपनियां, स्टार्टअप्स, सांस्कृतिक संस्थान और रचनात्मक उद्यम शामिल हो रहे हैं।

मुंबई वैश्विक क्रिएटिव इकोसिस्टम का केंद्र: आशीष शेलार

उद्घाटन समारोह में मुख्य वक्तव्य देते हुए महाराष्ट्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई एवं संस्कृति मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने मुंबई को भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि कला और प्रौद्योगिकी के बीच की सीमाएं तेजी से समाप्त हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि BRICS WAVES Bazaar केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने वाला उच्च स्तरीय मंच है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक बार फिर 'विश्वगुरु' के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इस दिशा में 'ऑरेंज इकोनॉमी' महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जहां भारत की सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मकता और आधुनिक व्यापार का संगम होता है।

प्रधानमंत्री की सांस्कृतिक दृष्टि का विस्तार: चंचल कुमार

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार संस्कृति और रचनात्मकता को देशों और समाजों को जोड़ने का प्रभावी माध्यम बताते रहे हैं। इसी दृष्टि से भारत का BRICS देशों के साथ सिनेमा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि मुंबई में आयोजित BRICS WAVES Bazaar और नवंबर 2026 में भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के साथ आयोजित होने वाला BRICS फिल्म फेस्टिवल रचनात्मक उद्योगों को दो अलग-अलग लेकिन पूरक मंच उपलब्ध कराएंगे। एक मंच व्यापार, साझेदारी और बाजार तक पहुंच के लिए होगा, जबकि दूसरा फिल्मों, फिल्मकारों और दर्शकों को जोड़ने का कार्य करेगा।

उन्होंने कहा कि BRICS देशों के पास कहानियों, प्रतिभा, दर्शकों, तकनीक और उद्यमिता का विशाल भंडार है। WAVES Bazaar का उद्देश्य इन सभी क्षमताओं को एक साझा मंच पर लाना है, जहां नई परियोजनाएं, सह-निर्माण (Co-production), निवेश और नए बाजारों के अवसर विकसित हो सकें।

BRICS देशों के कंटेंट को मिले व्यापक पहुंच

चंचल कुमार ने कहा कि BRICS देशों की फिल्मों, वेब सीरीज, एनीमेशन, संगीत और डिजिटल कंटेंट की सदस्य देशों के भीतर बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में अपने अनुभव साझा करने और संस्थागत एवं व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करने के लिए तैयार है।

उन्होंने बताया कि भारत WAVES, WAVES Bazaar, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, इंडिया सिने हब तथा क्रिएटर स्किलिंग एवं स्टार्टअप्स जैसी पहलों के माध्यम से वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दे रहा है।

साथ ही उन्होंने सभी BRICS सदस्य एवं साझेदार देशों को 2027 में मुंबई में आयोजित होने वाले अगले WAVES संस्करण में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।

IFFI 2026 में दिखाई जाएंगी 250 फिल्में

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एवं IFFI के फेस्टिवल डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर ने सभी प्रतिभागियों को IFFI 2026 में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि महोत्सव में 8 क्यूरेटेड सेक्शनों में लगभग 250 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संस्कृति और समाज को समझने का सबसे प्रभावी माध्यम उसका सिनेमा होता है। BRICS WAVES Bazaar जैसे मंच फिल्म निर्माताओं, लेखकों और निवेशकों को एक साथ लाकर नए सहयोग और नई फिल्मों का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में रचनात्मक उद्योगों की बढ़ती भूमिका

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (MER-III) राजीव बोडवाडे ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS WAVES Bazaar 2026 का विषय "Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability" है।

उन्होंने बताया कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था वैश्विक GDP का लगभग 3.1 प्रतिशत योगदान देती है और अंतरराष्ट्रीय सेवा निर्यात में 1.4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का योगदान करती है। उन्होंने कहा कि BRICS देश अपनी डिजिटल क्षमता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

दो दिनों तक होंगे सम्मेलन और बिजनेस मीटिंग्स

नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NFDC) के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदूम ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन में उच्च स्तरीय सम्मेलन, मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चा, बिजनेस नेटवर्किंग और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें आयोजित की जाएंगी।

इन चर्चाओं में अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण, कंटेंट फाइनेंसिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बौद्धिक संपदा (IP), महिला उद्यमिता, उभरती तकनीक, सार्वजनिक नीति और दक्षिण-दक्षिण सहयोग जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समापन पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सेंथिल राजन ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि BRICS WAVES Bazaar भारत की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नवाचार, उद्यमिता, रोजगार और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है।

