Media24Media.com: #AirQuality

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #AirQuality. Show all posts
Showing posts with label #AirQuality. Show all posts

गुरुग्राम में रोड धूल नियंत्रण और सफाई का व्यापक निरीक्षण: CAQM ने दी सख्त चेतावनी

No comments Document Thumbnail

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 26.12.2025 को गुरुग्राम में एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य नगर निगम गुरुग्राम (MCG) द्वारा बनाए गए रोड स्ट्रेचेज की सफाई और रख-रखाव की समीक्षा करना था।

यह निरीक्षण मौजूदा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लगातार निगरानी और प्रवर्तन प्रयासों के हिस्से के रूप में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य धूल नियंत्रण उपायों के पालन का मूल्यांकन करना और सड़क धूल, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (MSW), निर्माण और विध्वंस (C&D) अपशिष्ट और खुले में जलाने जैसी समस्याओं की पहचान करना था।

निरीक्षण का विस्तार:

  • कुल 17 निरीक्षण टीमों ने गुरुग्राम में MCG के अंतर्गत 125 सड़क स्ट्रेचेज का निरीक्षण किया।

  • 15 टीमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) की और 2 टीमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की थीं।

  • निरीक्षण में सभी सड़क स्ट्रेचेज का समय-स्टैम्प और जियो-टैग के साथ फोटो डॉक्यूमेंटेशन तैयार किया गया।

निरीक्षण निष्कर्ष:

  • 34 सड़क स्ट्रेचेज पर उच्च दृश्य धूल (High Visible Dust) पाई गई।

  • 58 स्ट्रेचेज पर मध्यम धूल (Moderate Dust) दर्ज की गई।

  • 29 स्ट्रेचेज पर कम धूल (Low Dust) देखी गई।

  • केवल 4 स्ट्रेचेज पर कोई दृश्य धूल (No Visible Dust) नहीं थी।

उच्च दृश्य धूल वाले स्ट्रेचेज में अक्सर नगरपालिका ठोस अपशिष्ट और C&D अपशिष्ट का भी उच्च संचय पाया गया और कई स्थानों पर खुले में जलाने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। यह सभी आंकड़े सड़क रखरखाव, कचरा प्रबंधन और क्षेत्रीय प्रवर्तन में गंभीर कमियों की ओर इशारा करते हैं।

आयोग की सिफारिशें:

  • MCG को अपने ऑन-ग्राउंड संचालन को मजबूत करने की आवश्यकता है।

  • नियमित यांत्रिक सड़क सफाई, समय पर धूल और कचरा उठाना और वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना आवश्यक है।

  • सक्रिय पानी छिड़काव और धूल नियंत्रण उपाय अपनाना।

  • खुले में जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी।

आगे की कार्रवाई:

CAQM ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान NCR में नियमित रूप से जारी रहेंगे। आयोग पूरे क्षेत्र में साफ, हरा-भरा और धूल-मुक्त सड़क स्ट्रेचेज सुनिश्चित करने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है।

हिमालय में वर्टिकल एयर मोशन का अध्ययन: भारतीय वैज्ञानिकों ने मानसून और जलवायु भविष्यवाणी में नई अंतर्दृष्टि प्रदान की

No comments Document Thumbnail

भारतीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने हिमालय में वायु के ऊर्ध्वाधर (वर्टिकल) गति के रहस्यों का पता लगाया है, जिससे भारतीय मानसून की समझ में महत्वपूर्ण योगदान मिला है। यह मानसून दक्षिण एशिया के लिए सदियों से जीवनरेखा रहा है और कृषि, जल प्रबंधन तथा आपदा तैयारी के लिए इसकी सटीक भविष्यवाणी अत्यंत आवश्यक है।

अध्ययन की प्रमुख विशेषताएँ:

  • संस्थान: Aryabhatta Research Institute of Observational Sciences (ARIES), नैनीताल और ISRO के Space Physics Laboratory (SPL), तिरुवनंतपुरम।

  • प्रयोग: भारतीय निर्मित Stratosphere-Troposphere (ST) रडार का उपयोग कर केंद्रीय हिमालय में एशियाई समर मॉनसून (ASM) महीनों के दौरान ऊर्ध्वाधर वायु गति का प्रत्यक्ष और उच्च-रिज़ॉल्यूशन मापन।

  • नवीन निष्कर्ष:

    • 10–11 किमी ऊँचाई पर लगातार नीचे की ओर गति।

    • 12 किमी से ऊपर वायु का स्थिर और धीमा उठाव।

    • ऊर्ध्वाधर सर्कुलेशन अधिक जटिल, जिसमें उठती और गिरती वायु के वैकल्पिक क्षेत्र मौजूद हैं।

