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भीषण सड़क हादसे: शादी की खुशियां मातम में बदलीं, मां-बेटी समेत 3 की मौत

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 दुर्ग–भिलाई में गुरुवार को दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं ने तीन परिवारों को उजाड़ दिया। तेज रफ्तार अज्ञात वाहनों की टक्कर से एक महिला और उसकी मासूम बेटी सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं।


▪️ सिरसा गेट के पास दर्दनाक हादसा
रायपुर से लौट रहे राकेश दुबे की बाइक को पीछे से तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। पत्नी अनीता दुबे की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो साल की बेटी सोनम ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। राकेश घायल हैं।

▪️ बाल कटवाने जा रहे भाइयों को कुचला
धमधा-खैरागढ़ मार्ग पर सगे भाई जगन्नाथ और रोहित साहू को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। रोहित की मौत हो गई, जबकि जगन्नाथ की हालत गंभीर है।

▪️ 20 फरवरी को घर में थी शादी
सबसे दर्दनाक बात—दोनों भाइयों के घर में सामूहिक विवाह की तैयारियां चल रही थीं। खुशियों का माहौल पल भर में मातम में बदल गया।

▪️ पुलिस जांच जारी
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार वाहन चालक की तलाश की जा रही है।

अपील: सड़क पर निकलते समय सावधानी बरतें—एक पल की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द बन सकती है।

CG NEWS : 1 नवंबर से बिना हेलमेट नहीं चलेगी बाइक, पहले पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई

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 रायपुर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जिला पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है। 1 नवंबर से जिले में सभी के लिए — आम नागरिक हों या पुलिसकर्मी - दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।


सबसे पहले पुलिसकर्मियों पर ही इस नियम का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्हें हेलमेट पहनने के लिए चार दिन का समय दिया गया है। इसके बाद 10 नवंबर से आम नागरिकों पर कार्रवाई शुरू होगी। इस बीच पुलिस विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

चार दिन की मोहलत, फिर सख्त कार्रवाई

चार दिन की अवधि में सभी पुलिसकर्मी और सरकारी कर्मचारी हेलमेट खरीदकर इसका उपयोग शुरू करेंगे। इसके बाद 10 नवंबर से बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर चालान की कार्रवाई की जाएगी।

जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पहले अपने विभाग के कर्मियों पर नियम लागू किया जाएगा, फिर जनता पर। यह पहल पुलिस की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक मानी जा रही है।

जागरूकता कार्यक्रम स्कूलों और गांवों तक

पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार के नेतृत्व में जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। टीम गांवों, स्कूलों और कॉलेजों में जाकर लोगों को सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और यातायात नियमों के महत्व के बारे में जानकारी देगी।

अभियान के दौरान विशेष रूप से पांच कारणों पर फोकस किया जाएगा 

  • बिना हेलमेट वाहन चलाना
  • तीन सवारी
  • तेज गति
  • मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाना
  • शराब सेवन कर ड्राइविंग

एसपी बोले -उद्देश्य है जान बचाना, सजा देना नहीं

एसपी विजय पाण्डेय ने कहा,- “इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों और चोटों को कम करना है। यह जनता को लापरवाह ड्राइविंग और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के खतरों के बारे में शिक्षित करने की पहल है। हमारा मकसद सजा देना नहीं, बल्कि सुरक्षित यातायात की आदत विकसित करना है।”

उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए लोगों को सीट बेल्ट और हेलमेट के उपयोग, गति सीमा का पालन और नशे में गाड़ी न चलाने जैसे नियमों की जानकारी दी जाएगी, ताकि सड़कें सुरक्षित बन सकें।

सड़क दुर्घटना में घायलों को छत्तीसगढ़ सरकार का तोहफा: 1.5 लाख तक फ्री उपचार

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों के शिकार लोगों को अब इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी होगी। राज्य सरकार ने घायलों के लिए एक बड़ी राहत योजना लागू की है, जिसके तहत अब कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।

1.5 लाख तक फ्री उपचार

1.50 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज, वो भी बिना कोई अग्रिम राशि दिए।
सड़क दुर्घटना में घायलों

जी हां, अब सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 7 दिन तक किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में फ्री इलाज मिलेगा। इसमें दवाएं, ऑपरेशन, जांच और जरूरी मेडिकल सेवाएं शामिल हैं।

राज्य सरकार की यह योजना 134 सरकारी और निजी अस्पतालों के अलावा देशभर के 61 बाहरी अस्पतालों में भी लागू होगी।

सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों और एसपी को इस योजना को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं।

कैसे मिलेगा इलाज?

दुर्घटना के 7 दिनों के भीतर किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में जाकर इलाज कराया जा सकता है। अस्पताल पहचान और दुर्घटना की जानकारी दर्ज करेगा और सीधे इलाज शुरू करेगा।

घायल को न तो कोई रजिस्ट्रेशन करना है, न ही पहले से कोई कागज़ी प्रक्रिया।
सिर्फ आधार, ड्राइविंग लाइसेंस या पुलिस रिपोर्ट जैसी पहचान और दुर्घटना की पुष्टि भर ही पर्याप्त होगी।

छत्तीसगढ़ में या बाहर, सभी को मिलेगा लाभ

अगर हादसा छत्तीसगढ़ में होता है या घायल को सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती किया जाता है, तो व्यक्ति चाहे किसी भी राज्य का निवासी हो, उसे इलाज का लाभ मिलेगा।

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