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स्कूल शिक्षा विभाग में 112 पंचायत एवं नगरीय निकाय शिक्षकों का संविलियन, पदस्थापना पूर्ण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के निर्णय के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों के संविलियन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। आज 112 शिक्षकों का संविलियन किया गया है, जिनमें 100 शिक्षक पंचायत संवर्ग से तथा 12 शिक्षक नगरीय निकाय संवर्ग से हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि “राज्य सरकार शिक्षकों के सेवा हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन एक ऐतिहासिक और न्यायसंगत निर्णय है। लंबे समय से लंबित प्रकरणों का निराकरण कर शिक्षकों को उनका अधिकार देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।”

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा दिनांक 23 दिसंबर 2025 को जारी संविलियन आदेश/निर्देश के अनुक्रम में संभागीय संयुक्त संचालक एवं जिला शिक्षा अधिकारियों से पालन प्रतिवेदन प्राप्त किया गया है।

शासन के निर्णय अनुसार 08 वर्ष अथवा उससे अधिक सेवा पूर्ण करने वाले लगभग एक लाख 28 हज़ार 800 शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) तथा 02 वर्ष सेवा पूर्ण करने वाले लगभग 16 हजार शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त पंचायत विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग से प्राप्त ऐसे प्रकरण, जिनमें लंबी अनुपस्थिति, न्यायालयीन प्रकरण अथवा अन्य कारणों से पूर्व में संविलियन नहीं हो पाया था, उनका राज्य स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण किया गया।

राज्य स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण उपरांत प्राप्त पालन प्रतिवेदन के अनुसार धमतरी जिले से 01, खैरागढ़- छुईखदान- गंडई से 04, बलरामपुर से 03, बलौदाबाजार से 01, रायगढ़ से 05 शिक्षक का पंचायत अथवा नगरीय निकाय संवर्ग से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया है। इसी प्रकार राजनांदगांव से 01, सरगुजा से 83, सारंगढ़- बिलाईगढ़ से 02, सुकमा से 01, जांजगीर-चांपा से 02, जशपुर से 01, गरियाबंद से 04, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से 01, बिलासपुर से 01, कोंडागांव से 01 तथा कोरिया जिले से 01 शिक्षक का पंचायत अथवा नगरीय निकाय संवर्ग से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया है।

संभागीय एवं जिला शिक्षा अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित संभाग एवं जिला स्तर पर संवर्ग के पदों पर संविलियन आदेश जारी कर शिक्षकों की स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थापना कर दी गई है।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों हेतु दिशा-निर्देश जारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में संचालित सभी गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में लंबित पीआईएल तथा अन्य याचिकाओं में दिए गए आदेशों के अनुपालन तथा प्रस्तावित प्ले स्कूल एक्ट की रूपरेखा के तहत तैयार किए गए हैं। 


विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में संचालित सभी पूर्व-प्राथमिक विद्यालय, जो कक्षा एक से ऊपर की कक्षाएँ संचालित नहीं करते, उन्हें अपने संस्थान का पंजीयन तीन माह के भीतर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। 

पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे

पंजीयन प्रक्रिया में संस्थान को अपने नाम से संबंधित विवरण, शिक्षकों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। विद्यालयों के संचालन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों को अनुसूची-एक में निर्धारित सभी मानकों का पालन करना होगा। 

तीन वर्ष से कम आयु के बच्चों का पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित

प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में विभाग ने स्पष्ट किया है कि नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 में प्रवेश हेतु आयु सीमा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही मान्य होगी। तीन वर्ष से कम आयु के किसी भी बालक या बालिका का पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रवेश के लिए आयु सत्यापन केवल शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित वैध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा।

बच्चों को शारीरिक दंड देना पूर्णतः निषिद्ध

शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी बच्चे पर शारीरिक दंड देना या मानसिक उत्पीड़न करना पूर्णतः निषिद्ध होगा। विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, स्वास्थ्यकर एवं खेल-आधारित सीखने का वातावरण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक होगा, जिससे बच्चों का समग्र विकास सुचारू रूप से हो सके।

पालक-शिक्षक समिति का गठन अनिवार्य

पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों के पारदर्शी तथा प्रभावी संचालन हेतु पालक-शिक्षक समिति का गठन अनिवार्य किया गया है। विद्यालय प्रारंभ होने के एक माह के भीतर यह समिति गठित की जाएगी, जिसमें 75 प्रतिशत पालक और 25 प्रतिशत शिक्षक सदस्य होंगे। समिति के अध्यक्ष का चयन पालकों के मध्य से किया जाएगा तथा इसमें 75 प्रतिशत महिलाएँ शामिल होंगी। प्रत्येक कक्षा से एक-एक पालक सदस्य लिया जाएगा। 