  • महत्त्व:

    • मौसम की सटीक भविष्यवाणी और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली में सुधार।

    • कृषि, जल संसाधन और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा।

    • प्रदूषक और ग्रीनहाउस गैसों के परिवहन के मूल्यांकन में मदद।

    • जलवायु परिवर्तन को कम करने की रणनीतियों को मजबूत करना।

यह अध्ययन American Geophysical Union (AGU) की “Earth and Space Science” में प्रकाशित हुआ।


एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जीआरएपी में संशोधन: सीएक्यूएम ने किए महत्वपूर्ण बदलाव

No comments Document Thumbnail

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21.11.2025 को पूरे एनसीआर के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) में संशोधन किया है।

GRAP पूरे एनसीआर के लिए एक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जो दिल्ली में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) स्तर और मौसम/मौसमी परिस्थितियों के पूर्वानुमान पर आधारित है। यह एनसीआर में कई हितधारकों, कार्यान्वयन एजेंसियों और प्राधिकरणों को क्षेत्र में वायु गुणवत्ता के बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए एक साथ लाता है। एनसीआर के लिए GRAP वैज्ञानिक आंकड़ों, हितधारकों से परामर्श, विशेषज्ञ सिफारिशों, और पिछले वर्षों के मैदानी अनुभवों एवं सीखों के आधार पर तैयार किया गया है।

आयोग ने 20.11.2025 को अपनी GRAP उप-समिति के माध्यम से संबंधित हितधारकों के साथ प्रस्तावित संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की और GRAP अनुसूची में निम्नलिखित प्रमुख संशोधन करने पर सहमति व्यक्त की:

A. GRAP स्टेज-II में शामिल निम्नलिखित प्रावधान अब स्टेज-I में शामिल किए जाएंगे:

स्टेज-I – ‘खराब’ वायु गुणवत्ता

(दिल्ली AQI: 201–300)

  • निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें ताकि वैकल्पिक बिजली उत्पादन सेट/उपकरण (जैसे DG सेट आदि) के उपयोग को हतोत्साहित किया जा सके।

  • ट्रैफिक मूवमेंट को सिंक्रोनाइज़ करें और ट्रैफिक जाम बिंदुओं पर पर्याप्त कर्मियों की तैनाती करें ताकि यातायात सुचारू रहे।

  • लोगों को वायु प्रदूषण के स्तर और प्रदूषण कम करने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों (Do’s & Don’ts) के बारे में जागरूक करने हेतु अखबारों, टीवी, रेडियो आदि पर अलर्ट जारी करें।

  • सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को CNG/इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो सेवाओं की अतिरिक्त फ्लीट एवं बढ़ी हुई फ्रीक्वेंसी के साथ बढ़ाया जाए। ऑफ-पीक यात्रा को प्रोत्साहित करने हेतु किरायों में अंतर लाया जाए।

B. GRAP स्टेज-III में मौजूद निम्न प्रावधान अब स्टेज-II में शामिल किए जाएंगे:

स्टेज-II – ‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता

(दिल्ली AQI: 301–400)

  1. दिल्ली सरकार (GNCTD) और एनसीआर की राज्य सरकारें—दिल्ली तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में—सार्वजनिक कार्यालयों और नगरपालिकाओं के समय में बदलाव (staggering of timings) लागू करें।

  2. एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में राज्य सरकारें अपने अनुसार निर्णय ले सकती हैं।

  • केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर में अपने कार्यालयों के समय में बदलाव के संबंध में निर्णय ले सकती है।

C. GRAP स्टेज-IV के निम्नलिखित प्रावधान अब स्टेज-III में शामिल किए जाएंगे:

स्टेज-III – ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता

(दिल्ली AQI: 401–450)

  • एनसीआर राज्य सरकारें/दिल्ली सरकार निर्णय लें कि सार्वजनिक, नगरपालिका एवं निजी कार्यालय 50% क्षमता के साथ कार्य करें, जबकि शेष कर्मचारी घर से कार्य करें।

  • केंद्र सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए "वर्क फ्रॉम होम" की अनुमति के संबंध में उपयुक्त निर्णय ले सकती है।

उपरोक्त संशोधन GRAP (नवंबर 2025) में किए गए मुख्य परिवर्तन हैं। GRAP का पूरा विवरण आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है: caqm.nic.in

इसके अतिरिक्त, एनसीआर में GRAP लागू करने के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियों को संशोधित GRAP अनुसूची में किए गए परिवर्तनों पर ध्यान देने और तुरंत प्रभाव से इन्हें लागू करने का निर्देश दिया गया है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.