Media24Media.com: फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, 26 आरोपी गिरफ्तार

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, 26 आरोपी गिरफ्तार

Document Thumbnail

 रायगढ़: जिले में साइबर पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र और शांति देवी शिक्षा सोसायटी केंद्र में छापेमारी कर कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने स्वयं टीम का नेतृत्व करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और साइबर व महिला थाना की संयुक्त टीम के साथ कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान दोनों केंद्रों में अवैध गतिविधियां संचालित होती पाई गईं।

जांच में सामने आया कि बाहर से इन केंद्रों में आरटीओ संबंधी कार्य और दस्तावेज बनाने का काम दिखाया जाता था, जबकि अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, वीडियो एडिटिंग और कॉल सेंटर चलाकर लोगों को शादी के नाम पर ठगा जाता था। युवतियों के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें फर्जी प्रोफाइल के जरिए जाल में फंसाया जाता था और फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस समेत अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए पैसे वसूले जाते थे।

गिरोह फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल के माध्यम से नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66C व 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ कार्य करता था। आईडी निरस्त होने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। उसके सहयोगी हिमांशु मेहर समेत अन्य आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहे थे।

मौके से पुलिस ने 55 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, विभिन्न शासकीय विभागों की नकली सील-मुहर और फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के साक्ष्य बरामद किए हैं।

एसएसपी ने बताया कि गिरोह ने अब तक 7,693 लोगों को निशाना बनाकर करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी की है। प्रारंभिक जांच में सामने आई यह राशि आगे और बढ़ने की संभावना है।

पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.