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साय सरकार की सौगात: 4.95 लाख श्रमिकों के खाते में सीधी आर्थिक मदद

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 रायपुर : किसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए भी यह नवरात्रि समृद्धि और आत्मविश्वास का संदेश लेकर आई है। छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की योजनाएं अब सीधे जनजीवन में परिवर्तन का आधार बनती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार जिले में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलौदा बाजार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।


मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को सरकार द्वारा तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि धान खरीदी में अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस वर्ष उत्साह और संतोष के साथ होली मनाई, वहीं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को मिली राशि ने उनके आत्मनिर्भरता के संकल्प को और मजबूत किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश कराते हुए मकानों की चाबियां भी सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का नया अध्याय जुड़ा है।

मुख्यमंत्री साय ने बलौदाबाजार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का स्मरण करते हुए बाबा गुरु घासीदास, संत कबीर और शहीद वीर नारायण सिंह को नमन किया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि भूमिहीन कृषि मजदूरों को दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सक्षम हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार हेतु 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः संचालन तथा रामलला दर्शन एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनाओं के माध्यम से सामाजिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि कोरोना काल में लंबित बिलों के निपटान हेतु विशेष छूट एवं आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह योजना जून तक संचालित होगी और प्रदेशभर में इसके लिए समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रदेश के समग्र विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा, कृषि और वन उत्पादों के बेहतर उपयोग से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के संकल्प और सुरक्षाबलों के साहस से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा पांच जिलों के हितग्राहियों से वर्चुअल संवाद कर योजनाओं के प्रभाव की जानकारी ली।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को कम समय में पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता का प्रमाण है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी के अंतर की राशि तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आज योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता दोनों मजबूत हुए हैं। उन्होंने सभी भूमिहीन कृषि मजदूरों, विशेषकर बैगा-गुनिया परिवारों को इस योजना के लाभ के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

 

नवरात्रि से पहले घटारानी मंदिर में भीषण आग, 9 दुकानें जलकर खाक

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 फिंगेश्वर। छत्तीसगढ़ के घटारानी मंदिर में भीषण से बड़ी खबर सामने आई है। चैत्र नवरात्रि की तैयारियों के बीच प्रसिद्ध Ghatarani Temple परिसर में देर रात भीषण आग लग गई। इस आगजनी में मंदिर परिसर की 8 से 9 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं।


लाखों का सामान जलकर राख

जानकारी के अनुसार, इन दुकानों में फैंसी सामग्री, प्रसादी, खिलौने और पूजा के बर्तन रखे हुए थे। आगामी नवरात्रि मेले को देखते हुए दुकानदारों ने हाल ही में नया माल भरा था। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस आगजनी में दुकानदारों को 8 से 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

जंगल की आग फैलने की आशंका

आग लगने का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि स्थानीय दुकानदारों ने आशंका जताई है कि पास के जंगल में लगी आग फैलते हुए मंदिर परिसर तक पहुंच गई और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।

पुलिस को दी गई सूचना

घटना की सूचना तुरंत Chhattisgarh Police को दे दी गई है। प्रभावित दुकानदारों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और मुआवजे की मांग की है।

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को कर हस्तांतरण (Tax Devolution) अंतर्गत दी 3,462 करोड़ रुपये की स्वीकृति

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के लिए कर हस्तांतरण (Tax Devolution) अंतर्गत 3,462 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी के प्रति हार्दिक आभार प्रकट किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि एवं दशहरा जैसे पावन अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा दिया गया यह आबंटन छत्तीसगढ़ की जनता के लिए वास्तव में एक अनमोल उपहार है। यह राशि राज्य की वित्तीय संसाधनों को और अधिक सुदृढ़ करेगी, विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करेगी तथा लोककल्याणकारी योजनाओं को नई ऊर्जा देगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि की नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए सतत प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि इस सहयोग से प्रदेशवासियों का जीवन और अधिक खुशहाल एवं सुरक्षित बनेगा।

उल्लेखनीय है कि आगामी त्यौहारी मौसम को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत व्यय में तेजी लाने और उनके विकास/कल्याण संबंधी व्यय को वित्तपोषित करने में सक्षम बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर, 2025 को राज्य सरकारों को 1,01,603 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर हस्तांतरण जारी किया है। यह 10 अक्टूबर 2025 को जारी किए जाने वाले सामान्य मासिक हस्तांतरण के अतिरिक्त है ।

