Media24Media.com: जयशंकर की कूटनीति का असर: होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को मिली हरी झंडी

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जयशंकर की कूटनीति का असर: होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को मिली हरी झंडी

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 Strait of Hormuz : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच हुई अहम बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से नई दिल्ली को बड़ी राहत मिली है।


यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है और दुनिया के तेल परिवहन का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

भारत पहुंचा पहला तेल टैंकर

बुधवार (11 मार्च) को लाइबेरियाई ध्वज वाला टैंकर Shenlong Suezmax सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर Mumbai Port पहुंच गया। यह जहाज शत्रुता शुरू होने के बाद भारत पहुंचने वाली कच्चे तेल की पहली खेप लेकर आया है।

यह टैंकर 1 मार्च को Ras Tanura Port से 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चे तेल के साथ रवाना हुआ था। 8 मार्च को इसने होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश किया और कुछ समय के लिए ट्रैकिंग रडार से गायब हो गया। बाद में 9 मार्च को यह दोबारा दिखाई दिया और सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि जहाज का कुछ समय के लिए रडार से ओझल होना सुरक्षा रणनीति का हिस्सा हो सकता है, ताकि उन जलक्षेत्रों से सुरक्षित निकला जा सके जहां हाल के दिनों में ईरान ने कुछ व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया है।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य

Strait of Hormuz फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला एक संकरा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इसे दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा चोकपॉइंट्स में गिना जाता है।

दुनिया के कच्चे तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में यदि इस रास्ते में लंबे समय तक बाधा आती है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।

ईरान की ओर से भारतीय जहाजों को दी गई अनुमति को कूटनीतिक स्तर पर भारत की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को फिलहाल राहत मिली है।

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