Media24Media.com: #BilateralExercise

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #BilateralExercise. Show all posts
Showing posts with label #BilateralExercise. Show all posts

हिंद-प्रशांत में तैनात आईएनएस सह्याद्री ने फिलीपीन नौसेना संग समुद्री अभ्यास किया

No comments Document Thumbnail

भारतीय नौसेना के स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्री ने मनीला, फिलीपींस में बंदरगाह चरण की तैनाती से पहले फिलीपीन नौसेना के साथ एक अभ्यास किया।

यह पोत वर्तमान में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में परिचालन तैनाती पर है और मित्र देशों के साथ विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों में भाग ले रहा है, जिनमें मालाबार-2025, ऑसइंडेक्स-2025, जेमेक्स-25 तथा रिपब्लिक ऑफ कोरिया नेवी के साथ पहला द्विपक्षीय अभ्यास शामिल हैं।

अभ्यास के दौरान दोनों नौसेनाओं ने सामरिक संचार अभ्यास, नेविगेशन संचालन, विज़िट बोर्ड सर्च एंड सीज़र (VBSS) अभ्यास तथा उड़ान संचालन किए, जिससे पेशेवर तालमेल और पारस्परिक समझ को और मजबूत किया गया।

बंदरगाह चरण के दौरान कई पेशेवर आदान-प्रदान, क्रॉस-डेक विज़िट और विषय विशेषज्ञों के बीच चर्चा आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताएँ, संयुक्त योग सत्र और अनाथालय सहायता जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

आईएनएस सह्याद्री की यह यात्रा भारत की फिलीपींस के साथ बढ़ते संबंधों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है और समुद्री क्षेत्र में दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग को उजागर करती है। यह भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी तथा सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के दृष्टिकोण के अनुरूप हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



विशाखापत्तनम में ‘समुद्र शक्ति – 2025’ भारत–इंडोनेशिया संयुक्त नौसैनिक अभ्यास का पाँचवाँ संस्करण प्रारंभ

No comments Document Thumbnail

विशाखापत्तनम- भारतीय नौसेना विशाखापत्तनम में भारत–इंडोनेशिया संयुक्त द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘समुद्र शक्ति – 2025’ के पाँचवें संस्करण की मेजबानी कर रही है। इस अभ्यास में भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसैनिक कमान (Eastern Naval Command – ENC) के अधीन पूर्वी बेड़े की पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती तथा इंडोनेशियाई नौसेना का युद्धपोत केआरआई जॉन ली, जो एक समेकित हेलिकॉप्टर से सुसज्जित है, भाग ले रहे हैं। केआरआई जॉन ली के विशाखापत्तनम आगमन पर ईएनसी ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

अभ्यास का बंदरगाह चरण (Harbour Phase) मैत्री और पेशेवर तालमेल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न गतिविधियों पर केंद्रित है, जिनमें क्रॉस-डेक विज़िट्स, संयुक्त योग सत्र, मैत्रीपूर्ण खेल मुकाबले और विषय विशेषज्ञों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान (SMEE) शामिल हैं।

इसके बाद समुद्री चरण (Sea Phase) में कई गतिशील और जटिल समुद्री अभियानों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें हेलिकॉप्टर संचालन, वायु रक्षा अभ्यास, हथियार फायरिंग ड्रिल्स, तथा विज़िट, बोर्ड, सर्च एंड सीज़र (VBSS) जैसे अभ्यास शामिल होंगे।

‘समुद्र शक्ति’ भारत और इंडोनेशिया के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय नौसैनिक सहयोग है, जिसका उद्देश्य अंतरसंचालन क्षमता (interoperability) को बढ़ाना, पारस्परिक समझ और सहयोग को सुदृढ़ करना, तथा सर्वोत्तम नौसैनिक प्रथाओं का आदान-प्रदान करना है।

यह अभ्यास हिंद–प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



आईएनएस त्रिकंड ने ग्रीस के साथ समुद्री युद्धाभ्यास में दिखाई ताकत

No comments Document Thumbnail

भारत-ग्रीस द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास का पहला संस्करण सम्पन्न

भूमध्य सागर- भारतीय नौसेना और हेलेनिक नौसेना (ग्रीस) के बीच आयोजित पहला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 18 सितम्बर 2025 को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह अभ्यास भारत और ग्रीस के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अभ्यास दो चरणों में हुआ — 13 से 17 सितम्बर तक सलामिस नौसैनिक अड्डे पर हार्बर फेज़ और 17-18 सितम्बर को समुद्र में संचालनात्मक चरण। भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंड ने किया।

हार्बर फेज़ के दौरान, दोनों नौसेनाओं के कर्मियों ने आपसी समझ और समन्वय बढ़ाने के लिए कई गतिविधियों में भाग लिया। प्रमुख कार्यक्रमों में क्रॉस-डेक विज़िट्स, पेशेवर बातचीत और हेलेनिक नौसेना के एली क्लास फ्रिगेट HS Themistokles पर आयोजित प्री-सेल कॉन्फ्रेंस शामिल थे। सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के दौरान भारत के ग्रीस में राजदूत रुद्रेंद्र टंडन, सलामिस नौसैनिक अड्डे के कमांडर कमोडोर स्पायरीडॉन मैन्टिस, हेलेनिक नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और उनके परिवार भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर भारत की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन किया गया और दोनों नौसेनाओं के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत किया गया। इसके अतिरिक्त, जहाज के दल ने एथेंस स्थित सेक्रेड रॉक ऑफ़ एक्रोपोलिस का भी भ्रमण किया।

सी फेज़ के दौरान, दोनों नौसेनाओं ने जटिल समुद्री युद्धाभ्यास और सामरिक अभ्यास किए। इनमें नाइट VBSS ऑपरेशन्स (Visit, Board, Search, Seizure), समुद्र में पुनःपूर्ति (Replenishment-at-Sea), संयुक्त पनडुब्बी-रोधी युद्धाभ्यास, समन्वित तोप दागना तथा क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर ऑपरेशन्स शामिल थे। इन अभियानों ने न केवल दोनों नौसेनाओं की पेशेवर क्षमताओं को प्रमाणित किया, बल्कि चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में संयुक्त रूप से कार्य करने की उनकी क्षमता को भी दर्शाया।

इस पहले द्विपक्षीय अभ्यास का सफल आयोजन भारत और ग्रीस के बीच समुद्री सुरक्षा एवं सहयोगात्मक सहभागिता पर बढ़ते सामरिक सामंजस्य (Strategic Convergence) को रेखांकित करता है। दोनों देश वैश्विक समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में समान हित रखते हैं। यह सहयोग सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान, पारस्परिक संचालन क्षमता (Interoperability) के विकास और दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का अवसर प्रदान करता है।

अभ्यास के समापन के बाद आईएनएस त्रिकंड भूमध्य सागर में अपने अगले चरण के अभियान के लिए रवाना हो गया।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.