Media24Media.com: भारत-रूस रिश्तों को नई दिशा, पीएम मोदी के दौरे का इंतजार: लावरोव

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भारत-रूस रिश्तों को नई दिशा, पीएम मोदी के दौरे का इंतजार: लावरोव

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Modi Russia Visit 2026 : भारत और रूस के रिश्तों को लेकर एक बड़ा कूटनीतिक संकेत सामने आया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे का इंतजार कर रहा है।


लावरोव ने “इंडिया एंड रशिया: टुवर्ड्स अ न्यू बाइलेट्रल एजेंडा” विषय पर आयोजित एक सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह बात कही। इस सम्मेलन में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल हुए।

रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने की तैयारी

लावरोव के बयान को भारत-रूस संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग मजबूत रहा है। संभावित दौरे के दौरान:

ऊर्जा सहयोग, खासकर तेल आपूर्ति
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी
रक्षा सौदे और तकनीकी सहयोग
अंतरिक्ष कार्यक्रमों में सहयोग

जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

वैश्विक परिदृश्य में बढ़ी अहमियत

यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर कई भू-राजनीतिक घटनाक्रम चल रहे हैं। एक ओर पश्चिमी देशों और रूस के बीच तनाव बना हुआ है, वहीं भारत ने संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति अपनाते हुए सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखा है।

भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भी तटस्थ रुख अपनाया और बातचीत के जरिए समाधान पर जोर दिया, जिसे रूस सकारात्मक रूप में देखता है।

ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर फोकस

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा रूस से आयात करता रहा है। इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग है। भविष्य में संयुक्त उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावना है।

एनआईए की कार्रवाई: 7 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

इसी बीच, भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 13 मार्च को देश के तीन एयरपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से तीन यूक्रेनी नागरिक
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से तीन यूक्रेनी नागरिक
नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से एक अमेरिकी नागरिक

जांच एजेंसी के अनुसार, ये सभी पर्यटक वीजा पर भारत आए थे, लेकिन उन पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।

म्यांमार बॉर्डर से जुड़ी गतिविधियों की जांच

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग बिना अनुमति के मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहुंचे और वहां से अवैध रूप से सीमा पार कर म्यांमार गए। वहां कुछ सशस्त्र समूहों से संपर्क और प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

रूस की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के संभावित दौरे का संकेत जहां द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, वहीं देश के भीतर सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई भी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सतर्कता को दर्शाती है। आने वाले समय में दोनों ही घटनाक्रमों पर नजर बनी रहेगी।

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