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‘यूथ फॉर विकसित भारत: MY Bharat यूथ कन्वेंशन’ में युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संकल्प

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित ‘यूथ फॉर विकसित भारत: MY Bharat यूथ कन्वेंशन’ को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में देशभर से 6,000 से अधिक युवा—छात्र, युवा पेशेवर, उद्यमी, नवाचारकर्ता, कंटेंट क्रिएटर और उभरते नेता—शामिल हुए।

डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत की युवा शक्ति विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से MY Bharat के कार्यक्रमों, स्वयंसेवी अवसरों और राष्ट्र निर्माण की पहलों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारत के युवा अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम हैं। कार्यक्रम में अभिनेत्री एवं विधायक मैथिली ठाकुर, अभिनेता विक्रांत मैसी, उद्यमी अमन गुप्ता और क्रिकेटर जितेश शर्मा ने भी युवाओं को प्रेरित किया और अपने अनुभव साझा किए।

सम्मेलन का समापन ‘विकसित भारत संकल्प’ के साथ हुआ, जिसमें युवाओं ने 2047 तक आत्मनिर्भर, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।



भारत-कोरिया साझेदारी से शिपबिल्डिंग क्षेत्र में कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

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भारत की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) ने 2 अप्रैल 2026 को कोरिया इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (KOICA) के साथ एक कार्यान्वयन योजना (Plan of Implementation) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारतीय शिपबिल्डिंग क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।

यह परियोजना ‘Maritime Amrit Kaal Vision 2047’ के तहत निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप है। ‘Support the Establishment of Development Strategies and to Build a Foundation for Skilled and Professional Talents for the Indian Shipbuilding and Marine Sector’ नामक इस पहल का उद्देश्य भारत को वैश्विक शिपबिल्डिंग हब के रूप में स्थापित करना है।

इस सहयोग के तहत KOICA, कोरिया रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग सहित अन्य संस्थाओं के सहयोग से भारत के शिपबिल्डिंग और मरीन इंजीनियरिंग क्षेत्र का व्यापक अध्ययन करेगा। इसमें कार्यबल का आकलन, कौशल अंतर (स्किल गैप) की पहचान और मानव संसाधन विकास के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह साझेदारी भारत के समुद्री क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने समुद्री क्षेत्र को आर्थिक विकास और रणनीतिक मजबूती के प्रमुख स्तंभ के रूप में विकसित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से एक नई पीढ़ी के कुशल और तकनीकी रूप से सशक्त समुद्री पेशेवर तैयार किए जाएंगे, जो भारत को वैश्विक शिपबिल्डिंग केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

परियोजना के तहत भारत और कोरिया में संयुक्त कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और शिक्षाविद भाग लेंगे। इससे दोनों देशों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा, भारत में ‘शिपबिल्डिंग वर्कफोर्स डेवलपमेंट एंड टेक्नोलॉजी कोऑपरेशन सेंटर’ की स्थापना पर भी अंतिम चरण की चर्चा चल रही है। यह केंद्र व्यावसायिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह पहल भारत को वैश्विक स्तर पर शिपबिल्डिंग और समुद्री सेवाओं के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है और आत्मनिर्भर समुद्री क्षेत्र के निर्माण की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

“भारत संपर्क” पहल के तहत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आईआईटी दिल्ली दौरा, छात्रों से संवाद

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“भारत संपर्क—भारत के युवा मस्तिष्कों से संवाद” जनसंपर्क पहल के अंतर्गत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली परिसर का दौरा किया और विद्यार्थियों के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया।

आईआईटी दिल्ली परिसर में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रौद्योगिकी अंगीकरण, लॉजिस्टिक्स, नवाचार, अनुसंधान सहयोग तथा सार्वजनिक संस्थानों में युवाओं की भागीदारी जैसे विविध विषयों पर केंद्रीय मंत्री से विचार-विमर्श किया। केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक सेवा के रूपांतरण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

