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भारतीय रेलवे ने रचा इतिहास: पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस से जीवित डोनर का हृदय पहुंचाया, सफल हुआ जीवनरक्षक मिशन

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नई दिल्ली- भारतीय रेलवे ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश में पहली बार जीवित डोनर (Live Donor) का हृदय ट्रेन के माध्यम से सफलतापूर्वक पहुंचाया। जीवनरक्षक अंग को सूरत से अहमदाबाद तक ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस से सुरक्षित और समय पर पहुंचाया गया, जिससे यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर, अहमदाबाद में सफल प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) संभव हो सका।

यह ऐतिहासिक मिशन वंदे भारत एक्सप्रेस की तेज गति, समयबद्धता और विश्वसनीयता का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही, इसने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और अंग प्रत्यारोपण जैसे संवेदनशील कार्यों में भारतीय रेलवे की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया।

अंग प्रत्यारोपण समय के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया होती है। इसलिए इस मिशन के लिए भारतीय रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गुजरात राज्य पुलिस तथा चिकित्सा टीमों के बीच अत्यंत सूक्ष्म योजना और प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया। प्रत्येक चरण का सावधानीपूर्वक प्रबंधन किया गया ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर हृदय सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंच सके।

मिशन की सफलता के लिए अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। रेलवे सुरक्षा बल और गुजरात पुलिस ने निर्बाध यातायात सुनिश्चित किया, जिससे हृदय को बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाया जा सका और प्रत्यारोपण प्रक्रिया समय पर शुरू हो सकी।

इस अवसर पर अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश ने कहा कि यह भारतीय रेलवे के लिए गर्व और संतोष का क्षण है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से सूरत से अहमदाबाद तक जीवित डोनर का हृदय पहुंचाना यह दर्शाता है कि भारतीय रेलवे केवल यात्री और माल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की जीवनरक्षक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मिशनों में हर मिनट अमूल्य होता है, और भारतीय रेलवे, आरपीएफ, गुजरात पुलिस तथा चिकित्सा टीमों के उत्कृष्ट समन्वय ने इस मिशन को सफल बनाया। किसी मानव जीवन को बचाने में योगदान देना रेलवे की सबसे बड़ी सेवा और जिम्मेदारी है।

भारतीय रेलवे ने कहा कि यह उपलब्धि वंदे भारत एक्सप्रेस की उच्च गति, परिचालन विश्वसनीयता और समयपालन को भी सिद्ध करती है। साथ ही यह दर्शाती है कि आधुनिक रेल अवसंरचना देश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

भारतीय रेलवे ने इस मिशन की सफलता में योगदान देने वाले रेलवे सुरक्षा बल, गुजरात पुलिस, चिकित्सकों, अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों और रेलवे अधिकारियों सहित सभी हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय रेलवे की सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल परिवहन सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता के साथ-साथ मानवता और स्वास्थ्य सेवा के प्रति उसके समर्पण का भी सशक्त उदाहरण है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में 'मिशन 5 मिलियन ट्रीज़' अभियान का शुभारंभ किया

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के अहमदाबाद में अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के 'मिशन 5 मिलियन ट्रीज़' के तहत आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अहमदाबाद में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज केवल गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में ही नागरिकों द्वारा एक करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त अहमदाबाद शहर में 50 लाख पौधों का रोपण किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य हरित पर्यावरण का निर्माण करना, स्वच्छ वायु एवं शुद्ध जल सुनिश्चित करना तथा भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को रहने योग्य बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि 1.25 करोड़ पौधे लगाने का अभियान अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि जन आंदोलन बन चुका है।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान ने बहुत कम समय में जन आंदोलन का रूप ले लिया है और पूरा देश उनके "People, Planet with Progress" के मंत्र को आत्मसात कर रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि पिछले सात वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) ने देशभर में सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले दिल्ली में भी बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि लगाए जा रहे पौधे भारत की पारिस्थितिकी के अनुरूप देशी प्रजातियों के हैं और इनमें अनेक वृक्षों की आयु 100 वर्ष से अधिक होती है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक रूप से अहमदाबाद को एक हरित शहर में परिवर्तित करना है।