यह आयोजन BRICS सदस्य एवं साझेदार देशों के बीच व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

WAVES 2025: भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को नई ऊँचाइयाँ

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नई दिल्ली-वर्ष 2025 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें कीं। इनमें सबसे प्रमुख रहा WAVES 2025 – वर्ल्ड ऑडियो विज़ुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने WAVES को केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि “संस्कृति, रचनात्मकता और वैश्विक जुड़ाव की एक लहर” बताया। उन्होंने दुनियाभर के क्रिएटर्स से “बड़े सपने देखने और अपनी कहानी दुनिया को बताने” का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने “Create in India, Create for the World” के भारत के विज़न को रेखांकित करते हुए वैश्विक निवेशकों और युवाओं को भारत के रचनात्मक इकोसिस्टम से जुड़ने का निमंत्रण दिया।

WAVES 2025 में 90 से अधिक देशों की भागीदारी देखने को मिली। समिट में

  • 10,000 से अधिक प्रतिनिधि

  • 1,000 से अधिक क्रिएटर्स

  • 300 से अधिक कंपनियाँ

  • 350 से अधिक स्टार्टअप्स

  • लगभग 1 लाख का कुल फुटफॉल

दर्ज किया गया। यह आयोजन ब्रॉडकास्टिंग, इंफोटेनमेंट, AVGC-XR, फिल्म और डिजिटल मीडिया जैसे विविध क्षेत्रों तक विस्तृत रहा।

WAVES के तीन भविष्यपरक स्तंभ

1. क्रिएटोस्पीयर (CreatoSphere) और Create in India चैलेंज (CIC)

क्रिएटोस्पीयर (CreatoSphere) एक अभिनव और इमर्सिव प्लेटफॉर्म है, जो फिल्म, VFX, VR, एनीमेशन, गेमिंग, कॉमिक्स, म्यूज़िक, ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में विचारों को अनुभव में बदलने का अवसर देता है। यह भारत और विदेश के प्रमुख रचनात्मक दिमागों को संवाद, नवाचार और वैश्विक मंच प्रदान करता है।

CIC सीज़न-I “भारत का सबसे बड़ा क्रिएटिव टैलेंट मूवमेंट” बनकर उभरा।

  • 33 श्रेणियाँ

  • भारत और 60+ देशों से 1 लाख से अधिक प्रविष्टियाँ

  • WAVES में 8 क्रिएटिव ज़ोन में 750+ फाइनलिस्ट

सीज़न का एक ऐतिहासिक क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवा क्रिएटर्स से सीधा संवाद किया और विजयी नवाचारों को देखा। WAVES क्रिएटर अवॉर्ड्स में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 150 से अधिक क्रिएटर्स को सम्मानित किया गया।

CIC विजेताओं ने मेलबर्न, ओसाका, टोरंटो, टोक्यो और मैड्रिड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। कई विजेताओं को वैश्विक सहयोग, प्रदर्शन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।

2. WaveX

WaveX का उद्देश्य 200 से अधिक स्टार्टअप्स को समर्थन देकर नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करना है।

  • 30+ स्टार्टअप्स को Microsoft, Amazon और Lumikai जैसे वैश्विक दिग्गजों के समक्ष पिचिंग का अवसर

  • लगभग 100 स्टार्टअप्स ने प्रदर्शनी के माध्यम से समाधान प्रस्तुत किए

WaveX समर्थित VYGR News और VIVA Technologies का Shark Tank India में चयन एक बड़ी उपलब्धि रहा।

KalaaSetu और BhashaSetu चुनौतियों के माध्यम से AI-आधारित टेक्स्ट-टू-वीडियो और रीयल-टाइम भाषा अनुवाद नवाचार को बढ़ावा दिया गया। 100+ स्टार्टअप्स की भागीदारी के बाद 10 स्टार्टअप्स को सरकारी मीडिया इकाइयों के साथ सहयोग का अवसर मिला।

देशभर में FTII पुणे, SRFTI कोलकाता, IICT मुंबई और IIMC परिसरों में 9 इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में 34 स्टार्टअप्स इन्क्यूबेट हो रहे हैं।

3. WAVES बाज़ार

WAVES बाज़ार फिल्म, गेमिंग, एनीमेशन-VFX, XR-VR-AR, रेडियो-पॉडकास्ट, कॉमिक्स, वेब सीरीज़ और म्यूज़िक के लिए एक वैश्विक ई-मार्केटप्लेस है, जो “क्राफ्ट-टू-कॉमर्स” मॉडल पर कार्य करता है।

अगस्त–दिसंबर 2025 के बीच

  • 4,334 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित व्यावसायिक चर्चाएँ