करियर के अवसरों और सरकारी संस्थानों के साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक व्यापक तकनीकी उन्नयन और संगठनात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। उन्होंने लॉजिस्टिक्स, नागरिक-केंद्रित सेवाओं, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवा वितरण में भारतीय डाक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और नवाचार आधारित सहयोग के माध्यम से विभाग से जुड़ने का आमंत्रण दिया।

नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित विकास से जुड़े प्रश्नों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक अपने व्यापक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को, विशेष रूप से टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में, सशक्त सहयोग प्रदान करने की मजबूत स्थिति में है। उन्होंने बताया कि आईटी 2.0 आधुनिकीकरण परियोजना के अंतर्गत नई तकनीकों और डिजिटल प्रणालियों को अपनाने से भारतीय डाक एक भरोसेमंद और भविष्य-तैयार सार्वजनिक सेवा संस्था के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलती उपभोक्ता अपेक्षाओं और उभरते व्यावसायिक अवसरों के अनुरूप भारतीय डाक नए और बाजारोन्मुख उत्पादों एवं सेवाओं की शुरुआत कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली स्थित एन-जेन (नेक्स्ट जेनरेशन) कैंपस पोस्ट ऑफिस का भी दौरा किया, जो एन-जेन पहल के अंतर्गत पुनर्निर्मित देश का पहला डाकघर है। इस पहल का उद्देश्य कैंपस डाकघरों को युवा-केंद्रित, डिजिटल रूप से सक्षम और छात्र-प्रेरित सेवा केंद्रों में परिवर्तित करना है।

आईआईटी दिल्ली के एन-जेन पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

पुनर्निर्मित एन-जेन कैंपस पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन किए गए इंटीरियर और वॉल आर्ट, निःशुल्क वाई-फाई, विद्यार्थियों के लिए समर्पित सेवा काउंटर, क्यूआर आधारित बुकिंग एवं डिजिटल भुगतान, पार्सल पैकिंग सुविधाएं तथा विद्यार्थियों के लिए रियायती स्पीड पोस्ट सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही डाक संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के लिए छात्र सहभागिता मॉडल भी शुरू किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली के भारती स्कूल ऑफ टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट का भी दौरा किया, जहां विद्यार्थियों ने टैक्टाइल इंटरनेट और हैप्टिक रोबोटिक्स तकनीक में अत्याधुनिक प्रगति का प्रदर्शन किया। यह स्वदेशी रूप से विकसित समाधान अल्ट्रा-लो लेटेंसी नेटवर्क के माध्यम से मानव स्पर्श के वास्तविक समय में प्रसारण को संभव बनाता है, जिससे उपयोगकर्ता हैप्टिक फीडबैक के जरिए दूरस्थ वस्तुओं की बनावट, आकार, कठोरता और तापमान का अनुभव कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचार और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह तकनीक कौशल-आधारित शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं रखती है। यह भारत के डीप-टेक और ‘इंटरनेट ऑफ स्किल्स’ इकोसिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

डिजिटल इंडिया, अमृत काल सुधारों और युवा शक्ति की भागीदारी की सरकार की परिकल्पना के अनुरूप, एन-जेन पहल के तहत 31 मार्च 2026 तक 100 कैंपस-आधारित डाकघरों के पुनरुद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एनआईटी और राज्य विश्वविद्यालयों में 40 से अधिक एन-जेन डाकघरों का उद्घाटन किया जा चुका है।

भारतीय डाक नवाचार, सहभागिता और आधुनिक सार्वजनिक सेवा अवसंरचना के माध्यम से देश के युवाओं के साथ अपने जुड़ाव को लगातार मजबूत कर रही है, जिससे समावेशी और भविष्य-उन्मुख सेवा वितरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हो रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन की गई वॉल आर्ट की सराहना की


आईआईटी दिल्ली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सरदार @150 यूनिटी मार्च—राष्ट्रीय पदयात्रा के समापन समारोह में की शिरकत

