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राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन 2026 आयोजित, शासन और नवाचार में एआई की भूमिका पर हुआ मंथन

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राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन मंगलवार, 06 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेतृत्व, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, स्टार्टअप्स और शिक्षाविदों ने भाग लिया। सम्मेलन में शासन, अवसंरचना, नवाचार और कार्यबल विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। यह सम्मेलन 15 से 20 फरवरी 2026 के बीच आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की पूर्वपीठिका के रूप में आयोजित किया गया।

सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (वर्चुअल माध्यम से), केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, तथा राजस्थान सरकार के आईटी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ सहित MeitY और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उनकी सहभागिता ने राजस्थान को भारत की एआई-आधारित विकास यात्रा में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने हेतु केंद्र–राज्य सहयोग की मजबूती को रेखांकित किया।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा,

“जिस स्तर का परिवर्तन औद्योगिक क्रांति, बिजली, कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर, इंटरनेट और मोबाइल प्रौद्योगिकी से आया था, वही परिवर्तन अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री का स्पष्ट लक्ष्य प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना है, ताकि एआई-संचालित बुद्धिमत्ता कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि हर व्यक्ति, हर परिवार और हर उद्यम तक पहुँचे। इसी दिशा में आज एक कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसके तहत 10 लाख युवाओं को एआई कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि भारत का युवा वर्ग इस नए तकनीकी युग के लिए पूरी तरह तैयार हो सके।”

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा,

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण होना चाहिए। इसी दृष्टि से सरकार ने इंडिया एआई मिशन के तहत ₹10,000 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता की है, ताकि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में एआई का उपयोग किया जा सके। इसका उद्देश्य नागरिकों की आय बढ़ाना, जीवन सुगमता में सुधार करना और जिम्मेदार व समावेशी एआई के माध्यम से देश की समग्र उत्पादकता को बढ़ावा देना है।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा,

“आज राजस्थान ई-गवर्नेंस और समावेशन से आगे बढ़ते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग में अग्रणी बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है। एआई हमारे देश की यात्रा का अगला बड़ा चरण है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए हमने एआई और एमएल नीति लागू की है। यह नीति एआई प्रणालियों को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाएगी। एआई और मशीन लर्निंग के माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण को तेज़, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।”

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय और राज्य स्तर की कई एआई पहलों की घोषणा और शुभारंभ रहा, जिसने एआई-आधारित नवाचार और शासन के केंद्र के रूप में राजस्थान की भूमिका को और सुदृढ़ किया। इनमें प्रमुख पहलें निम्नलिखित हैं:

  • YUVA AI for All – राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रम, भारत सरकार की प्रमुख पहल, जिसे MeitY के अंतर्गत IndiaAI Mission द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं में एआई की आधारभूत समझ विकसित करना है। राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) के अवसर पर यह अभियान लाखों शिक्षार्थियों को AI 101 पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा, जो विकसित भारत और समावेशी एआई अपनाने के दृष्टिकोण से जुड़ा है।

  • राजस्थान एआई/एमएल नीति 2026 का शुभारंभ, जिसका उद्देश्य शासन को मजबूत करना, आर्थिक विकास को गति देना, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देना तथा उच्च-मूल्य रोजगार सृजित करना है। इसके साथ ही राजस्थान एआई पोर्टल भी लॉन्च किया गया।

  • iStart लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) का शुभारंभ, जो राज्य में कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार को समर्थन देगा।

  • राजस्थान AVGC-XR पोर्टल, जो एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर भारत और राजस्थान की एआई दृष्टि को प्रदर्शित करने वाला एक एआई-थीम आधारित वीडियो भी जारी किया गया।

  • संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के लिए गूगल, आईआईटी दिल्ली, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर और स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क (वाधवानी फाउंडेशन) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे एआई अनुसंधान, कौशल विकास, नैतिक ढांचे और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा।

एक उच्चस्तरीय रणनीतिक सत्र में MeitY के अतिरिक्त सचिव, IndiaAI Mission के सीईओ एवं एनआईसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह और एनवीडिया के दक्षिण एशिया प्रबंध निदेशक विशाल धूपर के बीच संवाद हुआ, जिसका संचालन प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक समीर जैन ने किया। इस चर्चा में एआई अवसंरचना के लोकतंत्रीकरण, सार्वजनिक–निजी सहयोग, बड़े पैमाने पर नवाचार और वैश्विक एआई सेफ्टी कॉमन्स के निर्माण पर भारत की रणनीति पर विचार किया गया।