शाह ने बताया कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में पहले 12 ऑक्सीजन पार्क थे, जबकि आज 61 नए ऑक्सीजन पार्कों का उद्घाटन किया गया है, जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 73 हो गई है। वहीं अहमदाबाद नगर निगम ने एक ही दिन में 101 ऑक्सीजन पार्कों का उद्घाटन किया है।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद नगर निगम ने वैज्ञानिक पहल के तहत एक विशेष वाहन सेवा शुरू की है, जिसके माध्यम से वृक्षारोपण के इच्छुक नागरिकों के घर तक पौधे पहुंचाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह वृक्षारोपण अभियान अहमदाबाद का तापमान अन्य शहरों की तुलना में कम से कम 5 प्रतिशत तक घटाने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सबसे प्रभावी पहल है। उन्होंने सभी नागरिकों से एक-एक पौधा लगाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए ओजोन परत की रक्षा में योगदान देने का आह्वान किया।

शाह ने कहा कि साणंद, गांधीनगर, कलोल और अहमदाबाद शहर ने मिलकर गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) को 11.23 प्रतिशत तक बढ़ाया है और वर्ष 2029 तक इसे 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 20 प्रतिशत हरित क्षेत्र का लक्ष्य प्राप्त करना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक सोलर रूफटॉप स्थापना गांधीनगर में हुई है। उन्होंने अहमदाबाद और गांधीनगर के नागरिकों से अपील की कि कोई भी घर, अपार्टमेंट या छत सोलर रूफटॉप से वंचित न रहे।

शाह ने बताया कि आज 22 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा सात परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि 325 नई एएमटीएस और बीआरटीएस बसों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और आज के बाद अहमदाबाद में प्रदूषण फैलाने वाली कोई भी बस नहीं बचेगी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में अब तक ₹28,492 करोड़ की विकास परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इनमें घाटलोडिया में ₹7,030 करोड़, वेजलपुर में ₹2,670 करोड़, साबरमती में ₹2,149 करोड़, नारणपुरा में ₹3,262 करोड़, साणंद में ₹2,800 करोड़, गांधीनगर उत्तर में ₹4,300 करोड़ तथा कलोल में ₹2,003 करोड़ की परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने अहमदाबाद शहर एवं गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के नागरिकों से अपील की कि वे अपनी आवासीय सोसायटियों के किसी भी कोने को वृक्षों से वंचित न रहने दें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को अधिक हरित और रहने योग्य बनाना हम सभी का सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रत्येक घर में सोलर रूफटॉप स्थापित करने का भी आह्वान किया।

अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2(ए) को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, एयरपोर्ट तक पहुंचेगी मेट्रो

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2(ए) को मंजूरी दे दी है। इस चरण के तहत 6.032 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें कुल 5 स्टेशन होंगे। इनमें 4 एलिवेटेड और 1 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं।

फेज-2(ए) के संचालन में आने के बाद अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो नेटवर्क की कुल सक्रिय लंबाई बढ़कर 77.63 किलोमीटर हो जाएगी।

प्रस्तावित स्टेशन

फेज-2(ए) कॉरिडोर में निम्नलिखित स्टेशन शामिल होंगे:

  • अश्रम रोड

  • कोटेश्वर प्राचीन मंदिर

  • साबरमती रिवर

  • सरदार नगर

  • एयरपोर्ट

परियोजना की कुल लागत, जिसमें निर्माण अवधि के दौरान ब्याज (IDC) भी शामिल है, ₹2,169.04 करोड़ निर्धारित की गई है।

प्रमुख लाभ

बेहतर कनेक्टिविटी

यह नया मेट्रो कॉरिडोर अहमदाबाद एयरपोर्ट को शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से जोड़ेगा। साथ ही यह मौजूदा अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो नेटवर्क के साथ निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करेगा। भविष्य में संभावित रूप से आयोजित होने वाले 2029 वर्ल्ड पुलिस गेम्स और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए विकसित होने वाली खेल सुविधाओं को भी इससे लाभ मिलेगा।

यातायात जाम में कमी

मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से सड़क यातायात पर दबाव कम होगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी, वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।

पर्यावरणीय लाभ

मेट्रो जैसे स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन माध्यम के विस्तार से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

आर्थिक विकास को गति

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनलों तक बेहतर पहुंच से लोगों की उत्पादकता बढ़ेगी। नए मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और निवेश आकर्षित होगा।

सामाजिक प्रभाव

मेट्रो विस्तार से विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों के लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा में लगने वाला समय कम होगा और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।

रोजगार सृजन

परियोजना के निर्माण चरण के दौरान लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है, जबकि संचालन एवं रखरखाव के दौरान लगभग 500 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।

यह परियोजना अहमदाबाद के शहरी विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी और शहर को अधिक टिकाऊ, सुगम एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था प्रदान करेगी।


अहमदाबाद में खाद्य प्रसंस्करण पर दक्षिण एशियाई उच्च स्तरीय नीति संवाद का शुभारंभ, रोजगार सृजन और सतत विकास पर जोर