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भारत के उपराष्ट्रपति, सी. पी. राधाकृष्णन ने आज गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर आयोजित सरदार @150 यूनिटी मार्च – राष्ट्रीय पदयात्रा के समापन समारोह में भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय पदयात्रा के समापन में शामिल होना एक महान सम्मान है। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति पद संभालने के बाद महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की इस पवित्र भूमि की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है।

14 लाख युवाओं की भागीदारी—एकता की ज्वाला आज भी प्रज्ज्वलित

उपराष्ट्रपति ने बताया कि पदयात्रा की शुरुआत 26 नवंबर—संविधान दिवस—को होना अत्यंत सार्थक है।
उन्होंने कहा कि 1,300 से अधिक पदयात्राओं में 14 लाख से ज्यादा युवाओं की भागीदारी यह साबित करती है कि सरदार पटेल द्वारा प्रज्ज्वलित राष्ट्रीय एकता की ज्योति आज भी उतनी ही उज्ज्वल है।

उन्होंने अपने पूर्व पदयात्रा अनुभवों को याद किया—जिसमें 19,000 किमी की रथयात्रा और तमिलनाडु, केरल एवं आंध्र प्रदेश में नदी जोड़ने, आतंकवाद उन्मूलन, समान नागरिक संहिता, अस्पृश्यता मिटाने और नशीले पदार्थों के विरुद्ध कई यात्राएँ शामिल थीं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी यात्राएँ लोगों से सीधे जुड़ने और राष्ट्रव्यापी संकल्प को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं।

‘भारत लौह पुरुष’ को नमन – 560 रियासतों के एकीकरण का ऐतिहासिक नेतृत्व

उन्होंने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा—

“भारत सदैव लौह पुरुष का ऋणी रहेगा, जिन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की नींव रखी।”

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का सपना आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा है।

तेजी से बढ़ता भारत—आर्थिक, सामाजिक, सामरिक प्रगति का दशक

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने आर्थिक, सामाजिक, सैन्य और रणनीतिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है और अब वह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के मार्ग पर अग्रसर है।

युवा—भारत की ऊर्जा शक्ति

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवा देश की भविष्य ऊर्जा हैं, और जब वे एकता, अनुशासन और राष्ट्रीय उद्देश्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तो भारत को नवाचार और विकास का वैश्विक नेता बना सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से ‘नशीली दवाओं को ना कहने’ का आग्रह किया और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने, डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा में योगदान देने की सलाह दी।

नारी शक्ति—विकास से नेतृत्व की तरफ

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने देश के फोकस को महिला सशक्तिकरण से महिला-नेतृत्व विकास की ओर मोड़ दिया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा—भारत की अडिग प्रतिबद्धता

उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा क्षमताएँ कई गुना बढ़ी हैं।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान ने भारत की संप्रभुता की रक्षा और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के संकल्प को प्रदर्शित किया।

श्रम सुधार—नए भारत की पारदर्शी और श्रमिक-केंद्रित व्यवस्था

उपराष्ट्रपति ने चार नए श्रम संहिताओं को एक बड़ा सुधार बताते हुए कहा कि यह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना का प्रतिबिंब है, जिसने भारत के श्रम ढांचे को आधुनिक, पारदर्शी और श्रमिक-केंद्रित बनाया है।

अमृतकाल में विकसित भारत 2047 की ओर

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय पदयात्रा का समापन विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा पर होना केवल सरदार पटेल को श्रद्धांजलि ही नहीं, बल्कि नए भारत की भावना को भी सलाम है।
उन्होंने कहा कि अमृतकाल में भारत विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और सरदार पटेल के आदर्श ही इस यात्रा के पथप्रदर्शक बने रहेंगे।

10-दिवसीय राष्ट्रीय पदयात्रा—आत्मनिर्भरता और पर्यावरण चेतना का प्रतीक

करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक 180 किमी की यह 10-दिवसीय पदयात्रा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण जागरूकता का संदेश समेटे हुए थी, जो प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश पुनः स्थापित करती है।

कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्ष खडसे, टोखन साहू सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।


