Media24Media.com: प्राथमिक शाला सलिहाभांठा में बच्चों ने सजाया हटरी, जाने व्यसाय के तरीके

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प्राथमिक शाला सलिहाभांठा में बच्चों ने सजाया हटरी, जाने व्यसाय के तरीके

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खरीदारी के लिए उमड़े लोग, पूर्व प्राचार्य समीरचंद्र प्रधान जी भी पहुँचे बच्चों के हटरी

पटेवा- प्राथमिक शाला सलिहाभांठा के बच्चों द्वारा प्रबंधन समिति व प्रधानपाठक योगेश निर्मलकर के मार्गदर्शन में हटरी लगाया गया। इस हटरी में बच्चों ने बड़े ही उत्साह के साथ स्वयं से तैयारी करते हुए हटरी के लिए सामानों की व्यवस्था कर हटरी में बेचा। कुछ बच्चों ने समूह में तो कुछ ने अकेले ही अपना दुकान सजाया था। इसमें बच्चों के द्वारा अपने बाड़ी की सब्जी, जिमी कन्द, आलू-प्याज, भिंडी, केला, मूंगफली, मक्का भेल, मिर्ची भजिया, जलेबी, समोसा, पकौड़ा, लड्डू, बिस्किट, नड्डा और रंगोली, दीवाली फ़ोटो आदि का दुकान लगाए थे। बच्चों की हटरी में प्रथम खरीदारी सरपंच इंद्रा बाई सिन्हा ने की। गांव के लोगों ने इस हटरी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जमकर खरीददारी की। खाने वाले दुकान के पास लोगों की ज्यादा भीड़ रही। बच्चों की दुकानों से पूरा सामान बिक जाने के बाद भी गांव के लोगों का इस हटरी में आना जारी रहा। लोग बड़े ही उत्साह के साथ बच्चों के साथ मोलभाव करते दिखे। कुछ पालक बच्चों की मदद भी करते देखे गए। बच्चे भी मजे के साथ हिसाब-किताब में जुड़े रहे। लोगों ने बच्चों से सामान खरीदने में अधिक पैसों की भी परवाह नहीं किए।

बच्चों की हटरी में पहुंचे पूर्व प्राचार्य समीरचंद्र प्रधान

हटरी में पूर्व प्राचार्य समीरचंद्र प्रधान भी खरीदारी करने पहुंचे। इस दौरान बच्चों द्वारा लगाए सामानों के बारे में पूछते नजर आए। साथ ही पालकों से भी बात कर इस हटरी के बारे में जाना। इसके बाद बच्चों से थैला भरकर सब्जियां और खाने का सामान भी खरीदा। बच्चों और पालकों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के उद्यम से बच्चे कम उम्र से ही व्यवसाय की तैयारी व चुनौतियों को समझ पाएंगे साथ ही स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित होंगे। बचत का भी विश्वास और आदत बनेगा।

हटरी के समापन पर बच्चे अपनी मेहनत का फल पाकर बड़े खुश लग रहे थे साथ ही पालक भी अपने बच्चों की जिम्मेदारी को देखकर काफी उत्साहित और गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। गाँव के लोगों ने बच्चों से खूब खरीदारी की। इस हटरी को सफल बनाने में शिक्षक रामेश्वर ढीढी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पिरीत राम साहू, बिसनी बाई दीवान, हेमलता ध्रुव, पंचराम ध्रुव, भोजराम साहू, सुकदेव दीवान, गुलाब ध्रुव, आशाराम ध्रुव, धनेश्वरी निषाद, रामप्यारी दीवान, लगन बाई ध्रुव, त्रिलोकी साहू के साथ ही पालकों एवं गांव के लोगों का भरपूर सहयोग रहा।


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