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अमित शाह ने गुजरात में मोतीलाल चौधरी सागर सैनिक स्कूल और सागर ऑर्गेनिक प्लांट का उद्घाटन किया

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केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री,अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात में  मोतीलाल आर. चौधरी सागर सैनिक स्कूल (MRCSSS) और सागर ऑर्गेनिक प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री,भूपेंद्र पटेल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में हाल ही में हुए कार धमाके में अपनी जान गंवाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि इस आतंकवादी घटना में शामिल सभी अपराधियों को कठोरतम सजा दी जाएगी। गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली कार ब्लास्ट के दोषियों को सजा देने से विश्व को संदेश मिलेगा कि किसी भी आतंकवादी को भारत में ऐसा कायरतापूर्ण कृत्य करने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, पिछले 11 वर्षों में भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को पूरी दुनिया ने पहचाना है और प्रधानमंत्री इस लड़ाई का नेतृत्व विश्व स्तर पर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कायरतापूर्ण घटना में शामिल सभी लोग और इसके पीछे के व्यक्ति कानून के समक्ष लाए जाएंगे और उन्हें कठोरतम सजा दी जाएगी। भारत सरकार और गृह मंत्रालय इस मामले में पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने सागर ऑर्गेनिक प्लांट और मोतीलाल चौधरी सागर सैनिक स्कूल के उद्घाटन को भी विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि मोतीलाल काका मंसा के सभी नागरिकों के लिए आदर्श और प्रेरणा हैं। मोतीलाल जी का जीवन महात्मा गांधी के सिद्धांतों—ईमानदारी, पारदर्शिता और समाज में सकारात्मक मूल्य फैलाने के प्रति समर्पण—पर आधारित था। उस समय, गुजरात के डेयरी पालक, किसान और गांवों के लिए समृद्धि के मार्ग खोलने के लिए कई प्रयास किए गए। शाह ने कहा कि आज, अमूल विश्व का नंबर एक सहकारी ब्रांड बन चुका है और इसकी नींव उस समय के महान व्यक्तित्वों ने रखी थी।

शाह ने कहा कि सागर सैनिक स्कूल, मोतीलाल चौधरी के नाम पर स्थापित, गुजरात के कई जिलों के बच्चों को भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा का अवसर प्रदान करेगा। यह स्कूल 11 एकड़ में फैला है, ₹50 करोड़ की लागत से निर्मित किया गया है और इसमें स्मार्ट क्लासरूम, छात्रावास, पुस्तकालय और कैंटीन जैसी सुविधाएँ हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत सरकार ने देशभर में PPP मॉडल के तहत 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया है, और इनमें मोतीलाल चौधरी सैनिक स्कूल निश्चित रूप से मेहसाना के लिए गर्व का प्रतीक बनेगा।

केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज सागर ऑर्गेनिक प्लांट का उद्घाटन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्लांट महत्वपूर्ण है ताकि अमूल ब्रांड के भरोसेमंद ऑर्गेनिक उत्पाद देश और दुनिया में पहुँच सकें, और ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसानों को उचित लाभ मिले। इस प्लांट की दैनिक क्षमता लगभग 30 मीट्रिक टन है और यह नेशनल प्रोग्राम फॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन (NPOP) और APEDA द्वारा प्रमाणित है। APEDA प्रमाणन के कारण, उत्तर गुजरात के प्राकृतिक खेती करने वाले किसान वैश्विक बाजारों तक अपनी उपज पहुँचा पाएंगे। शाह ने कहा कि इस ऑर्गेनिक प्लांट के विस्तार से न केवल देशभर में नागरिकों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि ऑर्गेनिक खेती में लगे किसानों की आय भी बढ़ेगी।

अमित शाह ने सभी ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसानों और उनके परिवारों से अनुरोध किया कि वे स्वयं ऑर्गेनिक उत्पादों का उपयोग करें ताकि उनके पूरे परिवार का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि 1960 में, दूधसागर डेयरी केवल 3,300 लीटर दूध प्रतिदिन इकट्ठा करती थी, जो अब बढ़कर 35 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। यह डेयरी गुजरात के 1,250 गांवों के डेयरी पालकों और राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के 10 लाख से अधिक दूध उत्पादन समूहों से जुड़ी हुई है। इसका कारोबार ₹8,000 करोड़ तक पहुँच गया है। 8 आधुनिक डेयरियां, 2 मिल्क चिलिंग सेंटर, 2 पशु आहार प्लांट और 1 सीमेंट उत्पादन इकाई के साथ, दूधसागर डेयरी आज गुजरात के व्हाइट रिवॉल्यूशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

