Media24Media.com: #साइबर ठगी

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अश्लील वीडियो देखने का डर दिखाकर शिक्षिका से 4.50 लाख की साइबर ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

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 अंबिकापुर। सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक शिक्षिका से अश्लील वीडियो देखने के नाम पर गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर 4 लाख 50 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।


पुलिस के अनुसार, पीड़ित शिक्षिका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 मार्च 2026 को स्कूल से घर लौटने के बाद उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि वह इंटरनेट पर अश्लील फोटो और वीडियो देखती हैं, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के डर से शिक्षिका घबरा गईं। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने विभिन्न बहानों से उनसे फोन-पे और बैंक खातों के माध्यम से कुल 4 लाख 50 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।

शिकायत मिलने के बाद गांधीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान साइबर पोर्टल, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम पहले विभिन्न बैंक खातों में जमा कराई गई और बाद में दूसरे खातों में स्थानांतरित कर एटीएम के जरिए निकाली गई।

तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में दबिश देकर काशीराम अहिरवार (34), पन्नालाल यादव (40) और अभिलाषा अहिरवार (20) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, वीडियो कॉल या खुद को पुलिस, क्राइम ब्रांच अथवा किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर 3.46 लाख की साइबर ठगी, मामला दर्ज

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 भिलाईनगर। क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर ओटीपी हासिल कर 3 लाख 46 हजार 444 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। भिलाई नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


पुलिस के अनुसार, सेक्टर-7 भिलाई निवासी देवेश कुमार (52) सीएसईबी में असिस्टेंट ग्रेड-02 के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने थाना भिलाई नगर में शिकायत दर्ज कराई कि 12 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12 बजे उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया।
कॉल करने वाली महिला ने खुद को HDFC Bank की कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका क्रेडिट कार्ड लंबे समय से सक्रिय नहीं है और उसे बंद करना है।

ओटीपी लेकर की ठगी

शिकायतकर्ता के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड बंद करने की प्रक्रिया के नाम पर उनके मोबाइल पर कई ओटीपी भेजे गए। महिला ने प्रक्रिया पूरी कराने का हवाला देकर बार-बार ओटीपी मांगे। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को उसी नंबर से दोबारा कॉल कर क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने की बात कही गई और चार बार फिर ओटीपी लिया गया। कॉल करने वाले ने बाद में बताया कि कार्ड बंद करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

स्टेटमेंट देखने पर हुआ खुलासा

17 अप्रैल 2026 को जब देवेश कुमार ने अपने क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट देखा तो 12 फरवरी से 17 फरवरी के बीच 3 लाख 46 हजार 444 रुपये की ओवरड्यू राशि दर्ज मिली। इसके बाद वे नेहरू नगर स्थित बैंक शाखा पहुंचे और स्टेटमेंट की जांच कराई।
जांच में पता चला कि अज्ञात आरोपी ने ओटीपी हासिल कर क्रेडिट कार्ड से यह रकम निकाल ली।

पुलिस जांच में जुटी

मामले में पुलिस ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी पाए जाने पर धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अज्ञात मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

111 खातों से साइबर ठगी का जाल: 86 लाख का ट्रांजेक्शन, 10 आरोपी गिरफ्तार

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 दुर्ग। जिले में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें 111 बैंक खातों के जरिए करीब 86 लाख रुपए के अवैध लेन-देन का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने बैंक खाते किराए पर देकर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने में शामिल थे। इन खातों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से ठगी गई राशि को जमा और निकासी की जा रही थी।

इस पूरे मामले की जानकारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर दुर्ग स्टेशन रोड स्थित कर्नाटक बैंक की शाखा में संचालित 111 खातों की जांच की गई।

जांच में सामने आया कि इन खातों के जरिए अब तक 86,33,247 रुपए का अवैध ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं, जो लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और पासबुक उनके हवाले कर देते हैं। ऐसे खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है।

गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 24 से 56 वर्ष के बीच है। इनमें मधु साहू, ज्योति गौतम, फरहद खान, भूपेश गोहिल, अजय कुमार उर्फ मोनू, मसीर आलम, नवीन भागवत, भूपेंद्र कुमार टंडन, संतोष बिसाई और हीरा सिंह शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपना बैंक खाता, ओटीपी या पासबुक किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें, क्योंकि ऐसे मामलों में खाताधारक भी जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं।

साइबर ठगी में म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाली महिला गिरफ्तार

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 दुर्ग। कुम्हारी पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का खुलासा करते हुए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाली महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से पासबुक, पैन कार्ड और चेकबुक जब्त कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।


जानकारी के अनुसार, आरोपी निशा बेहरा (निवासी डीएमसी तालाब पार, कुम्हारी) ने अपना एसबीआई बैंक खाता एक फेरीवाले को 10 हजार रुपए कमीशन पर उपलब्ध कराया था। इस खाते में ऑनलाइन ठगी से जुड़ी 4.50 लाख रुपए की राशि जमा हुई थी। बाद में आरोपी ने रकम को चेक के माध्यम से आहरित कर फेरीवाले को सौंप दिया और खुद 10 हजार रुपए रख लिए।

पुलिस ने निशा बेहरा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस मामले में शामिल फेरीवाले की तलाश जारी है।

CBI अफसर बनकर डराया: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर महिला से 12.5 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

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 रायपुर :  भिलाई से साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को CBI और क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर एक महिला को मानसिक दबाव में रखा और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 12.5 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने मेरठ से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।


5 दिन तक घर में रखा डिजिटल अरेस्ट में, गहने गिरवी और जमा पूंजी निकलवाई

भिलाई सेक्टर-7 की रहने वाली शोभा झा को 1 जुलाई 2025 को एक अनजान कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को CBI और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए महिला पर मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी जैसे गंभीर आरोप लगाए।

ठगों ने IPC की धाराएं गिनाकर जेल भेजने की धमकी दी और उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ में डाल दिया। 5 दिन तक घर में बंद रखकर महिला से गहने गिरवी रखवाए, बैंक खातों से जमा पूंजी निकलवाई और पेंशन खाते से भी रकम RTGS के जरिए ठगों के खाते में ट्रांसफर करवा ली गई। कुल मिलाकर 12.5 लाख रुपये हड़प लिए गए।

तकनीकी जांच से बड़ा खुलासा

दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तवर ने बताया कि भिलाई नगर थाना और ACCU की टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर मेरठ से मोह. फैजल अहमद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि मेरठ निवासी सुहैल कॉल कन्वर्टर मशीन में लोकल सिम लगाकर कॉल बेचता था और गिरोह को तकनीकी मदद देता था।

क्रिप्टो के जरिए रकम की हेराफेरी

जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम को USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर हवाला के जरिए भारतीय मुद्रा में कन्वर्ट किया जाता था। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।

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