Media24Media.com: #Aadhaar

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #Aadhaar. Show all posts
Showing posts with label #Aadhaar. Show all posts

भारत की डिजिटल पहचान सुरक्षा को मजबूत करने के लिए UIDAI–NFSU साझेदारी

No comments Document Thumbnail

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय ने डिजिटल फॉरेंसिक्स, साइबर सुरक्षा और उन्नत तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्रों में पाँच वर्षीय संरचित सहयोग स्थापित करने के लिए समझौता किया है।

यह समझौता ज्ञापन (MoU) दोनों प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों को एक साथ लाकर UIDAI के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर—जो भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली की आधारशिला है—की साइबर सुरक्षा और मजबूती को और सुदृढ़ करेगा।

MoU का आदान-प्रदान UIDAI के सीईओ विवेक चंद्र वर्मा और NFSU के गुजरात कैंपस के निदेशक प्रो. (डॉ.) एस.ओ. जुनारे के बीच किया गया। इस अवसर पर UIDAI के उप महानिदेशक अभिषेक कुमार सिंह सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह सहयोग छह प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:

  • शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास

  • सूचना सुरक्षा और सिस्टम की अखंडता

  • फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रयोगशाला उत्कृष्टता

  • साइबर सुरक्षा गतिविधियों के लिए तकनीकी सहयोग

  • तकनीकी परामर्श एवं अनुसंधान (जैसे AI, ब्लॉकचेन, डीपफेक डिटेक्शन, क्रिप्टोग्राफी)

  • प्लेसमेंट और आउटरीच के अवसर

UIDAI के सीईओ विवेक चंद्र वर्मा ने कहा, “यह सहयोग भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा, मजबूती और फॉरेंसिक क्षमताओं को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे डिजिटल पहचान प्रणालियों की सुरक्षा और भी सुनिश्चित होगी।”


यूआईडीएआई और मैपमायइंडिया के बीच समझौता, Mappls ऐप पर दिखेंगे अधिकृत आधार केंद्र

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने नागरिकों की सुविधा बढ़ाने के लिए मैपमायइंडिया के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत आने वाले महीनों में Mappls ऐप पर देशभर के अधिकृत आधार केंद्रों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

इस पहल से लोगों को अधिकृत आधार केंद्रों की पहचान करने और वहां तक पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही, उपयोगकर्ता यह भी देख सकेंगे कि किस केंद्र पर कौन-सी सेवाएं उपलब्ध हैं, जैसे वयस्क नामांकन, बच्चों का नामांकन या केवल पता और मोबाइल अपडेट।

यह सहयोग नागरिकों की सुविधा बढ़ाने, गलत जानकारी को रोकने और आधार सेवा केंद्रों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। यह समझौता 1 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षरित हुआ।

यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने कहा कि यह पहल नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और मजबूत करेगी और देशभर में सत्यापित आधार केंद्रों की डिजिटल मैपिंग सुनिश्चित करेगी, जिससे लोगों को सही और अधिकृत केंद्र आसानी से मिल सकें।

इस सेवा के लागू होने के बाद, जब उपयोगकर्ता Mappls ऐप पर आधार केंद्र खोजेंगे, तो उन्हें सीधे अधिकृत केंद्रों की जानकारी मिलेगी। मैपमायइंडिया इस प्लेटफॉर्म पर यूआईडीएआई द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को एकीकृत कर सटीक डिजिटल मैपिंग सुनिश्चित करेगा।

मैपमायइंडिया के सह-संस्थापक और सीएमडी राकेश वर्मा ने कहा कि यह यूआईडीएआई के साथ जुड़कर लोगों को आधार सेवाओं तक आसान पहुंच देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

आधार डेटा पूरी तरह सुरक्षित, अब तक कोई ब्रीच नहीं: लोकसभा में सरकार का स्पष्ट बयान

No comments Document Thumbnail

आधार दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली के रूप में एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर चुका है। देश में लगभग 134 करोड़ जीवित आधार धारक हैं और अब तक 16,000 करोड़ से अधिक आधार प्रमाणीकरण लेनदेन सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।

आधार जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार धारकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक और बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब तक UIDAI के डेटाबेस से किसी भी प्रकार का डेटा ब्रीच नहीं हुआ है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 17 दिसंबर 2025 को लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि UIDAI ने डिफेंस-इन-डेप्थ अवधारणा पर आधारित मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार किया है। आधार डेटा के प्रसारण और भंडारण के दौरान उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है।

UIDAI की सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को STQC द्वारा ISO 27001:2022 और प्राइवेसी इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम के लिए ISO/IEC 27701:2019 का प्रमाणन प्राप्त है। इसके अलावा, UIDAI को संरक्षित प्रणाली घोषित किया गया है, जिससे राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC) द्वारा लगातार साइबर सुरक्षा परामर्श दिया जाता है।

आधार पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी के लिए स्वतंत्र ऑडिट एजेंसी के माध्यम से गवर्नेंस, रिस्क और कंप्लायंस फ्रेमवर्क लागू किया गया है। साथ ही, UIDAI अपने सभी अनुप्रयोगों का नियमित रूप से साइबर सुरक्षा ऑडिट करता है, जिसमें स्टैटिक और डायनामिक एप्लिकेशन सिक्योरिटी टेस्टिंग शामिल है।

सरकार ने दोहराया कि आधार प्रणाली न केवल तकनीकी रूप से सशक्त है, बल्कि नागरिकों की निजता और डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, जिससे डिजिटल इंडिया के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

IICA में डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन और साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र, राष्ट्रीय विशेषज्ञ विनय ठाकुर ने दी गहन अंतर्दृष्टियाँ