MeitY की वैज्ञानिक ‘जी’ एवं IndiaAI Mission की सीओओ कविता भाटिया ने IndiaAI Mission का अवलोकन प्रस्तुत किया और India AI Impact Summit 2026 की प्राथमिकताओं एवं दृष्टि को साझा किया।

सम्मेलन में “वैश्विक एआई, राष्ट्रीय एआई और क्षेत्रीय एआई पर परिप्रेक्ष्य” विषय पर एक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसे आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर अविनाश शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान किस प्रकार वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और संदर्भ-संवेदनशील एआई समाधानों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इसके साथ ही समानांतर विषयगत सत्रों में शासन, अवसंरचना, नवाचार, नैतिकता और रोजगार जैसे क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर चर्चा की गई।

राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पड़ाव के रूप में कार्य किया और सार्वजनिक हित, समावेशी विकास तथा सतत प्रगति के लिए एआई के उपयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता में वैश्विक नेतृत्व के लिए आशाजनक बताया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence/AI) में नेतृत्व क्षमता को लेकर आशावाद व्यक्त किया, यह टिप्पणी उन्होंने Microsoft के अध्यक्ष और CEO, सत्या नडेला के साथ उपयोगी चर्चा के बाद की।

प्रधानमंत्री ने Microsoft के एशिया में अब तक के सबसे बड़े निवेश को भारत में करने की घोषणा का स्वागत किया, जो देश की नवाचार और तकनीक के लिए भरोसेमंद गंतव्य के रूप में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

सत्या नडेला के पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा:

"जहाँ तक AI की बात है, दुनिया भारत के प्रति आशावादी है!

सत्या नडेला के साथ बहुत उपयोगी चर्चा हुई। यह देखकर खुशी हुई कि भारत वह स्थान है, जहाँ Microsoft एशिया में अब तक का सबसे बड़ा निवेश करेगा।

भारत के युवा इस अवसर का उपयोग कर नवाचार करेंगे और बेहतर ग्रह के लिए AI की शक्ति का लाभ उठाएंगे।"

ESTIC 2025 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर उच्च स्तरीय पैनल चर्चा : भारत के जिम्मेदार एआई नवाचार और समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

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भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने उभरती विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार संगोष्ठी (ESTIC 2025) के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) पर एक उच्च स्तरीय पैनल चर्चा का आयोजन किया।

इस सत्र की अध्यक्षता एस. कृष्णन, सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने की। इसमें सरकार, शिक्षाजगत और उद्योग क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिन्होंने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि भारत कैसे जिम्मेदारीपूर्वक एआई का उपयोग करते हुए नवाचार, समावेश और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ा सकता है।

यह सत्र आगामी इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी साबित हुआ, जिसमें भारत के उभरते एआई पारिस्थितिकी तंत्र — डिजिटल अवसंरचना का विस्तार, स्वदेशी बड़े भाषा मॉडलों (Large Language Models) का विकास, नैतिक एआई गवर्नेंस को सुदृढ़ करना, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना — जैसे विषयों पर केंद्रित चर्चाएँ होंगी।

मुख्य संबोधन

सत्र की शुरुआत करते हुए एस. कृष्णन, सचिव, MeitY ने कहा,

“किसी भी तकनीक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है — वह जीवन की गुणवत्ता को कैसे बेहतर बनाती है और देश के लोगों को क्या अवसर प्रदान करती है। भारत के लिए यह वास्तव में एक बड़ा अवसर है कि हम एआई जैसी क्षैतिज और व्यापक तकनीक का उपयोग करके 2047 तक ‘विकसित भारत (Viksit Bharat)’ के लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ें।”

इंडियाAI मिशन की भूमिका पर प्रकाश

अभिषेक सिंह, अतिरिक्त सचिव, MeitY, महानिदेशक, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) एवं सीईओ, इंडियाAI मिशन ने कहा,

“एआई नवाचार के मार्ग खोलने के लिए इंडियाएआई मिशन हमारे पारिस्थितिकी तंत्र में मौजूद सभी खामियों को दूर करने पर केंद्रित है। भारत का सबसे बड़ा बल उसका मानव पूंजी है, लेकिन एआई मॉडल और अनुप्रयोग बनाने के लिए हमें किफायती कंप्यूटिंग, गुणवत्तापूर्ण डेटा सेट्स, और निरंतर निवेश की भी आवश्यकता है। मिशन की सात स्तंभों वाली रणनीति — सस्ती कंप्यूटिंग, डेटा प्लेटफ़ॉर्म, फाउंडेशन मॉडल्स, स्टार्टअप समर्थन, और सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई के लिए टूल्स — के माध्यम से हम एक ऐसा तंत्र बना रहे हैं जो भारत को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों के समकक्ष खड़ा करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसे एआई अनुप्रयोग बनाना है जो न केवल भारत की जरूरतें पूरी करें बल्कि नवाचार, नैतिकता और विश्वास के वैश्विक मानक स्थापित करें।”