शाह ने कहा कि बनासकांठा और दूधसागर डेयरी ने मिलकर डेयरी अर्थव्यवस्था को बदलने के लिए मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि डेयरी की सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए 75,000 नए प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया गया है। मोदी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित 50% दूध राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचे, जिससे डेयरी पालकों को लाभ हो।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी के लाभ पूरे गुजरात और देश के डेयरी पालकों तक पहुँचाने के लिए मोदी सरकार ने तीन बहु-राज्यीय सहकारी समितियों की स्थापना की है। उन्होंने यह भी बताया कि अमूल के कुल कारोबार का 70% महिलाओं—हमारी माताओं और बहनों—के योगदान से आता है, जो इसके माध्यम से आत्मनिर्भर बनी हैं। शाह ने कहा कि इस वर्ष गुजरात में असामयिक भारी वर्षा हुई, और प्रभावित किसानों की मदद के लिए भूपेंद्र पटेल नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने उदार राहत पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने किसानों की सहायता में पीछे नहीं हटने का संकल्प लिया है।


अमित शाह ने नई दिल्ली में ‘को-ऑप कुंभ 2025’ का उद्घाटन किया

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 नई दिल्ली-केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘को-ऑप कुंभ 2025’ (Co-Op Kumbh 2025) को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। यह सम्मेलन शहरी सहकारी क्रेडिट क्षेत्र पर केंद्रित था। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सहकारिता मंत्रालय के सचिव एवं कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में मंत्री अमित शाह ने कहा कि शहरी सहकारी बैंकों और क्रेडिट सोसाइटियों का यह सहकार कुंभ अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 3-4 वर्षों में देश का शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र और सहकारी क्रेडिट सोसाइटी क्षेत्र नए जोश के साथ आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि ‘को-ऑप कुंभ 2025’ के दौरान नीति, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर चर्चा होगी ताकि इस क्षेत्र की संभावनाओं का अधिकतम उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि एनएएफक्यूब (NAFCUB) द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की ‘दिल्ली घोषणा 2025’ (Delhi Declaration 2025) शहरी सहकारी बैंकों के विस्तार के लिए एक रोडमैप के रूप में कार्य करेगी।

शाह ने कहा कि “को-ऑप कुंभ 2025 के माध्यम से शहरी सहकारी बैंकों के विस्तार का हमारा सपना बहुत जल्द पूरा होगा।” उन्होंने बताया कि आज इस अवसर पर ‘सहकार डिजी-पे’ (Sahkar Digi-Pay) और ‘सहकार डिजी-लोन’ (Sahkar Digi-Loan) ऐप्स का शुभारंभ किया गया है। इसके माध्यम से छोटे से छोटे शहरी सहकारी बैंक भी डिजिटल भुगतान सुविधाएं प्रदान कर सकेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सहकारिता से जुड़े हर क्षेत्र में बुनियादी सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया कि सहकारी क्षेत्र के आधुनिकीकरण, चुनौतियों के समाधान और इसके विस्तार के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। सभी राज्य सरकारों ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के लिए मॉडल उपविधियों को स्वीकार किया है।

अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने चार प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए हैं —

  1. जनरेशन सहकार (Generation Sahakar) का विकास, यानी युवा पीढ़ी को सहकार आंदोलन से जोड़ना। इसके लिए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जो सहकारिता क्षेत्र की सभी आवश्यकताओं को पूरा करेगा।

  2. सहकारी समितियों को ऐसी इकाइयों के रूप में तैयार करना जो हर चुनौती का सामना कर सकें।

  3. अगले पाँच वर्षों में दो लाख से अधिक जनसंख्या वाले हर शहर में एक शहरी सहकारी बैंक की स्थापना करना।

  4. युवा उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त करने के लिए शहरी सहकारी बैंकों को बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण से काम करना।

उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य केवल सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना भी है, और इस दिशा में शहरी सहकारी बैंक सबसे उपयुक्त माध्यम हैं।”

शाह ने बताया कि “पिछले दो वर्षों में हमने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) को 2.8% से घटाकर 0.06% कर दिया है। अब हमें परिचालन मानकों को सुधारना होगा और वित्तीय अनुशासन को और मजबूत करना होगा। हर शहर में एक शहरी सहकारी बैंक की स्थापना तभी संभव है जब हम सहकारी समितियों को बैंकों में परिवर्तित करने की दिशा में काम करें।”

उन्होंने कहा कि केवल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़े ही हमारी प्रगति को नहीं दर्शाते — जब तक हर व्यक्ति को काम और सम्मानजनक जीवन स्तर न मिले, प्रगति अधूरी है, और यह सहकारिता के बिना संभव नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें सहकारिता के महत्व को भलीभांति समझती हैं, अब आवश्यकता है कि पारदर्शी और परिणामोन्मुख दृष्टिकोण से आगे बढ़ा जाए।

शाह ने बताया कि इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस (ICA) ने वैश्विक रैंकिंग में अमूल को पहला और इफको (IFFCO) को दूसरा स्थान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि “यह इस बात का प्रमाण है कि आज भी सहकारिता की अवधारणा और संस्कृति प्रासंगिक और सशक्त है।”

