Media24Media.com: UN में अफगानिस्तान को लेकर अमेरिका-भारत के अलग रुख, भारत ने कहा – तरक्की की राह पर है काबुल

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UN में अफगानिस्तान को लेकर अमेरिका-भारत के अलग रुख, भारत ने कहा – तरक्की की राह पर है काबुल

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 संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के मुद्दे पर अमेरिका और भारत के रुख अलग-अलग नजर आए। जहां United States ने अफगानिस्तान पर लोगों को गलत तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगाया, वहीं India ने काबुल के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि अफगानिस्तान तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।


संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि Harish Parvathaneni ने कहा कि अफगानिस्तान के युवाओं में क्रिकेट के प्रति बढ़ता उत्साह वहां के लोगों के जीवन में खुशी ला रहा है और भारत को उनकी इस यात्रा का हिस्सा बनने पर गर्व है।

सोमवार को United Nations Security Council (UNSC) की बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान में मानवीय चुनौतियों, सीमा पार हिंसा और व्यापार पर लगी बाधाओं को लेकर चिंता भी जताई। बैठक में भारत की ओर से बयान देते हुए पर्वतनेनी ने कहा कि नई दिल्ली लगातार अफगान लोगों की मदद और विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।

अफगान लोगों के साथ खड़ा है भारत

पर्वतनेनी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत विकास परियोजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सहयोग कार्यक्रमों के माध्यम से अफगान जनता का समर्थन करता रहेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि भारत ने अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में 500 से अधिक विकास साझेदारी परियोजनाएं लागू की हैं। इसके अलावा भारत खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल जैसे क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और स्थानीय संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

क्रिकेट से बढ़ रहा युवाओं का उत्साह

भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने अफगान युवाओं में क्रिकेट के बढ़ते जुनून का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज अफगानिस्तान आने वाला कोई भी व्यक्ति वहां के युवाओं को उत्साह के साथ क्रिकेट खेलते देख सकता है। अफगानिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर रही है और दुनिया भर में लोगों का दिल जीत रही है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए क्रिकेट विश्व कप में टीम का जोश और जुनून देखने लायक था और भारत को खुशी है कि वह इस यात्रा का हिस्सा रहा है।

अफगानिस्तान में हमलों की निंदा

भारत ने अफगानिस्तान में सीमा पार से हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की। पर्वतनेनी ने कहा कि ऐसे हमलों में आम नागरिकों की जान जाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने अफगान क्षेत्र में हुई एयरस्ट्राइक को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया।

अमेरिका ने लगाए गंभीर आरोप

बैठक के दौरान United States ने अफगानिस्तान के Taliban नेतृत्व पर “होस्टेज डिप्लोमेसी” का आरोप लगाया। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने कहा कि तालिबान निर्दोष अमेरिकियों को हिरासत में लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने अफगानिस्तान के लिए मांगी गई एक अरब डॉलर की मानवीय सहायता पर भी सवाल उठाए और कहा कि तालिबान की नीतियां भरोसा पैदा नहीं करतीं।

वाल्ट्ज ने यह भी कहा कि दोहा शांति समझौते को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं। यह समझौता फरवरी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और तालिबान के बीच हुआ था, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान से वापसी की थी।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने भी साधा निशाना

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी तालिबान सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में लोगों को गलत तरीके से हिरासत में रखा जा रहा है।

रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान को “गलत तरीके से हिरासत में लिए गए लोगों का स्टेट स्पॉन्सर” घोषित कर रहा है। उन्होंने कहा कि तालिबान सरकार को हिरासत में लिए गए सभी अमेरिकियों को तुरंत रिहा करना चाहिए।

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