Media24Media.com: रायगढ़ में कॉलेज प्रोफेसर का अपहरण, चाकू की नोक पर UPI से ट्रांसफर कराए करीब ₹1 लाख; 24 घंटे में रेस्क्यू

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रायगढ़ में कॉलेज प्रोफेसर का अपहरण, चाकू की नोक पर UPI से ट्रांसफर कराए करीब ₹1 लाख; 24 घंटे में रेस्क्यू

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रायगढ़- जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में इवनिंग वॉक पर निकले एक कॉलेज प्रोफेसर के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपियों ने प्रोफेसर को रास्ते से अगवा कर उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और चाकू की नोक पर मोबाइल, पासवर्ड तथा UPI से जुड़ी जानकारी हासिल की। इसके बाद उनके खाते से करीब ₹1 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर कराया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर को करीब 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया और एक आरोपी को हिरासत में लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

इवनिंग वॉक के दौरान बनाया गया निशाना

जानकारी के अनुसार, 5 अक्टूबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच जकेला गांव निवासी डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपुरचंद गुप्ता इवनिंग वॉक के लिए निकले थे। वह पुसौर थाना क्षेत्र में डीपापारा और शोभा राइस मिल के आसपास थे। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। रिपोर्टों के अनुसार, प्रोफेसर को सुनसान स्थान की ओर ले जाकर आंखों पर पट्टी बांध दी गई और चाकू दिखाकर धमकाया गया। 

मोबाइल और UPI की जानकारी लेकर कराया ट्रांजैक्शन

आरोपियों ने कथित तौर पर प्रोफेसर से उनके मोबाइल का पासवर्ड और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी जानकारी हासिल की। रिपोर्टों में Google Pay और BHIM App का भी उल्लेख है। इसके बाद आरोपियों ने एक महिला के बैंक खाते का QR कोड हासिल किया और प्रोफेसर के खाते से करीब ₹1 लाख की रकम ट्रांसफर कराई।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जिस खाते में रकम भेजी गई, उसका आरोपियों से क्या संबंध है और क्या इस बैंक खाते या UPI माध्यम का इस्तेमाल पहले भी किसी अन्य अपराध में किया गया था। पुलिस के अनुसार, ट्रांसफर की गई रकम को सुरक्षित कराने की कार्रवाई भी की गई है।

दूसरे इलाके में ले जाकर बनाया बंधक

रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपियों ने प्रोफेसर को मोटरसाइकिल से दूसरे थाना क्षेत्र के पंडरीपानी इलाके में ले जाकर एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। कथित तौर पर परिवार को गुमराह करने के लिए प्रोफेसर से फोन भी करवाया गया, लेकिन परिजनों को बातचीत के दौरान कुछ गड़बड़ी का शक हो गया। 

परिजनों को हुआ शक, पुलिस ने शुरू की तलाश

प्रोफेसर के परिवार को जब घटना पर संदेह हुआ तो पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश शुरू की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल सुरागों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई और करीब 24 घंटे के भीतर प्रोफेसर को सकुशल बरामद कर लिया।

एक आरोपी हिरासत में, बाकी की तलाश जारी

पुलिस ने मामले में सुनील सारथी नाम के एक आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी सामने आई है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

₹1 लाख ट्रांसफर के पीछे क्या था मकसद?

इस मामले की खास बात यह है कि कथित अपहरण के बाद आरोपियों ने केवल फिरौती मांगने के बजाय प्रोफेसर के मोबाइल और UPI सिस्टम का इस्तेमाल कर सीधे बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कराई। पुलिस अब डिजिटल ट्रांजैक्शन के पूरे रास्ते की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किस-किस खाते तक पहुंची।

पुलिस की जांच में अब इन बिंदुओं पर फोकस

  • अपहरण में शामिल सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

  • करीब ₹1 लाख के UPI ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी

  • रकम जिस खाते में गई, उसके धारक की भूमिका

  • आरोपियों और पीड़ित के बीच कोई पुराना संबंध या विवाद था या नहीं

  • घटना में इस्तेमाल मोबाइल, वाहन और अन्य डिजिटल सबूत

  • क्या इसी तरीके से पहले भी कोई अपराध किया गया था

फिलहाल प्रोफेसर सुरक्षित हैं और पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस बाकी आरोपियों तक पहुंचने और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। 

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