युवा-नेतृत्व वाले भारत की नींव रखना: मेरा युवा भारत (MY Bharat) – राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल

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युवा-नेतृत्व वाले भारत की नींव रखना

भारत अपने विकास यात्रा के एक निर्णायक चरण पर खड़ा है — जहाँ 35 वर्ष से कम आयु की जनसंख्या लगभग 65% है और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य देश के सामने है। इस परिवर्तनकारी दौर में मेरा युवा भारत (MY Bharat) भारत सरकार की एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभरा है — एक राष्ट्रीय मंच जो युवाओं को सशक्त बनाने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र-निर्माण की दिशा में सार्थक कार्रवाई में परिवर्तित करने के लिए समर्पित है।

31 अक्टूबर 2023 को राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती) के अवसर पर शुरू किया गया, MY Bharat तकनीक, सुशासन और जनभागीदारी का एक जीवंत संगम है। यह युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय के रूप में कार्य करता है और युवाओं को स्वैच्छिक सेवा, अनुभवात्मक शिक्षा, नेतृत्व और कौशल विकास के अवसरों से जोड़ने के लिए एक प्रौद्योगिकी-संचालित तंत्र प्रदान करता है।

इस मंच के माध्यम से युवा विभिन्न सरकारी विभागों, निजी संगठनों और नागरिक समाज भागीदारों की पहलों से जुड़ सकते हैं, और स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक समावेशन जैसे क्षेत्रों में वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान करने वाले प्रोजेक्ट्स में भाग ले सकते हैं। राष्ट्रीय युवा नीति के अनुरूप यह पहल मुख्य रूप से 15–29 वर्ष के युवाओं को लक्षित करती है, साथ ही 10–19 वर्ष के किशोरों को भी प्रारंभिक नागरिक भागीदारी और जागरूकता के लिए प्रोत्साहित करती है।

MY Bharat का दृष्टिकोण

2023 में MY Bharat की शुरुआत भारत के बदलते युवा परिदृश्य के अनुरूप की गई थी। पारंपरिक युवा कार्यक्रम अब उस पीढ़ी के लिए पर्याप्त नहीं थे जो तकनीक, गतिशीलता और वैश्विक दृष्टिकोण से प्रेरित है। आज का युवा ऐसे मंच चाहता है जो उसकी आकांक्षाओं को पहचान सके, उसकी आवाज़ को सशक्त बनाए और उसे सीखने व नेतृत्व के अवसरों से सीधे जोड़े।

MY Bharat इस अंतर को पाटते हुए एकीकृत, तकनीक-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) प्रदान करता है, जो ग्रामीण, शहरी और “रूरल-अर्बन” (Rurban) युवाओं को एक ही राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर लाता है। इसका “फिजिटल” (Physical + Digital) दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी युवा पीछे न रह जाए।

डिजिटल इकोसिस्टम

MY Bharat के केंद्र में एक सशक्त डिजिटल तंत्र है जो करोड़ों युवाओं को विकास और सेवा के अवसरों से जोड़ता है। डिजिटल इंडिया ढांचे के तहत निर्मित यह प्लेटफॉर्म समावेशी डिज़ाइन और अत्याधुनिक तकनीक को जोड़ता है, जिससे देश का हर युवा—चाहे वह किसी महानगर में हो या किसी सुदूर गाँव में—स्वैच्छिक सेवा, नेतृत्व और सीखने के अवसरों तक पहुंच सके।

MY Bharat पोर्टल (mybharat.gov.in):

यह एक केंद्रीकृत डिजिटल गेटवे है जो युवाओं को पंजीकरण, डिजिटल आईडी, अवसर मिलान (opportunity matching) और रीयल-टाइम प्रभाव ट्रैकिंग जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। अक्टूबर 2025 तक, इस प्लेटफॉर्म से 2 करोड़ से अधिक युवा और 1.20 लाख संगठन जुड़े हैं, जिससे एक जीवंत सहयोगी इकोसिस्टम तैयार हुआ है।

