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CG NEWS : रोते बच्चे पर आया गुस्सा, मां ने छीन ली मासूम की जिंदगी, पढ़े पूरी खबर

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 सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक मां ने अपने ही चार माह के दुधमुंहे बच्चे की जान ले ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।


जानकारी के अनुसार, मामला जयपुर गांव का है। बताया जा रहा है कि महिला घर में खाना बना रही थी, उसी दौरान उसका बच्चा लगातार रो रहा था। बच्चे के रोने से परेशान होकर मां ने आपा खो दिया और उसे जमीन पर पटक दिया। गंभीर चोट लगने से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ जारी है और मामले की जांच की जा रही है।

दर्द भरा आखिरी संदेश: “मेरी शारीरिक परेशानी…” लिखकर टीचर ने उठाया आत्मघाती कदम

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 भिलाई। दुर्ग जिले के भिलाई से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। सेक्टर-8 इलाके में रहने वाली 50 वर्षीय शिक्षिका रजनी देवांगन अपने घर के बाथरूम में जली हुई अवस्था में मृत मिलीं। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी शारीरिक परेशानी का जिक्र करते हुए इस कदम के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है।


ट्यूशन पढ़ाने पहुंचने पर हुआ घटना का खुलासा

जानकारी के अनुसार, रजनी देवांगन अपने घर पर पहली से बारहवीं तक के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थीं। मंगलवार 10 फरवरी की शाम जब बच्चे पढ़ाई के लिए उनके घर पहुंचे, तो दरवाजा बंद मिला और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

बच्चों ने कई बार आवाज लगाई, लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोसियों को सूचना दी गई। पड़ोसियों ने भी आवाज लगाई, लेकिन घर के अंदर सन्नाटा बना रहा। इसी दौरान घर के भीतर से धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद तत्काल डायल-112 को सूचना दी गई।

बाथरूम में मिली जली हुई हालत में शिक्षिका

सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। घर के अंदर जाकर देखा गया तो बाथरूम में आग लगी हुई थी। अंदर एक महिला जली हुई अवस्था में मिलीं, जिनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। बाद में उनकी पहचान रजनी देवांगन के रूप में हुई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी तथा फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।

सुसाइड नोट में शारीरिक परेशानी का जिक्र

पुलिस जांच के दौरान घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में रजनी देवांगन ने अपनी शारीरिक परेशानी का जिक्र करते हुए इस कदम के लिए स्वयं को जिम्मेदार बताया है। हालांकि पुलिस ने नोट की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की है।

परिवार की स्थिति सामान्य, घटना के समय घर पर कोई नहीं था

पुलिस के अनुसार, रजनी देवांगन का परिवार सामान्य आर्थिक स्थिति वाला है। उनके पति एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं। उनका बेटा डॉक्टर है, जबकि बेटी रायपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। घटना के समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था।

मौके से माचिस की तीली भी मिली

भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि घटनास्थल से माचिस की तीली बरामद हुई है। फिलहाल पुलिस ने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की है। प्रारंभिक जांच में जलने से मौत होने की पुष्टि सामने आई है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।

यदि आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या भावनात्मक परेशानी से गुजर रहा है, तो मदद लेना बेहद जरूरी है। अपने परिवार, दोस्तों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना जीवन बचा सकता है। भारत में उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन सेवाओं से भी सहायता ली जा सकती है।

मां की गोद से नवजात को उठाकर बंदर ने कुएं में फेंका, फिर....

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 जांजगीर-चांपा। जिले के सिवनी गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। घर के आंगन में अपनी मां की गोद में बैठी 15 दिन की नवजात बच्ची को एक बंदर झपट्टा मारकर उठाकर ले गया और पास स्थित खुले कुएं में फेंक दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बंदर बच्ची को लेकर ओझल हो गया।


बच्ची के कुएं में गिरते ही मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब 10 से 15 मिनट की मशक्कत के बाद बच्ची को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बताया जा रहा है कि नवजात ने डायपर पहन रखा था, जिससे वह पानी में पूरी तरह डूबने से बच गई और उसकी जान बच सकी। कुएं से बाहर निकालते ही बच्ची को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई है। किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है।

घटना के बाद गांव में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक पर नियंत्रण और खुले कुओं को सुरक्षित कराने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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