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नवंबर 2025: CPGRAMS रिपोर्ट में 70,598 लोक शिकायतों का निपटान, 1,65,930 मामले लंबित

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प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) की 40वीं मासिक रिपोर्ट (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश) नवंबर 2025 के लिए जारी की। यह रिपोर्ट लोक शिकायतों के प्रकार और श्रेणियों का विस्तृत विश्लेषण तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा निपटान की प्रकृति प्रस्तुत करती है।

नवंबर 2025 में, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 60,450 लोक शिकायत (PG) मामले दर्ज किए गए और 70,598 मामलों का निपटान किया गया।

  • उत्तरी प्रदेश ने नवंबर 2025 में सबसे अधिक निपटान किया, कुल 25,184 PG मामलों का निपटान।

  • इसके बाद दिल्ली में 7,989 PG मामलों का निपटान हुआ।

  • 30 नवंबर 2025 तक, CPGRAMS पोर्टल पर कुल लंबित PG मामलों की संख्या 1,65,930 है।

  • इसके अलावा, 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में प्रत्येक में 1,000 से अधिक लंबित शिकायतें हैं।

नवंबर 2025 में CPGRAMS पोर्टल पर 57,180 नए उपयोगकर्ताओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 8,739 पंजीकरण उत्तर प्रदेश से हुए।
फीडबैक कॉल सेंटर ने नवंबर 2025 में कुल 70,141 फीडबैक एकत्र किए, जिनमें से 28,669 फीडबैक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त हुए।

नवंबर 2025 में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से दर्ज शिकायतों का विश्लेषण भी रिपोर्ट में शामिल है। CPGRAMS को CSC पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है और यह 5 लाख से अधिक CSCs पर उपलब्ध है, जिसमें 2.5 लाख गांव स्तरीय उद्यमी (VLEs) शामिल हैं। इस महीने CSCs के माध्यम से कुल 14,094 शिकायतें दर्ज की गईं।

सेवोत्तम योजना के तहत प्रशिक्षण

पिछले चार वित्तीय वर्षों (FY 2022–23 से FY 2025–26 तक) में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रशिक्षित अधिकारियों की संख्या:

  • वित्तीय वर्ष
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • प्रशिक्षित अधिकारी
  • 2022-23
  • 280
  • 8,496
  • 2023-24
  • 236
  • 8,477
  • 2024-25
  • 314
  • 10,740
  • 2025-26 (30 नवम्बर तक)
  • 154
  • 5,226
  • कुल
  • 984
  • 32,939

नवंबर 2025 के प्रमुख तथ्य

सामान्य हाइलाइट्स

  • वरिष्ठ स्तर की समीक्षा हेतु राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में PG मामलों के लिए समर्पित समीक्षा मॉड्यूल 6 जून 2025 से चालू है।

  • 12 नवंबर 2025 को DARPG सचिव की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

  • फीडबैक कॉल सेंटर ने कुल 70,141 फीडबैक एकत्र किए, जिसमें 28,669 फीडबैक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त हुए।

CPGRAMS पर लोक शिकायतों की स्थिति

  • नवंबर 2025 में 60,450 PG मामले प्राप्त और 70,598 PG मामलों का निपटान किया गया।

  • PG मामलों के निपटान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, अक्टूबर के 63,305 मामलों से बढ़कर नवंबर में 70,598 मामलों तक।

  • उत्तरी प्रदेश ने सबसे अधिक निपटान किया (25,184 मामले), उसके बाद दिल्ली (7,989 मामले)।

लंबित शिकायतों की स्थिति

  • 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1,000 से अधिक लंबित शिकायतें हैं।

  • 30 नवंबर 2025 तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कुल लंबित PG मामले 1,65,930 हैं।


ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोल्हापुर में ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में 6,000 डाक कर्मचारियों को संबोधित किया

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 केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 13 दिसंबर 2025 को कोल्हापुर में आयोजित ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में गोवा और पुणे क्षेत्र के लगभग 6,000 ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को संबोधित किया।

सम्मेलन में मंत्री का संबोधन

सिंधिया ने महाराष्ट्र की स्थानीय भाषा मराठी में अपने मार्मिक संबोधन में डाक कर्मचारियों की निष्ठापूर्ण सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने डाकियों को “विश्वास के पुल” बताते हुए कहा कि वे केवल पत्र नहीं पहुँचाते, बल्कि हर घर तक बैंकिंग, बीमा और सरकारी सेवाओं को भी पहुँचाते हैं। उन्होंने ग्रामीण भारत को जोड़ने और देश के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन में उन्होंने डाक कर्मचारियों के लिए लागू कई कल्याण सुधारों का स्मरण कराया, जैसे कि ग्रामीण डाक सेवकों के बच्चों का केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश, भत्तों में वृद्धि, नए यूनिफॉर्म और जैकेट डिज़ाइन का परिचय, और प्रोजेक्ट एरो। उन्होंने कहा कि ये पहलें सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं जो अपने फील्ड कार्यबल की सुनती और उन्हें सशक्त बनाती है।

