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बजट 2026-27 में SEZ को बढ़ावा, घरेलू बिक्री पर रियायती शुल्क की बड़ी राहत

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नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने यूनियन बजट 2026-27 में विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इसके तहत पात्र SEZ निर्माण इकाइयों को घरेलू टैरिफ क्षेत्र (DTA) में सीमित मात्रा में उत्पादों की बिक्री रियायती शुल्क दरों पर करने की अनुमति दी जाएगी।

मुख्य बिंदु

  • SEZ इकाइयों को अब बिना पूरी कस्टम ड्यूटी के बोझ के देश में बिक्री की सुविधा

  • बिक्री की मात्रा निर्यात के अनुपात तक सीमित होगी

  • देश में कुल 368 SEZ (फरवरी 2026 तक)

  • 2025-26 में SEZ निर्यात 11.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक (32% वृद्धि)

SEZ क्या हैं?

SEZ (Special Economic Zones) ऐसे विशेष क्षेत्र होते हैं जो:

  • ड्यूटी-फ्री एरिया होते हैं

  • निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के लिए बनाए जाते हैं

  • यहां उद्योगों को टैक्स छूट, आसान नियम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलता है

सरकार का नया कदम क्यों अहम है?

  • उद्योगों को अधिक उत्पादन और बेहतर उपयोग (capacity utilisation) का मौका

  • निर्यात लागत में कमी

  • वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा

  • घरेलू बाजार में भी सीमित अवसर

SEZ का प्रदर्शन

  • 31.73 लाख से अधिक रोजगार (दिसंबर 2025 तक)

  • कुल निवेश: ₹7.86 लाख करोड़

  • निर्यात में लगातार वृद्धि

अन्य प्रमुख सुधार

  • सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए विशेष SEZ (गुजरात, कर्नाटक)

  • सिंगल विंडो क्लीयरेंस

  • ड्यूटी-फ्री आयात और जीएसटी में छूट

  • बेहतर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस

 सरकार का यह कदम SEZ को भारत के आर्थिक विकास, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षण का मजबूत आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


गिफ्ट सिटी: भारत का नया वैश्विक वित्तीय और तकनीकी हब

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मुख्य तथ्य

  • GIFT IFSC में 1034+ पंजीकृत संस्थाएँ कार्यरत।

  • 38 बैंक, जिनकी कुल परिसंपत्ति (Assets) 100.14 अरब डॉलर।

  • शहर का विस्तार 1000 एकड़ से बढ़कर 3,300+ एकड़ तक SEZ और DTA क्षेत्रों में।

  • IFSC यूनिट्स को 15 वर्ष की अवधि में 10 वर्ष का आयकर छूट।

परिचय

गिफ्ट सिटी (Gujarat International Finance Tec-City) भारत का पहला इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज़ सेंटर (IFSC) और देश की पहली ऑपरेशनल स्मार्ट सिटी है। गुजरात के गांधीनगर में स्थित यह शहर भारत की उस महत्वाकांक्षा का प्रतीक है, जिसके तहत देश को वैश्विक वित्तीय एवं आईटी हब के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

गिफ्ट सिटी में आज वैश्विक बैंक, बीमा कंपनियाँ, एसेट मैनेजर्स, फिनटेक कंपनियाँ और India International Bullion Exchange (IIBX) जैसी संस्थाएँ काम कर रही हैं। यह तेजी से सिंगापुर और दुबई जैसे वैश्विक वित्तीय केन्द्रों की तरह उभर रहा है।

पृष्ठभूमि और दृष्टि

गिफ्ट सिटी की संकल्पना भारत के पहले विश्वस्तरीय वित्तीय हब को विकसित करने की है। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को वैश्विक वित्तीय महाशक्ति बनाया जाए और गिफ्ट सिटी उसकी आधारशिला बने।

  • SEZ Act, 2005 के तहत भारत का पहला IFSC।

  • 1000 एकड़ में विकसित, 3,300+ एकड़ तक विस्तार।

  • Domestic Tariff Area (DTA) और GIFT SEZ – दो हिस्सों में विभाजित।

मुख्य उद्देश्य:

  • अंतरराष्ट्रीय पूंजी को भारत की अर्थव्यवस्था तक पहुँचाना।

  • उच्च कौशल वाली नौकरियाँ विकसित करना।

  • फिनटेक नवाचार को बढ़ावा देना।

  • वैश्विक निवेशकों—Sovereign Funds, Pension Funds, Hedge Funds आदि—को आकर्षित करना।

शासन और संस्थागत ढाँचा

गिफ्ट सिटी का नियमन International Financial Services Centres Authority (IFSCA) द्वारा किया जाता है, जिसकी स्थापना 2019 के कानून के तहत हुई।