बैठक प्रत्येक तीन माह में एक बार अनिवार्य होगा

समिति का कार्यकाल एक वर्ष का होगा और इसकी बैठक प्रत्येक तीन माह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी। बैठकों से संबंधित समस्त विवरण रजिस्टर में संधारित किया जाना आवश्यक होगा। समिति विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और खेल-खेल में शिक्षा की व्यवस्था पर निगरानी रखेगी।

पंजीयन तीन माह के भीतर कराना होगा

राज्य शासन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिले में संचालित सभी पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों का पंजीयन आदेश जारी होने की तिथि से तीन माह के भीतर सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालयों में निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नियमित रूप से हो।

यह दिशा-निर्देश राज्य में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



शासन ने की बड़ी पहल : 917 पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसलिंग 17 से 21 नवंबर तक चलेगी प्रक्रिया

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य में 917 प्रधान पाठक (ई-संवर्ग) को प्राचार्य, उ.मा.वि. के पद पर पदोन्नत किया गया है। इन पदोन्नत प्राचार्यों की पदस्थापना हेतु काउंसलिंग की प्रक्रिया 17 नवम्बर से 21 नवम्बर 2025 तक प्रतिदिन शासकीय शिक्षा महाविद्यालय, सेक्टर-29, अटल नगर में आयोजित की जाएगी।

काउंसलिंग की प्रक्रिया 17 नवम्बर से 21 नवम्बर 2025 तक प्रतिदिन 250 पदोन्नत प्राचार्य शामिल होंगे। इसके लिए 125-125 प्राचार्यों की दो पालियाँ निर्धारित की गई हैं। चयनित एवं उपस्थित होने वाले सभी पदोन्नत प्राचार्यों की सूची तथा रिक्त पदों की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in/ पर उपलब्ध करा दी गई है। यह जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों द्वारा दी गई है।

अतिशेष शिक्षकों के कार्यग्रहण में लापरवाही पर होगी कार्यवाही

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार राज्यभर में विद्यालयों एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूर्ण की गई थी। इस प्रक्रिया के तहत अतिशेष शिक्षकों का पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से जिला, संभाग एवं संचालनालय स्तर पर गठित समितियों द्वारा किया गया था।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी पत्र में यह उल्लेख किया गया कि पदस्थापना आदेश जारी होने के उपरांत भी कुछ शिक्षकों द्वारा आज दिनांक तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है।

संभागीय संयुक्त संचालकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ऐसे शिक्षकों की सूची (गोशवारा सहित) शासन को प्रेषित की गई थी, ताकि उनके विरुद्ध आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुमति प्राप्त की जा सके। इस पर विचारोपरांत शासन ने उक्त प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। अब ऐसे शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण के पश्चात पदस्थापना आदेश के बावजूद कार्यभार ग्रहण न करना प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन है। शासन इस प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से ले रहा है।

स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती हेतु आवेदन 07 अक्टूबर से

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रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्पेशल एजुकेटर के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए 07 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक आवेदन जमा किए जा सकते है। इस संबंध में शैक्षणिक अर्हताएँ, आयु सीमा, आरक्षण, चयन प्रक्रिया, आवेदन पत्र का प्रारूप आदि की जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट http://eduportal.cg.nic.in पर संपर्क किया जा सकता है। 

अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालयों में जमा करना होगा। आवेदन जमा करने की प्रारंभिक तिथि 07 अक्टूबर 2025 तथा अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। आवेदन केवल पंजीकृत डाक अथवा व्यक्तिगत रूप से ही स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ : शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु अवकाशों की घोषणा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अवकाश की घोषणा कर दी है। जारी आदेश के अनुसार शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं गैर अनुदान प्राप्त शालाओं के साथ-साथ डी.एड., बी.एड. एवं एम.एड. महाविद्यालयों में विभिन्न त्यौहारों एवं मौसम के अनुसार अवकाश निर्धारित किए गए हैं।

दशहरा अवकाश 29 सितम्बर से 04 अक्टूबर 2025 तक रहेगा, जो कुल 06 दिन का होगा। दीपावली अवकाश 20 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025 तक रहेगा, जो 06 दिन का होगा। इसी प्रकार शीतकालीन अवकाश 22 दिसम्बर से 27 दिसम्बर 2025 तक रहेगा और इसमें भी विद्यार्थियों को 06 दिन का अवकाश मिलेगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश 01 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा, जो कुल 46 दिन का होगा। इस प्रकार विद्यार्थियों और शिक्षकों को पूरे शैक्षणिक सत्र में कुल 64 दिन का अवकाश प्राप्त होगा।


शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति अब मोबाइल एप्प के माध्यम से

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, अनुशासित एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभाग ने "विद्या समीक्षा केन्द्र" के अंतर्गत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक विशेष मोबाइल एप्प विकसित किया है। यह एप्प अब गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसे प्रत्येक शिक्षक द्वारा डाउनलोड कर पंजीयन करना तथा प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड वास्तविक समय पर उपलब्ध रहेगा, जिससे विद्यालयीन अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।

माननीय मंत्री जी स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग, छत्तीसगढ़ शासन गजेंद्र यादव ने दिनांक 04 सितम्बर 2025 को आयोजित समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक में इस एप्प को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए थे। हाल ही में मंत्रीजी गुजरात अध्ययन दौरे पर भी गए, जहाँ उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु अपनाई जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। गुजरात मॉडल से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी आधुनिक तकनीक आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने पर बल दिया।

छत्तीसगढ़ का यह एप्प गुजरात की व्यवस्था से भी अधिक उन्नत है, क्योंकि इसमें जियो-फेंसिंग फीचर शामिल किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से शिक्षक तभी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं जब वे विद्यालय के निश्चित दायरे में उपस्थित हों। इससे यह सुनिश्चित होगा कि उपस्थिति केवल स्कूल परिसर के भीतर से ही दर्ज हो। गुजरात में प्रयुक्त एप्प में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण वहाँ कई बार शिक्षकों द्वारा घर से ही उपस्थिति दर्ज करने जैसी गड़बड़ियाँ सामने आती थीं। छत्तीसगढ़ शासन ने इस अनुभव से सीख लेते हुए इस एप्प को और अधिक सुरक्षित तथा विश्वसनीय बनाया है।

इस संदर्भ में जिला शिक्षा अधिकारियों महासमुंद, बेमेतरा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर एवं रायगढ़ को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और सभी विद्यालयों के शिक्षकगण को एप्प के प्रयोग हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करें। यह नई व्यवस्था न केवल उपस्थिति प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और विद्यालयीन गतिविधियों की निगरानी भी सरल और प्रभावी होगी। शासन का विश्वास है कि इस तकनीकी पहल से छत्तीसगढ़ के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार होगा तथा अनुशासन और कार्यकुशलता और अधिक सुदृढ़ होगी।


छत्तीसगढ़ में 10,538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण पूर्ण – 16,165 शिक्षक एवं प्राचार्य हुए समायोजित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देशों के प्रावधानों के तहत राज्य में व्यापक युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही की गई है।

इस प्रक्रिया के अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,372 शालाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एक किलोमीटर से कम दूरी पर और शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर से कम दूरी पर संचालित 166 शालाओं को मिलाकर कुल 10,538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया है।

इस बड़े कदम के फलस्वरूप 16,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया है। अब प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक-विहीन नहीं है।

उल्लेखनीय है कि पहले जहां 5,936 विद्यालय एकल-शिक्षकीय थे, वहीं युक्तियुक्तकरण के बाद केवल 1,207 प्राथमिक शालाएँ शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण एकल-शिक्षकीय रह गई हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विषयवार किया गया है। यदि किसी संस्था में किसी एक विषय का शिक्षक अतिशेष पाया गया, किन्तु उसी संस्था में सेटअप के आधार पर किसी अन्य विषय का पद रिक्त था, तो ऐसे अतिशेष शिक्षक का युक्तियुक्तकरण करते हुए आवश्यकता के आधार पर रिक्त विषय के पद पर उस विषय के शिक्षक की पदस्थापना की गई है।

युक्तियुक्तकरण निर्देशों के अंतर्गत, शालाओं में पदस्थापना तिथि के आधार पर अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया है। इस दौरान विषय, विकलांगता तथा परिवीक्षा अवधि जैसे कारकों का भी विशेष ध्यान रखा गया।

इसके अलावा, अतिशेष शिक्षकों की गणना उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज मूल विषय के आधार पर की गई है।

जिन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण के पश्चात कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल में कार्यभार ग्रहण कर लिया है, उनके वेतन आहरण की कार्यवाही पूर्व पदस्थ संस्था से प्राप्त अंतिम वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर की जा रही है।