इंडिया पोस्ट का योगदान

सिंधिया ने भारत पोस्ट की अद्वितीय उपस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में 1.65 लाख से अधिक डाकघर हैं जो लगभग 6.5 लाख गांवों को सेवाएँ प्रदान करते हैं। उन्होंने विभाग को एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स और सेवा केंद्र में बदलने का आह्वान किया, जो नवाचार, विश्वसनीयता और मूल्य आधारित दृष्टिकोण से संचालित हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण “डाकिया अब बैंक लाया” को स्मरण करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे इंडिया पोस्ट ने केवल पत्र वितरण से आगे बढ़कर वित्तीय समावेशन और नागरिक सेवाओं का विश्वसनीय माध्यम बनकर अपनी सेवा भावना “सेवा भाव” को बनाए रखा है।

उत्कृष्ट डाक सेवकों का सम्मान

सम्मेलन का एक मुख्य आकर्षण महाराष्ट्र के 10 उत्कृष्ट ग्रामीण डाक सेवकों का सम्मान था। केंद्रीय मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक पुरस्कार विजेता से संवाद किया और उन्हें नई इंडिया पोस्ट जैकेट, कैप और डाकिया बैग पहनाया, जो डाक सेवा में गरिमा, पहचान और गर्व का प्रतीक बना। इस पहल को उपस्थित कर्मचारियों ने जोरदार तालियों और भावपूर्ण सराहना के साथ स्वीकार किया।

अन्य प्रमुख अतिथिगण

डायस पर छत्रपति शाहू महाराज, कोल्हापुर के सांसद; धनंजय महाडिक, कोल्हापुर के सांसद; जितेन्द्र गुप्ता, महानिदेशक, डाक सेवाएँ;  सुवेंदु कुमार स्वैन, सदस्य (पर्सनेल), डाक सेवा बोर्ड और अमिताभ सिंह, मुख्य डाकपाल, महाराष्ट्र सर्कल उपस्थित रहे।

एआई आधारित “भाषिणी” मंच का उपयोग

इस अवसर पर एआई-आधारित “भाषिणी” मंच का उपयोग किया गया, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत विकसित किया गया है। इस पहल ने भाषाई और सांस्कृतिक अंतर को पाटने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के माध्यम से एक समावेशी और बहुभाषी डिजिटल भारत के निर्माण में सरकार की दृष्टि को प्रदर्शित किया।

समापन

सिंधिया ने सभी डाक कर्मचारियों से गर्व, निष्ठा और नवाचार के साथ सेवा जारी रखने का आह्वान किया और देश सेवा और परिवर्तन की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन का समापन उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए “धन्यवाद, जय हिंद” के साथ किया।

जिले में श्रमिकों के लिए दिसंबर माह में 09 ग्राम पंचायतों में निःशुल्क मोबाइल कैंप शिविर आयोजित

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श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और योजनाओं के आवेदन हेतु शिविर—आधार, बैंक खाता व आवश्यक दस्तावेज साथ लाने की अपील

रायपुर- श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़  असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ सुनिश्चित करने हेतु  खैरागढ़ जिले में दिसंबर माह में निःशुल्क मोबाइल कैंप शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इन शिविरों में निर्माण कार्य एवं अन्य स्थापनाओं पर कार्यरत श्रमिक अपने पंजीयन, नवीनीकरण एवं योजना आवेदन की प्रक्रिया निःशुल्क करा सकेंगे। विभाग ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शिविर में आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, जैसे—अपना व परिवार का आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, राशन कार्ड तथा मोबाइल ओटीपी हेतु आवश्यक मोबाइल सहित उपस्थित हों।

दिसंबर माह में जिले के दोनों विकासखंडों—खैरागढ़ एवं छुईखदान में अलग-अलग तिथियों पर कुल 09 ग्राम पंचायतों में ये शिविर आयोजित होंगे।

विकासखंड खैरागढ़ में 04 दिसंबर को ग्राम पंचायत गातापार कला, 11 दिसंबर को घोंघेडबरी, 19 दिसंबर को देवरी तथा 26 दिसंबर को प्रकाशपुर में शिविर लगेंगे।

इसी प्रकार विकासखंड छुईखदान में 02 दिसंबर को जगमडवा, 09 दिसंबर को झुरानदी, 16 दिसंबर को पैलीमेटा, 23 दिसंबर को जीराटोला तथा 30 दिसंबर को जंगलपुर में श्रमिकों के लिए निःशुल्क शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और EPFO में समझौता — पेंशनधारकों को घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सेवा का लाभ

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भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत डाक विभाग की 100% स्वामित्व वाली संस्था इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (EPS’95) के तहत पेंशनधारकों को घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) सेवा उपलब्ध कराना है।

यह समझौता EPFO के 73वें स्थापना दिवस के अवसर पर IPPB के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आर. विश्वेस्वरन और केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (CPFC)रमेश कृष्णमूर्ति के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही वंदना गुर्नानी, सचिव (श्रम एवं रोजगार), केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) के सदस्य, EPFO, IPPB और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस सहयोग के तहत, IPPB अपने देशभर में फैले 1.65 लाख से अधिक डाकघरों और 3 लाख से अधिक डाक सेवकों (डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक) के नेटवर्क का उपयोग करेगा, जो डिजिटल फेस ऑथेंटिकेशन और फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक तकनीक से सुसज्जित हैं। इससे पेंशनधारक अपने घर से ही डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे — उन्हें अब बैंक शाखा या EPFO कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सेवा EPFO द्वारा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