IFSCA की विशेषताएँ:

  • एकीकृत नियामक (RBI, SEBI, IRDAI, PFRDA की शक्तियाँ समाहित)।

  • वित्तीय सेवाओं, उत्पादों और संस्थानों के लिए पूर्ण नियमन।

  • Ease of Doing Business और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली।

India International Bullion Exchange (IIBX)

IIBX एशिया का एक अत्याधुनिक बुलियन एक्सचेंज है, जहाँ:

  • सोने और चाँदी का पारदर्शी व्यापार

  • OECD गाइडलाइंस पर आधारित जिम्मेदार बुलियन ट्रेड

  • विश्वस्तरीय वॉल्टिंग सुविधाएँ

GCC/GIC इकोसिस्टम

गिफ्ट सिटी तेजी से Global Capability Centres (GCCs) का केंद्र बन रहा है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी

  • वर्ल्ड-क्लास ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर

  • सिंगल विंडो क्लीयरेंस

  • CAPEX/OPEX प्रोत्साहन

  • बड़े तकनीकी और वित्तीय समूहों की उपस्थिति

FINTECH हब

गिफ्ट सिटी देश का प्रमुख FinTech केंद्र उभर रहा है।

  • 20+ FinTech/TechFin कंपनियाँ

  • 8 Sandbox संस्थाएँ

  • Wipro, Infosys, Cognizant, Hexaware जैसी कंपनियाँ

  • Fintech Innovation & Research Centre – IITGN, ADB आदि के साथ

गिफ्ट सिटी में व्यवसाय स्थापित करना

Eligibility:

  • केवल वित्तीय सेवा समूह

  • कंपनी/LLP/ब्रांच के रूप में स्थापना

  • एक्सचेंज कंट्रोल में Non-Resident का दर्जा

  • FATF Compliant Jurisdictions आवश्यक

व्यवसायिक उपलब्धियाँ

  • 1034+ पंजीकृत संस्थाएँ

  • Global Financial Centres Index में 46वाँ स्थान

  • GIFT NIFTY का मासिक टर्नओवर $102.35 बिलियन

  • बैंकों द्वारा $20 बिलियन डॉलर लोन का वितरण

  • 38 बैंक, 52 बीमा संस्थाएँ, 37 विमान लीज़र, 34 शिप लीज़र

प्रमुख कंपनियाँ

GCCs

  • Infineon Technologies (750 कर्मचारी)

  • Technip Energies (500+)

  • TELUS (500)

  • Tata Electronics

टेक कंपनियाँ

  • Accenture (750)

  • Capgemini (1000)

  • IBM Consulting

वैश्विक बैंक

HSBC, Standard Chartered, Citi, Deutsche Bank, Barclays, BNP Paribas

AIFs

ADIA, Morgan Stanley, Lighthouse Canton, Lightrock

फिनटेक

KFintech, Signzy, Intellect Design

विश्वस्तरीय अवसंरचना

District Cooling System

  • 30% ऊर्जा की बचत

  • 99.999% पावर विश्वसनीयता

Automated Waste Collection System

Underground Utility Tunnel

  • 17 किमी लंबी

  • "No Dig City" की अवधारणा

Zero-Discharge Water System

Digital Backbone

  • Tier IV Data Centre

  • 15 Global Telecom Operators

परिवहन

  • अहमदाबाद एयरपोर्ट – 20 मिनट

  • मेट्रो कनेक्टिविटी

  • बुलेट ट्रेन स्टेशन – 15 मिनट

  • EV Bus Network

शिक्षा एवं प्रतिभा

  • IIM Ahmedabad, IIT Gandhinagar, GMU

  • AI, Finance, Software कौशल वाले 86,000 से अधिक पेशेवर

  • Deakin University, University of Wollongong, Queen’s University Belfast, Coventry University के कैंपस

व्यवसायिक लाभ

  • 10 वर्ष का टैक्स हॉलिडे

  • GST छूट, कस्टम ड्यूटी छूट

  • कंपनी एक्ट छूट

  • PF रीइम्बर्समेंट

  • सिंगल विंडो IT सिस्टम

निष्कर्ष

गिफ्ट सिटी आज भारत के वित्तीय और तकनीकी भविष्य की सबसे मजबूत नींव बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की अवसंरचना, प्रगतिशील नीतियाँ, एकीकृत नियामक ढाँचा और वैश्विक संस्थानों की बढ़ती उपस्थिति इसे अगले दशक का सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय हब बना रही है।

Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य में गिफ्ट सिटी की भूमिका केंद्रीय और निर्णायक होगी।


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