इसी तरह, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदन (जिनमें न्यायालयीन प्रकरण भी सम्मिलित हैं) पर शासन गंभीरता से परीक्षण कर रहा है। इन प्रकरणों की जांच संभागीय आयुक्त की समिति, संचालनालय स्तरीय समिति एवं शासन स्तरीय समिति में की जा रही है और शीघ्र ही इनका निराकरण कर लिया जाएगा।


राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार 64 शिक्षक चयनित

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रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं सेवाओं के लिए राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार वर्ष 2024-25 हेतु प्रदेशभर के कुल 64 शिक्षकों का चयन किया गया है। राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार अंतर्गत चयनित शिक्षकों को आगामी 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार, चयनित शिक्षकों में प्राचार्य, प्राचार्य (एल.बी.), प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.), सहायक शिक्षक (एल.बी.) सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं। पुरस्कार हेतु चयनित शिक्षकों में रायपुर जिले से प्रधान पाठक गोपाल राम यादव एवं सहायक शिक्षक एल.बी. कामिनी साहू, धमतरी से प्रधान पाठक किरण साहू एवं सहायक शिक्षक एल.बी. कु. प्रीति शांडिल्य का नाम शामिल है। इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला से प्रधान पाठक से प्रियंका गोस्वामी एवं व्याख्याता एल.बी. समय लाल काठे, राजनांदगांव से प्राचार्य डॉ. शोभा श्रीवास्तव एवं प्रधान पाठक मुन्हेलाल लिल्हारे, दंतेवाड़ा से प्रधान अध्यापक सुमन जॉर्ज एवं सहायक शिक्षक एल.बी. सुनीता अजीत, कबीरधाम से व्याख्याता रमेश कुमार चंद्रवंशी एवं व्याख्याता कामिनी जोशी, सरगुजा से शिक्षक बंदना महथा एवं व्याख्याता अनिता मंदिलवार का नाम शामिल है। नारायणपुर जिला से शिक्षक एल.बी. उमेश कुमार सलाम एवं प्रधान अध्यापक सुश्री सविता यादव, जशपुर से प्रधान पाठक सरिता नायक एवं प्रधान पाठक प्रवीण कुमार पाठक, कोरिया से व्याख्याता/(प्रभारी प्रचार्य) अमित लाल गुप्ता एवं जेल शिक्षक विवेक सिद्धकी का नाम शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए चयन किया गया है।

इसी प्रकार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला से व्याख्याता एल.बी. राजेश कुमार द्विवेदी एवं प्रधान पाठक श्रीमती मीना जायसवाल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से प्रधान अध्यापक किशोर कुमार शर्मा एवं सहायक शिक्षक एल.बी. राजेश कुमार प्रजापति, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से प्रधान पाठक संध्या साहू एवं व्याख्याता एल.बी. संजय देवांगन का नाम शामिल है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला से शिक्षक एल.बी. चन्द्रमुखी मेहता, दुर्ग से शिक्षक एल.बी. नरोत्तम कुमार साहू एवं शिक्षक एल.बी. खेमलता गोस्वामी, कोरबा से शिक्षक एल.बी. मधुलिका एवं प्रधान पाठक प्रिया दुबे, सूरजपुर से प्रधान पाठक  रंजय कुमार सिंह एवं व्याख्याता एल.बी प्रदीप कुमार जायसवाल, बलौदाबाजार-भाटापारा से शिक्षक एल.बी. मोहन लाल वर्मा एवं व्याख्याता एल.बी. जगदीश साहू, मुंगेली से व्याख्याता एल.बी. दुर्गा तिवारी एवं सहायक शिक्षक एल.बी. सुधारानी शर्मा, कोण्डागांव से प्रभारी प्राचार्य मनोज कुमार डड़सेना एवं शिक्षक एल.बी. शिवचरण साहू, 