  • 10 MoU/LoI पर हस्ताक्षर

  • 9,000 से अधिक B2B बैठकें

मेलबर्न, वेनिस, टोरंटो (TIFF), टोक्यो गेम शो, कान्स-समकक्ष MIPCOM सहित 12 अंतरराष्ट्रीय और 4 घरेलू आयोजनों में सहभागिता रही।

भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT)

सरकार ने AVGC-XR क्षेत्र के लिए मुंबई में ₹391.15 करोड़ की लागत से भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) की स्थापना की है।

  • 18 जुलाई 2025 को प्रथम चरण का शुभारंभ

  • अत्याधुनिक कक्षाएँ, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर और हाई-एंड थिएटर

  • Google, Meta, NVIDIA, Microsoft, Apple, Adobe जैसी कंपनियों के साथ MoU

  • 18 पाठ्यक्रम, 100+ छात्र, 8 स्टार्टअप्स इन्क्यूबेशन में

लाइव इवेंट इंडस्ट्री, डिजिटल पाइरेसी और अन्य उपलब्धियाँ

  • Live Events Development Cell (LEDC) की स्थापना

  • इंडिया सिने हब पर सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम

  • डिजिटल पाइरेसी रोकने के लिए अंतर-मंत्रालयी समिति

दूरदर्शन को 2024 लोकसभा चुनावों में मतदाता जागरूकता के लिए ECI मीडिया अवॉर्ड मिला।
कम्युनिटी रेडियो नेटवर्क 551 स्टेशनों तक पहुँचा।

IFFI 2025 और WAVES फिल्म बाज़ार

गोवा में आयोजित 56वां IFFI 2025

  • 81 देशों की 240+ फिल्में

  • भारत का पहला AI फिल्म फेस्टिवल

  • WAVES फिल्म बाज़ार में 40+ देशों के 2,500 प्रतिनिधि

CBFC में डिजिटल और समावेशी सुधार

  • e-Cinepramaan पोर्टल पर पूरी तरह डिजिटल प्रमाणन

  • मल्टीलिंगुअल सर्टिफिकेशन

  • परीक्षकों और पुनरीक्षण समितियों में 50% महिला भागीदारी

WAVES 2025 भारत को वैश्विक मीडिया और मनोरंजन शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ है।

मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में एआई के बीच अपार संभावनाएँ: सचिव संजय जाजू का संबोधन

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केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B) के सचिव संजय जाजू ने आज मुंबई में कहा कि मीडिया और मनोरंजन (M&E) क्षेत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कारण बड़े बदलावों से गुजर रहा है, लेकिन इसके बावजूद यह क्षेत्र अपार वृद्धि की संभावनाओं से भरा है।

वे 12वें CII बिग पिक्चर समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे, जिसका विषय था — ‘एआई युग: रचनात्मकता और वाणिज्य के बीच सेतु’। इस अवसर पर सचिव जाजू ने CII का श्वेतपत्र ‘भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धी क्रिएटिव इकोनॉमी के लिए प्राथमिक नीतिगत सुधार’ भी जारी किया।

WAVES Summit एक आंदोलन है, सिर्फ कार्यक्रम नहीं

संजय जाजू ने उद्योग जगत को संबोधित करते हुए कहा कि WAVES समिट को सिर्फ एक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि रचनात्मकता, नवाचार और प्रगति की निरंतर प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि हर नई लहर पिछली लहर पर आधारित होती है।

मनोरंजन — सभ्यता का एक बुनियादी स्तंभ

सचिव जाजू ने कहा कि भोजन, कपड़ा और आवास की तरह मनोरंजन भी सभ्यता का एक मूलभूत स्तंभ है। यह सिर्फ आर्थिक वृद्धि ही नहीं, बल्कि समाज में सामंजस्य और खुशी का स्रोत भी है।
उन्होंने बताया कि भारत की क्रिएटिव इकॉनमी 1 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रोजगार देती है और यह क्षेत्र लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का योगदान GDP में करता है।

भारत की समृद्ध कहानी कहने की परंपरा

संजय जाजू ने बताया कि भारत की कहानी कहने की परंपरा — श्रुति, कृति और दृश्य — तीनों स्वरूपों में विश्व की सबसे समृद्ध परंपराओं में से है।
इसके बावजूद वैश्विक M&E बाजार में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 2% है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी रचनात्मक क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान योग्य उत्पादों में बदलना होगा।