IPPB के एमडी एवं सीईओ आर. विश्वेस्वरन ने कहा:

“EPFO के साथ यह साझेदारी IPPB के मिशन को और सशक्त बनाती है, जो हर भारतीय के दरवाजे तक आवश्यक वित्तीय और नागरिक सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के पेंशनधारकों के लिए सुविधाजनक और गरिमापूर्ण जीवन प्रमाणपत्र प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी। यह पहल भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘Ease of Living’ के विज़न को साकार करती है।”

पेंशनधारकों को बस इतना करना होगा कि वे अपने डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक से संपर्क करें या अपने निकटतम डाकघर जाएं, अपना आधार नंबर और पेंशन विवरण दें और आधार-आधारित फेस या फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण के माध्यम से सत्यापन कराएं। प्रमाणपत्र बनने के बाद पेंशनधारक को SMS के माध्यम से सूचना प्राप्त होगी, और अगले दिन वह https://jeevanpramaan.gov.in/v1.0/ पर जाकर प्रमाणपत्र देख सकेंगे।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के बारे में

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की स्थापना 1 सितंबर 2018 को भारत सरकार के स्वामित्व में की गई थी। बैंक का उद्देश्य देश के आम नागरिकों को सुलभ, सस्ती और विश्वसनीय बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना है। इसका मुख्य लक्ष्य अविकसित और अर्द्ध-बैंकित आबादी तक वित्तीय समावेशन को पहुंचाना है, जिसके लिए यह ~1.65 लाख डाकघरों और ~3 लाख डाककर्मियों के नेटवर्क का उपयोग करता है।

IPPB का संचालन India Stack पर आधारित है — जो पेपरलेस, कैशलैस और प्रेज़ेंस-लेस बैंकिंग को सरल, सुरक्षित और ग्राहक के द्वार तक उपलब्ध कराता है। यह बैंक वर्तमान में 13 भाषाओं में सेवाएं प्रदान कर रहा है, और 5.57 लाख गांवों और कस्बों में 11 करोड़ से अधिक ग्राहकों तक पहुंच बना चुका है।

IPPB कम नकद अर्थव्यवस्था (Less Cash Economy) को प्रोत्साहित करने और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक का आदर्श वाक्य है —

“हर ग्राहक महत्वपूर्ण है, हर लेनदेन मूल्यवान है, और हर जमा अमूल्य है।”



जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब पूरी तरह ऑनलाइन,अक्टूबर 2023 के पूर्व जन्मे बच्चों के आधार कार्ड हेतु ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र की कोई बाध्यता नहीं

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रायपुर- भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाए जा रहे हैं। इस प्रकार, छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र का ऑनलाइन बनाया जाना अनिवार्य किया गया है।

उल्लेखनीय है कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में वर्ष 2023 में संशोधन किया गया है। संशोधन के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों की जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही एकमात्र वैध आधार होगा। अर्थात, इस तिथि के पूर्व जन्मे बच्चों के मामलों में अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे। परंतु अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए केवल जन्म प्रमाण पत्र ही तिथि प्रमाण का एकमात्र स्रोत होगा। राज्य में अप्रैल 2023 के बाद से जन्मे प्रत्येक बच्चे के लिए ऑनलाइन जारी जन्म प्रमाण पत्र को ही मान्य किया गया है।

इस प्रकार स्पष्ट है कि अक्टूबर 2023 के पूर्व जन्मे बच्चों के जन्म तिथि प्रमाणन के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं है। उनके लिए अन्य दस्तावेज भी मान्य हैं। लेकिन अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही जन्म प्रमाण का एकमात्र आधार होगा।

पूर्व में जिन बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र मैन्युअल पद्धति से जारी किया गया था, उनके लिए भी अब पोर्टल में ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनाने का प्रावधान उपलब्ध है। इससे पुराने प्रमाण पत्र भी डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किए जा सकेंगे।

यह संज्ञान में आया है कि कुछ जिलों में केवल उन्हीं जन्म प्रमाण पत्रों के आधार पर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं जिनमें क्यूआर कोड (QR Code) है। यह विषय संज्ञान में आने पर इस विषय में राज्य सरकार द्वारा सहायक प्रबंधक, UIDAI हैदराबाद से अनुरोध किया गया है कि वे राज्य के सभी आधार केंद्रों को उचित दिशा-निर्देश जारी करें। 

यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में संशोधित पोर्टल के लॉन्च के बाद प्रारंभिक चरण में कुछ तकनीकी कठिनाइयाँ आई थीं, जिन्हें भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा समाधान कर दिया गया। साथ ही राज्य के सभी रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को नए पोर्टल के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर भी नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो रही है।

राज्य में अप्रैल 2023 के बाद से सभी जन्म प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बनाए जा रहे हैं, और वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह से तकनीकी रूप से सुचारू रूप से संचालित है।

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