Media24Media.com: खून से सने बैग- जूते… ‘मिनाब 168’ के साथ पाकिस्तान पहुँचा ईरानी प्रतिनिधिमंडल, वार्ता से पहले दिया भावुक संदेश

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

खून से सने बैग- जूते… ‘मिनाब 168’ के साथ पाकिस्तान पहुँचा ईरानी प्रतिनिधिमंडल, वार्ता से पहले दिया भावुक संदेश

Document Thumbnail

 इस्लामाबाद/तेहरान। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुँच गया है। लेकिन इस कूटनीतिक यात्रा से पहले एक भावुक और प्रतीकात्मक संदेश ने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींच लिया है।


ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने विमान के अंदर की एक तस्वीर साझा की, जिसमें खाली सीटों पर स्कूली बच्चों की तस्वीरें रखी गई थीं। इन बच्चों की मौत मिनाब स्कूल हमले में हुई थी। ग़ालिबफ़ ने इस तस्वीर के साथ लिखा— “इस उड़ान में मेरे साथी, मिनाब 168।”

बताया जा रहा है कि यह कदम दुनिया को उस हमले की याद दिलाने और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग को दोहराने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मिनाब स्कूल हमला क्या था

मिनाब में स्थित ‘शजरेह तैय्येबाह’ स्कूल पर मिसाइल हमला उस समय हुआ था जब क्षेत्र में अमेरिका-इज़रायल-ईरान संघर्ष की शुरुआत हुई थी। इस हमले में 168 बच्चों की मौत हो गई थी।

अमेरिका ने दावा किया था कि निशाना स्कूल के पास मौजूद सैन्य ठिकाना था, लेकिन ईरान ने इसे सोची-समझी रणनीति बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी।

UN में उठा मामला

ईरान ने इस हमले का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाया है। संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका से मामले की जांच पूरी कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

पाकिस्तान में अहम वार्ता

इस्लामाबाद में हो रही वार्ता में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ग़ालिबफ़ कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची, केंद्रीय बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

ईरान ने वार्ता से पहले ही अमेरिका पर अविश्वास जताया है। ग़ालिबफ़ ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव “टूटे हुए वादों” से भरा रहा है।

ईरान की शर्तें और चेतावनी

ईरान लेबनान में युद्धविराम और अपनी संपत्तियों को अनफ्रीज करने की मांग कर रहा है। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि यदि उसकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो वह समझौते से पीछे हट सकता है।

वहीं, अमेरिका ने भी सख्त रुख अपनाते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि वह बातचीत में किसी तरह का “खेल” न करे।

एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर ‘मिनाब 168’ का प्रतीकात्मक संदेश यह दिखाता है कि जख्म अभी भी ताजा हैं और भरोसे की राह आसान नहीं है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.