MY Bharat मोबाइल ऐप (लॉन्च – 1 अक्टूबर 2025):

युवा सहभागिता को मोबाइल-प्रथम और सुलभ बनाने के लिए MY Bharat मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया। इस ऐप में बहुभाषी समर्थन, एआई चैटबॉट, वॉयस असिस्ट नेविगेशन और “स्मार्ट सीवी बिल्डर” जैसे फीचर शामिल हैं। लॉन्च के समय तक 1.81 करोड़ से अधिक युवा और 1.20 लाख संगठन इस प्लेटफॉर्म से जुड़े थे।

MY Bharat 2.0 मॉड्यूल्स:

  • नेशनल करियर सर्विस: युवाओं के लिए रोजगार और करियर लिंकिंग।

  • मेंटरशिप हब: उद्योग विशेषज्ञों और नवप्रवर्तकों से जुड़ाव।

  • अनुभवात्मक शिक्षा कार्यक्रम (ELPs): जिला और राज्य स्तर पर जिम्मेदारी निर्माण के अवसर।

  • फिट इंडिया एकीकरण: स्वास्थ्य और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देना।

कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) साझेदारी

डिजिटल अंतराल को पाटने के लिए MY Bharat ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) नेटवर्क के साथ साझेदारी की है। देशभर के पाँच लाख से अधिक वीएलई (Village Level Entrepreneurs) ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में युवाओं की सहायता करते हैं ताकि वे आसानी से पंजीकरण कर सकें और अवसरों का लाभ उठा सकें।

युवा शक्ति की कहानियाँ – परिवर्तन के उदाहरण

  • विकसित भारत रन 2025: 91 देशों के 150 शहरों में आयोजित इस कार्यक्रम ने वैश्विक मंच पर भारतीय युवाओं की एकता और उद्देश्य को प्रदर्शित किया।

  • राष्ट्रीय ध्वज क्विज़: युवाओं को राष्ट्रध्वज के मूल्यों से जोड़ने वाली एक अनोखी पहल, जिसमें श्रेष्ठ प्रतिभागियों ने सियाचिन का दौरा किया।

  • नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत: जुलाई 2025 में वाराणसी से शुरू हुआ यह अभियान युवाओं द्वारा संचालित एक सामाजिक परिवर्तन आंदोलन बन गया।

  • विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD): 10 विषयगत क्षेत्रों में युवा नेताओं ने भारत के भविष्य के लिए अभिनव समाधान प्रस्तुत किए।

अब तक की यात्रा और आगे की दिशा

MY Bharat ने दो वर्षों से भी कम समय में भारत का सबसे बड़ा डिजिटल युवा मंच बनने की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति की है। यह 2 करोड़ से अधिक युवाओं और 1.20 लाख से अधिक संगठनों को जोड़ते हुए युवाओं को स्वैच्छिक सेवा, कौशल विकास और नेतृत्व के अवसर प्रदान कर रहा है।

30 जून 2025 को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (MeitY) के बीच हुए एमओयू ने MY Bharat 2.0 के विकास का मार्ग प्रशस्त किया — एक एआई-सक्षम, बहुभाषी मंच जो स्मार्ट सीवी बिल्डर, वॉयस असिस्ट नेविगेशन, मेंटरशिप नेटवर्क और अनुभवात्मक शिक्षण मॉड्यूल जैसे फीचर्स से लैस है।

आगे चलकर MY Bharat 2.0 करियर काउंसलिंग, एआई-आधारित कौशल मानचित्रण, उद्यमिता समर्थन और डिजिटल प्रमाणन जैसी सुविधाएँ जोड़ेगा। यह प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS), डिजिलॉकर, UMANG और डिजिटल इंडिया स्टैक से एकीकृत होकर युवाओं को एकीकृत डिजिटल नेटवर्क से जोड़ेगा — जिससे MY Bharat वैश्विक दक्षिण (Global South) का सबसे बड़ा युवा डिजिटल नेटवर्क बन सके।