रायगढ़ से सहायक शिक्षक एल.बी. टिकेश्वर प्रसाद पटेल एवं प्रधान पाठक नंद किशोर सतपथी का नाम शामिल है। सुकमा जिला से सहायक शिक्षक अंजु बारसे एवं शिक्षक एल.बी. गंगाधर राना, गरियाबंद से सहायक शिक्षक एल.बी. खोमन लाल सिन्हा एवं शिक्षक एल.बी. दिप्ती मिश्रा, सक्ती से शिक्षक एल.बी. संजीव कुमार चंद्रवंशी एवं सहायक शिक्षक एल.बी. नीरा साहू, बालोद से व्याख्याता एल.बी. नरोत्तम कुमार यदु एवं सहायक शिक्षक एल.बी. सुश्री एनुका सार्वा का नाम शामिल है। जांजगीर-चांपा जिला से व्याख्याता अमृत लाल साहू एवं व्याख्याता एल.बी.  प्रतीक्षा सिंह, बेमेतरा से शिक्षक एल.बी. सुनीता राजपूत एवं शिक्षक एल.बी. केवरा सेन, महासमुंद से व्याख्याता एल.बी. जगदीश सिन्हा एवं व्याख्याता एल.बी डॉ. ज्योति किरण चंद्राकर, बिलासपुर से व्याख्याता एल.बी. शांति सोनी एवं प्रधान पाठक शिव कुमार छत्रवाणी का नाम शामिल है। बस्तर से व्याख्याता  सईदा खान एवं व्याख्याता/प्रधान अध्यापक देवश्री गोयल, उत्तर बस्तर कांकेर से व्याख्याता श्रीमती कुसुम जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से प्राचार्य आरती तिवारी एवं प्रधान पाठक एल.बी. कु. साबरा निशा, बीजापुर से प्रधान पाठक जगदीश तोरेंम एवं व्याख्याता एल.बी. अरूण कुमार सिंह का चयन राज्यपाल सम्मान समारोह के लिए किया गया है।


स्कूल शिक्षा विभाग में 1227 व्याख्याताओं की पदोन्नति, अब तक 7000 से अधिक पदोन्नति आदेश जारी

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में निरंतर सुधार और शिक्षक समुदाय के हित में त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दिनांक 23 जुलाई 2025 को विभिन्न विषयों के 1227 व्याख्याता (टी संवर्ग) शिक्षकों को पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। इन व्याख्याताओं की पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी। इन विषयों में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और वाणिज्य जैसे मुख्य विषय शामिल हैं। यह निर्णय सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत राज्य के शिक्षकों को उनके कार्य, वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर समय पर पदोन्नति और अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि विगत एक वर्ष में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला एवं संभाग स्तर पर लगभग 7000 पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही संपन्न की गई है। इसके साथ ही, 2621 सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) की सीधी भर्ती काउंसिलिंग के माध्यम से की गई, जिससे स्कूलों में प्रयोगात्मक शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इससे पूर्व दिनांक 30 अप्रैल 2025 को लगभग 2900 प्राचार्यों के पदोन्नति आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में पदोन्नत टी संवर्ग के प्राचार्यों की पदस्थापना भी काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और स्थान-आवश्यकता के आधार पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

ई संवर्ग के प्राचार्यों का प्रकरण माननीय न्यायालय में लंबित है।  माननीय न्यायालय के निर्णयानुसार समयबद्ध रूप से आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।


CG NEWS : प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. पटेल निलंबित

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 नवा रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण को गंभीरता से लेते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी  एल.पी. पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अंतर्गत किया गया है।


माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च 2025 में आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के दौरान जिले में कलेक्टर द्वारा गठित उड़नदस्ता दल में पटेल ने बिना अनुमोदन के बदलाव कर दिए थे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को धमकाने, अभद्र भाषा के प्रयोग और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसे कृत्य किए। उनके इस आचरण पर कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया।

पटेल का यह व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। शासन ने उन्हें निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय कार्यालय, संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर नियत किया है। जिला शिक्षा अधिकारी, रायगढ़ को सारंगढ़-बिलाईगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन के लिए 17 जून से रायपुर में शुरू होगी काउंसिलिंग

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 30 अप्रैल 2025 को जारी आदेश क्रमांक एफ 2-19/2024/20-तीन के तहत सेवा से समाप्त किए गए बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।


इस निर्णय के तहत समायोजन की प्रक्रिया ओपन काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, जो दिनांक 17 जून 2025 से 26 जून 2025 तक प्रतिदिन शासकीय शिक्षा महाविद्यालय परिसर, शंकर नगर, रायपुर में आयोजित की जाएगी।

कुल 2621 अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में सम्मिलित किया गया है। इन अभ्यर्थियों के समायोजन हेतु राज्य के 29 जिलों के स्कूलों में 2621 रिक्त पद निर्धारित किए गए हैं। काउंसिलिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए इसे दो पालियों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम पाली में 150 एवं द्वितीय पाली में 150 अर्थात प्रतिदिन कुल 300 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होगी।

काउंसिलिंग में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों की सूची स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
https://eduportal.cg.nic.in/ पर उपलब्ध है। उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों सहित काउंसिलिंग स्थल पर उपस्थित रहें।

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