उन्होंने बताया कि अमूल देश में श्वेत क्रांति (White Revolution) का प्रेरक रहा है — इसके 36 लाख किसान सदस्य, 18,000 ग्राम समितियाँ और 18 जिला संघ हर दिन 3 करोड़ लीटर दूध एकत्र करते हैं। वर्ष 2024–25 में अमूल का कारोबार 90,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है। यह इस बात का प्रमाण है कि लाखों किसान, जिनमें से 65% महिलाएँ हैं, छोटे-छोटे योगदानों से एक विशाल सहकारी संस्था को वर्षों से सफलतापूर्वक चला रहे हैं।

शाह ने कहा कि इफको (IFFCO) विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सहकारी संस्था बन गई है, जिसका कारोबार 41,000 करोड़ रुपये और लाभ 3,000 करोड़ रुपये है। इफको में देशभर की 35,000 सहकारी समितियाँ — जिनमें अधिकांश PACS और विपणन समितियाँ हैं — सदस्य हैं। इसके माध्यम से 5 करोड़ से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। इफको हर वर्ष 93 लाख मीट्रिक टन यूरिया और डीएपी का उत्पादन करता है और आज इसकी नैनो यूरिया और नैनो डीएपी 65 देशों — जैसे ब्राज़ील, ओमान, अमेरिका और जॉर्डन — को निर्यात की जा रही हैं।

शाह ने कहा कि यह सब इस बात का प्रमाण है कि भारत में सहकारिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रोहतक (हरियाणा) में साबर डेयरी प्लांट का किया उद्घाटन

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रोहतक- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज रोहतक (हरियाणा) में साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय राज्य मंत्री (सहकारिता)कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की दशकों पुरानी मांग पूरी करते हुए अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की है, जिसके लिए पूरा देश उनका आभारी है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर सहकारी संस्थाओं की नींव को मजबूत करने का काम किया है। शाह ने विश्वास जताया कि साल 2029 तक देश की हर पंचायत में एक सहकारी समिति होगी।

अमित शाह ने कहा कि लगभग ₹350 करोड़ की लागत से तैयार हुआ यह देश का सबसे बड़ा दही, छाछ और योगर्ट उत्पादन प्लांट है, जो दुग्ध उत्पादकों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि हरियाणा से ही दिल्ली-एनसीआर की डेयरी उत्पादों की पूरी मांग पूरी होगी। गुजरात के साबरकांठा जिले से शुरू हुई साबर डेयरी आज 9 राज्यों के दूध उत्पादकों को अवसर दे रही है। गुजरात की सहकारी डेयरी से जुड़कर आज 35 लाख महिलाएँ ₹85,000 करोड़ का वार्षिक कारोबार कर रही हैं।

साबर प्लांट में प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और 10,000 किलो मिठाइयों का उत्पादन होगा। शाह ने कहा कि आज साबर डेयरी राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की भी सेवा कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अमूल के नेतृत्व में गुजरात में एंब्रियो ट्रांसफर, सेक्स-डिटरमिनेशन, बायोगैस, मधुमक्खी पालन और ऑर्गेनिक खेती जैसे वैज्ञानिक प्रयोग सफल रहे हैं और इन्हें हरियाणा में भी लागू करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत का दुग्ध क्षेत्र 70% बढ़ा है, जिससे यह दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता डेयरी सेक्टर बन गया है। 2014-15 में देश में 86 मिलियन दुधारू पशु थे, जो अब बढ़कर 112 मिलियन हो गए हैं। दूध उत्पादन भी 146 मिलियन टन से बढ़कर 239 मिलियन टन हो गया है। देश में आज 8 करोड़ किसान दुग्ध क्षेत्र से जुड़े हैं और दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 124 ग्राम से बढ़कर 471 ग्राम हो चुकी है।

अमित शाह ने बताया कि हरियाणा हमेशा प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में शीर्ष तीन राज्यों में रहता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनकर गर्व से खड़ा है। व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 के तहत जल्द ही 75,000 से अधिक नई डेयरी समितियाँ बनाई जाएंगी और 46,000 सहकारी समितियों को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दूध प्रोसेसिंग क्षमता 660 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 1000 लाख लीटर प्रतिदिन (2028-29 तक) करने का लक्ष्य है। इससे सीधा लाभ दूध उत्पादन करने वाली माताओं और बहनों को मिलेगा।

अमित शाह ने बताया कि मोदी सरकार ने हाल ही में पशु चारा उत्पादन, गोबर प्रबंधन और मृत पशुओं के अवशेषों के उपयोग के लिए तीन राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं की स्थापना की है। इसके अलावा, सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, पशुपालन अवसंरचना विकास कोष और राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत डेयरी प्लांट निर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा और अनुसंधान एवं विकास को तीन गुना बढ़ाकर डेयरी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करेगा।



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