स्वदेशी एआई विकास की दिशा में प्रेरणा

डॉ. श्रीधर वेंबू, सह-संस्थापक एवं मुख्य वैज्ञानिक, Zoho Corporation ने कहा,

“हमें सीमित संसाधनों और बजट की चुनौतियों से उबरने के लिए एक अलग मार्ग तलाशना होगा। जब संसाधन सीमित होते हैं, तो वही प्रतिबंध हमें बेहतर और नवाचारी समाधान खोजने के लिए प्रेरित करते हैं। मेरा मानना है कि इस दिशा में नई विज्ञान की खोज होना बाकी है — एक ऐसी नींव जो पूरी तरह से बदल देगी कि हम इन समस्याओं को कैसे देखते और हल करते हैं।”

विभिन्न क्षेत्रों में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका

सत्र में अग्रणी शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं ने एआई की परिवर्तनकारी संभावनाओं पर अपने विचार रखे:

  • डॉ. गीता मंजनाथ, संस्थापक, सीईओ और सीटीओ, निरामाई हेल्थ एनालिटिक्स ने बताया कि एआई आधारित नवाचार स्तन कैंसर की पहचान को अधिक सुलभ और किफायती बना रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में असमानता कम हो रही है।

  • डॉ. श्रीराम राघवन, उपाध्यक्ष, आईबीएम रिसर्च (AI), ने खुले नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (Open Innovation Ecosystems) की शक्ति पर प्रकाश डाला, जो एआई विकास को तीव्र गति प्रदान करते हैं।

  • डॉ. अमित शेठ एनसीआर चेयर प्रोफेसर और निदेशक, एआई संस्थान, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलाइना ने बताया कि सामान्य एआई से उद्देश्य-आधारित, डोमेन-विशिष्ट प्रणालियों की ओर संक्रमण से ऊर्जा, विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

पैनल चर्चा — “नवाचार और समावेशन के लिए जिम्मेदार एआई”

इस विषय पर आयोजित पैनल चर्चा का संचालन शशि शेखर वैम्पति, सह-संस्थापक, DeepTech for Bharat Foundation एवं पूर्व सीईओ, प्रसार भारती ने किया।

इसमें प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया —

  • डॉ. हेरिक मयंक विन, सीटीओ, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), मुंबई

  • प्रो. बालारमन रवींद्रन, प्रमुख, डेटा साइंस एवं एआई विभाग, आईआईटी मद्रास

  • अभिषेक सिंह, अतिरिक्त सचिव, MeitY, सीईओ, इंडियाAI मिशन

  • डॉ. रिमझिम अग्रवाल, सह-संस्थापक एवं सीटीओ, ब्रेनसाइटएआई, बेंगलुरु

  •  देबजानी घोष, विशिष्ट फेलो, नीति आयोग एवं पूर्व अध्यक्ष, नैसकॉम

  • प्रो. पी. वेंकट रंगन, कुलपति, अमृता विश्व विद्यापीठम, कोयंबटूर

पैनल में भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न पहलुओं — डिजिटल अवसंरचना का विस्तार, स्वदेशी बड़े भाषा मॉडल्स का विकास, नैतिक एआई शासन की मजबूती, और वैश्विक साझेदारी को प्रोत्साहन — पर विस्तृत चर्चा हुई।

विशेष बल इस बात पर दिया गया कि तकनीकी प्रगति को राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं और सामाजिक समावेशन के लक्ष्यों के साथ संतुलित किया जाए।

उत्तराखंड AI इम्पैक्ट समिट 2025: भारत की वैश्विक AI नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करता एक महत्वपूर्ण मंच

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देहरादून-उत्तराखंड सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के इंडिया AI मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से उत्तराखंड AI इम्पैक्ट समिट 2025 का आयोजन किया गया। यह समिट India – AI Impact Summit 2026 का आधिकारिक प्री-सम्मिट इवेंट है, जो 19-20 फरवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है।

इस समिट का उद्घाटन जितिन प्रसाद, राज्यमंत्री (MeitY) ने किया। अन्य प्रमुख उपस्थितियों में शामिल थे:

  •  नितेश कुमार झा, सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी, उत्तराखंड सरकार

  • मोहम्मद वाई. सफिरुल्ला, निदेशक, इंडिया AI मिशन, MeitY

  • डॉ. दुर्गेश पंत, महानिदेशक, UCOST

  • प्रो. राम शर्मा, कुलपति, UPES, देहरादून

  •  संजय गुप्ता, SIO, NIC

  • शर्मिष्ठा दास, DDG & HOG, AI Division, NIC HQ

मुख्य अंश और उद्घाटन भाषण:

जितिन प्रसाद ने कहा, “जैसे परमाणु प्रौद्योगिकी पिछली सदी में महत्वपूर्ण थी, वैसे ही AI इस सदी में है। इस बार भारत सुनिश्चित कर रहा है कि यह अवसर सभी के लिए हो। हम विश्व-स्तरीय कंप्यूटिंग शक्ति को कम लागत में उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे शोध, नवाचार और सामाजिक लाभ के लिए AI का उपयोग संभव हो। कुम्भ का प्रबंधन हो या शिक्षा और शासन में परिवर्तन, भारत दिखा रहा है कि जो कभी असंभव था, अब संभव है। यह है नया भारत—आत्मविश्वासी, सक्षम और तकनीक के उपयोग में अग्रणी।”

नितेश कुमार झा ने कहा, “हम नियमित रूप से AI का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन सरकार का बड़ा उद्देश्य सिर्फ AI का उपयोग नहीं, बल्कि AI का निर्माण करना है। हमने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और पहला Drone Applications Centre स्थापित किया है, जहां AI को ड्रोन प्रौद्योगिकी में एकीकृत किया जा रहा है। इसके लिए हमें इस वर्ष प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।”

समिट की विशेषताएँ:

  • इस प्री-सम्मिट इवेंट में IIT Roorkee, IIM Kashipur, Tony Blair Institute for Global Change, UPES और STPI Dehradun जैसी प्रमुख संस्थाएँ शामिल हुईं।

  • AI-स्टार्टअप्स ने शासन, उद्यमिता और सामाजिक प्रभाव में AI के व्यावहारिक उपयोगों पर प्रस्तुतियाँ दीं।

  • पैनल चर्चा में स्मार्ट शिक्षा और नवाचार पर जोर, युवा प्रतिभाओं में रचनात्मकता और समस्या समाधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। पैनल का संचालन श्री विवेक अग्रवाल, कंट्री डायरेक्टर, Tony Blair Institute ने किया।

India – AI Impact Summit 2026 की रूपरेखा:

  • 19-20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह वैश्विक मंच AI के सामाजिक समावेशन, नवाचार और सार्वजनिक सेवा में योगदान को प्रदर्शित करेगा।

  • यह समिट “AI for All” की भारत की दृष्टि को साकार करेगा और AI को समान, टिकाऊ और लोगों-केंद्रित बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

तीन सूत्र (Sutras):

  1. People: AI सभी के लिए हो, सांस्कृतिक पहचान और गरिमा का सम्मान करे।

  2. Planet: AI विकास संसाधन-कुशल और पर्यावरणीय संरक्षण के अनुकूल हो।

  3. Progress: AI के लाभ समान रूप से वितरित हों; शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन में लागू हों।

सात चक्र (Chakras):

  1. मानव संसाधन—रोजगार, कौशल विकास और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करना।

  2. सामाजिक सशक्तिकरण—भाषा, संस्कृति और पहचान के अनुसार AI को समावेशी बनाना।

  3. सुरक्षित और भरोसेमंद AI—पारदर्शिता, ऑडिट और सुरक्षा परीक्षण।

  4. नवाचार और दक्षता—स्थानीय वास्तविकताओं के अनुसार हल्का और अनुकूल AI।

  5. विज्ञान—जिम्मेदार AI का उपयोग शोध और खोज में बढ़ावा देना।

  6. AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण—डेटा, कंप्यूटिंग और मॉडल्स तक समान पहुँच।

  7. आर्थिक विकास और सामाजिक लाभ—सार्वजनिक हित वाले क्षेत्रों में AI अनुप्रयोगों को बढ़ावा।

समाप्ति:

उत्तराखंड AI इम्पैक्ट समिट 2025 ने भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व को प्रदर्शित किया और 2026 के India – AI Impact Summit के लिए मंच तैयार किया। यह समिट वैश्विक दक्षिण देशों में AI के समान, टिकाऊ और सामाजिक रूप से लाभकारी उपयोग को प्रोत्साहित करने का संदेश देती है।

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