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भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026: डिजिटल इंडिया से सीधे जानकारी

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डिजिटल इंडिया – हमारे विशेषज्ञों से पूछें, एपिसोड 38: भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की झलक

9 जनवरी, 2026 को आयोजित डिजिटल इंडिया – हमारे विशेषज्ञों से पूछें के 38वें एपिसोड में आगामी भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को प्रमुखता से पेश किया गया, जिसे जिम्मेदार और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को आकार देने वाला वैश्विक कार्यक्रम बताया गया।

इस सत्र में IndiaAI और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारी मौजूद थे, जिनमें शामिल हैं:

  • शिखा दहिया, संयुक्त निदेशक – उभरती तकनीक, MeitY

  • कार्तिक शोभन सूरी, महाप्रबंधक – भविष्य की क्षमताएँ, IndiaAI

  • स्वदीप सिंह, महाप्रबंधक – डेटा साइंस, IndiaAI

  • अंशुल सिंघल, महाप्रबंधक – स्टार्टअप्स, IndiaAI

उन्होंने सीधे नागरिकों, स्टार्टअप्स, छात्रों और पेशेवरों के सवालों के जवाब दिए और भारत के AI रोडमैप पर जानकारी साझा की।

एपिसोड के दौरान, विशेषज्ञों ने समझाया कि समिट तीन प्रमुख स्तंभों या ‘सूत्रों’ – लोग (People), ग्रह (Planet), और प्रगति (Progress) – के चारों ओर केंद्रित है, जिसमें विशेष कार्य समूह या ‘चक्र’ बनाए गए हैं। इन समूहों की चर्चाएँ और परिणाम AI नीति, कौशल विकास रणनीतियों और भारत तथा ग्लोबल साउथ में कार्यान्वयन को प्रभावित करेंगे।

इसमें युवा, स्टार्टअप्स, महिला नवप्रवर्तनकार और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों के शिक्षार्थियों के लिए अवसरों को भी उजागर किया गया, जैसे AI & Data Labs, ग्लोबल चैलेंज, पिच फेस्ट और YUVAI Global Youth Challenge। दर्शकों को India AI Impact Expo 2026 के बारे में भी जानकारी दी गई, जो 16–20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित होगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में AI समाधानों के परिवर्तन को प्रदर्शित करेगी।

नागरिकों ने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर, ओपन डेटा एक्सेस, हेल्थकेयर डेटासेट्स, स्टार्टअप्स की भागीदारी, गवर्नेंस, गैर-टेक उपयोगकर्ताओं की सहभागिता और ऑनलाइन भागीदारी जैसे सवाल उठाए। विशेषज्ञों ने आश्वासन दिया कि IndiaAI खुले, सुरक्षित और समावेशी प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है, जो व्यक्तियों, छोटे समूहों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों की भागीदारी को सक्षम बनाएगा।

एपिसोड का समापन नागरिकों को पहला कदम उठाने, पंजीकरण करने, भाग लेने और योगदान देने के लिए आमंत्रित करते हुए किया गया, ताकि वे समिट की वेबसाइट https://impact.indiaai.gov.in/ पर भारत के बढ़ते AI पारिस्थितिकी तंत्र के सक्रिय भागीदार बन सकें।

डिजिटल इंडिया – हमारे विशेषज्ञों से पूछें नागरिकों और क्षेत्र विशेषज्ञों के बीच सीधे संवाद को सक्षम बनाता है, जिससे डिजिटल प्रौद्योगिकियों का जिम्मेदार और सूचित उपयोग प्रोत्साहित होता है। लाइव सत्र में पूरे देश के दर्शकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए स्पष्ट और सुलभ व्याख्यान की सराहना की। एपिसोड 38 का पूर्ण रिकॉर्डिंग यहाँ उपलब्ध है: https://youtube.com/live/qV5BZ7O5AAI?feature=share

यह श्रृंखला डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत एक प्रमुख इंटरैक्टिव पहल है, जो नागरिकों को सरकारी विशेषज्ञों के साथ लाइव चर्चा के माध्यम से जोड़ती है, ताकि वे डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं को आसानी से और आत्मविश्वास के साथ समझ और उपयोग कर सकें।

डिजिटल इंडिया YouTube चैनल पर लाइव स्ट्रीम: https://www.youtube.com/@DigitalIndiaofficial
आगामी एपिसोड और डिजिटल इंडिया पहलों के लिए: www.digitalindia.gov.in और www.negd.gov.in


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने #SkilltheNation चैलेंज का शुभारंभ किया, एआई को समावेशी और विकसित भारत की कुंजी बताया

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (1 जनवरी, 2026) राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक समारोह में #SkilltheNation चैलेंज का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ओडिशा के रायरंगपुर में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र एवं कौशल केंद्र का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन भी किया।

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विश्वभर में अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को नया रूप दे रही है। यह हमारे सीखने, काम करने, आधुनिक सेवाओं तक पहुंच और मानवता की बड़ी चुनौतियों से निपटने के तरीकों को बदल रही है। भारत जैसे युवा राष्ट्र के लिए एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि सकारात्मक बदलाव का एक बड़ा अवसर है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा से यह रहा है कि तकनीक लोगों को सशक्त बनाए, समावेशन को बढ़ावा दे और सभी के लिए अवसरों का विस्तार करे। एआई का उपयोग सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी विभाजनों को पाटने के उद्देश्य से होना चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इसके लाभ सभी वर्गों और आयु समूहों तक, विशेष रूप से वंचित समुदायों तक पहुंचें।

उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि छात्र संभावनाओं और अवसरों से भरे भविष्य के लिए स्वयं को तैयार कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे तकनीक, ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा, चुनौतियों के समाधान और दूसरों को सशक्त बनाने के लिए करें। उन्होंने एआई सीखने के मॉड्यूल पूरे करने वाले सांसदों की सराहना करते हुए कहा कि उभरती तकनीकों के बारे में स्वयं सीखकर उन्होंने सीख के माध्यम से नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख विकास चालक के रूप में उभर रही है। आने वाले दशक में एआई देश के जीडीपी, रोजगार और समग्र उत्पादकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डेटा साइंस, एआई इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशल देश के एआई प्रतिभा आधार के विकास में निर्णायक होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न संस्थानों, उद्योग साझेदारों और शैक्षणिक जगत के सहयोग से यह सुनिश्चित कर रही है कि भारत केवल तकनीक को अपनाए ही नहीं, बल्कि उसके माध्यम से जिम्मेदार भविष्य का निर्माण भी करे।

राष्ट्रपति ने सभी से मिलकर प्रतिबद्धता के साथ विकसित भारत के निर्माण के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भारत को ज्ञान महाशक्ति बनाने तथा एक तकनीक-संचालित, समावेशी और समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

यह कार्यक्रम कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया, जो एआई-प्रेरित भविष्य के लिए भारत के कार्यबल को तैयार करने की दिशा में सरकार की सतत प्रतिबद्धता का हिस्सा है।


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