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अहमदाबाद- भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) ने विश्व बैंक समूह की अगुवाई वाली SAPLING पहल के सहयोग से अहमदाबाद, गुजरात में “रोजगार सृजन और सतत विकास के लिए खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा: दक्षिण एशिया में मूल्य संवर्धन के नए अवसर” विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय उच्च स्तरीय नीति संवाद का शुभारंभ किया।

इस दो दिवसीय सम्मेलन में दक्षिण एशियाई देशों के लगभग 200 प्रतिभागी शामिल हुए हैं, जिनमें नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, विकास साझेदार, नवाचारकर्ता, शोधकर्ता, स्टार्टअप्स तथा विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं। सम्मेलन का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना तथा क्षेत्र में लचीली, समावेशी और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों का विकास करना है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवानने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने मूल्य संवर्धन, तकनीकी नवाचार और क्षेत्रीय सहयोग को दक्षिण एशिया की खाद्य अर्थव्यवस्था को बदलने का प्रमुख आधार बताया।

चिराग पासवान ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण कृषि और समृद्धि के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु है, जो रोजगार सृजन, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी, किसानों की आय बढ़ाने तथा खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की अपार क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि भारत की नीतिगत पहलें और अवसंरचना विकास के प्रयास वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खाद्य मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

गुजरात सरकार के कृषि मंत्री जीतुभाई वघानी ने विभिन्न देशों की भागीदारी का स्वागत करते हुए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को कृषि परिवर्तन का प्रमुख इंजन बताया। उन्होंने गुजरात में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) का परिसर स्थापित करने की वकालत की, ताकि कृषि और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।

उद्घाटन सत्र में विश्व बैंक के भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी, गेट्स फाउंडेशन की भारत कंट्री डायरेक्टर अर्चना व्यास तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव अविनाश जोशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है—

  • दक्षिण एशिया में खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं को बढ़ावा देना

  • कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाना

  • असंगठित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का औपचारिककरण

  • तकनीक आधारित नवाचार और स्मार्ट प्रोसेसिंग

  • खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता और वैश्विक मानक

  • निवेश जुटाने और वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देना

  • दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग और नीतिगत समन्वय

कार्यक्रम में नेस्ले, बायर, राबोबैंक, अजीनोमोटो, आईटीसी, सेवा (SEWA), नाबार्ड तथा फूड इंडस्ट्री एशिया जैसी प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन के साथ एक इनोवेशन फेयर का भी आयोजन किया गया है, जिसमें कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स, डिजिटल ट्रेसबिलिटी, टिकाऊ पैकेजिंग, स्मार्ट प्रोसेसिंग तकनीक और भंडारण प्रणालियों से जुड़ी नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार कराई गई रिपोर्ट “भारत में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर का आकलन” भी जारी की गई। रिपोर्ट के अनुसार देश में खाद्य प्रसंस्करण का स्तर वर्ष 2016 में लगभग 10 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में करीब 17 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अध्ययन में फल, सब्जी और डेयरी जैसे शीघ्र नष्ट होने वाले उत्पादों में मूल्य संवर्धन की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया गया है।

यह संवाद विश्व बैंक समूह की AgriConnect और SAPLING पहल के अनुरूप आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य नीतिगत सुधारों, निवेश और तकनीकी नवाचार के माध्यम से दक्षिण एशिया में टिकाऊ और पोषण-केंद्रित खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम से क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती मिलने, निजी निवेश को प्रोत्साहन, एमएसएमई क्षेत्र के विकास तथा खाद्य प्रसंस्करण आधारित रोजगार सृजन के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद जताई गई है।

अहमदाबाद में ‘नमोत्व’ का भव्य मंचन: संस्कृति, नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरक गाथा

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अहमदाबाद में कल गर्व, संस्कृति और प्रेरणा से भरपूर एक अविस्मरणीय संध्या देखने को मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, नेतृत्व और दूरदर्शी यात्रा पर आधारित भव्य संगीतात्मक मल्टीमीडिया प्रस्तुति ‘नमोत्व’ का आयोजन किया गया। संस्कारधाम द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम हाउसफुल रहा, जिसमें कला, संगीत, तकनीक और कथा-वाचन के माध्यम से सेवा, संकल्प और राष्ट्रनिर्माण की असाधारण यात्रा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि “नमोत्व एक ऐसे नेता के जीवन का चित्रण है, जिन्होंने मात्र 11 वर्षों में 140 करोड़ भारतीयों को 2047 तक भारत को हर दृष्टि से विश्व का नंबर एक देश बनाने के लिए प्रेरित किया। यह तभी संभव है जब कोई व्यक्ति अपने जीवन को एक राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए समर्पित कर दे, निरंतर प्रयोग करता रहे और पूरे देश में उसी सपने को साझा करने वाली एक विशाल टीम तैयार करे।”

