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CG NEWS : पुरानी रंजिश में पति-पत्नी की हत्या, शव बोरे में भरकर श्मशान में दफनाए… एक हफ्ते बाद खुला सनसनीखेज राज

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 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से डबल मर्डर का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शोभा थाना क्षेत्र के ग्राम गरीबा में पुरानी रंजिश के चलते एक पति-पत्नी की बेरहमी से हत्या कर उनके शवों को बोरे में भरकर श्मशान घाट में दफना दिया गया। घटना का खुलासा करीब एक सप्ताह बाद होने पर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।


मृतकों की पहचान राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम के रूप में हुई है। मामले में पुलिस ने मृतक के पड़ोस में रहने वाले लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुलराम नेताम को गिरफ्तार कर लिया है।

डंडों से पीट-पीटकर की हत्या

पुलिस के अनुसार, 6 जून को पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने राजाराम नेताम और उनकी पत्नी पर डंडों से हमला कर दिया। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद सबूत मिटाने की नीयत से आरोपियों ने दोनों शवों को बोरे में भरकर गांव के श्मशान घाट में चुपचाप दफना दिया।

अंतिम संस्कार के दौरान खुला राज

मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव में हाल ही में एक अन्य व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे। वहां दो अलग-अलग स्थानों पर ताजा दफनाए गए शवों के निशान दिखाई दिए। ग्रामीणों को मामला संदिग्ध लगा क्योंकि गांव में हाल के दिनों में किसी अन्य व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी।

इसी दौरान ग्रामीणों को पिछले एक सप्ताह से लापता राजाराम नेताम और आशो बाई नेताम की याद आई। संदेह बढ़ने पर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने खुदवाए शव, हुई पुष्टि

सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी पवन वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने श्मशान घाट में दफन शवों को बाहर निकलवाया। जांच के दौरान पुष्टि हुई कि बरामद शव लापता दंपति के ही हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

थाना प्रभारी पवन वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और हत्या के पीछे की पूरी वजह सहित पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।

पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर अवशेषों को Raipur फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मामले में और अहम खुलासे हो सकते हैं।

करीब एक सप्ताह बाद सामने आए इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, वहीं पुलिस हर पहलू से मामले की गंभीर जांच कर रही है।

श्मशान घाट में बिखरे मिले मानव कंकाल और खोपड़ियां, दुर्ग में मचा हड़कंप

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 दुर्ग। शहर के रायपुर नाका स्थित श्मशान घाट में मानव खोपड़ियां, हड्डियां और कंकाल खुले में बिखरे मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्मृति नगर चौकी पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। श्मशान परिसर में एक प्लास्टिक की थैली में बंधा मानव कंकाल मिलने से मामला और भी रहस्यमय हो गया है।


स्थानीय लोगों ने बताया कि श्मशान घाट के अलग-अलग हिस्सों में मानव अवशेष बिखरे पड़े थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया, जबकि एफएसएल टीम ने तीन अलग-अलग कब्रों से मिले अवशेषों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं।

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई है कि किसी असामाजिक तत्व द्वारा कब्रों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है या फिर जंगली जानवरों ने अवशेषों को बाहर निकाला हो। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

श्मशान घाट में शर्मनाक घटना: अस्थियां लेकर गईं महिलाएं, मामला दर्ज, पढ़े पूरी खबर

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 बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में श्मशान घाट से अस्थियां चोरी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि संपत्ति विवाद के चलते मृतक की पत्नी और बहन ने अंतिम संस्कार की परंपराओं में बाधा डालते हुए श्मशान घाट से अस्थियां समेटकर अपने साथ ले गईं। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों महिलाएं अस्थियां ले जाती दिखाई दे रही हैं।


15 जनवरी को हुआ था ठेकेदार का निधन

मामले के अनुसार भारतीय नगर निवासी ठेकेदार आलोक ठाकरे का 15 जनवरी को निधन हो गया था। उनके माता-पिता का पहले ही देहांत हो चुका है। आलोक के निधन के बाद उनके बेटे प्रथमेश ठाकुर ने मोहल्ले के लोगों और केयरटेकर मयंक वर्मा की मदद से भारतीय नगर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराया। उस समय परिवार का कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था।

अस्थि संचय से पहले पहुंचीं पत्नी और बहन

17 जनवरी को जब परिजन और मोहल्लेवासी अस्थि संचय के लिए मुक्तिधाम जाने की तैयारी कर रहे थे, उससे पहले ही मृतक की पत्नी खुशबू ठाकुर और बहन ज्योति पाण्डेय वहां पहुंच गईं। आरोप है कि दोनों ने ठंडी पड़ चुकी चिता से अस्थियों को समेटा और उन्हें झोले में भरकर अपने साथ ले गईं।

CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी घटना

जब प्रथमेश अपने साथियों के साथ मुक्तिधाम पहुंचे तो अस्थियां गायब मिलीं। इसके बाद परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें दोनों महिलाएं अस्थियां ले जाती साफ नजर आ रही हैं।

अस्थियां लौटाने से इनकार

मृतक के बच्चों ने गंगा में विसर्जन के लिए अपनी मां और बुआ से अस्थियां लौटाने की मांग की, लेकिन आरोप है कि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इससे आहत होकर प्रथमेश और उसके छोटे भाई-बहन खाली कलश लेकर मोहल्लेवालों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

संपत्ति विवाद का आरोप

प्रथमेश ठाकुर ने पुलिस को बताया कि उनकी मां करीब तीन साल पहले उन्हें छोड़कर चली गई थीं, जबकि पिता ने ही बच्चों का पालन-पोषण किया। बुआ भी परिवार से अलग रह रही थीं। आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद दोनों महिलाएं संपत्ति हड़पने की नीयत से लौटीं और अंतिम संस्कार की परंपराओं में बाधा डाल रही हैं।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की कानूनी समीक्षा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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