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मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा छूट का लाभ

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छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं झारखंड की तुलना में सस्ती बिजली

बीते वर्षों में महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत में वृद्धि को देखते हुए विद्युत टैरिफ दरों में की गई है मामूली वृद्धि

रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा की गई है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। आयोग ने बिजली शुल्क में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि की है। आयोग का कहना है कि पिछले वर्षों में बढ़ी महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत तथा पूर्व वर्षों के घाटे की भरपाई को देखते हुए यह मामूली वृद्धि, जरूरी और न्यायसंगत है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 30 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। हालांकि उपभोग के अलग-अलग स्लैब के अनुसार यह बढ़ोतरी 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक रहेगी। शून्य से 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 30 पैसे प्रति यूनिट, 201 से 600 यूनिट तक खपत करने वालों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट तथा 600 यूनिट से अधिक खपत पर 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि निर्धारित की गई है। राज्य के लाखों परिवारों पर बढ़े हुए टैरिफ का वास्तविक प्रभाव केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के आसपास होगा। टैरिफ वृ द्धि करते समय आयोग ने आम जनता और निम्न आय वर्ग के हितों का ध्यान रखा है। 

सरकार की मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की खपत पर आधा बिजली बिल देने की सुविधा मिल रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर वास्तविक अतिरिक्त भार अपेक्षाकृत कम रहेगा। अनुमान है कि इन उपभोक्ताओं के बिल पर प्रभाव औसतन केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के बराबर होगा।

इसी प्रकार 201 से 600 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले कई उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर अपनी ग्रिड आधारित खपत 400 यूनिट के भीतर कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं पर भी बढ़ोतरी का प्रभाव बहुत ही कम होने की संभावना है।

गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में औसतन 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। वहीं कृषि पंपों के लिए दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी घोषित की गई है। हालांकि कृषि उपभोक्ताओं को राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण इस वृद्धि का सीधा प्रभाव किसानों पर नहीं होगा।

उच्च दाब (एचटी) श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली शुल्क में संशोधन किया गया है। 220 केवी और 132 केवी श्रेणी में ऊर्जा प्रभार में 30 पैसे प्रति यूनिट तथा डिमांड चार्ज में 25 रुपये प्रति केवीए की वृद्धि की गई है। 33 केवी श्रेणी में 40 पैसे प्रति यूनिट और 11 केवी श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी लागू होगी।

नई टैरिफ व्यवस्था में कुछ विशेष रियायतें भी दी गई हैं। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों को व्यावसायिक श्रेणी के बजाय घरेलू श्रेणी में शामिल कर राहत प्रदान की गई है। इसके अलावा विलंबित भुगतान अधिभार की व्यवस्था को भी उपभोक्ता हित में सरल बनाया गया है। अब अतिरिक्त शुल्क केवल वास्तविक विलंब अवधि के आधार पर लगेगा। घरेलू और गैर-घरेलू श्रेणी के 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक अवधि में बिजली उपयोग करने पर 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट भी मिलेगी।

आयोग के अनुसार संशोधित दरों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बिजली शुल्क पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की तुलना में अभी भी कम है। ऐसे में राज्य में उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए बिजली दरें प्रतिस्पर्धी बनी रहेंगी। कुल मिलाकर, बिजली दरों में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन राहत योजनाओं, सब्सिडी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण आम घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम होगा।

200 यूनिट तक बिजली बिल हाफ, लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ : योगेश्वर राजू सिन्हा

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महासमुंद- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा के वर्तमान भवन में एक दिवसीय सत्र की अंतिम बैठक में 200 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना का लाभ देने की घोषणा की है। इस संबंध में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने बयान जारी कर कहा कि हमारी सरकार ने 42 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत का ऐलान किया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।  मंगलवार को पुराने विधानसभा भवन के अंतिम बैठक को यादगार बनाने के लिए जनता के हित में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, यह हमेशा के लिए यादगार रहेगा। 

अपने वक्तव्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लोगों को मुफ्त बिजली की ओर अग्रसर कर रही है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जा रही है। प्रदेश में एक लाख से ज्यादा लोगों ने सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन दिया है। 11 हजार से ज्यादा पैनल लग चुके हैं। अभी भी पैनल लगाने की रफ्तार थोड़ी धीमी है। इसलिए राज्य सरकार ने लोगों को हाफ बिजली योजना का फायदा देने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश की जनता के लिए लागू 100 यूनिट तक बिजली बिल की छूट योजना को बढ़ाकर 200 यूनिट तक कर रहे हैं।

 42 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ 

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने बताया कि प्रदेश में अब 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक हाफ योजना का लाभ मिलेगा। इसमें 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले 36 लाख, जबकि 200 से 400 यूनिट तक खपत करने वाले 6 लाख उपभोक्ता शामिल हैं। इस प्रकार कुल 42 लाख उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा।

1 दिसंबर से लागू होगी यह योजना

 यह योजना 1 दिसंबर से लागू होगी। इससे 400 यूनिट तक खपत करने वाले सभी उपभोक्ताओं को अधिकतम 546 रुपए तक का लाभ होगा। जिन लोगों को पहले इतनी यूनिट बिजली खपत करने पर 2400 का बिल आता था। अब उनका 1850 रुपए के आसपास बिल आएगा। जबकि 100 यूनिट तक आने वाला 550 रुपए का बिल घटकर 280 तक हो जाएगा। जबकि 200 यूनिट तक खपत कर 1110 तक बिल पटाने वाले उपभोक्ताों को अब 564 रुपए तक बिल ही देना होगा।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना 

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से 1 किलोवॉट पर 15 हजार तथा 2 किलोवॉट व उससे अधिक क्षमता के प्लांट लगाने पर 30 हजार रुपए की सब्सिडी जारी रहेगी। इससे हाफ बिजली बिल से फ्री बिजली बिल तरफ अग्रसर होंगे। यह कदम उपभोक्ताओं का बिजली बिल कम करेगा और प्रदेश को उर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा।

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