एआई युग में परिवर्तन को अपनाना जरूरी

सचिव जाजू ने कहा कि AI कंटेंट निर्माण और उपभोग के तरीके को तेजी से बदल रहा है।

“अगर हम नई तकनीकों को स्वीकार नहीं करेंगे तो वैश्विक बाजार में हमारी हिस्सेदारी कम होती जाएगी।”

उन्होंने इसे भारत की ऑरेंज इकॉनमी का उदय बताते हुए कहा कि हमें अपने सांस्कृतिक सामर्थ्य को रचनात्मक कौशल में बदलना होगा — “आज के समय में तकनीक से गूंथी कहानियाँ ही बिकती हैं।”

सरकार एक सक्षम वातावरण देगी, आगे उद्योग को बढ़ना होगा

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार एक अनुकूल वातावरण, समान अवसर और वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगी, लेकिन इस क्षेत्र को आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी उद्योग पर है।

उन्होंने कहा कि कौशल अंतर को दूर करने के लिए सरकार ने हाल ही में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT), मुंबई की स्थापना को मंजूरी दी है। इसका फिल्मसिटी, गोरेगांव स्थित कैंपस दो वर्षों में तैयार होगा।

श्वेतपत्र में M&E क्षेत्र के लिए विस्तृत रोडमैप

CII द्वारा जारी श्वेतपत्र में इस क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए नीतिगत सुधारों और कार्ययोजना का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया गया है।

समारोह में CII M&E Investors’ Meet और CII WAVES Bazaar का भी उद्घाटन किया गया।


IFFI, गोवा 2025 में WaveX बूथ बुकिंग की घोषणा: स्टार्टअप्स के लिए वैश्विक अवसर

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नई दिल्ली-सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने WaveX बूथ के लिए बुकिंग खोलने की घोषणा की है। यह बूथ Waves Bazaar में विशेष स्टार्टअप प्रदर्शन क्षेत्र है, जिसे WaveX द्वारा संचालित किया जा रहा है, और यह इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI), गोवा 2025 का हिस्सा होगा।

इस पहल का उद्देश्य AVGC-XR (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) और मनोरंजन क्षेत्र में उभरते स्टार्टअप्स को वैश्विक उद्योग के नेताओं, निवेशकों और प्रोडक्शन स्टूडियोज़ से जुड़ने का अवसर प्रदान करना है।

WAVES Bazaar 20 से 24 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा और यह Film Bazaar के पास स्थित होगा, जो IFFI का प्रमुख नेटवर्किंग हब है और जहाँ दुनिया भर के फिल्ममेकर, निर्माता और मीडिया पेशेवर भाग लेते हैं।

हर बूथ 30,000 रुपये प्रति स्टॉल (शेयरिंग आधार पर) की मामूली लागत पर उपलब्ध होगा। भाग लेने वाले स्टार्टअप्स को निम्नलिखित सुविधाएँ प्राप्त होंगी:

  • 2 डेलीगेट पास

  • लंच और हाई टी

  • सायंकालीन नेटवर्किंग अवसर

  • वैश्विक फिल्म, मीडिया और टेक्नोलॉजी पेशेवरों के बीच सीधे दृश्यता

इच्छुक स्टार्टअप्स wavex.wavesbazaar.com पर पंजीकरण कर सकते हैं। प्रश्नों के लिए संपर्क किया जा सकता है: wavex-mib[at]gov[dot]in। बूथों की संख्या सीमित है और आवंटन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा।

IFFI, गोवा के बारे में:

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI), जिसकी स्थापना 1952 में हुई थी, एशिया के सबसे महत्वपूर्ण फिल्म उत्सवों में से एक है। यह विश्व सिनेमा में उत्कृष्टता का जश्न मनाता है और फिल्ममेकर्स, कलाकारों और सिनेप्रेमियों के लिए मिलन स्थल के रूप में कार्य करता है। गोवा में वार्षिक रूप से आयोजित होने वाला यह उत्सव दुनिया भर के फिल्म पेशेवरों को आकर्षित करता है और रचनात्मक सहयोग और अवसरों को बढ़ावा देता है। IFFI का 56वां संस्करण 20 से 28 नवंबर 2025 तक पणजी, गोवा में आयोजित किया जाएगा।

WaveX के बारे में:

WaveX, सूचना और प्रसारण मंत्रालय की राष्ट्रीय स्टार्टअप एक्सेलेरेटर और इनक्यूबेशन पहल है, जो AVGC-XR और मीडिया-टेक इकोसिस्टम में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करती है। प्रमुख अकादमिक, उद्योग और इनक्यूबेशन नेटवर्क के साथ सहयोग के माध्यम से, WaveX क्रिएटर्स और स्टार्टअप्स को अपने व्यवसाय को बढ़ाने में सक्षम बनाता है, जिससे भारत की बढ़ती क्रिएटिव अर्थव्यवस्था को योगदान मिलता है।

