Media24Media.com: BIG NEWS : ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर, मोजतबा खामेनेई संभालेंगे सबसे ताकतवर पद

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BIG NEWS : ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर, मोजतबा खामेनेई संभालेंगे सबसे ताकतवर पद

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 मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान में सत्ता परिवर्तन की बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है।


मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से इस पद का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता रहा है। हालांकि वे अब तक किसी निर्वाचित या आधिकारिक सरकारी पद पर नहीं रहे थे। युद्ध की शुरुआत में इजराइली हमलों में उनके पिता की मौत के बाद नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।

ईरान की शक्तिशाली अर्धसैनिक संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) सीधे सुप्रीम लीडर के प्रति जवाबदेह होती है। ऐसे में मोजतबा खामेनेई अब युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।

विशेषज्ञों की सभा के फैसले का इंतजार

यह घोषणा युद्ध के नौवें दिन सामने आई है। इससे पहले देश में 88 सदस्यों वाली विशेषज्ञों की सभा के फैसले का इंतजार किया जा रहा था। यह धर्मगुरुओं का वह संवैधानिक निकाय है जो ईरान के सर्वोच्च नेता का चयन करता है।

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान देते हुए कहा कि युद्ध के बाद ईरान में सत्ता में कौन आएगा, इस पर अमेरिका की राय भी अहम होगी। ट्रंप ने कहा कि उनकी मंजूरी के बिना कोई भी नया नेता लंबे समय तक सत्ता में नहीं टिक पाएगा।

क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ा तनाव

युद्ध के बीच क्षेत्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ता जा रहा है। बहरीन में पीने के पानी की आपूर्ति करने वाले संयंत्र पर ईरान के हमले के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। वहीं इजराइल ने भी रातभर हमले जारी रखे, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ी है।

अरब लीग के प्रमुख ने ईरान द्वारा पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों की कड़ी आलोचना की है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध के बाद से खाड़ी देशों पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं।

विदेशी नागरिकों की भी मौत

सऊदी अरब के अनुसार एक मिसाइल रिहायशी इलाके में गिरने से भारतीय और बांग्लादेशी नागरिकता वाले दो लोगों की मौत हो गई। खाड़ी देशों में युद्ध में मरने वालों में ज्यादातर विदेशी निवासी और श्रमिक शामिल हैं।

इजराइल ने भी अपने दो सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। ये सैनिक दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष में मारे गए।

अमेरिकी सेना के मुताबिक 1 मार्च को सऊदी अरब में हुए ईरानी हमले में घायल एक सैनिक की भी मौत हो गई। अब तक इस युद्ध में सात अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं।

अब तक हजारों लोगों की मौत

अधिकारियों के अनुसार इस संघर्ष में अब तक

  • ईरान में कम से कम 1,230
  • लेबनान में 397
  • इजराइल में 11
  • लोगों की मौत हो चुकी है।

ईरान के राष्ट्रपति का कड़ा रुख

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने पहले पड़ोसी देशों की धरती पर हुए हमलों को लेकर खेद जताया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना रुख कड़ा कर लिया। उन्होंने कहा कि जितना अधिक दबाव ईरान पर डाला जाएगा, प्रतिक्रिया भी उतनी ही कड़ी होगी।

उन्होंने पड़ोसी देशों से अपील की है कि वे अमेरिका और इजराइल के हमलों में सहयोग न करें।

वहीं ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने कहा कि जिन स्थानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है, उन पर भीषण जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।

तेल और पानी के संयंत्रों पर हमले

बहरीन, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने ईरान की ओर से नई मिसाइलों के हमलों की जानकारी दी है। बहरीन ने आरोप लगाया कि ईरान ने नागरिक ठिकानों पर हमला कर उसके खारे पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्र को नुकसान पहुंचाया।

ऐसे संयंत्र खाड़ी देशों में लाखों लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराते हैं, इसलिए इन पर हमले से मानवीय संकट की आशंका बढ़ गई है।

वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि अमेरिकी हवाई हमले में होर्मुज जलडमरूमध्य के क़ेशम द्वीप स्थित एक जल संयंत्र को नुकसान पहुंचा, जिससे 30 गांवों में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई।

हालांकि अमेरिकी सेंटकॉम के प्रवक्ता नौसेना कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाती।

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