नवरात्रि 2025: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

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 Shardiya Navratri 2025 2nd Day: नवरात्रि का प्रत्येक दिन मां दुर्गा के किसी न किसी रूप को समर्पित होता है। मां दुर्गा को आदि शक्ति माना जाता है, जिनकी पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। शारदीय नवरात्रि का पर्व चल रहा है। पहले दिन यानी 22 सितंबर 2025 को मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की गई, वहीं आज 23 सितंबर 2025 को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी।


मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की प्रतीक मानी जाती हैं। उनकी पूजा करने से बुद्धि में वृद्धि होती है, ज्ञान प्राप्ति में सहूलियत होती है और मन को शांति मिलती है।

देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 – 05:41
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:08 – 12:56
  • सायाह्न संध्या मुहूर्त: शाम 06:35 – 07:46

आप इनमें से किसी भी समय पूजा कर सकते हैं, लेकिन विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त और संध्या समय उत्तम माना जाता है।

मां ब्रह्मचारिणी की प्रिय चीजें

  • पुष्प: चमेली
  • रंग: सफेद और पीला
  • मिठाई: दूध से बनी मिठाइयाँ
  • फल: केला, सेब और संतरा

पूजा विधि

  • स्नान आदि कार्यों के बाद पवित्र सफेद या पीले रंग के कपड़े धारण करें।
  • मां दुर्गा की मूर्ति के पास ब्रह्मचारिणी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • हाथ में जल या अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • देवी को फल, फूल, मिठाई, वस्त्र, अक्षत और चंदन अर्पित करें।
  • दीप, धूप और घी का एक दीपक जलाएं।
  • मंत्रों का जाप करें और व्रत की कथा सुनें या पढ़ें।
  • आरती करके पूजा का समापन करें।

New GST Rates 2025: कार, बाइक, टीवी, एसी, फ्रिज पर राहत, जानें किस पर कितना फायदा

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 New GST Rates 2025 : नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही मोदी सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा दिया है। 22 सितंबर 2025 से जीएसटी के नए रेट लागू हो गए हैं। कई चीजें सस्ती हो रही हैं, वहीं कुछ प्रोडक्ट्स पर टैक्स बढ़ा है।


दवाइयों और हेल्थ प्रोडक्ट्स

  • टैक्स फ्री: 33 जीवनरक्षक दवाइयाँ
  • 5% जीएसटी: थर्मामीटर, मेडिकल ऑक्सीजन, डायग्नोस्टिक किट, ग्लूकोमीटर स्ट्रिप्स, चश्मा
  • 12% से घटकर 5%: बाकी दवाइयाँ
  • सर्विसेज: जिम, योगा, स्पा, सैलून – अब सिर्फ 5% जीएसटी

शराब, सिगरेट और लग्जरी गुड्स

40% जीएसटी: शराब, सिगरेट, गुटखा, लग्जरी कारें, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, फास्ट फूड, पर्सनल एयरक्राफ्ट

कृषि और ग्रामीण सामान

  • 5% जीएसटी: ट्रैक्टर, टायर-पार्ट्स, बायोपेस्टिसाइड्स, ड्रिप-इरिगेशन, स्प्रिंकलर, हार्वेस्टिंग और थ्रेसिंग मशीनें
  • सीमेंट: 28% से घटाकर 18%

शिक्षा और इंश्योरेंस

  • 0% जीएसटी: मैप, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शॉर्पनर, क्रेयॉन, नोटबुक, अभ्यास बुक्स, रबर
  • 0% जीएसटी: पर्सनल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस (22 सितंबर से लागू)

वाहन और ऑटो सेक्टर

  • कारें (1200 सीसी पेट्रोल/सीएनजी/हाइब्रिड, 1500 सीसी डीजल/हाइब्रिड): बड़ी राहत
  • एंट्री लेवल कार पर 40,000–80,000 रुपये की बचत
  • टू-व्हीलर पर 5,600–18,800 रुपये तक की बचत
  • स्कूटर पर 7,000–8,200 रुपये की बचत
  • ऑटो पार्ट्स: सभी पर 18% जीएसटी

रोज़मर्रा के प्रोडक्ट्स

  • 5% जीएसटी: साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, हेयर ऑयल, टूथब्रश
  • 18% से घटकर 5%: टैल्कम पाउडर, फेस पाउडर, शेविंग क्रीम, आफ्टर शेव लोशन

इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज़

  • एसी:
  • स्प्लिट एसी पर 2,800–5,900 रु. तक की बचत
  • विंडो एसी पर 3,400 रु. तक की छूट
  • कमर्शियल एसी सस्ते
  • डिशवॉशर: 8,000 रु. तक सस्ते
  • टीवी (32 इंच से बड़ी): 2,500 से 85,000 रु. तक सस्ते

सरकार का संदेश

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: “अब सिर्फ 5% और 18% स्लैब रह गए हैं। 28% जीएसटी पूरी तरह खत्म।”
  • प्रधानमंत्री मोदी: “स्वदेशी को अपनाएं, विदेशी चीज़ों की जगह मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।”
  • मध्यम वर्ग को राहत: 12 लाख तक की आय टैक्स-फ्री, जीएसटी सुधार का सबसे बड़ा लाभ रोज़मर्रा के खर्च पर।

 कुल मिलाकर, नया जीएसटी ढांचा फेस्टिव सीजन में आम लोगों की जेब पर राहत और व्यापारियों के लिए आसान टैक्स सिस्टम लेकर आया है।

Navratri 2025: कभी हाथी तो कभी घोड़ा, नवरात्रि में कैसे तय होती है माता की सवारी?

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 Navratri 2025: नवरात्रि का महापर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का विशेष अवसर है। हर साल नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। इन दिनों माता के आगमन और प्रस्थान की सवारी का भी खास महत्व होता है। आपने अक्सर सुना होगा कि कभी मां दुर्गा हाथी पर आती हैं, तो कभी घोड़े या नाव पर। आखिर यह तय कैसे होता है? आइए जानते हैं।


नवरात्रि और माता की सवारी का ज्योतिषीय आधार

  • मां दुर्गा की सवारी का निर्धारण उस दिन (वार) से होता है, जिस दिन नवरात्रि का आरंभ होता है।
  • सोमवार और रविवार – हाथी (गज) पर आगमन → वर्षा, समृद्धि और खुशहाली का संकेत।
  • शनिवार और मंगलवार – घोड़ा (तुरंग) पर आगमन → युद्ध, अस्थिरता या आपदा का संकेत।
  • गुरुवार और शुक्रवार – पालकी (डोला) पर आगमन → सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक।
  • बुधवार – नाव (नौका) पर आगमन → शुभ संकेत, भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति।

माता की वापसी की सवारी

जैसे आगमन की सवारी का महत्व है, वैसे ही विजयादशमी पर माता की विदाई सवारी भी शुभ-अशुभ संकेत देती है।

  • रविवार और सोमवार – भैंसा पर वापसी → रोग और कष्ट का संकेत।
  • मंगलवार और शनिवार – मुर्गा पर वापसी → संघर्ष और संकट का संकेत।
  • बुधवार और शुक्रवार – हाथी पर वापसी → समृद्धि और खुशहाली।
  • गुरुवार – नर वाहन (मनुष्य) पर वापसी → कठिनाइयों का संकेत।

इस बार माता की सवारी कौन-सी?

पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरुआत 22 सितंबर, सोमवार से हो रही है।
इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं, जिसका अर्थ है — वर्षा, उन्नति और सुख-समृद्धि के शुभ संकेत।

पौराणिक मान्यता

मां दुर्गा का मुख्य वाहन शेर है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है। लेकिन नवरात्रि के आरंभ और समापन वार के अनुसार बदलती हुई सवारियां ब्रह्मांडीय ऊर्जा और प्रकृति के चक्र को दर्शाती हैं। यह परंपरा हमें याद दिलाती है कि मां का हर रूप और हर संकेत मानव जीवन और प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. media24media इसकी पुष्टि नहीं करता है.

नवरात्रि 2025 : सूर्य ग्रहण और घटस्थापना पर क्या होगा असर? पढ़े पूरी खबर

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 Shardiya Navratri 2025 : नवरात्रि का महापर्व मां दुर्गा की आराधना का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। इस बार खास संयोग यह है कि नवरात्रि की शुरुआत से ठीक पहले साल का अंतिम सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में स्वाभाविक सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसका असर नवरात्रि और घटस्थापना पर पड़ेगा?


