Media24Media.com: ईज ऑफ डुईंग बिजनेस : निवेशकर्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहल

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ईज ऑफ डुईंग बिजनेस : निवेशकर्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहल

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छत्तीसगढ़ में बदलाव की एक नई हवा बह रही है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। राज्य में व्यापार करना अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। इसे ही अंग्रेजी में 'ईज ऑफ डुईंग बिजनेस' कहा जाता है। सरल शब्दों में कहें तो इसका अर्थ है व्यापार करने की सुगमता।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में ​छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग लगाने की प्रक्रियाओं को बेहद सरल बना दिया है। पहले किसी व्यापारी को नया उद्योग लगाने के लिए दर्जनों दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब वह दौर बीत चुका है।

राज्य सरकार ने लालफीताशाही और पुरानी जटिल व्यवस्थाओं को खत्म कर दिया है। आज छत्तीसगढ़ में नया बिजनेस शुरू करना बहुत आसान हो गया है।

​राज्य सरकार की नीतियां सीधे तौर पर निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। छत्तीसगढ़ अब केवल खनिजों की भूमि नहीं रहा, बल्कि यह देश का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन चुका है।

सिंगल विंडो सिस्टम: एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएं।

​उद्योगपतियों और छोटे व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्या होती थी - सरकारी मंजूरियां। पहले एक लाइसेंस पाने के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस परेशानी को समझा और 'सिंगल विंडो सिस्टम' लागू किया।

​ एक ही पोर्टल पर सब कुछ: निवेशकों को अब अलग-अलग विभागों के पास जाने की जरूरत नहीं है।

ऑनलाइन आवेदन: व्यापार से जुड़ी सभी मंजूरियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) अब ऑनलाइन ही मिल जाते हैं।

​ पारदर्शिता और गति: इससे समय की बचत होती है और काम में पारदर्शिता आती है।

​ समय सीमा तय: सरकार ने तय कर दिया है कि हर मंजूरी एक निश्चित समय में देनी ही होगी।

निवेश प्रोत्साहन और नई औद्योगिक नीति 

​छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को विशेष रूप से निवेशकों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। राज्य सरकार छोटे, मध्यम और बड़े - सभी प्रकार के उद्योगों को सहायता दे रही है।

विशेष आर्थिक छूट: राज्य में नए उद्योग लगाने पर करों और शुल्कों में राहत दी जा रही है।

सस्ती भूमि और बिजली: निवेशकों को रियायती दरों पर भूमि आवंटन किया जा रहा है और 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

स्थानीय रोजगार पर जोर: उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले।

महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन: महिला कारोबारियों के लिए विशेष छूट और रियायतों का प्रावधान किया गया है।

लघु एवं कुटीर उद्योगों को नया जीवन 

​ईज ऑफ डुईंग बिजनेस केवल बड़े उद्योगपतियों के लिए नहीं है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के छोटे व्यापारियों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण उद्योगों को भी इससे जोड़ा है।

स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग: 'छत्तीसगढ़ हर्बल्स' और 'ढोकरा आर्ट' जैसे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।

आसान लोन सुविधा: स्वरोजगार शुरू करने वाले युवाओं को बिना किसी परेशानी के बैंक लोन उपलब्ध कराया जा रहा है।

आधारभूत संरचना और बुनियादी ढांचा 

​व्यापार को बढ़ाने के लिए बेहतर सड़कों, रेल और हवाई सेवाओं की जरूरत होती है। छत्तीसगढ़ ने पिछले कुछ वर्षों में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

​ सड़कों का जाल: राज्य के दूर-दराज इलाकों को मुख्य राजमार्गों से जोड़ा गया है।

​लॉजिस्टिक्स पार्क: सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब बनाए गए हैं।

​सुरक्षित वातावरण: छत्तीसगढ़ को देश के सबसे शांत और सुरक्षित राज्यों में गिना जाता है, जो किसी भी निवेशक की पहली पसंद होती है।

छत्तीसगढ़ का बदलता परिदृश्य 

​छत्तीसगढ़ सरकार की यह ऐतिहासिक पहल अब रंग ला रही है। देश और दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति छत्तीसगढ़ में निवेश करने की इच्छा जता रहे हैं। इससे न केवल राज्य का राजस्व बढ़ रहा है, बल्कि लाखों युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

​ईज ऑफ डुईंग बिजनेस के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने विकास की एक नई इबारत लिखी है। यह पहल राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम साबित हो रही है।


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