मॉन्डियाकल्ट(MONDIACULT) 2025 : वैश्विक सांस्कृतिक सहयोग में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका

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भारत के संस्कृति मंत्री ने बार्सिलोना, स्पेन में आयोजित ‘मॉन्डियाकल्ट 2025’ (MONDIACULT 2025) सम्मेलन में भाग लिया

भारत सरकार के संस्कृति मंत्री ने 29 सितम्बर 2025 को स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित विश्व सांस्कृतिक नीतियां एवं सतत विकास सम्मेलन (MONDIACULT 2025) में भाग लिया। यह सम्मेलन यूनेस्को (UNESCO) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें पूरी दुनिया से आए मंत्रीगण और सांस्कृतिक नेता वैश्विक सांस्कृतिक नीति के भविष्य को आकार देने के लिए एकत्र हुए।

पूर्ण सत्र (Plenary Session)

पूर्ण सत्र के दौरान कार्यविधि नियमों और एजेंडा को अपनाने के साथ-साथ प्रमुख पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। इस सत्र में भारत के संस्कृति मंत्री को एशिया-प्रशांत समूह के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का गौरव प्राप्त हुआ, जो क्षेत्रीय सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाने में भारत की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका को दर्शाता है।

सम्मेलन में प्रमुख सहभागिता

  • उद्घाटन समारोह: मंत्री ने इस समारोह में भाग लिया, जिसमें जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं और यूनेस्को के महानिदेशक तथा स्पेन सरकार के राष्ट्रपति ने मुख्य संबोधन दिया।

  • मंत्रिस्तरीय पूर्ण सत्र: इसमें चर्चा का विषय था – संस्कृति एक वैश्विक सार्वजनिक संपदा के रूप में और सतत विकास की समर्थक के रूप में।

  • विषयगत सत्र (Cultural Rights and Economy of Culture): मंत्री ने इस सत्र में वक्तव्य देते हुए भारत की सांस्कृतिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता और समावेशी एवं न्यायसंगत विकास के प्रेरक के रूप में रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भारत के प्रयासों को रेखांकित किया।

द्विपक्षीय वार्ताएं

सम्मेलन के दौरान मंत्री ने स्पेन, ईरान, नॉर्वे, कोलंबिया और ग्रीस के समकक्ष मंत्रियों से द्विपक्षीय मुलाकात की। इन चर्चाओं का केंद्रबिंदु था – विरासत संरक्षण, रचनात्मक उद्योग, संग्रहालयों और प्रदर्शन कलाओं में सहयोग को बढ़ाना।

भारत की प्रतिबद्धता

‘मॉन्डियाकल्ट 2025’ में भारत की भागीदारी ने वैश्विक सांस्कृतिक संवाद के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया और संस्कृति को सतत एवं समावेशी विकास की आधारशिला के रूप में आगे बढ़ाने के संकल्प को दर्शाया।



राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया 64वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का सम्मान, कला को बताया आध्यात्मिक साधना

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित 64वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मिलित होकर उसे गरिमा प्रदान की।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि उनका कार्य अन्य कलाकारों को भी प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में कला को लंबे समय से आध्यात्मिक साधना के रूप में माना गया है। कला केवल सौंदर्यबोध का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करने और एक संवेदनशील समाज के निर्माण का सशक्त साधन भी है। राष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त की कि कलाकार अपनी सोच, दृष्टि और कल्पनाशक्ति के माध्यम से नए भारत की छवि प्रस्तुत कर रहे हैं।

राष्ट्रपति ने यह भी रेखांकित किया कि कलाकार अपनी कला रचना में समय, ऊर्जा और संसाधन लगाते हैं। उनके कलाकृतियों को उचित मूल्य मिलने से कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और जो लोग कला को पेशे के रूप में अपनाना चाहते हैं, उन्हें भी सहारा मिलेगा। उन्होंने खुशी जताई कि ललित कला अकादमी कलाकारों की कलाकृतियों की बिक्री को प्रोत्साहित कर रही है। इससे कलाकारों को आर्थिक सहयोग मिलेगा और हमारी रचनात्मक अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

राष्ट्रपति ने कला-प्रेमियों से आग्रह किया कि वे न केवल कलाकृतियों की सराहना करें, बल्कि उन्हें अपने घर भी ले जाएं। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर भारत की पहचान को आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति दोनों रूपों में सुदृढ़ करना होगा।


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