सूर्य ग्रहण और नवरात्रि का संयोग

इस वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 की रात 11:00 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की सुबह 3:23 बजे तक रहेगा। यानी ग्रहण का काल नवरात्रि के पहले दिन की सुबह तक चलेगा।

क्या होगा असर?

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इसका नवरात्रि या घटस्थापना पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

  • यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा।
  • ज्योतिषीय मान्यता है कि केवल वही ग्रहण प्रभाव डालता है, जो उस स्थान पर दिखाई दे।
  • इसलिए भारत में पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और नवरात्रि की विधियां बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न होंगी।

घटस्थापना का महत्व

नवरात्रि का सबसे प्रमुख अनुष्ठान घटस्थापना (कलश स्थापना) है, जिसे शुभ मुहूर्त में करना आवश्यक माना गया है। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भक्त निर्धारित शुभ समय पर कलश स्थापना कर सकते हैं।

  • नवरात्रि घटस्थापना 2025 का शुभ मुहूर्त
  • तारीख: 22 सितंबर 2025
  • समय: सुबह 6:09 बजे से 8:06 बजे तक
  • अवधि: 1 घंटा 56 मिनट

इस शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ कलश स्थापना करने से मां दुर्गा की पूजा का मंगलमय शुभारंभ होगा।

निष्कर्ष

सार यह है कि इस बार सूर्य ग्रहण का नवरात्रि या घटस्थापना पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। श्रद्धालु निःसंकोच होकर मां दुर्गा की आराधना कर सकते हैं और पूरे नौ दिनों तक महापर्व का आनंद ले सकते हैं।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. media24media इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Shardiya Navratri 2025 : न्यायधानी में 3 करोड़ की लागत से बनेगा राजस्थानी महल जैसा दुर्गा पंडाल, 100 कारीगर जुटे...

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Shardiya Navratri 2025 : इस बार नवरात्रि पर न्यायधानी बिलासपुर का गोंड़पारा इलाका भव्य दुर्गा महोत्सव का साक्षी बनेगा। आदर्श दुर्गोत्सव समिति अपने स्वर्ण जयंती वर्ष पर ऐसा आयोजन कर रही है, जिसे देखने हजारों श्रद्धालु और दर्शक जुटेंगे।


राजस्थानी महल की थीम

करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहा यह पंडाल राजस्थानी महल की तर्ज पर बनाया जा रहा है। पंडाल की ऊँचाई करीब 25 फीट और चौड़ाई 50 फीट रखी जा रही है।

100 कारीगर जुटे निर्माण में

कोलकाता, राजस्थान और बेंगलुरु से आए लगभग 100 कारीगर बीते दो महीने से इस पंडाल के निर्माण में जुटे हैं। पंडाल को धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान देने के लिए हर हिस्से को विशेष रूप से सजाया जा रहा है।

3 किमी लंबी लाइटिंग

कोलकाता की मशहूर चंदनपुर लाइटिंग टीम पूरे 3 किलोमीटर क्षेत्र – न्यू रिवर व्यू से ओल्ड रिवर व्यू और गोलबाजार तक – आकर्षक रोशनी से सजा रही है।

40 फीट फाउंटेन और लेजर शो

बेंगलुरु से आई टीम प्रयागराज महाकुंभ की तर्ज पर 1.5 किमी लंबे क्षेत्र में लेजर शो पेश करेगी। इसमें 40 फीट ऊँचे फाउंटेन पर हर घंटे चार बार, 15-15 मिनट का लेजर शो होगा।

चार धाम और धार्मिक झांकियां

पंडाल में इस बार श्रद्धालु सिर्फ मां दुर्गा की पूजा ही नहीं करेंगे, बल्कि केदारनाथ, बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी और द्वारका धाम की झलक भी देख सकेंगे। साथ ही काली माता, भगवान शिव और नरसिंह अवतार की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी।

परंपराएं होंगी जीवंत

दशहरे के दिन रावण दहन और पारंपरिक रामलीला का आयोजन होगा। समिति का कहना है कि यह परंपरा को जीवित रखने का प्रयास है।

भक्ति और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम

21 सितंबर : भजन गायक दुकालू यादव का जगराता और आतिशबाजी

22 सितंबर : महिलाओं की अगुवाई में 3.5 किलोमीटर लंबी साड़ी के साथ शोभायात्रा, पुराने पंडाल से नए पंडाल तक माँ दुर्गा की मूर्ति स्थापना

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