“युवा शक्ति से जनभागीदारी” — यही MY Bharat की आत्मा है, जो हर भारतीय युवा को परिवर्तन का सहभागी नहीं, बल्कि उसका निर्माता बनाती है।

सेवा पर्व 2025: 'विकसित भारत के रंग, कला के संग' थीम पर देशभर में कला कार्यशालाएँ

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संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प से प्रेरित होकर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक सेवा पर्व 2025 को सेवा, सृजनशीलता और सांस्कृतिक गौरव के राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मना रहा है। इसी क्रम में 28 सितंबर 2025 को मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली, चंडीगढ़, कोझिकोड, पणजी, भुवनेश्वर और प्रयागराज में "विकसित भारत के रंग, कला के संग" विषय पर विविध कला कार्यशालाओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में विद्यार्थियों, कलाकारों, शिक्षाविदों, गणमान्य व्यक्तियों और सामुदायिक नेताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

प्रमुख झलकियाँ :

नई दिल्ली – एनजीएमए, जयपुर हाउस, इंडिया गेट

यहाँ सेवा पर्व 2025 की सबसे बड़ी कला कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें 15 हज़ार से अधिक छात्र-छात्राओं और कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कुलजीत सिंह चहल (सदस्य एवं उपाध्यक्ष, एनडीएमसी), पद्मश्री कलाकार श्याम शर्मा और वासुदेव कामथ सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रतिभागियों को कला के माध्यम से "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" और विकसित भारत के विज़न को व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया।

चंडीगढ़ – कला ग्राम, मनीमाजरा

500 से अधिक प्रतिभागियों ने कला कार्यशाला में हिस्सा लिया। संस्कार भारती के उत्तर क्षेत्र प्रमुख नवीन शर्मा ने युवाओं को संस्कृति और मूल्यों को कला के माध्यम से प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कोझिकोड (केरल) – वेदव्यास विद्यालय, मलप्परम्बु

यहाँ 400 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। साहित्यकार व कलाकार एम. श्रीहर्षन, प्रो. डॉ. विक्रमन, भित्ति चित्र विशेषज्ञ ससी एदावरद, बालचंद्रन ए.के. और कनकादोस ने पारंपरिक और आधुनिक कला के मेल का मार्गदर्शन दिया।

पणजी (गोवा) – संस्कृति भवन, पट्टो-पणजी

यहाँ आयोजित कला कार्यशाला में स्थानीय समुदाय की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम में विधायक राजेश फालदेसाई ने कलाकारों को विकसित भारत की आकांक्षाओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया।

भुवनेश्वर (ओडिशा) – ललित कला अकादमी क्षेत्रीय केंद्र

600 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विधायक बाबू सिंह ने विद्यार्थियों और कलाकारों के योगदान की सराहना की।

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – एम.पी. मेमोरियल स्कूल, तेलियारगंज

यहाँ स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विद्यार्थियों ने उपयोगी वस्तुएँ स्वच्छता-आधारित अपशिष्ट सामग्री से बनाईं। इस पहल ने कला, रचनात्मकता और स्थिरता को जोड़ते हुए समाज को एक अनोखा संदेश दिया।

डिजिटल भागीदारी

मंत्रालय ने सेवा पर्व पोर्टल https://amritkaal.nic.in/sewa-parv.htm के माध्यम से संस्थागत और व्यक्तिगत भागीदारी सुनिश्चित की है। कोई भी व्यक्ति "विकसित भारत के रंग, कला के संग" थीम पर अपनी कला रचना बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर सकता है और #SewaParv के साथ सोशल मीडिया पर साझा कर सकता है।

निष्कर्ष

28 सितंबर 2025 को देशभर में आयोजित इन कला कार्यशालाओं और स्वच्छता अभियानों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और सामूहिकता को प्रदर्शित किया। दिल्ली से लेकर कोझिकोड और प्रयागराज तक, हर स्थल एक मंच बना – जहाँ विद्यार्थियों, कलाकारों और समुदायों ने मिलकर विकसित भारत@2047 की परिकल्पना को कला के माध्यम से जीवंत किया।


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