‘नमोत्व’ एक भव्य मंचीय प्रस्तुति है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन की प्रेरक यात्रा को कलात्मक ढंग से दर्शाती है—गुजरात के वडनगर में उनके साधारण आरंभ से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उनके परिवर्तनकारी नेतृत्व तक। लाइव परफॉर्मेंस, संगीत, नृत्य, कथानक और अत्याधुनिक मल्टीमीडिया विजुअल्स के समन्वय से यह कार्यक्रम न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन के अहम पड़ावों को दर्शाता है, बल्कि भारत के विकासात्मक सफर को भी रेखांकित करता है।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथि, सांस्कृतिक साधक, आध्यात्मिक गुरु, कलाकार, विद्वान और विभिन्न वर्गों के नागरिक उपस्थित रहे। भारी जनभागीदारी ने यह सिद्ध किया कि सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय चेतना के बीच गहरा संबंध है।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण कलाकारों की अद्भुत लाइव प्रस्तुति रही। हवाई दृश्य से प्रस्तुत मंचन ने संस्कृति, संगीत और संदेश का ऐसा जीवंत समन्वय प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस मंचीय प्रस्तुति में 150 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया, जिनकी सशक्त प्रस्तुतियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और नेतृत्व यात्रा के निर्णायक क्षणों को सजीव किया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान शुरू की गई ऐतिहासिक विकास पहलों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया, यह दर्शाते हुए कि कैसे गुजरात मॉडल बाद में राष्ट्रीय प्रगति का खाका बना।

कथानक में अवसंरचना विकास, सुशासन, सामाजिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास की प्रमुख उपलब्धियों को दर्शाया गया। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी पर आधारित विकास दर्शन को कार्यक्रम के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने प्रकाशन प्रभाग, केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) और PIB के माध्यम से प्रधानमंत्री के जीवन और कार्यों से जुड़ी जानकारी के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाई। CBC और प्रकाशन प्रभाग, अहमदाबाद द्वारा कार्यक्रम स्थल पर एक विशेष पुस्तक स्टॉल लगाया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों, नेतृत्व दर्शन और सार्वजनिक जीवन पर आधारित प्रकाशनों का समृद्ध संग्रह प्रदर्शित किया गया।

पुस्तक स्टॉल पर दर्शकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों की विशेष रुचि देखने को मिली। लगभग 14 प्रमुख पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें Letters to Mother (भावना सोमैया), आंख आ धन्य छे, The Modi Story – Reflections on Leadership and Life, Modi@20: Dreams Meet Delivery, 370: Undoing the Unjust, Igniting Collective Goodness – Mann Ki Baat @100 सहित कई महत्वपूर्ण शीर्षक शामिल थे।

इसके अतिरिक्त, प्रकाशन प्रभाग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों का संकलन भी प्रदर्शित किया गया, जो शासन, विकास, सामाजिक सुधार और वैश्विक सहभागिता पर उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस संग्रह ने आगंतुकों को प्रधानमंत्री के विचारों से गहराई से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी, प्रेस सूचना ब्यूरो के महानिदेशक धीरेंद्र ओझा तथा PIB अहमदाबाद के अपर महानिदेशक प्रशांत पाथराबे ने पुस्तक स्टॉल का दौरा किया और अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने प्रधानमंत्री की यात्रा और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना की तथा सांस्कृतिक मंचों के माध्यम से सूचना प्रसार की पहल को ऐतिहासिक दस्तावेजीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।

‘नमोत्व’ कार्यक्रम इस बात का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा कि किस प्रकार संस्कृति, मूल्यों, नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन के संदेश को प्रभावी ढंग से संप्रेषित कर सकती है। पारंपरिक कला रूपों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से यह कार्यक्रम सभी पीढ़ियों और वर्गों के दर्शकों को जोड़ने में सफल रहा।

पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने संकल्प, नवाचार और लोकसेवा की भावना से जुड़े अनेक प्रेरक क्षणों का अनुभव किया। विनम्रता, समर्पण और सामूहिक प्रयास जैसे मूल्यों को उजागर करते हुए यह संदेश दिया गया कि परिवर्तनकारी नेतृत्व जनकेंद्रित शासन में निहित होता है।

उच्च कलात्मक मानकों के साथ प्रस्तुत यह कार्यक्रम आम जन के लिए सहज, भावनात्मक और अर्थपूर्ण बना रहा। सटीक कोरियोग्राफी, प्रभावशाली संगीत, सशक्त कथन और immersive विजुअल्स ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