No comments Document Thumbnail

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ कॉरपोरेट अफेयर्स (IICA) ने डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा के राष्ट्रीय विशेषज्ञ, BISAG-N के स्पेशल डायरेक्टर जनरल एवं पूर्व प्रबंध निदेशक, NICSI, विनय ठाकुर के साथ एक अत्यंत सूचनाप्रद और प्रभावशाली सत्र का आयोजन किया।

विनयठाकुर ने डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन, सोल्यूशन आर्किटेक्चर, क्लाउड डिप्लॉयमेंट, साइबर सुरक्षा और पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत IICA के महानिदेशक एवं सीईओ ज्ञानेश्वर कुमार सिंह के स्वागत संबोधन के साथ हुई। उन्होंने कहा कि भारत की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में भविष्य-दृष्टि वाली डिजिटल स्किल्स और सुरक्षित तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

भारत के विश्व-स्तरीय डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर

अपने संबोधन में विनय ठाकुर ने भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की शक्ति और पैमाने को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि:

  • आधार

  • UPI

  • डिजिलॉकर

  • भारतनेट

  • Co-WIN

  • UMANG

  • मेघराज क्लाउड

  • BISAG-N के GIS आधारित प्लेटफ़ॉर्म

जैसी पहलों ने शासन प्रणाली, सेवा वितरण और नागरिक सशक्तिकरण में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं।

उन्होंने इस डिजिटल परिवर्तन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया, जिनके मार्गदर्शन में ‘डिजिटल इंडिया’ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी आंदोलन बन गया है।

साइबर सुरक्षा और पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी की तात्कालिक आवश्यकता

विनय ठाकुर ने कहा कि भारत के डिजिटल विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने चर्चा की:

  • बढ़ते साइबर खतरों

  • DPDP अधिनियम की अहमियत

  • AI आधारित साइबर हमलों के जोखिम

  • पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) की आवश्यकता

  • स्वदेशी साइबर सुरक्षा समाधानों के महत्व

पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल संप्रभुता के लिए मजबूत और सुरक्षित प्रणालियाँ अनिवार्य हैं।

उत्साहपूर्ण सहभागिता और ज्ञानवर्धक संवाद

कार्यक्रम में संकाय सदस्यों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इंटरैक्टिव प्रश्न–उत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने डिजिटल गवर्नेंस, डेटा सुरक्षा, क्लाउड सुरक्षा और उभरती तकनीकों पर गहन प्रश्न पूछे।

सत्र का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें विनय ठाकुर के दूरदर्शी विचारों के लिए आभार व्यक्त किया गया और भविष्य के नेतृत्व निर्माण में ऐसे संवाद की महत्ता को रेखांकित किया गया।


पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा 1 से 30 नवम्बर, 2025 तक देशव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 4.0 का आयोजन

No comments Document Thumbnail

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा 1 से 30 नवम्बर, 2025 तक देशव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) अभियान 4.0 आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान, डिजिटल इंडिया और ईज ऑफ लिविंग मिशन के अनुरूप, पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए सरकार की एक प्रमुख पहल है।

देशव्यापी DLC अभियान 4.0 के दौरान, दूरसंचार विभाग द्वारा अहमदाबाद के पालडी स्थित टैगोर हॉल में 4 नवम्बर, 2025 को एक मेगा कैंप आयोजित किया जा रहा है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी इस कैंप का दौरा करेंगे। इस मेगा कैंप का उद्देश्य पेंशनभोगियों को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से अपना जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में सहायता करना है। UIDAI द्वारा आवश्यकता पड़ने पर आधार रिकॉर्ड अद्यतन और तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी।

DLC अभियान 4.0 का लक्ष्य 2 करोड़ पेंशनभोगियों तक पहुंचना है, जो देशभर के 2000 से अधिक शहरों और कस्बों को कवर करेगा। इस अभियान में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया है, जिससे पेंशनभोगी बिना बायोमेट्रिक उपकरणों के आसानी से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। विशेष ध्यान अति वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनभोगियों पर दिया जा रहा है, जिन्हें इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा डोरस्टेप DLC सेवा प्रदान की जा रही है।

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात (24 नवम्बर, 2024) और संविधान दिवस संबोधन (26 नवम्बर, 2024) में इस बात पर प्रकाश डाला था कि कैसे डिजिटल इंडिया जैसी पहलें, जैसे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, देशभर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन प्रक्रिया को सरल बना रही हैं।

यह अभियान बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, दूरसंचार विभाग, यूआईडीएआई, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), एनआईसी, तथा गुजरात की पेंशनभोगी कल्याण संघों — जैसे केंद्रीय निवृत्त कर्मचारी मंडल, बड़ोदा सेंट्रल पेंशनर्स एसोसिएशन, और डाक व तार एवं अन्य केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स एसोसिएशन — को एक साथ लाकर पेंशनभोगियों के डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देता है। DLC पोर्टल विभिन्न एजेंसियों द्वारा जीवन प्रमाण पत्र के वास्तविक समय मॉनिटरिंग की सुविधा प्रदान करता है।

मेगा कैंप के दौरान सचिव (P&PW) और कंट्रोलर जनरल ऑफ कम्युनिकेशंस अकाउंट्स की पेंशनभोगियों के साथ इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। अनुमान है कि लगभग 2000 पेंशनभोगी विभिन्न विभागों और संगठनों से इस कैंप में शामिल होंगे।

देशव्यापी DLC अभियान 4.0 के हिस्से के रूप में, गुजरात में 82 शहरों और 107 स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे, जो विभिन्न जिलों और उपविभागों को कवर करेंगे। इन सभी शिविरों के सुचारू संचालन हेतु कुल 107 नोडल अधिकारी भाग लेंगे।

विभाग पेंशनभोगियों के जीवन को सरल बनाने और उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त करने के लिए ऐसे प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों और पहलों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.