नमोत्व केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, विकासात्मक आकांक्षाओं और सांस्कृतिक समृद्धि का उत्सव बनकर सामने आया। इसने नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित करते हुए यह सिद्ध किया कि रचनात्मक अभिव्यक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने की अपार शक्ति रखती है।


अमित शाह ने अहमदाबाद में IMA NATCON 2025 को किया संबोधित, कहा— विकसित भारत के निर्माण में डॉक्टरों की भूमिका निर्णायक

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के अहमदाबाद में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन IMA NATCON 2025 को संबोधित किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


अमित शाह ने कहा कि जब कोई संस्था अपने 100 वर्ष पूरे करती है, तो वह अपने पीछे एक लंबा और गौरवशाली इतिहास छोड़ जाती है। उन्होंने कहा कि IMA के शताब्दी वर्ष में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में संगठन द्वारा किए गए योगदान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाना चाहिए, ताकि सेवा भावना, कर्तव्यबोध और उपलब्धियों की प्रेरणा जनमानस में और मजबूत हो। साथ ही यह समय स्वास्थ्य क्षेत्र में आए परिवर्तनों—RMP से लेकर विशेषज्ञता तक—के अनुरूप स्वयं को ढालने का भी है।

गृह मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र मूलतः सेवा का क्षेत्र है। जब कोई गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति डॉक्टर के पास जाता है, तो वह डॉक्टर में भगवान का स्वरूप देखता है। उन्होंने कहा कि 100 वर्ष पहले तय किए गए नैतिक मानदंड आज के समय में प्रासंगिक नहीं रह गए हैं। अब समय आ गया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र की नैतिकता (Ethics) को पुनः परिभाषित किया जाए। उन्होंने IMA से आग्रह किया कि वह एक समिति बनाकर आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप नैतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करे और इन्हें चिकित्सा शिक्षा का हिस्सा बनाने के लिए भारत सरकार को सुझाव दे।

अमित शाह ने कहा कि केवल मेडिकल डिग्री प्राप्त कर लेना ही एक अच्छे डॉक्टर की पहचान नहीं है, बल्कि नैतिकता, सेवा भाव और संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। नैतिकता को कानून से थोपा नहीं जा सकता, यह एक नैतिक विषय है, जिसे आत्मसात करना होता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि देश को विश्व में हर क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाने के लिए मानसिक, शारीरिक और ऊर्जावान रूप से स्वस्थ जनसंख्या आवश्यक है, जिसमें डॉक्टरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 2014 से 2025 के बीच सरकार ने समग्र दृष्टिकोण से मजबूत स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित किया है।

उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन, फिट इंडिया, खेलो इंडिया और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे अभियानों से स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता बढ़ी है और योग अपनाने वालों की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत देशभर में गरीबों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है, जबकि कई राज्यों में यह सीमा ₹15 लाख तक पहुंच चुकी है।

गृह मंत्री ने कहा कि मिशन इंद्रधनुष, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य केंद्रों, जेनेरिक दवा दुकानों, AIIMS के विस्तार और टेलीमेडिसिन जैसी पहलों से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि 2013-14 में जहां स्वास्थ्य बजट ₹37 हजार करोड़ था, वहीं आज यह बढ़कर ₹1.28 लाख करोड़ हो गया है।

उन्होंने कहा कि मलेरिया में 97 प्रतिशत की कमी, कालाजार में 90 प्रतिशत से अधिक सुधार, डेंगू मृत्यु दर में भारी गिरावट, मातृ मृत्यु दर में 25 प्रतिशत कमी और शिशु मृत्यु दर में 50 प्रतिशत कमी इन योजनाओं की सफलता का प्रमाण है।

कोविड-19 महामारी के दौरान डॉक्टरों की भूमिका की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस कठिन समय में देश के डॉक्टरों ने अपने जीवन की परवाह किए बिना सेवा की और पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि IMA का योगदान टीकाकरण, रक्तदान शिविरों और हेल्पलाइनों के माध्यम से अभूतपूर्व रहा।

गृह मंत्री ने IMA से आग्रह किया कि वह बीमारी से वेलनेस की ओर फोकस करे, शोध में लगे डॉक्टरों को प्रोत्साहित करने की योजना बनाए और टेलीमेडिसिन के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करे।

उन्होंने कहा कि 27 राज्यों से आए 5,000 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी इस सम्मेलन की व्यापकता को दर्शाती है और नए अध्यक्ष के नेतृत्व में IMA देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगी।

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